बच्चों के वार्ड के बेड पर कुत्ता! MP के सरकारी अस्पताल का VIDEO वायरल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल

A dog on a bed in the children’s ward! Video from an MP government hospital goes viral; serious questions raised about the healthcare system. छतरपुर । जिले में स्थित एक सरकारी अस्पताल के वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया। जिले के लवकुशनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और साफ-सफाई की पोल खोलती एक गंभीर वीडियो सामने आई है। अस्पताल के वार्ड में मरीजो और बच्चों के इलाज के लिए लगाए गए बेड पर एक कुत्ते के आराम करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। वीडियो सामने आने के बाद मरीजों में इन्फेक्शन के खतरे को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। इलाज कराने आए तीमारदार ने बनाया वीडियो, मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में अपने मरीज का इलाज कराने आए एक तीमारदार ने बच्चो के वार्ड में बेड पर कुत्ते को आराम फरमाते हुए देखा और इसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो (Children Ward Dog Video)सामने आते ही अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, सैनिटाइजेशन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए जहां सख्त सफाई के दावे किए जाते है, वहीं बच्चों के वार्ड तक आवारा कुत्ते का पहुंच जाना मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। मरीजों में आक्रोश, तत्काल सुधार की रखी मांगमरीज के परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर और वार्डों में आवारा जानवरों की मौजूदगी से हमेशा इंफेक्शन और काटने का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से व्यवस्था लचर होतीं जा रही हैं। उन्होंने प्रबंधन से परिसर में बाहरी जानवरो के प्रवेश पर सख्त रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। मरीजों की सेहत से खिलवाड़: संक्रमण का बड़ा खतराइन्फेक्शन का खतरा: आवारा कुत्तों से रैबीज, त्वचा रोग और अन्य गंभीर संक्रामक बीमारियां फैलने का जोखिम हमेशा बना रहता है। स्वच्छता पर सवाल: जिस बेड पर मरीज को रखकर इलाज किया जाना है, वहां जानवरों का बैठना साफ-सफाई के दावों पर सीधा तमाचा है। सीएमएचओ ने दिए जांच के निर्देशइस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए बताया कि प्रकरण ध्यान में आया है। संबंधित अस्पताल प्रभारी व अधिकारियों से तत्काल इस लापरवाही पर जवाब-तलब किया गया है और मामले की जांच के निर्देश दिए गए है। recent visitors 17

किसान को मारी गोली, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर लगाए आरोप

Farmer shot; allegations leveled against Shaligram Garg, brother of Bageshwar Dham’s Dhirendra Shastri. छतरपुर। जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कोड़ा में मंगलवार को गोली चलने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग ने उन्हें गोली मारी। घटना के बाद घायल किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जमीन बेचने का दबाव बनाने का लगाया आरोपघायल किसान मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जो किसान अपनी जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उनके साथ मारपीट और धमकी दी जाती है। किसान के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए। जिला अस्पताल में चल रहा उपचारघटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से घायल किसान को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस हर पहलू से कर रही जांचछतरपुर के पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि घायल किसान को गोली लगी है या घटना की प्रकृति कुछ और है। उन्होंने कहा कि घायल किसान ने शालिग्राम गर्ग पर गोली मारने के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। उल्लेखनीय है कि शालिग्राम गर्ग पहले भी मारपीट से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। हालांकि इस मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। recent visitors 19

छतरपुर: जमीन पर बैठकर घंटों इंतजार करते मरीज: जिला अस्पताल में समय पर नहीं पहुंचे डॉक्टर; परिजन प्राइवेट क्लीनिकों में ले जाने को मजबूर 

