विदिशा रोड सुखी सेवनिया पर अमूल्य आवास रेजिडेंशियल मेला 14,15,16 फरवरी तक रजिस्ट्री फ्री ।

Amulya Awas Residential Fair at Vidisha Road Sukhi Sewania, registry free till 14,15,16 February. सुशील दामले ( संवाददाता ) भोपाल। राजधानी भोपाल के विदिशा रोड सुखी सेवनिया पर स्थित विशाल तीन दिवसीय आवास मेला अमूल्यम रेसीडेंशियल प्लांट एवं स्वतंत्र बंगलो की भव्य कॉलोनी का रविवार तक लगाया जा रहा है हेमंत काबसे ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राइवेट और सरकारी बैंकों के द्वारा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा साथ ही हमारी कॉलोनी में सभी प्रकार की परमिशन है पूर्ण रूप से वेद एवं स्वीकृत कॉलोनी है  साथ ही कवर्ड  कैंपस 24 घंटे सिक्योरिटी ,पानी ,सीवेज, विद्युत की संपूर्ण व्यवस्था यहां के नागरिकों के लिए क्लब हाउस बच्चों के लिए अलग से पार्क एवं गेमिंग जोन साथ ही इस कॉलोनी में लंबी चौड़ी सड़के रहेगी जिससे आवा गमन मैं किसी प्रकार की परेशानी ना हो  इस कॉलोनी में निवास करने वाले किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न हो इसके पूरे व्यापक इंतजाम किए गए हैं अगर आप इस आवास मेले में आकर प्लांट अभी बुक करवाते हैं तो सस्ते और  कम  दामों पर उपलब्ध हैं। सबसे बड़ी बात है कि तीन दिवसीय आवास मेले में यदि प्लाट बुक करते हैं तो तुरंत रजिस्ट्री वह भी फ्री। इससे पूर्व में भी अमूल्यम रेजिडेंशियल राजधानी भोपाल में कॉलोनी निर्माण के लिए जाना पहचाना नाम है उन्होंने सफलता के कई झंडे गाढ़ चुके है recent visitors 179

राजधानी भोपाल में इन लोकेशन्स पर आसमान छूएंगे प्रॉपर्टी के दाम, नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए शेड्यूल जारी

भोपाल  शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा एआई की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर ही कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। पंजीयन विभाग के सूत्रों के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो हजार से अधिक स्थानों पर सर्वाधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में एक हजार 500 और ग्रामीण क्षेत्र करीब 500 स्थान शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल दूसरी बार प्रापर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन बिल्डर और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए विरोध के चलते इस पर रोक लग गई थी लेकिन अब नये सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में बढ़ेंगे सबसे अधिक रेट राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर भोपाल जिले का 3 हिस्सों में सर्वे किया जा रहा है. इसमें नगर निगम क्षेत्र, प्लानिंग एरिया और नान प्लानिंग एरिया शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक रेट नगर निगम सीमा में आने वाली जमीनों के बढ़ेंगे. इसके साथ प्लानिंग और नान प्लानिंग एरिया की करीब 100 लोकेशन को नगर निगम में भी शामिल किया जाएगा. जमीनों के दो आधार पर बढ़ेंगे रेट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि "अभी कई लोकेशन ऐसी हैं, जहां कलेक्टर गाइड लाइन से अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं. ऐसे स्थानों को राजस्व अधिकारी चिंहित कर रहे हैं. इसके बाद इन क्षेत्रों में प्रापर्टी के रेट बढ़ेंगे. कलेक्टर सिंह ने बताया कि दूसरे ऐसे क्षेत्र, जहां अधिक मात्रा में रजिस्ट्रियां हो रही हैं. इनमें भी नई कलेक्टर गाइड लाइन में जमीनों के दाम बढ़ेंगे." एआई और संपदा साफ्टवेयर से हो रहा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1443 स्थानों पर कलेक्टर गाइड लाइन के रेट बढ़ाए गए थे. इस बार 2 हजार से अधिक लोकेशन में दाम बढ़ सकते हैं. जिन इलाकों में कलेक्टर गाइड लाइन में दरें बढ़नी हैं, उनका सर्वे संपदा 2.0 साफ्टवेयर और एआई के माध्यम से किया जा रहा है. इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर भी किसान और बिलडरों से जमीनों के रेट की जानकारी ले रहे हैं. अधिकारियों ने ग्राहक बनकर किया निरीक्षण इन इलाकों में रेट बढ़ने के पीछे मुख्य कारण ये है कि यहां रजिस्ट्री बहुत ज्यादा दरों पर हुई हैं। दूसरा ऐसे इलाके, जहां बहुत ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। अधिकारियों ने इन दोनों इलाकों का ग्राहक बनकर निरीक्षण किया और रेट के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ब्रोशर के विज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया। अधिकारियों के अनुसार कई इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन के आसपास लेकिन रजिस्ट्री ज्यादा संख्या में हुईं। यहां गाइडलाइन से मार्केट रेट काफी ज्यादा है, इसलिए इन्हें शामिल किया। इन स्थानों पर बढ़ सकते हैं जमीनों के रेट बागली, सेवनिया गौंड, रापड़िया, नीलबड़, झागरिया, बर्रई, बावड़िया कल्याण, मिसरोद, कटारा, लांबाखेड़ा, बागमुगालिया, रायसेन रोड, होशंगाबाद रोड, मुबारकपुर, बिशनखेड़ी, रतनपुर, अयोध्या बायपास, बैरागढ़ चीचली, दामखेड़ा, छापड़िया, अरवलिया, एयरपोर्ट रोड, लाउखेड़ी, परवलिया, गोलखेड़ी, देवलखेड़ी, लहारपुर, तारासेवनिया, रातीबड़ और चांदपुर समेत अन्य लोकेशन पर जमीनों के दाम बढ़ने की संभावना है. recent visitors 61

