फिर चली प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस, 15 आईएएस के तबादले

भोपाल ! राज्य सरकार ने रविवार रात को कई अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया है. राज्य सरकार ने एसटीएफ के स्पेशल डीजे पंकज कुमार श्रीवास्तव को नक्सल विरोधी अभियान की कमान भी सौंप दी है. वे एसटीएफ के साथ नक्सल विरोधी अभियान की भी कमान संभालेंगे. इसके अलावा 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श कांत शुक्ला को नक्सल विरोधी अभियान में प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. उधर राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता को लोक निर्माण विभाग से हटा दिया है. उनको राज भवन में अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने 15 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. recent visitors 144

लोक नृत्य से बिखरी भारतीय संस्कृति की झलक रंगकृति नाट्य संस्था का एक शाम लोक नृत्य के नाम…कार्यक्रम का आयोजन

A glimpse of Indian culture spread through folk dance An evening in the name of folk dance by Rangkriti Natya Sanstha…organized a program सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। रंगकृति नाट्य संस्था समिति द्वारा एक दिवसीय एक शाम लोक नृत्य के नाम का आयोजन भोपाल के एलडीएफएच के ओडिरियम में आयोजित किया गया । इस दौरान कलाकार लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय संस्कृति की झलक बिखरते नजर आए । इस दौरान 17 महिला कलाकारों ने मनमोहन नेत्रों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि रंग कृति संस्था की सचिव और समाजसेवी नीता चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया । समारोह का शुभारंभ गुजराती गरबा लोक गीत     चालो रे…समुह नृत्य से हुआ। रंगतारी, गोरी राधा ने करो कान, मोर बनी ….। कार्यक्रम की अगली कड़ी में फोक डांस मोरनी बागा में …की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए सेमी क्लासिकल प्रस्तुति हुई , जिसके बोल छाप छाप तिलक सब छीनी रे. .. रहे। इस पृथ्वी में भूमिका तनवानी और शालिनी गुप्ता ने प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आनंदित कर दिया।    ‎। यह प्रस्तुति भूमिका तवानी के निर्देशन में दी गई। कार्यक्रम के अंत में गरबा नृत्य किया गया जिसमें सिया राणा , इंदु राणा, मोना लक्ष्मी गिरी, यशिका शिवदासानी, बबीता ठाकुर, रश्मि शुक्ला, शालिनी श्रीवास्तव , शालिनी गुप्ता , मुनमुन शर्मा, छवि तवानी ने प्रस्तुति दी। इस मौके पर आयोजक रवि चौधरी मौजूद रहे। recent visitors 235

किसान खाद के लिए परेशान, लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे मोहन यादव, उमंग सिंगार

