मौत का हॉटस्पॉट बनीं राजधानी भोपाल की कई सड़कें

Many roads of the capital Bhopal have become hotspots of death भोपाल । राजधानी भोपाल की कुछ सड़के ऐसी है जो मौत का हॉटस्पॉट बन चुकी है। जहां आए दिन हादसे होते हैं और लोगों की मौत हो जाती है। इस साल दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, क्योंकि पिछले साल की तुलना में इस साल 2,435 सड़क दुर्घटनाओं में 193 लोगों की जान चली गई। यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 अक्टूबर के बीच 1,865 लोग घायल भी हुए। 2023 में, 2,498 सड़क दुर्घटनाओं में 155 लोग मारे गए, जबकि इसी अवधि के दौरान शहर में 1,917 लोग घायल हुए। यातायात पुलिस ने कहा कि इस साल दर्ज की गई घातक सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज गति थी। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि शहर की सड़कें उनकी हाई-एंड बाइक और एसयूवी को तेज गति से चलाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जिनकी अधिकतम गति 150-200 किमी प्रति घंटा है। एक बार फिर, मिसरोद पुलिस स्टेशन का अधिकार क्षेत्र सड़क दुर्घटना में घायलों के मामले में शहर का सबसे घातक क्षेत्र बनकर उभरा। क्या कह रहे आंकड़े? ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से 31 अक्टूबर के बीच मिसरोद में सड़क हादसों में 22 लोगों की मौत हुई, जो शहर में सड़क हादसों में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मिसरोद क्षेत्र में होशंगाबाद रोड को अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। दुर्घटनाओं के प्राथमिक कारणों में सड़क के डिवाइडर पर कट पॉइंट और आवासीय कॉलोनियों को मुख्य हाईवे से जोड़ने वाली सड़कें शामिल हैं।  बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने से स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन सड़क के चौड़ीकरण से वाहनों की गति बढ़ गई है। कई दुर्घटनाएं इसलिए होती हैं क्योंकि आस-पास की कॉलोनियों के निवासी बिना सामने से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों देखे लापरवाही से हाईवे पर एंट्री करते हैं। पुलिस मानती है कि ड्राइवरों को पूरी तरह से रुककर सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़क साफ है, तो उसके बाद ही हाईवे पर आगे बढ़ना चाहिए। मिसरोद पहले स्थान पर, यहां सबसे ज्यादा मौत सड़क दुर्घटनाओं के मामले में मिसरोद के बाद खजूरी क्षेत्र का स्थान आता है। जब इस अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 20 लोगों की जान चली गई। यहां भोपाल-इंदौर हाईवे, भौरी बायपास और गांव की सड़कों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। रातीबड़ तीसरा सबसे घातक क्षेत्र बन गया है। जहां इस साल जनवरी से अक्टू‌बर तक सड़क दुर्घटनाओं में 13 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद कोह-ए-फिजा का स्थान है, जहां सड़क दुर्घटनाओं में 11 लोगों की जान गई, इसके बाद बैरागढ़ और बाग सेवनिया का स्थान है, जहां इस साल सड़क दुर्घटनाओं में 10-10 लोगों की मौत हुई। चालान भी पिछली बार से अधिक एक वरिष्ठ यातायात अधिकारी ने बताया कि यातायात पुलिस ने इस साल 2024 में अब तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के 63,318 चालान जारी किए हैं, जो इसी अवधि के दौरान 2023 में जारी किए गए चालानों से अधिक है। इस साल हेलमेट न पहनने पर 34,000 से अधिक लोगों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि सीटबेल्ट न पहनने पर 8,800 से अधिक लोगों पर जुर्माना लगाया गया। सख्ती के बावजूद लोग यातायात नियमों का उलंघन कर रहे है। सड़कों की इंजीनियरिंग में हुई गलतियों से हो रहे हादसे, होगा विश्लेषण यातायात डीसीपी संजय सिंह का कहना है कि शहर में होने वाली लगभग 90 प्रतिशत घातक सड़क दुर्घटनाओं में तेज गति मुख्य कारण पाई गई है। इसके अलावा यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन करने में लापरवाही दुर्घटनाओं का कारण बनती है। प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, वाहन अधिक से अधिक एडवांस होते जा रहे हैं। लोग यह महसूस किए बिना उन्हें तेज गति से चलाते हैं कि शहर की सड़कें इतनी तेज गति के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण एजेंसियों, बीएमसी, पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमें शहर की सड़कों पर सड़क इंजीनियरिंग में हुई गलतियों का विश्लेषण करेंगी और समस्याओं को दूर करने के लिए काम करेंगी। पुलिस ने दी समझाइश पुलिस ने कहा कि यदि सड़क दुर्घटना होती है, तो घायलों को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। तत्काल चिकित्सा देखभाल से जान बच सकती है। लोगों को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करनी चाहिए, यदि वे क्षेत्र से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को दोपहिया या कार चलाते समय हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना चाहिए। शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। recent visitors 109