Chhatarpur: Patients wait for hours sitting on the ground: Doctors did not reach the district hospital on time; relatives forced to take them to private clinics  छतरपुर। जिला अस्पताल में गुरुवार को मरीजों को परेशान होना पड़ा। बताया गया कि डॉक्टर समय पर नहीं आए जिसकी वजह से उन्हें घंटे भर तक इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में ओपीडी के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे का समय है लेकिन सुबह 10 बजे तक कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। महिला ओपीडी, बाल एवं शिशु रोग, नेत्र रोग और मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कई मरीज 100 किलोमीटर दूर से इलाज के लिए आए थे। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग मरीजों को जमीन पर बैठना पड़ा। फोन पर सूचना मिलने के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जी.एल. अहिरवार 10 बजे ओपीडी में पहुंचे और इलाज शुरू किया। मरीजों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर सरकारी अस्पताल की ओपीडी में समय पर नहीं आते, लेकिन अपने प्राइवेट क्लीनिकों पर महंगी दरों पर इलाज करते हैं। सीएमएचओ आर.पी. गुप्ता ने जांच का आश्वासन दिया है। एसडीएम अखिल राठौर ने कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी इसी तरह की शिकायतों पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने चार डॉक्टरों को नोटिस जारी किया था और एक डॉक्टर आर.के. धमनियों को निलंबित किया था। recent visitors 106

छतरपुर जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों को 5 माह से मानदेय नहीं, काम बंद होने से जरूरी सेवाएं होंगी प्रभावित

Outsourced workers have not received their remuneration for the last 5 months, essential services will be affected due to the shutdown छतरपुर। जिला अस्पताल में अति आवश्यक सेवाएं देने वाले 65 आउटसोर्स कर्मचारियों को बीते 5 माह से ठेकेदार ने मानदेय नहीं दिया है। इसलिए इन कर्मचारियों की माली हालत बिगड़ती जा रही है। यदि आउटसोर्स कर्मचारी मानदेय न मिलने के विरोध में काम बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारी यदि काम देते हैं, तो जिला अस्पताल की अतिआवश्यक सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी। बता दें कि इंदौर की कामथेन सिक्योरिटी संस्था ने जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारी रखने के लिए मार्च 2023 में ठेका लिया। इसके बाद संस्था ने विद्युत पंप ऑपरेटर, लिफ्ट मैन, कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑक्सीजन गौस प्लाट, एक्सरे और लैब टेक्नीशियन सहित 65 कर्मचारी आउटसोर्स पर रखे। जिन्हें संस्था ने समय- समय पर मानदेय का भुगतान किया। लेकिन बीते 5 माह से संस्था ने मानदेय का भुगतान नहीं किया है। इसलिए जिला अस्पताल में अतिआवश्यक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की माली हालत बिगड़ गई है। इसमें से कई कर्मचारी शहर के बाहर के हैं। इसलिए उन्हें किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। जो समय पर किराया नहीं चुका पा रहे। वहीं कुछ कर्मचारी कर्ज लेकर अपना परिवार चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी टेंडर के अनुसार जो भी संस्था आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर रखने का कार्य लेती है। वह 6 माह तक सभी कर्मचारियों को अपनी ओर से भुगतान करती है। यदि संबंधित विभाग 6 माह से अधिक समय निकल जाने के बाद भी बजट जारी नहीं करता, तो संबंधित संस्था इस कर्मचारियों का मानदेय रोक करती है। लेकिन जिला अस्पताल में कार्य कर रही संस्था को जनवरी 2025 तक का भुगतान होने के बाद भी कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया जा रहा। सीएस डॉ. जीएल अहिरवार का कहना है आउटसोर्स कर्मचारियों का बजट संस्था को जारी करने बीते 5 माह से स्वास्थ्य कमिश्नर को 11 पत्र लिख चुके हैं। इसके साथ ही कलेक्टर के माध्यम से 5 रिमांइडर भेज चुके हैं। लेकिन वहां से अब तक बजट का आवंटन नहीं हुआ है। इसलिए ठेकेदार आउटसोर्स कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर रहा। इसके बाद भी कर्मचारियों का मानदेय देने के लिए संस्था को नोटिस जारी किया है। विभाग पर संस्था का सवा करोड़ रुपए बकाया संस्था ने मार्च 2023 में आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने का टेंडर लिया। तब से अब तक लिफ्ट मैन, इलेक्ट्रीशियन, हैल्पर और पंप ऑपरेटरों के मानदेय का विभाग ने भुगतान नहीं किया है। इसलिए संस्था का स्वास्थ्य विभाग पर सवा करोड़ बकाया हो गया है। जिसके चलते संस्था कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर पा रही। – लोकेंद्र गोस्वामी, सुपरवाइजर कामथेन सिक्योरिटी इंदौर recent visitors 142

जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के विरोध में विहिप का प्रदर्शन: छतरपुर में सीएमएचओ का पुतला जलाया; कलेक्टर को दिया ज्ञापन

VHP’s protest against corruption in district hospital: CMHO’s effigy burnt in Chhatarpur; Memorandum given to Collector छतरपुर । विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छत्रसाल चौराहे पर सीएमएचओ का पुतला दहन किया और कलेक्टर को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रामगोपाल यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। मरीजों से अवैध वसूली की जा रही है। ब्लड बैंक में अनियमितताएं हो रही हैं और रक्त की बिक्री की जा रही है। कैंटीन में भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। बता दें कि, दस दिन पहले भी जिला अस्पताल में सीएमएचओ का पुतला जलाया गया था। विहिप ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो जिले के सभी प्रखंडों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।संगठन ने कर्मचारियों की जांच और दोषी लोगों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछली चेतावनी के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। recent visitors 120

छतरपुर अस्पताल की OPD से डॉक्टर नदारद: 2 घंटे तक लाइन में खड़े रहे मरीज; एसडीएम ने कही जांच की बात

Doctors absent from OPD of Chhatarpur Hospital छतरपुर । जिला अस्पताल में सोमवार सुबह 10 बजे तक ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इस दौरान मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा, जिससे वह परेशान दिखे। एसडीएम ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित है। लेकिन, सोमवार को डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज 100 किलोमीटर दूर से इलाज के लिए पहुंचे थे। परेशान होते दिखे मरीज बकस्वाहा से आए छन्नूलाल पीठ दर्द का इलाज कराने आए थे। इमलिया गांव के सीताराम अनुरागी अपनी बच्ची के टूटे हुए हाथ का इलाज कराने पहुंचे थे। धमोरा की राजकुमारी अहिरवार सुबह 8:30 बजे से लाइन में खड़ी थीं। सिलावट की विमल पटेल हाथ दर्द की शिकायत लेकर सुबह 9 बजे से प्रतीक्षा कर रही थीं। कलेक्टर ने दिए थे नाेटिस इससे पहले भी कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अनुपस्थित मिले तीन डॉक्टरों को उन्होंने नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मरीजों ने बताया कि उन्हें मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें महंगी दरों पर इलाज कराना पड़ता है। एसडीएम ने कही जांच की बात एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों को नोटिस जारी करेंगे। recent visitors 121

छतरपुर: स्वास्थ्य विभाग कि बड़ी लापरवाही: नवजात का शव को मुंह में दबाए घूम रहा था कुत्ता: लोगों ने पत्थर मारा तो छोड़कर भागा

Big negligence of the health department: Dog was roaming around with the dead body of a newborn in its mouth: When people threw stones at it, it left it and ran away छतरपुर । शनिवार को एक कुत्ता नवजात बच्ची का शव मुंह में दबाकर घूम रहा था, लोगों ने देखा तो कुत्ते को पत्थर मारा। इसके बाद वह शव को छोड़कर भाग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। यहां शाम करीब 4 बजे सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर स्थित विराज मंडपम के पास एक कुत्ता 6 माह की बच्ची के शव को मुंह में दबाकर ले जा रहा था। स्थानीय लोगों ने कुत्ते को पत्थर मारकर भगा दिया। नवजात बच्ची के शव से सिर गायब था। राहगीरों की सूचना पर सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। वहीं, शव पर मक्खियां बैठी हुई थीं, जिसे लोगों ने बोरी से ढक दिया। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। recent visitors 120