रीवा ! मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 2 दिवसीय प्रवास पर रीवा आए. उमंग सिंघार ने राज निवास भवन में अयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा. नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की. इसके साथ ही उन्होंने खाद की समस्या पर भी प्रदेश सरकार को घेरा. प्रदेश के प्रशानिक अधिकारियों पर सवाल खड़े करते हुऐ उमंग सिंघार ने बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि यहां पर अधिकारी जिस प्रकार से भाजपा नेताओं की गुलामी कर रहे उन्हें तेल ले लेना चाहिए और भाजपा नेताओं के लगाना चाहिए. पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला. नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सिंगरौली जिला देश के नक्शे में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला जिला बनता जा रहा है. सिंगरौली मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी कहलाता है. प्रदूषण के मामले में दिल्ली के बाद सिंगरौली दूसरे नंबर पर है. भविष्य में यह जगह वहां पर निवासरत लोगों के लिए बड़ी मुश्किल वाली जगह होगी. लगता है वहां पर सिर्फ खदाने ही रह जाएगी और लोगों को वहां से विस्थापित होना पड़ेगा. निजी कंपनियों की कोल माइंस ने वहां पर अपनी अपनी नीतियां बनाई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “वहां पर पुलिस और एसएएफ की बटालियन लगाकर लोगों के घर तोड़ दिए गए. ऐसा लगता है की मोहन यादव की सरकार दबाव में काम कर रही है. मुझे लगता है कि देश के अंदर मोदी के साथ अडानी सेफ है और प्रदेश के अंदर मोहन यादव के साथ अडानी सेफ है. झारखंड से कोल डस्ट सिंगरौली आती है. इसके बाद उसे कोयले में मिलाकर अन्य जगहों पर भेजा जाता है. इस तरह से कई प्रकार के घोटाले हैं, जो देखने को मिले हैं. इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठाने के साथ ही अगर पार्टी को जरुरत पड़ी, तो आने वाले समय में आंदोलन भी करेंगे.” नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “रीवा जिले में 50% भी बोवनी नहीं हो पाई. किसानों को खाद नहीं मिली. इनके तो कृषि मंत्री को पता ही नहीं है कि खाद कौन देता है. सरकार पिछले 4 सालों से बहाना बना रही है कि रसिया यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, लेकिन मैं सरकार से जानना चाहता हूं. भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने कई बार चाइना, अमेरिका और मोरक्को सहित कई ऐसे देश है, जहां से खाद को इंपोर्ट किया, तो अब क्या दिक्कत है. क्या सरकार के पास पैसे नहीं है, किसानों के लिए, मुख्यमंत्री लंदन में घूम रहे थे, उसके पहले शिवराज गए थे, तब वह अमेरिका की सड़कों को चिकने गालों की तरह बता रहे थे. मोहन यादव लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे थे.” उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अस्पतालों के बातें करते हैं, लेकिन अस्पतालों की स्थिति ऐसी है की मरीजों को दवाईयां नहीं मिल पा रही है. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन अपने ही जिले में मरीजों को दवाई उपलब्ध नहीं कर पा रही है. उमंग सिंघार ने कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री से प्रदेश नहीं संभल रहा तो वह अपना जिला ही संभाल ले. स्वास्थ्य विभाग में जो घोटाले चल रहे हैं, जांचों के नाम पर पूरे प्रदेश के अंदर 200 – 300 करोड़ रुपए ब्लड टेस्ट के नाम से जिन कंपनियों को कम दिया जा रहा है, क्या वह कंपनियां सही जांच कर रही है या फिर फर्जी तरीके से सेंपल के नाम पर उनसे पैसे निकाले जा रहे हैं. कई आधिकारी तो ऐसे हो गए है, जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की गुलाम हो गए है. ऐसे अधिकारी जो भारतीय जनता पार्टी के नाम से माला जप रहे हैं. इनके लिए कांग्रेस को एक अभियान शुरू करना पड़ेगा कि इन्हें एक तेल की सीसी दें. यह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को तेल लगाएं. क्योंकि ये तो जानता के काम नहीं कर रहे. 16 दिसंबर को हम जन हितैसी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे. नेता प्रतिपक्ष के तीखे प्रहार पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “कांग्रेस के नेताओं को किसी भी मुद्दे में सरकार के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है. 2003 के पहले की स्थिति मध्य प्रदेश की जनता अब तक नहीं भूली है. मैंने भी देखा है, सब ने देखा है कि कैसे खाद के लिए किसानों को तीन से चार दिन तक लाईन में लगना पड़ता था और डंडे भी खाने पड़ते थे. अभी तो खबर बनती है, लाइट जाने की तब खबर बनती थी. सिगरौली के सड़क बन रही है. दुनिया की सर्वाधिक कृषि प्रगति दर अगर कहीं है, तो वह मध्य प्रदेश में है. कांग्रेस मुद्दा विहीन है कांग्रेस को जनता समझ भी चुकी है और जवाब भी दे चुकी है. बहुत जल्द हमारा प्रदेश और देश कांग्रेस मुक्त राष्ट्र होगा. recent visitors 130

