‘जूते मारे जाने चाहिए’, प्रियंका गांधी पर रमेश बिधूड़ी के बयान पर भड़के चंद्रशेखर आजाद

‘Shoes should be hit’, Chandrashekhar Azad furious at Ramesh Bidhuri’s statement on Priyanka Gandhi Ramesh Bidhuri Remark: रमेश बिधूड़ी का विवादित बयानों से पहले भी रिश्ता रहा है. साल 2023 के सितंबर में रमेश बिधूड़ी ने संसद में बसपा सांसद दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली चुनाव से पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है. भाजपा नेता के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है. इसके बाद अब आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी उनके बयान की कड़ी निंदा की है. सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “यह बहुत घटिया और ओछी टिपण्णी है जिस सांसद ने यह टिप्पणी दी है पहले भी उन्होंने ऐसी बात की है. यह राजनीति का गिरता हुआ स्तर है. राजनीति में ऐसी बयानबाजी की कोई जगह नहीं है. ऐसी टिप्पणी से महिलाएं उनसे खुश नहीं हुई हैं ,ऐसी टिपण्णी करने पर उनको जूते मारे जाने चाहिए. भाजपा को ऐसी टिप्पणी के लिए उनसे जवाब पूछना चाहिए.” क्या है मामला? दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कहते हैं, “लालू ने वादा किया था बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों जैसा बना दूंगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी हैं. वैसे ही कालकाजी में सारी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा.” कांग्रेस पार्टी की ओर से इस टिप्पणी पर भारी ऐतराज जाहिर किया गया है. कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रमेश बिधूड़ी की कड़ी आलोचना करते हुए उनके बयान को “शर्मनाक” बताया और भाजपा पर “महिला विरोधी” मानसिकता रखने का आरोप लगाया. सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा, “प्रियंका गांधी के बारे में रमेश बिधूड़ी का बयान न केवल शर्मनाक है, बल्कि महिलाओं के प्रति उनकी घृणित मानसिकता को भी दर्शाता है. लेकिन एक ऐसे व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिसने सदन में अपने साथी सांसद के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे कोई सजा नहीं मिली? यह भाजपा का असली चेहरा है.” recent visitors 343

मीना समाज के प्रदेश अध्यक्ष बने रामनिवास रावत

Ramniwas Rawat became the state president of Meena Samaj भोपाल। मध्य प्रदेश मीना समाज सेवा संगठन के नये प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास रावत बन गए हैं। उन्हें समाज के होशंगाबाद रोड के ग्यारह मील स्थित निर्माणाधीन छात्रावास में हुई आमसभा में सर्वसम्मति से चुन लिया गया है।  रामनिवास रावत के नाम का प्रस्ताव पूर्व अध्यक्ष एवं फाउंडर मेंबर हरिसिंह वर्मा एडवोकेट द्वारा रखा गया। जिसका पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मीना समाज गणपत पटेल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री एडवोकेट संतोष मीना तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष लीलेन्द्र सिंह मारण ने समर्थन किया।  इस अवसर मुख्य रूप से पूर्व आईएएस केएस मारण, डॉक्टर रवि वर्मा, गोपाल सिंह मीणा, पूर्व विधायक ममता मीणा, पूर्व  आईपीएस रघुवीर सिंह, पूर्व कमिश्नर कैलाश मीणा, रमेश मीणा, अनुरुद्र मीणा, एडिशनल एसपी अमृत मीणा आदि ने आमसभा में संगठन की शक्ति को बढ़ाने और समाज सुधार पर अपने-अपने विचार रखे। सभा का संचालन आरएस मीणा एवं ब्रजेश मीणा द्वारा किया गया। कांग्रेस से पाला बदलना पड़ा था महंगा  बता दें, रावत मीणा समाज के गौरव माने जाते हैं। वे लबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहकर राजनीति करते रहे और उन्होंने इस कई पदों को सुशोभित किया है। कांग्रेस के दो दर्जन विधायकों की तरह रावत का भी मन डोला और पार्टी को अलविदा कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद विधायकी से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि उन्हें मोहन सरकार ने वन मंत्री बनाकर चुनावी मैदान में खड़ा कर दिया, इस उपचुनाव में कांग्रेसी विचारधारा को त्यागना उन्हें महंगा पड़ गया। क्योंकि उन्हें विजयपुर की जनता ने नापसंद कर दिया। इसके बाद उन्हें उनके समाज बंधुओं ने सम्मान दिया है। यह उनके लिए बड़ी बात है और उनका हौसला बढ़ गया है। इसके पहले जब वन मंत्री बने तो मीणा समाज ने भारत माता चौराहा स्थित मंदिर में फलों से तोलकर सम्मान किया था। इसके बाद यहां से रैली निकली, जिसका 11 मील के पास निर्माणाधीन छात्रावास में समापन हुआ था। वहाँ भी सम्मान किया गया था। recent visitors 118