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा। recent visitors 175

भोपाल, छतरपुर समेत 28 जिलों में शीतलहर: एमपी में अगले 4 दिन कड़ाके की सर्दी

भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक कड़ाके की सर्दी पड़ने का अलर्ट है। शुक्रवार को भोपाल, जबलपुर समेत 28 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) चलेगी। रात के साथ दिन भी ठंडे रहेंगे। पहाड़ों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से सर्द हवा चलना इसकी वजह है। इंदौर और उज्जैन में थोड़ी राहत रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ‘शुक्रवार को जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, सिवनी, नर्मदापुरम में सर्द हवा चलेगी। भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, नीमच, विदिशा, सीहोर, रायसेन, कटनी, सीधी में कोल्ड-डे और सर्द हवाएं दोनों का असर रहेगा। मंडला, मंदसौर, रतलाम, बैतूल, नरसिंहपुर में कोल्ड डे यानी ठंडा दिन रहेगा।’ उधर, कड़ाके की ठंड पड़ने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल गई है। स्कूल 1 घंटे बाद 9 बजे से लग रहे हैं। भोपाल के वन विहार, इंदौर, ग्वालियर के जू में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के जतन हो रहे हैं। इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेंड बदल दिया है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड और ट्रेंड देखें, तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। भोपाल और इंदौर की रात तो पिछले 2 साल में सबसे ठंडी रही है, यानी दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। recent visitors 177

ठंड के कारण स्कूलों का समय बदला: सुबह 9 बजे से लगेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल

School timings changed due to cold: All government and private schools will start from 9 am भोपाल ! कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। पहाड़ों की बर्फबारी का एमपी में असरउत्तर भारत में पहाड़ों की बर्फबारी के कारण राज्य में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। भोपाल में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन में रात्रि का सबसे कम तापमान है। पचमढ़ी ने सर्द रात का रिकॉर्ड बनायाराजधानी में 48 घंटे में रात के तापमान में 4.1 डिग्री की गिरावट हुई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी ने सबसे सर्द रात का रिकॉर्ड बनाया। यहां पारा 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, पचमढ़ी देश का दसवां सबसे ठंडा शहर रहा। तीन साल बाद भोपाल में कड़ाके की ठंड पड़ी है। इससे पहले 2021 में दिसंबर में पारा 3.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद दो साल दिसंबर में तापमान 8 डिग्री से नीचे नहीं रहा। अगले तीन से चार दिन कड़ाके की ठंड की संभावना है। रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रह सकता है। recent visitors 278