चुनावी प्रक्रिया पर शिवराज सिंह ने उठाए सवाल, बोले- चुनावों से देश हो रहा बर्बाद

भोपाल ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा पहुंचे. जहां उन्होंने विदिशा को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाने की बात कही. वहीं देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर शिवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होने के कारण समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होती है. देश में एक चुनाव खत्म होता है, तो दूसरा शुरू हो जाता है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री सभी चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है. शिवराज सिंह ने “एक देश एक चुनाव” अभियान की शुरुआत करते हुए विदिशा की जनता से इस विचार का समर्थन करने की अपील. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके साथ हाथ उठाकर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. चौहान ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक बार में चुनाव हो ताकि बाकी समय देश के विकास पर ध्यान दिया जा सके. शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक उपयोग ने जमीन की उपजाऊ क्षमता को खत्म कर दिया है. इससे न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. कई उपयोगी कीट-पतंगे जैसे केंचुए, जो धरती के डॉक्टर कहे जाते थे आज विलुप्त होने की कगार पर हैं.” शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विदिशा जिले से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक खेती नहीं अपनाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां धरती पर रहने लायक परिस्थितियां नहीं पाएंगी.” recent visitors 125

प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेजों की 45 फीसदी सीटें खाली, छात्रों को फार्मेसी में दिलचस्पी

भोपाल ! मध्य प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन कराने की तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश में 45 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली रह गई. इन सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने दो राउंड की काउंसलिंग कराई. इसके बाद भी सीटें नहीं भरी, तो दो बार कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) भी कराई गई. इसके बाद भी 1 लाख 10 लाख सीटों पर स्टूडेंट्स ही नहीं मिले. प्रदेश में कुल 2 लाख 60 हजार सीटों पर काउंसलिंग कराई गई थी. जिसमें से सिर्फ डेढ़ लाख सीटों पर ही एडमिशन हुए हैं. तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन के लिए अक्टूबर माह में काउंसलिंग खत्म होने के बाद अब फॉर्मेसी कोर्सेस में एडमिशन के लिए काउंसलिंग खत्म हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए समय सीमा निर्धारित की थी. विभाग ने इसके लिए दो राउंड की काउंसलिंग और दो सीएलसी भी कराई. फार्मेसी कोर्स की 30 हजार सीटों में से 24 हजार सीटों पर एडमिशन हो गए. हालांकि, 6 हजार सीटें खाली रह गई हैं. बीफार्मा कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की कुल 16340 सीटें थी, जिसमें से 15386 सीटें फुल हो गई. वहीं डी-फार्मा कोर्स की पांच हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं. 8 बी-फार्मा और डी-फार्मा कॉलेजों को एक भी नया स्टूडेंट नहीं मिला. प्रदेश में एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब खाली रह गई सीटों पर प्रवेश नहीं हो सकेंगे. उधर बीफार्म कोर्सेस के साथ ही प्रदेश में काउंसलिंग प्रक्रिया खत्म हो गई है. प्रदेश में एमबीए और इंजीनियरिंग कॉलेजों की करीबन 30-30 हजार सीटें खाली रह गईं. प्रदेश में 62 हजार एमबीए सीटों में से 36 हजार 858 पर ही एडमिशन हो सके. वहीं इंजीनियरिंग की 73 हजार 500 सीटों में से 42 हजार 858 सीटों पर एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की 16340 सीटों में से 15386 एडमिशन हुए हैं. एमसीए सीटों पर 6 हजार सीटों में से 3668 सीटें भर पाई. इसी तरह बीई डिप्लोमा की 33 हजार 225 सीटों में से 20 हजार सीटें खाली रह गई. उधर तकनीकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण रेड्डी कहते हैं कि हर साल छात्रों का सब्जेक्ट्स को लेकर रूझान बदलता रहता है. कई बार छात्र इंजीनियरिंग की किसी खास ब्रांच में एडमिशन ज्यादा लेते हैं, तो किसी साल सिविल ब्रांच में इस बार फार्मेसी को लेकर छात्रों का रूझान ज्यादा देखने को मिला है. recent visitors 131