भोपाल के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन 

A huge feast was organized at the famous Khedaapati Hanuman temple in Bhopal  सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जो अभी भी जारी है। इस भंडारे का आयोजन शिव हरे परिवार द्वारा किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।   सुबह से शुरू हुआ धार्मिक आयोजन   आज सुबह से ही हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ भक्ति का माहौल बना हुआ है। सुंदरकांड पाठ का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भाग लिया। मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा।   श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और भक्ति भाव से सेवा में जुटे हैं। आयोजन के दौरान भोपाल की महापौर मालती राय विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने भी प्रसाद ग्रहण किया।   इस आयोजन ने धार्मिक आस्था और सेवा भाव का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। मंदिर समिति और आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के धार्मिक एवं सेवा कार्य जारी रहेंगे। recent visitors 266

पंचायत पेसा मोबिलाईजर का मानदेय वृद्धि का आदेश के संबंध में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा 

A memorandum was submitted to His Excellency the Governor regarding the order of increase in honorarium of Panchayat Pesa Mobilizer  सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। पंचायत पेसा मोबिलाईजर का मानदेय वृद्धि को लेकर आज राजभवन में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा,वहीं दिनेश पोरवाल प्रदेश महामंत्री ने हमें बताया कि,मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने दीपावली की पूर्व 24 अक्टूबर 2024 को मानदेय की वृद्धि, 4000 रुपया से बढ़ाकर 8000 रुपया करने की घोषणा की थी,जो कि मध्यप्रदेश सरकार के विधानसभा चुनाव संकल्प पत्र में शामिल था,मुख्यमंत्री की घोषणा से सभी पेसा मोबिलाईजरों मैं हर्षोल्लास का माहौल था,लेकिन घोषणा के बाद आज दिनांक तक पंचायत राज संचनालय भोपाल से विधिवक्त आदेश जारी नहीं होने के कारण,पेसा मोबिलाईजरों मैं निराशा हो रही है,इसके पूर्व भी अनेकों बार ज्ञापन देकर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया,परन्तु सरकार ने अभी तक आदेश जारी नहीं किए हैं,जिससे परिवार का पालन पोषण करने में दिक्कत आ रही है,वहीं क्षमा दीक्षित प्रदेश प्रवक्ता ने हमें बताया कि, मुख्यमंत्री लाडली बेहना को तो पैसा दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है,परंतु हम भी तो बहन हैं,हम लोग दिन रात काम करने के बाद भी,हमारा मानदेय 4000 ही है,इतनी कम रकम में हम अपने बच्चों का भविष्य कैसे सवारेंगे, वही मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि,प्रदेश की लाडली बहनों की तरह,हमें भी अपनी बहन माने और हमारा मानदेय में वृद्धि करें,साथ ही पंचायत पेसा मोबिलाईजर कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश जनजाति क्षेत्र 20 जिला 89 ब्लॉक के उपेन्द्र कुमार कुढ़ापे प्रदेश सचिव, दिनेश पोरवाल प्रदेश महामंत्री, नीतू अखाड़े प्रदेश कोषाध्यक्ष, क्षमा दीक्षित प्रदेश प्रवक्ता, पिंकी डावर धार एवं सभी जिला प्रतिनिधि मंडल सदस्य ईमान कलेश अलीराजपुर, मनोज कुमार धुर्वे मंडला, अंतराम धुर्वे मंडला, रायमल बरडे बड़वानी, शांति लाल नरगावे बड़वानी, राकेश भूगवाड़े बड़वानी, रामनरेश शहडोल, दीप परते नर्मदापुरम, हुमजी गांमड रतलाम, एवं प्रदेश एवं जिला कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे recent visitors 116

