भोपाल: हमीदिया रोड पर ध्वनि प्रदूषण की बाढ़: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की नई रिपोर्ट

Bhopal: Flood of noise pollution on Hamidia Road: New report of Pollution Control Board भोपाल: मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में राजधानी भोपाल के हमीदिया रोड को सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। बीते 6 महीनों (1 अप्रैल से 30 सितंबर) के आंकड़ों के अनुसार, हमीदिया रोड पर 68 डेसिबल तक का नॉइस पॉल्यूशन दर्ज किया गया है, जो शहर के अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। इस रिपोर्ट में गोविंदापुरा और बैरागढ़ में ध्वनि प्रदूषण 50 डेसिबल से कम दर्ज हुआ है, जबकि हमीदिया रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया से भी ज्यादा शोर है। ट्रैफिक और डीजे-बैंड हैं ध्वनि प्रदूषण के मुख्य कारण विशेषज्ञों का मानना है कि हमीदिया रोड पर भारी ट्रैफिक और डीजे-बैंड जैसी गतिविधियों के कारण नॉइस पॉल्यूशन की समस्या अधिक गंभीर है। इस सड़क पर प्रतिदिन प्रति घंटा 8 से 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है, जिससे ध्वनि प्रदूषण लगातार उच्च स्तर पर बना रहता है। इसके अलावा, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान डीजे और बैंड की आवाजें इस समस्या को और बढ़ा देती हैं। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, हमीदिया रोड पर अप्रैल से सितंबर तक का औसत ध्वनि स्तर निम्न प्रकार रहा: इसके मुकाबले, गोविंदापुरा और बैरागढ़ में ध्वनि प्रदूषण का स्तर कम पाया गया। गोविंदापुरा में अगस्त में 49 डेसिबल और बैरागढ़ में अगस्त और सितंबर में 49 से 52 डेसिबल तक का ध्वनि स्तर दर्ज किया गया। साइलेंट जोन में भी प्रदूषण रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल के पर्यावरण परिसर, जो साइलेंट जोन के रूप में जाना जाता है, में भी ध्वनि प्रदूषण चिंता का विषय है। यहां भी अप्रैल से सितंबर के बीच ध्वनि स्तर 53 से 58 डेसिबल के बीच रहा, जो साइलेंट जोन के लिए निर्धारित मानकों से अधिक है। तेज शोर ने ली बच्चे की जान तेज ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव हाल ही में तब सामने आए जब 14 अक्टूबर को 13 वर्षीय समर बिल्लौरे की मौत हो गई। समर डीजे की तेज आवाज में मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डांस कर रहा था, जब उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि डीजे की अत्यधिक आवाज उसकी मौत का कारण बनी। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की आवश्यकता हमीदिया रोड और अन्य क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर, शहर के नागरिकों और पर्यावरणविदों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह आवश्यक है कि प्रशासन नॉइस पॉल्यूशन को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके। recent visitors 148

सिंगरौली : सरकारी स्कूल में शराबी हेडमास्टर की हरकत, कार्रवाई की तैयारी

Drunk headmaster's actions in government school, preparation for action The villagers made a video of this

Drunk headmaster’s actions in government school, preparation for action सिंगरौली ! Drunk headmaster’s actions in government के नशे में पहुंचा. इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया. अब इस मामले में शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की बात कही है. मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल से शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. सिंगरौली जिले के ग्रामीण क्षेत्र बिंदुल संकुल केंद्र, पुरा गांव के प्राथमिक स्कूल में एक टीचर शराब के नशे में धुत नजर आया. शराब पीकर स्कूल आने की वजह भी शिक्षक ने बताई. उसने कहा कि मेरा मोबाइल गुम हो गया, दिमाग डिस्टर्ब है, इसलिए थोड़ी बहुत शराब पीकर आया हूं. स्कूल में सिर्फ एक टीचरपुरा गांव में सरकारी स्कूल में तैनात इस टीचर का नाम अर्जुन सिंह है. इसी प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर भी है, जो लंबे समय से इसी स्कूल में है और अक्सर स्कूल में शराब के नशे में ही आता है. इस प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ यही एक शिक्षक है. ग्रामीणों ने बनाया वीडियोरोजाना की तरह बुधवार (16 अक्टूबर) को जब शराबी हेडमास्टर स्कूल पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाया और पूछा कि आप शराब पीकर क्यों आये हो? तो जवाब भी ऐसा दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. शराबी हेडमास्टर ने कहा कि मेरा मोबाइल गुम गया है, इसलिए शराब पीकर स्कूल आया हूं. शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?ग्रामीणों ने नशे में धुत्त शराबी हेडमास्टर का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी एसबी सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही. Read More : https://mysecretnews.com/chhatarpur-and-khajuraho-opposition-targeted/ recent visitors 206

मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में बना रहा है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhyapradesh is creating a new identity मुख्यमंत्री ने निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश की प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कियामहिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी Madhya Pradesh is creating a new identity in the field of industry and investment: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि Madhyapradesh is creating a new identity के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। Read More : https://mysecretnews.com/bjp-mla-brijbihari-pateria/ recent visitors 169

भोपाल: तेज रफ्तार कार ने श्यामला हिल्स पर दो सगी बहनों को मारी टक्कर, एक की मौत

भोपाल शहर के श्यामला हिल्स थाना इलाके में सड़क पार कर रही दो सगी बहनों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। उन्हें गंभीर घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने 42 वर्षीय राजिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं छोटी बहन 32 वर्षीय शाजिया की हालत नाजुक बताई जाती है। घटना शनिवार शाम लगभग सात बजे की है। हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। रिश्तेदार के घर से वापस लौट रही थीं थाना प्रभारी घूमेंद्र सिंह ने बताया कि राजिया जगन्नाथ कॉलोनी, ऐशबाग की रहने वाली थी। शनिवार को वह नीम वाली सड़क, जहांगीराबाद में रहने वाली छोटी बहन शाजिया के साथ अहाता रुस्तम खां में एक रिश्तेदार के घर आई थी। दोनों बहनें शाम को वापस घर लौट रही थीं। सिर में चोट लगने से मौके पर ही हुई मौत शाम करीब पौने सात बजे वे हिंदी भवन के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी स्मार्ट सिटी रोड से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी थी। राजिया के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिस वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अस्पताल में भर्ती शाजिया की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है। चालक की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। recent visitors 112

मोहन कैबिनेट के फैसले : विधायकों के नए आवास बनेंगे, सोयाबीन उपार्जन नीति मंजूर, जानें

Mohan Cabinet's decisions: New residences for MLAs will be built

Mohan Cabinet’s decisions: New residences for MLAs will be built, soybean procurement policy approved, know भोपाल ! प्रदेश की मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हो गई है। मीटिंग के दौरान कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक में लिए गए फैसलों के संबंध में एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर महीने में रीवा में निवेश आएगा। आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दी गई है। विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति मिल गई है। मंत्रियों के बाद विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी अपना इनकम टैक्स खुद ही जमा करेंगे। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, सागर के बाद अब अगली रीजनल इनवेस्टर्स समिट रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित होगी। अगली समिट के संबंध में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा- आगामी रीजनल इन्वेस्टर्स समिट 27 सितंबर को सागर में रखी गई है। सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरीउन्होंने आगे बताया कि आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इसका समर्थन मूल्य 4892 रुपए तय किया है। वहीं, 25 सितंबर से 20 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन होगा। और 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक खरीदी होगी। 1400 उपार्जन केंद्र बनाए जाएंगे। एमपी वेयरहाउसिंग से इसके भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। मार्कफेड के द्वारा इसका उपार्जन किया जाएगा। पहली बार प्रदेश में सोयाबीन का उपार्जन होगा। भारत सरकार ने 13.68 मीट्रिक टन उपार्जन की स्वीकृति दे दी है।डिप्टी सीएम के अनुसार, विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति दी है। पुराने पारिवारिक खंड क्रमांक 1 और शॉपिंग सेंटर को हटाकर 3 बीचके के 204 आवास रहेंगे। 5 ब्लॉक बनाए जाएंगे। पहले चरण में दो ब्लॉक तोड़कर निर्माण होगा। 2615 वर्ग फीट के आवास होंगे। पीडब्ल्यूडी इसका निर्माण करेगा। पहले पेड़ काटकर नई जगह बनाने का प्रस्ताव था। हरियाली उजाड़ने का विरोध हुआ था, जिसके बाद अब जगह बदली जाएगी। ये फैसले लिए गए recent visitors 161

