14 लाख की मशीन 10 महीने से बंद, अस्पताल अधीक्षक ने विधायक को बताया दोषी

MLA and doctor clashed with each other over repairing X-ray machine in Bijawar hospital छतरपुर। जिले के बिजावर नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विधायक निधि से लगाई गई 14 लाख रुपए की एक्स-रे मशीन पिछले 10 महीनों से खराब पड़ी है, जिससे रोजाना 65-70 मरीजों को 100 किलोमीटर दूर छतरपुर जाना पड़ रहा है। 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा बता दें कि, पांच साल पहले विधायक राजेश शुक्ला ने 2018 में अपनी विधायक निधि से यह मशीन उपलब्ध कराई थी, जिसे नवंबर 2021 में शुरू किया गया था। मशीन लगने से जैतपुर के लोगों को छतरपुर की जगह केवल 60 किलोमीटर दूर बिजावर में एक्स-रे की सुविधा मिलने लगी थी। लेकिन अब मशीन खराब होने से मरीजों को फिर से छतरपुर जाना पड़ रहा है। दरअसल, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मशीनों को सुधारने का जिम्मा एओवी इंटरनेशनल एलएलपी कंपनी के पास है। कंपनी के कर्मचारियों ने कहना है कि उन्हें केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई मशीन सुधारने की ही जिम्मेवारी दी गई है। बिजावर विधायक बबलू शुक्ला बोले – मैंने दी, क्या अब मैं ही सुधारवाऊं? एक्स-रे मशीन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मांग की थी। जब नहीं मिली तो मैंने विधायक निधि से एक-रे मशीन लगाई थी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उसकी देखरेख नहीं की गई, वह खराब हो गई। वहीं सीएमएचओ आरपी गुप्ता ने बताया कि मशीन विधायक ने दी थी, विधायक का कर्तव्य के उनको ठीक करना चाहिए, फिर भी हम उसे सुधारने के प्रयास कर रहे है। दो recent visitors 131

छतरपुर जिला अस्पताल में कईं दिनों से एक्स-रे मशीन खराब: मरीज परेशान, बाहर कराना पड़ रहा टेस्ट

X-ray machine is not working in Chhatarpur district hospital since many days: Patients are troubled, they have to get their tests done outside छतरपुर । जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर महंगे दामों में एक्स-रे कराना पड़ रहा है। सबसे गंभीर मामला भालू के हमले में घायल 22 वर्षीय जागेश्वर का है, जिसे किशनगढ़ से रेफर किया गया था। जागेश्वर शनिवार शाम को भैंस चराने गया था, जहां भालू ने उस पर हमला कर दिया। भैंसों ने भालू को सींगों से मारकर भगाया, जिससे युवक की जान बच गई। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने एक्स-रे की सलाह दी, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से दो दिनों से परिजन परेशान हैं। इसी तरह अब्दुल मंजीत की पत्नी को घुटनों में हो रहे दर्द के लिए 300 रुपये खर्च कर बाहर से एक्स-रे कराना पड़ा। एक अन्य मरीज, जो स्टूल से गिर गई थीं, उन्हें भी 200 रुपये खर्च कर निजी सेंटर से एक्स-रे कराना पड़ा। जगदीश अहिरवार के छोटे भाई को भी दो दिनों से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. जी.एल. अहिरवार का कहना है कि मशीन के पार्ट्स आ गए हैं और जल्द ही मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, अस्पताल प्रशासन के खिलाफ खबर के प्रकाशन पर रोक लगाने और पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। recent visitors 260