अब बिना संपत्ति गिरवी रखे किसानों को आसानी से मिलेगा लाखों का लोन

केंद्रीय बैंक ने किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट बढ़ा दी है। Colleteral Free Loan For Farmers इसका फायदा मध्य प्रदेश के 80 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने देशभर के किसानों को नए साल से पहले ही बड़ा तोहफा दे दिया है। इसका फायदा मध्य प्रदेश के 80 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा। दरअसल शुक्रवार को केंद्रीय बैंक ने किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन(Colleteral Free Loan For Farmers) की लिमिट बढ़ा दी है। अब जिन किसानों को लोन की जरूरत होगी वे बिना कुछ गिरवी रखे 2 लाख रुपए तक का लोन आसानी से ले सकेंगे। छोटे और सीमांत किसानों को क्रेडिट लाइन में लाने के लिए ये फैसला लिया गया है। शुक्रवार को आरबीआई(RBI) ने कहा कि, कृषि इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कोलैटरल फ्री लोन(Colleteral Free Loan For Farmers) की लिमिट को बढ़ा दिया गया है। इस कदम से छोटे और सीमांत किसानों का कवरेज बढ़ेगा। इसका सर्कुलर जल्द ही जारी किया जाएगा। बता दें कि पहले किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट सिर्फ 1 लाख 60 हजार रुपए ही थे, जिसे आरबीआई ने 2019 में तय किया था। अब कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट बढा़कर 2 लाख कर दिया गया है। किसान बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे ये लोन ले सकते है। इसके लिए कई जरूरी दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी। Read More :- https://mysecretnews.com/solar-energy-will-be-the-center-point-of-future-economy/ कोलैटरल फ्री लोन किसान किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक से ले सकते हैं। इसके लिए तय ब्याज दर 10.50 फीसदी से अधिक होती है। इसकी खास बात ये है कि इसका फायदा बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे उठाया जा सकता है। कब आएगी 19वीं किस्त किसानों को अब तक 18 किस्तों का लाभ मिल चुका है। अब 19वीं किस्त की बारी है। ये किस्त लगभग 4 महीने के अंतराल पर जारी होती है। ऐसे में 18वीं किस्त अक्तूबर में जारी हुई और इसलिए 19वीं किस्त के चार महीने का समय जनवरी में पूरा हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी महीने में 19वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि, अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। [/more] recent visitors 227

भविष्य की अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगी सोलर एनर्जी’, नीमच निविदा में बोले CM मोहन यादव

भोपाल ! मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बीते दिन नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिए हुई निविदा में शामिल हुए। यहां उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने सोलर एनर्जी की मांग और जरुरत को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश तेजी से लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोलर और ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज के जरिए से औद्योगिक विकास को देखें तो, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि सोलर एनर्जी ही भविष्य में अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार बेहतर काम कर रहे है। पिछवले 12 सालों में रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता में 14 गुना से ज्यादा की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि नीमच सौर प्रोजेक्ट से ग्रीन बिजली के साथ-साथ निर्माण और संचालन अवधि के दौरान राज्य के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पाने का सुनहरा मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के विकास राज्य में करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा। साथ ही समतुल्य तापीय विद्युत् की तुलना में हर साल 3.34 लाख टन CO₂ का उत्सर्जन कम होगा। वर्तमान में राज्य की कुल रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता बढ़कर 7000 मेगावाट हो गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इनोवेशन करने में भी सबसे आगे है। इसका बेस्ट उदाहरण रीवा के सोलर प्रोजेक्ट और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्टर है। रीवा सोलर प्रोजेक्ट से देश में पहली बार कोयले से बनने वाली बिजली से कम कीमत पर सोलर एनर्जी मिली है। इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रदेश के अलावा दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दी जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश के आगर-शाजापुर-नीमच सोलर प्रोजेक्ट से प्रोड्यूस होने वाली बिजली भारतीय रेलवे को दी जा रही है। recent visitors 129