EPFO के 7 करोड़ यूजर्स के लिए प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी

मुंबई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के PF अकाउंट को लेकर नया नियम पेश किया है. यह बदलाव सभी पीएफ खाताधारकों के लिए है. अगर आप भी एक पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स हैं तो आपके लिए ये नियम पेश किया गया है. ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट्स में उनके विवरण को सही करने, अपडेट करने के लिए कुछ नए नियम पेश किए हैं. आइए जानते हैं EPFO की तरफ से किस नियम को पेश किया गया है? EPFO ने पर्सनल जानकारी जैसे नाम, डेट ऑफ बर्थ को सही करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) गाइडलाइन जारी किया है. जिसके तहत सदस्‍यों के प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी गई है. अब इस नए नियम के बाद UAN प्रोफाइल में अपडेट या सुधार के लिए दस्‍तावेज देने होंगे. साथ ही डिक्‍लेयरेशन देकर आवेदन कर सकते हैं. ईपीएफओ ने अपने गाइडलाइन में कहा कि अक्‍सर देखा जाता है कि कई तरह की गलतियां होती हैं, जिसे सुधारने के लिए लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी डेटा अपडेट नहीं होने के कारण होता है. ऐसे में ये गाइडलाइन पेश की गई है. दो कैटेगरी में होंगे बदलाव नए गाइडलाइन के मुताबिक, नए निर्देश के तहत ईपीएफओ ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर श्रेणियों में बांटा है. माइनर बदलावों को संयुक्त घोषणा रिक्वेस्ट के साथ कम से कम दो जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे. वहीं बड़े यानी मेजर सुधार के लिए कम से कम तीन आवश्यक दस्तावेज सबमिट करने होंगे. इसमें फील्ड कार्यालयों को सदस्यों की प्रोफाइल को अपडेट करने में ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी ना हो सके. दूसरी ओर, बड़े बदलावों के लिए कम से कम तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार से जुड़े बदलावों के मामले में, आधार कार्ड या एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा ई-आधार कार्ड सहायक दस्तावेज के तौर पर काफी होगा. किस बदलाव के लिए कितने दस्‍तावेज       छोटे बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम दो दस्तावेजों की आवश्यकता है.     बड़े बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम तीन दस्तावेज की आवश्यकता है. बता दें ईपीएफ सदस्‍यों के पास सदस्‍य ई-सर्विस पोर्टल के माध्‍यम से सुधार के लिए संयुक्‍त डिक्‍लेयरेशन पेश करने का विकल्‍प है. यह ध्‍यान रखना महत्‍वपूर्ण है कि सुधार केवल वर्तमान नियोक्‍ता की ओर से मैनेज किए जा रहे ईपीएफ अकाउंट से संबंधित डेटा में ही किए जा सकते हैं. नियोक्ताओं के पास पिछले या अन्य प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि सदस्य को अपने रजिस्‍टर्ड पोर्टल लॉगिन से जेडी आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी होगी.   recent visitors 247

अभिनेता मोहनलाल भी जायजा लेने पहुंचे, केरल के वायनाड भूस्खलन में मृतकों का आंकड़ा 300 के पार