भगवान विश्‍वकर्मा की जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई

Lord Vishwakarma’s birth anniversary was celebrated with great joy सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी में ब्रह्मांड के रचयिता भगवान विश्‍वकर्मा की जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई,धार्मिक शास्त्रों के अनुसार माघ शुक्ल त्रयोदशी तिथि को भगवान विश्वकर्मा के पूजन का विशेष महत्व है,भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी माना गया है,उन्होंने ब्रह्मांड की हर वस्तु की रचना की है,उन्होंने कई नगर,अस्त्र शस्त्र सहित कई बड़े मंदिरों और महलों का निर्माण भी किया है उसी कड़ी में राजधानी स्थित सिद्ध श्री हनुमान मंदिर व विश्वकर्मा भगवान मंदिर, भेल स्टेट ऑफिस के सामने पिपलानी में, भगवान विश्‍वकर्मा की जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई,कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड क्रमांक 67के पार्षद ममता विश्वकर्मा एवं मनोज विश्वकर्मा उपस्थित हुए,कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर भगवान विश्‍वकर्मा की आरती के साथ हुई,साथ ही कार्यक्रम में समाज के होनहार बच्चों को सम्मानित किया गया,कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वकर्मा भेल मंदिर समिति अध्यक्ष रमेश विश्वकर्मा,उपाध्यक्ष रूप सिंह विश्वकर्मा,सतीश विश्वकर्मा एवं समाज के वशिष्ठ समाजसेवी उपस्थित रहे भगवान विश्वकर्मा मंदिर,भेल मंदिर समिति,पिपलानी, भोपाल में विश्वकर्मा समाज के द्वारा सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा जी का प्राकट्योत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें समाज के कई वरिष्ठ समाजसेवी सम्मिलित हुए। अध्यक्ष रमेश विश्वकर्माउपाध्यक्ष रूप सिंह विश्वकर्मासतीश विश्वकर्माहरिनारायण विश्वकर्माराम बाबू विश्वकर्मागोविन्द विश्वकर्माराधे श्याम विश्वकर्मासन्तोष विश्वकर्माविनोद विश्वकर्मालखन लाल विश्वकर्मा recent visitors 295

एप अटेंडेंस सिस्टम: एमपी के IAS अधिकारी हाजिरी लगाने तैयार नहीं: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रुकना होगा

