Thursday, July 16, 2026 12:44 am

जिला अस्पताल में में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन शव नहीं ले गए, मज़बूरी में रुपये देकर निजी एम्बुलेंस करनी पड़ी

There were four hearse vehicles parked at the district hospital, but they couldn’t take the bodies. We were forced to pay money and hire a private ambulance. देवास। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य सुविधा की गरीबों तक पहुँच होने के लाख दावे करें, लेकिन जमीन पर वह सच्चाई झूठी साबित हो रही है। ऐसा ही मामला देवास जिला अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस की बड़ी लापरवाही का सामने आया है। जहाँ मृतक के परिजन शव ले जाने के लिए घंटो एम्बुलेंस की रह ताकते रहे, लेकिन जिला अस्पताल परिसर में रखी 4 एम्बुलेंस में से एक भी नहीं आई। सूत्र बताते हैं की चारों ड्राइवर एक चाय की दुकान पर बैठकर यह सब अनजान बनकर देखते रहे और परिजन बिलखते रहे। जिले के बरोठा थाना इलाके के सिरोल्या गांव में एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गुरुवार को जिला अस्पताल में बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिजन को करीब दो घंटे तक शव वाहन नहीं मिला। हैरानी की बात ये है कि उस वक्त अस्पताल में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन फिर भी परिजन को कार से बुजुर्ग का शव घर ले जाना पड़ा। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य ने दुखी मन से दोषियों पर कार्रवाई करने और शव वाहन सेवा बंद करने की मांग प्रशासन और सरकार से की है।शव वाहन के लिए परेशान होते रहे परिजन जानकारी के अनुसार बरोठा निवासी बुजुर्ग प्रकाश मंडलोई ने बुधवार शाम खेत पर फांसी लगा ली थी। इसके बाद बरोठा पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा था। गुरुवार सुबह पीएम के बाद परिजन शव वाहन के लिए परेशान होते नजर आए। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में 4 शव वाहन है और उस समय शव वाहन खड़े भी थे, लेकिन ड्राइवर नहीं होने से मृतक के परिजन परेशान होते रहे। मृतक के भतीजे राकेश मंडलोई ने बताया हमने 108 पर सूचना दी, लेकिन दो घंटे तक कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट में आने की बात कहते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।मृतक के परिजन बोले- बंद कर दें ये व्यवस्था रोते हुए राकेश ने कहा कि मैं प्रदेश के मुखिया से निवेदन करता हूं कि गरीब लोगों को यह व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। एक घंटे से हम परेशान हैं। परिजन घर पर रो रहे हैं, लेकिन 108 एम्बुलेंस आने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि यह व्यवस्था बंद कर दी जाए। कलेक्टर से निवेदन है कि इन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उधर मामले में आरएमओ डॉ अजय पटेल ने बताया संबंधित कंपनी के को ऑर्डिनेटर को शोकांत नोटिस जारी किया गया है। recent visitors 123

छतरपुर जिला अस्पताल में कईं दिनों से एक्स-रे मशीन खराब: मरीज परेशान, बाहर कराना पड़ रहा टेस्ट

X-ray machine is not working in Chhatarpur district hospital since many days: Patients are troubled, they have to get their tests done outside छतरपुर । जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर महंगे दामों में एक्स-रे कराना पड़ रहा है। सबसे गंभीर मामला भालू के हमले में घायल 22 वर्षीय जागेश्वर का है, जिसे किशनगढ़ से रेफर किया गया था। जागेश्वर शनिवार शाम को भैंस चराने गया था, जहां भालू ने उस पर हमला कर दिया। भैंसों ने भालू को सींगों से मारकर भगाया, जिससे युवक की जान बच गई। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने एक्स-रे की सलाह दी, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से दो दिनों से परिजन परेशान हैं। इसी तरह अब्दुल मंजीत की पत्नी को घुटनों में हो रहे दर्द के लिए 300 रुपये खर्च कर बाहर से एक्स-रे कराना पड़ा। एक अन्य मरीज, जो स्टूल से गिर गई थीं, उन्हें भी 200 रुपये खर्च कर निजी सेंटर से एक्स-रे कराना पड़ा। जगदीश अहिरवार के छोटे भाई को भी दो दिनों से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. जी.एल. अहिरवार का कहना है कि मशीन के पार्ट्स आ गए हैं और जल्द ही मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, अस्पताल प्रशासन के खिलाफ खबर के प्रकाशन पर रोक लगाने और पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। recent visitors 252