वायनाड. केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों का आज पांचवां दिन है। अब तक मृतकों का आंकड़ा 308 हो चुका है। अभी भी शवों की तलाश जारी है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल विकास राणा ने बताया कि आज भी कल की ही तरह विभिन्न जोन्स के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। टीमों के साथ वैज्ञानिक और स्निफर डॉग्स भी मौजूद रहेंगे। सेना के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। केरल सरकार की अपील पर सेना की नॉर्दर्न कमांड से एक जावेर रडार और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू ऑर्गेनाइजेशन से चार रेकी रडार और इनके ऑपरेटर्स आज दिल्ली से वायनाड के लिए रवाना होंगे। इनका इस्तेमाल राहत और बचाव कार्यों में किया जाएगा। वायनाड भूस्खलन वाली जगह पहुंचे मोहनलाल वायनाड में भूस्खलन प्रभावित जगह पर मशहूर अभिनेता मोहनलाल भी पहुंचे। मोहनलाल भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। ऐसे में भूस्खलन वाली जगह पर मोहनलाल सेना की वर्दी में पहुंचे और वहां सेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और उनके द्वारा किए जा रहे कामों की तारीफ की। साथ ही मोहनलाल ने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। वायुसेना द्वारा हवाई सर्वे किया जा रहा है सेना पुंचिरिमत्तम इलाके में एक अस्थायी पुल का निर्माण कर रही है ताकि उससे मशीनों को गुजारकर भूस्खलन प्रभावित इलाकों में ले जाया जा सके और वहां तलाशी अभियान चलाया जा सके। वायुसेना द्वारा प्रभावित इलाकों हवाई सर्वे किया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की ली जा रही मदद चूरालमाला इलाके में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। स्निफर डॉग्स की मदद से शवों की तलाश की जा रही है। भारतीय सेना के जवान खोज और बचाव अभियान को सुविधाजनक बनाने के लिए पंचिरिमट्टम इलाके में मशीनरी को गुजारने के लिए एक अस्थायी पुल का निर्माण कर रहे हैं। एक परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बचाए गए वायनाड भूस्खलन के बाद एक परिवार के चार सदस्य सुरक्षित बचाए गए हैं। भूस्खलन में इनका घर बच गया था, लेकिन बाकी इलाके से इनका संपर्क टूट गया था, जिसकी वजह से वह अपने घर में ही फंसकर रह गए थे। बचाए गए लोगों की पहचान जॉन के जे, जोमोल जॉन, क्रिस्टीन जॉन और अब्राहम जॉन के रूप में हुई है। वायनाड भूस्खलन में बचाई गई 40 दिन की बच्ची वायनाड भूस्खलन में एक 40 दिन की बच्ची और उसके छह साल के भाई को बचाव दल को सकुशल बचा लिया गया। केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में एक परिवार के छह सदस्य बाढ़ में बह गए। उनका घर भी नष्ट हो गया। जबकि परिवार की 40 दिन की बच्ची अनारा और उसका छह साल का भाई मोहम्मद हयान सकुशल बच गए। बचाव दल के मुताबिक अनारा और हयान को बचाने के लिए उसकी मां तनजीरा एक घर की छत पर चिपकी रही। इस दौरान पानी के तेज बहाव में हयान अचानक बह गया। छह साल का हयान 100 मीटर दूर जाकर कुएं के पास से गुजर रहे तार के सहारे लटका रहा। बचाव दल ने उसे बचाया। recent visitors 114

मैतेई-हमार समुदाय में शांति समझौते के 24 घंटे के अंदर हिंसा, मणिपुर के जिरीबाम में चलीं गोलियां और घरों में आगजनी

इंफाल. एक ओर मणिपुर के जिरीबाम में शांति कायम करने को लेकर मैतेई और हमार समुदाय के बीच सहमति बनी। वहीं सहमति के 24 घंटे के भीतर जिरीबाम में हिंसा हो गई। यहां एक मैतेई बस्ती में गोलियां चलाई गईं। वहीं लालपानी गांव में एक घर में आग लगा दी गई। दरअसल मैतेई और हमार समुदाय के प्रतिनिधि मणिपुर के हिंसा प्रभावित जिरीबाम जिले में हालात सुधारने और शांति बहाल करने के लिए साथ काम करने को सहमत हो हुए थे। असम के कछार में गुरुवार को सीआरपीएफ सुविधा केंद्र में आयोजित बैठक में आमने-सामने खड़े दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। इसमें तय किया गया कि दोनों पक्ष सामान्य स्थिति लाने, आगजनी तथा गोलीबारी की घटनाओं को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। दोनों पक्ष जिरीबाम जिले में तैनात सभी सुरक्षा बलों की मदद करेंगे। दोनों पक्ष नियंत्रित और समन्वित आवाजाही को सुविधाजनक बनाएंगे। सभी सहभागी समुदायों के प्रतिनिधियों ने इस दौरान वादों से जुड़ा बयान जारी किया। इस पर सभी के हस्ताक्षर थे। recent visitors 136

देवास में अखिल भारतीय उद्यमी सम्मेलन 6 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

भोपाल   एमएसएमई विभाग के सहयोग से लघु उद्योग भारती मध्यप्रदेश द्वारा आगामी 6 अगस्त को देवास में अखिल भारतीय उद्यमी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप विशेष रूप से उद्बोधन देंगे। इस सम्मेलन के मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह आर.एस.एस. डॉ. कृष्ण गोपाल होंगे। सम्मेलन में केन्द्र सरकार के एमएसएमई विभाग के सहयोग से महिलाओं और युवाओं पर केंद्रित तीन दिवसीय स्वयं सिद्धा इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर 2024 भी आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस समागम में 3000 से अधिक उद्यमी भाग ले रहे है, जिसमें लगभग 300 से ज्यादा अन्य प्रदेशों के है। सम्मेलन में एमएसमएई विभाग के सचिव एवं उद्योग आयुक्त डॉ. नवनीत मोहन कोठारी नीतियों और योजनाओं पर प्रजेन्टेशन देंगे। उद्यमी सम्मेलन के अलावा स्वयं सिद्धा प्रदर्शनी 5 से 7 अगस्त तक सुबह 10:30 बजे से रात्रि 8 बजे तक रहेगी। इसमें 100 से ज्यादा ध्यान लगाए जाएंगे। recent visitors 119