थाना अयोध्यानगर पुलिस की गिरफ्त मे हत्या के तीनो आरोपी

All three accused of murder are in the custody of Ayodhyanagar police station. • चंद घंटों में पुलिस ने गला रेत कर हत्या करने वाले 02 आरोपी को भोपाल से तथा तीसरे आरोपी को ग्यारसपुर विदिशा से पकडा• फरार तीसरे आरोपी को ग्यारसपुर पुलिस के साथ भोपाल पुलिस ने मिलकर किया राउंड अप• आऱोपियो से हत्या में प्रयुक्त हथियार एवं आलजरर जप्त• तीनो आरोपी है राहतगड सागर के रहने वाले शराब के नशे में कर रहे थे रात्रि में शोर सराबा, विरोध करने पर कर डाली हत्या भोपाल ! रात्रि के समय हुये सनसनीखेज हत्या के आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने तथा उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्र, अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी व्दारा तत्काल संज्ञान मे लेते हुये निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य मे पुलिस आयुक्त जोन-02 भोपाल श्री संजय अग्रवाल तथा अति. पुलिस उपायुक्त जोन-02 महावीर सिंह मुजाल्दे के पर्यवेक्षण में तथा एवं सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद संभाग रजनीश कश्यप के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा जघन्य हत्या के तीनो आरोपियों को विभिन्न स्थानो से पकडकर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है । घटना का विवरण- दिनांक 09/12/2024 की रात्रि फरियादी शिवकांत कुशवाहा पिता नत्थू सिंह कुशवाहा उम्र 34 साल निवासी ग्राम बेगमगंज तहसील वेगमगंज जिला रायसेन हाल पता 84 एकड झुग्गी अयोध्या एक्सटेंशन अयोध्यानगर भोपाल ने रिपोर्ट किया कि दिनांक 09/12/2024 की रात्रि 01.30 बजे मेरे घर(झुग्गी) के सामने खाली झुग्गी में प्रहलाद कुशवाहा , राजू कुशवाहा, तथा प्रदीप कुशवाहा तीनो शराब पी रहे थे तथा तथा खाने के लिये कुछ बना रहे थे और जोर जोर से बातचीत कर गाली गुफ्तार कर रहे थे जिन्हे समझाने के लिये मै तथा मन्नू उर्फ मनोज चौरे एवं मन्नू की बहन सुमन तथा मेरी प्तनी ज्योति गये हम लोगों ने कहा की इतनी तेज आवाज में बात मत करो डिस्टर्व हो रहा है तथा मन्नू उर्फ मनोज ने भी गाली गुफ्तार करने से मना किया इसी बात को लेकर तीनों वोले की हमे जानते नही हो चुप चाप चले जाओ नही तो अभी के अभी निपटा देगें और राजू कुशवाहा , प्रदीप कुशवाहा ने मन्नू उर्फ मनोज को पकड लिया तथा प्रहलाद कुशवाहा ने पास रखी छुरी से मन्नू उर्फ मनोज के गले पर मारा जिससे मन्नू का गला कट गया और खून निकलने लगा और तीनो छुरी लेकर भाग गये छीना झपटी में प्रदीप कुशवाहा के हाथ में भी चोट लगी है । मन्नू उर्फ मनोज चौरे को इलाज हेतु हमीदिया अस्पताल लेकर गये जहां डाक्टर द्वारा चैक करने पर मृत घोषित कर दिया उक्त रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक- 491/24 धारा 103(1),3(5) भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । कार्यवाही – घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त नगरीय पुलिस जोन- 02 संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं निर्दशन में अति. पुलिस उपायुक्त जोन-2 महावीर सिंह मुजाल्दे अति. पुलिस उपायुक्त जोन-4 मलकीत सिंह, एसीपी क्राइम मुख्तार कुरेशी, व सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद रजनीश कश्यप थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में उनि आनंद सिहं परिहार थाना पिपलानी, उनि. विजय सिंह , उनि. सुदील देशमुख , सउनि. मनोज कछवाह, सउनि. सचिन बेडरे , प्रआर. 2928 धर्मेन्द्र गुर्जर , आर. 2115 मनोज जाट , आर. अमरीश तिवारी , आर. 62 आदित्य यादव , आर. मनमोहन मेहरा , आर. 4063 पुष्पेन्द्र सिंह, आर राघवेन्द्र पटेल, आर राहूल जाट की अलग अलग टीम के रुप में आरोपियों की तलाश में पृथक पृथक रवाना किया गया था । जरिये मुखविर की सूचना पर एक टीम जिला रायसेन , विदिशा रवाना किया गया था व एक टीम को भोपाल में हथाई खेडा डैम के आसपास आरोपियों की सूचना होने पर उनकी तलाश पतारसी हेतु रवाना किया गया । टीम द्वारा अपराध के दो आरोपी 01. प्रदीप कुशवाहा पिता गजराज कुशवाहा निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर म.प्र. हाल पता 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल व 02. राजू कुशवाहा पिता लक्ष्मण कुशवाहा उम्र 27 साल निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर हाल पता झुग्गी 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल को हथाई खेडा डैम के पास से पकडा गया परंतु तीसरा आरोपी प्रहलाद कुशवाह फरार हो गया था जिसे टीम द्वारा तत्परतापूर्वक व त्वरित कार्यवाही करते हुये तकनीकि व गैर तकनीकी सुरागो के माध्यम से फरार आरोपी प्रहलाद कुशवाहा पिता लक्ष्मण कुशवाहा उम्र 19 साल निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर हाल पता झुग्गी 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल को ग्यारसपुर जिला विदिशा के पास से पकडा गया जिसमें ग्यारसपुर पुलिस द्वारा भी अहम भूमिका निभाई गई। थाना पर आरोपीगणों से हिकमत अमली से पूछताछ पर मृतक मनोज चौरे द्वारा चिल्ला चोट के विरोध करने पर गुस्से में आकर मन्नू उर्फ मनोज चौरे की हत्या करना स्वीकार किया । आरोपियों से घटना में प्रयुक्त छुरी एवं अन्य सामग्री जप्त की गई। आरोपी – टीम- निरीक्षक महेश लिल्हारे, उनि. विजय सिंह , उनि. सुदील देशमुख , उनि आनंद सिंह परिहार (थाना पिपलानी), सउनि. मनोज कछवाह, सउनि. सचिन बेडरे, सउनि. संजय बरखने , प्रआर. 2928 धर्मेन्द्र गुर्जर , प्रआर. 1177 अमित व्यास, आर. 2115 मनोज जाट , आर. 3424 अमरीश तिवारी , आर. 62 आदित्य यादव , आर. 4361 राहुल जाट ,आर. 4548 मनमोहन मेहरा , आर. 4063 पुष्पेन्द्र सिंह, म.आर. 272 रीना कटारिया , म.आर. 502 अपर्णा कटारे , प्र.आर 1336 मोहनलाल (तकनीकि सेल जोन-3), आर 684 राघवेन्द्र पटेल, आर. 1055 प्रदीप दामले , आर. दीपक (तकनीकि सेल जोन-2), प्रआर. 225 लाखन (थाना ग्यारसपुर विदिशा) , प्रआर. 370 भूपेन्द्र बेरमा (थाना ग्यारसपुर विदिशा) , डायल 100 चालक धर्मेन्द्र (थाना ग्यारसपुर विदिशा) की सराहनीय भूमिका रही । recent visitors 133