मिड-डे मील में खाना खाने बैठे ऊर्जा मंत्री, सब्जी में ढूंढते रह गए आलू

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables ग्वालियर ! ग्वालियर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शासकीय स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए? इस बार खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए. वहां पर केंद्रीय मंत्री स्कूली बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. जब बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन उन्हें परोसा गया तो वह खुद सब्जी की बाल्टी में आलू ढूंढते रह गए. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठने शुरू हो गए. हालांकि इस दौरान प्रद्युम्न सिंह ने बच्चों के साथ खाना खाया और गुणवत्ता को सही करने की हिदायत दी. इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ खाना खाया. बच्चे भी उनके साथ काफी खुश दिखाई दिए. निरीक्षण करने पहुंचे स्कूलस्वच्छता पखवाड़े के तहत प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी विधानसभा में कई जगहों पर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं. इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डीआरपी लाइन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बच्चों के मध्यान भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. प्रद्युम्न खुद बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. ढूंढते रह गए आलूजब ऊर्जा मंत्री को मध्यान भोजन का खाना परोसा गया वह पूरी तरह से ठंडा था. बच्चों के साथ बैठे ऊर्जा मंत्री को जो आलू की सब्जी परोसी गई थी वह भी गुणवत्ता युक्त नहीं थी. ऐसे में खुद ऊर्जा मंत्री ने सब्जी की बाल्टी में चमचा घुमा-घुमा कर देखा लेकिन उन्हें एक भी आलू नसीब नहीं हुआ. प्रद्युम्न सिंह ने उनके साथ मौजूद मौजूद अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता सही रखने की सख्ती से हिदायत दी. मंत्री को साथ खाना खाते हुए देखकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. ऊर्जा मंत्री ने भी बड़े ही स्वाद से मध्यान भोजन का आनंद भी लिया. recent visitors 187

मप्र के 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced भोपाल। प्रदेश के 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्रो । इन केंद्रों पर लोगों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां बेहद सस्ती कीमतों में उपलब्ध होंगी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ किया। जन-औषधि केंद्रों का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने स्वच्छता से सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कचरा मुक्त शहर के आधार पर सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम ने सिंगल क्लिक से राशि खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में 5 स्टार रेटिंग मिलने पर नगर निगम के 8,117 सफाई मित्रों को 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।स्टार रेटिंग के हिसाब से मिलेगी प्रोत्साहन राशिमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कचरा मुक्त शहर स्टार प्रमाणीकरण के आधार पर सफाई मित्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिस निकाय को जितने स्टार मिलेंगे, उसमें कार्यरत उतने हजार रुपए की राशि दी जाएगी यानी एक स्टार हासिल करने वाले निकाय को एक-एक हजार, दो, तीन स्टार से लेकर 5 स्तर और 7 स्टार तक प्राप्त कर सकते हैं। 7 स्टार वालों को 7 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य को भी तरजीहकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे 33 करोड देवी-देवताओं में एक देवी स्वच्छता की हैं शीतला माता। चेचक की बीमारी से बचाने टीकाकरण की शुरुआत हुई। चेचक का जिसे फोड़ा हुआ था, उसके मवाद से चेचक का टीका बनाया। ये हमारे प्राचीन चिकित्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुजुर्गों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया। अब सस्ती दरों पर जेनेरिक दवा भी उपलब्ध होगी। सफाई मित्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य में बड़ी भूमिका है मैं आपको प्रणाम करता हूं।हेत्थ पैरामीटर्स में छुएंगे शिखरइससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसा वातावरण तैयार किया कि आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए है। सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हेल्थ के पैरामीटर के मामले में उच्च शिखर को प्रात करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र परियोजना का शुभारंभ वर्ष 2008 में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 2015 के बाद से इस योजना में और गति आयी। इसका उद्देश्य पूरे देश में सस्ती दवाइयों की पहुंच को व्यापक बनाना था। वर्तमान में इस परियोजना में देश में प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ उठा सकें।500 से अधिक जन-औषधि केंद्र खुलेवर्तमान में मध्य प्रदेश में 500 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हैं। ये केंद्र शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोग सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां खरीद रहे हैं। उनके मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत हो रही है। अब सभी जिला चिकित्सालयों में भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं।जन-औषधि केंद्र खुलने से ये फायदेसभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध होंगी। मरीजों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक कम दाम पर दवाइयां मिलेंगी।इससे लोगों के मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।सस्ती और सुलभ दवाओं के माध्यम से लोग अपने उपचार को निरंतर जारी रख सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आएगा। खासकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में जन-औषधि केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।जन-औषधि केंद्र के माध्यम से जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, जिससे लोग ब्रांडेड दवाओं पर निर्भरता कम करेंगे और सस्ती जेनेरिक दवाओं को अपनाएंगे।स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। प्रत्येक केंद्र के चालन के लिए फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी आवश्यक होंगे, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। recent visitors 161