App Attendance System: IAS officers of MP are not ready to mark attendance भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में एप से अटेंडेंस का प्रयोग IAS अधिकारियों की बेरुखी के कारण अटक गया है। मंत्रालय में फेस अटेंडेंस सिस्टम को 1 जनवरी से लागू किया जाना था लेकिन ये 1 फरवरी से भी लागू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते इसे फरवरी में भी लागू नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि जिन प्रशासनिक अधिकारियों पर व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है, वह ही नई व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। वल्लभ भवन में पदस्थ 50 से ज्यादा IAS में से सिर्फ 6 ही आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस एप से हाजिरी लगा रहे हैं। आईएएस को भी करनी होगी 8 घंटे नौकरी प्रदेश में इनकम शो करने के बाद अब आईएएस अधिकारियों को काम पर आने-जाने का हिसाब भी देना होगा। आईएएस अधिकारियों को कर्मचारियों की तरह आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करनी होगी और इसके लिए जियो टैगिंग बेस्ड एप पर हाजिरी लगानी होगी। मंत्रालय से शुरू किए जा रहे फेस अटेंडेंस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया में कर्मचारियों के साथ सभी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। व्यवस्था को लागू करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे बताते हैं कि हम केवल कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश में पहली बार आईएएस अधिकारियों को भी एप से हाजिरी लगानी होगी। देश में पहली बार ऐसा सबसे बड़ा प्रयोग प्रमुख सचिव दुबे बताते हैं कि इस तरह की अटेंडेंस प्रक्रिया देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयोग है। अभी तक किसी राज्य ने आधार बेस्ड फेस रिकॉग्नाइजेशन से अटेंडेंस लगानी शुरू नहीं की है। यह बहुत सरल एप है, जो आधार से जुड़ा है। इसे लागू करने वालों से लेकर अटेंडेंस लगाने वालों तक को न तो कोई इक्यूपमेंट खरीदना है, न ही डाटा ही अलग से इकट्‌ठा किया जाना है। बिना बड़े बजट के खर्च किए मंत्रालय के सभी अधिकारियों–कर्मचारियों की उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज हो रही है। प्रदेश भर में लागू होगा एप बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम प्रदेश के मंत्रालय में इस तरह एप से अटेंडेंस लगाने का प्रयोग नए मुख्य सचिव अनुराग जैन के आने के बाद शुरू हुआ है। यह कहा जाता है कि प्रशासनिक मुखिया का विचार है कि सबसे पहले मंत्रालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी एक व्यवस्था के तहत नियम से अपने ड्यूटी आवर्स पूरे करें, इसके बाद इस प्रयोग को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की योजना है। इसकी पुष्टि करते हुए सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव संजय दुबे कहते हैं कि जब मंत्रालय में एप से अटेंडेंस हो सकती है तो बाकी कार्यालयों में क्यों नहीं? हम इसे सफलतापूर्वक यहां लागू करेंगे। इसके बाद कलेक्टर कार्यालयों में और प्रदेश के अन्य कार्यालयों में ले जाया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों की यह छवि सुधरेगी कि वे देर से दफ्तर आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। जनता में छवि बेहतर होगी तो कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। अधिकारी ही बन रहे व्यवस्था में रोड़ा प्रशासनिक मुखिया भले ही बेहतर सोच के साथ नई व्यवस्था को लागू कर रहे हों, लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा प्रशासनिक अधिकारी ही बन रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह तक 1266 कर्मचारी ऐसे थे, जो अटेंडेंस पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। वहीं, कुल रजिस्टर्ड डिवाइस 755 हैं यानी जिन्होंने अपने एंड्रॉयड डिवाइस में एप डाउनलोड कर लिया है। इनमें से आधे यानी करीब 350 प्रतिदिन इस एप से हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन मात्र 10 प्रतिशत अधिकारी ही इसका पालन कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि मंत्रालय में करीब 50 आईएएस पदस्थ हैं। इनमें से छह ही एप की मदद से हाजिरी लगा रहे हैं। हाजिरी लगाने वालों में व्यवस्था को लागू करने वाले विभाग सामान्य प्रशासन के उप सचिव अजय कटेसरिया, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी सहित उनके विभाग के आईएएस तन्वी सुंद्रियाल, राजीव मीणा, रोहित सिंह और लोकेश जाटव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मंत्रालय से इक्का-दुक्का आईएएस ही इस व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। 1 से 3.30 तक लंच पर चले जाते हैं आईएएस नायक बताते हैं कि कर्मचारियों के बारे में कहा जाता है कि वह शाम को जल्दी घर चले जाते हैं, लेकिन आईएएस बैठे रहते हैं। हकीकत कौन नहीं जानता, सभी आईएएस एक बजे लंच पर घर चले जाते हैं। साढ़े तीन बजे ही आते हैं। कोई मंत्रालय में लंच टाइम में आईएएस से मिलकर दिखा दे। उनके पास घोड़ा है, गाड़ी है, ड्राइवर है। कर्मचारी दो-तीन बसें बदलकर आता है। recent visitors 204