सत्ता में आते ही पानी के गलत बिल माफ होंगे, केजरीवाल ने फिर किया बड़ा ऐलान

Arvind Kejriwal Press Conference PC: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी का सियासी पारा आसमान छूने लगा है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिन दिल्ली वासियों के पास पानी का गलत बिल आया है, उनका बिल माफ किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली सरकार हर महीने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दे रही है। मेरे जेल जाने के बाद इन्होंने पानी के बिल भेज दिए। जिन लोगों के पानी के गलत बिल आए हैं, दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद वो सारे बिल माफ कर दिए जाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सभी परिवारों को 20-20 हजार लीटर पानी फ्री दिया जाता है। दिल्ली में लगभग 12 लाख से ज्यादा परिवारों के पानी के बिल जीरो आते हैं। मगर जब मैं जेल गया तो इन्होंने पीछे से कुछ तो गड़बड़ की कि लोगों के हर महीने लाखों-हजारों रुपए पानी के बिल आने लगे। हमारे दिल्ली के लोग पानी के बिल को लेकर त्रस्त हैं। इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से ऐलान करना चाहता हूं कि जिन लोगों को लगता है कि उनका पानी का बिल गलत आया है, उन्हें अपना बिल भरने की जरूरत नहीं है। आप इंतजार करिए। दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हम आपके सारे बिल माफ करवा देंगे। कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस को जीत की भविष्यवाणी करने दीजिए। हमें जनता पर भरोसा है। कांग्रेस और बीजेपी को अब औपचारिक रूप से ऐलान कर देना चाहिए कि वो मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस को वैसे भी कोई सीरियस नहीं लेता है। बीजेपी पर बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अभी तक बीजेपी के पास न कोई मुख्यमंत्री चेहरा है, न कोई नैरेटिव है और न कोई दिल्ली को लेकर विजन है कि वो आगे क्या करेंगे? 10 साल में बीजेपी ने कोई काम नहीं किया। अब वो केवल AAP को गालियां देकर ये चुनाव जीतना चाहती है। हम लोगों को बता रहे हैं कि हमने 10 साल में यह काम किया और आने वाले 5 साल में यह काम करेंगे। हमें हमारे कामों के आधार पर वोट दो। वहीं बीजेपी कह रही है कि पिछले 10 साल में हमने इतनी गालियां दी और आने वाले 10 साल में और अच्छी-अच्छी गालियां देंगे केजरीवाल को, हमें गालियों के नाम पर वोट दो। अब जनता तय करेगी कि किसे वोट देना है। [/more] recent visitors 143

छोटी मछली को पकड़ बड़े मगरमच्छों को बचा रही सरकार, सपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ यादव

भोपाल। समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ मनोज यादव ने बताया कि परिवहन विभाग का एक छोटा सा आरक्षक करोड़ों का मालिक कैसे हो सकता है? सौरभ शर्मा एक छोटी मछली है असली मगरमच्छों का नाम सामने आना बाकी है। इस केस में पूर्व परिवहन मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री की भी भूमिका की जांच हो। सौरभ शर्मा को फंसा के उसके इर्द-गिर्द पूरी जांच को सीमित कर इस केस को दबाने की बड़ी साजिश है। 21 साल में भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश को कंगाल राज्य बना दिया है। पीएम मोदी ने कहा था “ना खाऊँगा और ना खाने दूंगा” पर सबसे ज्यादा इन्हीं के अधिकारी और मंत्री ही खा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाया कि भोपाल में सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट के लिए परमिशन बहुत समय से अटकी हुई थी, लेकिन इकबाल सिंह बैंस का सहयोग मिलते ही कुछ ही समय में बड़े तालाब के ग्रीन बेल्ट एरिया में परमिशन मिल गई। इसमें भी इकबाल सिंह बैस की भूमिका पर जांच करना चाहिए। इसके अलावा नीलबढ़, रातीबड़, मंडोरा मेंडोरी, अरेरा हिल्स, कोलार में कुणाल कंस्ट्रक्शन के नाम से प्रॉपर्टी खरीदी गई है, उन संपत्तियों के मालिकों की भी जांच होनी चाहिए। डॉ यादव ने कहा कि सौरभ शर्मा के घर से एक लाल डायरी जब्त की गई है। सपा प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि इस डायरी पर कई मंत्रियों नेताओं और अधिकारियों के नाम है। इस डायरी में कई हजार करोड़ के लेनदेन का हिसाब किताब भी है। इसकी जांच होनी चाहिए। सौरभ शर्मा के घर से जब्त लाल डायरी को लेकर मध्य प्रदेश शासन में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि इस डायरी में मेरा नाम नहीं होगा। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि इस केस की निष्पक्षता से जांच कर दोषियों पर कङी से कङी कार्रवाही की जाए। सपा अध्यक्ष डॉ यादव ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक मुद्दों को उठाएगी। recent visitors 111

भाजपा: प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों का नाम तय, दिनभर चली बैठक ,,,अध्यक्ष का ऐलान

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15 भोपाल। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा BJP state and district presidents का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी।पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। Read More: भाजपा की बड़ी मुश्किल ,सिंधिया और तोमर में तूफानी घमासान https://mysecretnews.com/stormy-fight-between-scindia-and-tomar/ गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला BJP state and district presidents को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है। recent visitors 325

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है। recent visitors 194

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. दरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. कुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई. recent visitors 258