स्कूल शिक्षा विभाग की नई कवायद 2025-26 सत्र : स्टूडेंट को पढ़ाया जाएगा यातायात के नियमों का पाठ, शिक्षा मंत्री

भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे हैं सड़क दुर्घटना के मामलों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई कवायद शुरू की है। जिसमें अब स्कूली छात्रों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इस कवायद को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बड़े होने पर कोई चीज़ सीखने से अच्छा है, बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब स्कूली विद्यार्थियों को यातायात का पाठ पढ़ाएगी। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र 2025-26 से होगी। स्कूल शिक्षा विभाग की इस कवायद से बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में सही से जानकारी मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि, बड़े होने पर कोई चीज सीखने से अच्छा है बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। बाल मन के समय से ही अगर कोई बात सिखाई जाए तो बेहतर रूप से वह समझ आती है। उन्होंने कब कि, यातायात के नियमों का पालन कैसे होता है और कैसे नियमों का उल्लंघन होता है,इन सभी बातों को बच्चों को सिखाना एक अच्छी बात है। नई शिक्षा नीति भी यही कहती है कि संस्कृति बाल मन में ही बच्चों को कुछ सिखाया जाए, तो वह बिना किसी दबाव के इन सब चीजों को सीख जाते हैं। recent visitors 279

राजधानी स्थित सेंट जॉन चर्च गोविंदपुरा में प्रभु यीशु के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू

भोपाल ! प्रभु यीशु के आगमन के दूसरे रविवार पर,गोविंदपुरा के सेंट जॉन्स चर्च में यूथ संडे मनाया गया,इस अवसर पर चर्च में विशेष प्रार्थना की गई,और प्रभु यीशु के आगमन का संदेश दिए,वही सेंट जोंस स्कूल की प्रिंसिपल सुमन मार्टिन ने बताया कि,चर्च में प्रभु यीशु के आगमनकाल पर विशेष तैयारियां शुरू हो गई है,समाज के लोग धूमधाम से क्रिसमस मनाएंगे,वहीं उन्होंने बताया कि,यूथ संडे युवाओं को समर्पित किया गया, इस मौके पर युवाओं द्वारा अनेक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई,इस अवसर पर युवाओं ने नृत्य नाटिका के माध्यम से बाइबल की शिक्षा को लेकर प्रस्तुति दी,और प्रभु यीशु के बताए हुए मार्ग पर चलने का संदेश दिया,वहीं फॉदर अनिल मार्टिन ने युवाओं को संदेश दिया कि,वे मोबाइल, फेसबुक,इंस्ट्राग्राम से परे हटकर,समाज के उत्थान में अपना योगदान दें,माता पिता, बुजुर्गों का आदर करे,इसके साथ ही समाज के उत्थान में भागीदार बनकर अपना योगदान दें, इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही recent visitors 103