भारतीय किसान संघ का आज भोपाल में वल्लभ भवन का घेराव करेंगे; बिजली-फसल रेट मुख्य मुद्दे

Bharatiya Kisan Sangh will surround Vallabh Bhawan in Bhopal today; electricity and crop rates are the main issues भोपाल में प्रदर्शन को लेकर भारतीय किसान संघ गांव-गांव जाकर बैठकें भी कर चुका है। भोपाल। बिजली और फसल के रेट जैसे कई मुद्दों पर हजारों किसान बुधवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले ये प्रदर्शन होगा। लिंक रोड नंबर-1 पर पहले धरना, फिर अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इधर, किसान संघ ने सख्त चेतावनी दी है कि बाहर से आने वाले किसानों को पुलिस नहीं रोकें। वर्ना, वे वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। भारतीय किसान संघ ने मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका है। लिंक रोड नंबर-1 स्थित भाकिसं कार्यालय के सामने सुबह 11 बजे बाद धरना शुरू होगा। दोपहर 3 बजे से रैली के रूप में किसान वल्लभ भवन पहुंचेंगे और घेराव करेंगे। संघ के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा, प्रदेश में किसान राजस्व विभाग के फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, नक्शा सुधार जैसे कार्यों में की जा रही लूट से परेशान हो गया है। निरंकुश अफसरशाही के खिलाफ प्रदेश का किसान खेतों से निकलकर राजधानी की सड़कों पर 5 फरवरी को अपने अधिकार के लिए अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन घेराव कार्यक्रम में शामिल होगा। ज्ञापन देने के बावजूद नहीं चेती सरकार भाकिसं के पदाधिकारियों का कहना है कि किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील व जिला स्तर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे, लेकिन आज तक किसानों की किसी भी समस्या पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है। इसलिए किसान अपनी समस्याओं को सुनाने और निदान के लिए सरकार के दरवाजे पर आने के लिए मजबूर है। ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, ऑनलाइन रिकॉर्ड और नक्शा सुधारा जाए। हॉर्स पावर क्षमता वृद्धि वापस ली जाए। जले ट्रांसफॉर्मर और लाइनें समय सीमा में बदली जाए। डीएपी, यूरिया खाद सहकारिता के माध्यम से नगद वितरण समय पर किया जाए। सभी मंडियों में फ्लेट कांटों से तुलाई अनिवार्य हो। मंडी परिसर में ही भुगतान हो। नकली दूध बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रदेश में गो-अभयारण्य खोले जाएं। प्रस्तावित और स्वीकृत नहरों के कार्य जल्द पूरा हो। सभी फसलों को एमएसपी से नीचे नहीं खरीदा जाए। किसानों के झूठे प्रकरण वापिस हों। पूसा बासमती धान को जीआई टैग दिलाया जाए। धान 3100 रुपए व गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए। गांव-गांव में किसानों की हुई बैठकें अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन के घेराव में किसानों को शामिल करने के लिए किसान संघ के ग्राम समिति से लेकर प्रांत स्तर तक के पदाधिकारियों ने गांव-गांव बैठकें कीं। जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं की चर्चा कर भोपाल आने के लिए आमंत्रित किया गया। बढ़े हुए बिजली बिलों से किसान त्रस्त किसानों का कहना है कि बिजली विभाग के द्वारा कृषि विद्युत कनेक्शन में हॉर्स पावर भार वृद्धि करने के कारण किसानों को बढ़े हुए बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। जिससे वे नाराज हैं। किसान बिजली कंपनियों द्वारा बिना जांच के भार वृद्धि करने के कारण आंदोलन के मूड में हैं और उसने सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। recent visitors 165