सिंगल यूज प्लास्टिक पर दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा 2 दुकानदारों को 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

बैजनाथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। इस बाबत वीरवार को ए.डी.सी. कांगड़ा सौरभ जस्सल की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय धर्मशाला के क्षेत्रीय अधिकारी वरुण गुप्ता ने बैजनाथ में दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा 2 दुकानदारों को 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। ए.डी.सी. सौरभ जस्सल ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। किसी भी स्तर पर सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने दिया जाएगा तथा जिलेभर में इस बाबत निरीक्षण अभियान आरंभ किया गया है। उन्होंने दुकानदारों से भी आग्रह किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को न बेचें तथा बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हम अपना रचनात्मक सहयोग सुनिश्चित कर सकें। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारियों को प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध बारे जागरूक भी किया। इस अवसर पर एस.डी.एम. बैजनाथ, डी.एस.पी. सहित विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहे। recent visitors 115

स्कूल शिक्षा विभाग करेगा अब नया प्रयोग- ऐसे विद्यार्थी जो पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी

भोपाल नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अब नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत ऐसे विद्यार्थी जो पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके लिए कक्षाओं में बकायदा अलग सुपर सेक्शन बनेगा और शिक्षक भी अलग से तैनात होंगे। साप्ताहिक और मासिक टेस्ट भी होगा। प्रति सप्ताह मूल्यांकन करके जहां कमी है, उसे दूर करने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग राज्य ओपन बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगा। इनके लिए ओपन स्कूल चलाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10 वीं कक्षा का परिणाम सुधारना है। मप्र बोर्ड की 10 वीं का परिणाम पिछले छह वर्षों में इस वर्ष सबसे खराब रहा था। 10 वीं का परिणाम 58.10 प्रतिशत रहा है। साथ ही इस साल से बेस्ट आफ फाइव योजना भी समाप्त कर दी गई है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम सुधारने के लिए नौवीं कक्षा से जोर देना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब उन स्कूलों में सुपर सेक्शन बनाया जाएगा, जहां 30 से अधिक विद्यार्थी फेल हुए हैं।   अलग से लगेंगी कक्षाएं नौवीं कक्षा में फेल विद्यार्थियों की अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। सभी विषयों की पढ़ाई के लिए शिक्षक लगाए जाएंगे। साप्ताहिक और मासिक टेस्ट के साथ ही तिमाही और छमाही परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं से एक-एक सवाल पर चर्चा की जाएगी। शिक्षकों काे भी प्रशिक्षित किया जाएगा कि कमजोर विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाना चाहिए। नौवीं के तिमाही व छमाही परीक्षा का भी आकलन होगा स्कूल शिक्षा विभाग नौवीं कक्षा से ही गुणवत्ता सुधारने का प्रयास कर रहा है। साथ ही नौवीं कक्षा के तिमाही व छमाही परीक्षा परिणाम के पांच-पांच फीसद अंक वार्षिक परीक्षा के परिणाम में जोड़े जाएंगे। इससे विद्यार्थी तिमाही व छमाही परीक्षाओं को गंभीरता से लेंगे और ध्यान केंद्रित करेंगे।तिमाही व छमाही परीक्षा के परिणामों का भी आकलन किया जाएगा, ताकि वार्षिक परीक्षा में सुधार किया जा सके। कमजोर विद्यार्थियों पर होगा फोकस विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कक्षाओं में शिक्षक दो स्तर पर पढ़ाता है। शिक्षक का ध्यान अधिकतर तेज विद्यार्थियों पर ही होता है। साथ ही सामान्य विद्यार्थियों के स्तर पर भी पढ़ाया जाता है। कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों पर सामान्यत: शिक्षकों का विशेष ध्यान नहीं होता है। उनके लिए अलग से रणनीति बनाकर उन्हें पढ़ाया जाएगा। recent visitors 123