मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदों हॉस्पिटल इंदौर में प्रसव-प्रतीक्षालय का किया शुभारंभ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अरविंदो यूनिवर्सिटी इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त "प्रसव-प्रतीक्षालय" का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं को क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मेडिकल टूरिज्म डेवलपमेंट करने की सोच विकसित हो रही है। प्रसव-प्रतीक्षालय की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसव-प्रतीक्षालय का नवाचार अभिनव पहल है। प्रसव-प्रतीक्षालय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसव-प्रतीक्षालय की यह नवाचारी पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिल का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन का चिकित्सा सेवा भाव अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने की डॉ. विनोद भंडारी की पहल का स्वागत करते हुए शासन की ओर से हर संभव सहयोग के लिये आश्वास्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को डॉ. भंडारी ने स्मृति-चिन्ह भेंट किया।  कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद भंडारी, प्रबंध निदेशक डॉ. महक भंडारी, वाइस चांसलर डॉ. ज्योति बिंदल, अधिष्ठाता श्रीमती जयकापड़िया सहित बड़ी संख्या में सेम्स अस्पताल के चिकित्सक, विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डॉ. भंडारी ने स्वागत सम्बोधन दिया। उन्होंने प्रसव-प्रतीक्षालय की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी।  डॉ. महक भंडारी ने संस्था के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. भंडारी ने बताया कि भंडारी समूह एवं अरविंदो विश्वविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राज्य शासन के साथ काम करेंगे। शासन के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत मॉडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं एवं संसाधनों से युक्त प्रसव-प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक से दो सप्ताह पूर्व से ही वर्तमान समय की श्रेष्ठतम सुविधाएं एवं सहूलियतें 'अरविंदो अस्पताल प्रोटोकाल' के तहत प्रदान की जाएंगी। डॉ. भंडारी ने बताया कि प्रसव-प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए एडमिट होगी, उसकी 24 घंटे सतत निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियाँ रखनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्हें 'एंटीनेटल एक्सरसाइज कराने के साथ एंटीनेटल डाइट' भी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को 'फिजियोथेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, बर्थिंग वाथ एक्सरसाइज, अरोमा थेरेपी आदि की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। 'फुली एयरकंडीशंड प्रसव-प्रतीक्षालय' में मरीज के साथ आए परिजन (अटेंडर्स) की सुविधाओं का भी प्रसव-प्रतीक्षालय में ख्याल रखा जाएगा।   recent visitors 142

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव की मतगणना जारी, ट्रम्प ने 19 राज्यों में हासिल की जीत, हैरिस 09 में विजयी

वाशिंगटन अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती हो रही है और धीरे-धीरे नतीजे भी आते जा रहे हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 28 राज्यों के नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी के पू्र्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 राज्यों में जीत हासिल की है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को 09 राज्यों में जीत मिली है। यहां अब तक आए नतीजों में कोई बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिला है। डेमोक्रेट्स के वफादार ब्लू स्टेट ने सुश्री हैरिस को जीत दिलाई है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के वफादार रेड स्टेट में श्री ट्रम्प जीत रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जब तक 07 स्विंग स्टेट (पेंसिल्वेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, नेवादा, एरिजोना और नॉर्थ कैरोलिना)का नतीजा नहीं आएगा, तब तक कोई पार्टी जीत का दावा नहीं कर सकती। स्विंग स्टेट वे राज्य हैं जहां दोनों पार्टियों के बीच वोट का मार्जिन काफी कम रहता हैं। वहीं, कुछ राज्यों में वोटिंग खत्म होने में अब भी समय है। अमेरिका के 50 राज्यों में 538 इलेक्टोरेल वोट्स यानी सीटों के लिए वोटिंग मंगलवार को भारतीय समय के मुताबिक शाम ०4 बजे शुरू हुई। आज सुबह करीब 9:30 तक सभी राज्यों में वोटिंग खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही हो रहे संसदीय चुनाव में भी श्री ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन को बढ़त मिली हुई है। राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हैरिस के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ है। अगर सुश्री जीतीं, तो अमेरिका में 230 साल के इतिहास में पहली बार कोई महिला राष्ट्रपति बनेगी। वहीं, अगर ट्रम्प जीतते हैं तो 04 साल बाद व्हाइट हाउस में वापसी करेंगे। सुश्री हैरिस फिलहाल अमेरिका की उप-राष्ट्रपति हैं, जबकि श्री ट्रम्प 2017 से 2021 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं। डोनाल्ड की बढ़त को शेयर बाजार का सलाम… शेयर बाजार (Share Market) में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद की तुलना में 295 अंक की तेजी के साथ 79771 के लेवल पर ओपन हुआ. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी जोरदार तेजी के साथ 24308.75 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के चलते ग्लोबल मार्केट में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है. ग्लोबल मार्केट में तेजी से उछला बाजार पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को धमाकेदार शुरुआत की. BSE Sensex मंगलवार के अपने बंद 79,476.63 के लेवल से 295 अंक चढ़कर 79,771.82 के लेवल पर ओपन हुआ. जबकि NSE Nifty 24,213.30 के स्तर की तुलना में बढ़त लेते हुए 24,308.75 के स्तर पर खुला. बाजार में इस तेजी का असर प्री-ओपनिंग सेशन में भी दिखाई दिया था. जब सुबह 9.15 बजे पर शेयर मार्केट ओपन हुआ, तो BSE लार्जकैप के 30 शेयरों में से 22 शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. वहीं 8 शेयर ऐसे रहे, जिनकी शुरुआत लाल निशान पर हुई.   ट्रंप को लीड मिलने से बाजार बमबम अमेरिका में होने वाली किसी भी हलचल का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है, फिर चाहे बात चुनावों की हो, या फिर US Fed के फैसलों की. ऐसे में इलेक्शन रिजल्टस भी बाजार को प्रभावित कर सकता है. ग्लोबल ब्रोकरेज पहले से ही ये अनुमान जता रहे थे कि अगर चुनावी नतीजों में डोनाल्ड ट्रंप को जीत मिलती है, तो भारतीय शेयर बाजार में रैली देखने को मिल सकती है. कुछ ऐसे ही संकेत चुनावी नतीजों के दौरान भी देखने को मिल रहे हैं. Donald Trump को मिली लीड के असर से शेयर बाजार ने भी जोरदार शुरुआत की है. गौरतलब है कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Emkey Global ने अमेरिकी चुनावों को लेकर जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि अगर इस इलेक्शन में ट्रंप जीतते हैं, तो फिर भारतीय बाजार में कुछ दिनों तक रैली देखने को मिल सकती है. इन शेयरों में तूफानी तेजी Share Market में तेजी के बीच HCL Tech Share (2.24%), Infy Share (2.03%), SunPharma Share (1.62%), Bajaj Finserv (1.28%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4.76%), RVNL Share (3.59%), IRCTC Share (3.44%) की उछाल के साथ ट्रेड करते नजर आए, तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल CCL Share (8.97%), Kaynes Share (6.14%) और NwtWeb Share (5.08%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. डोनाल्ड ट्रंप 214 सीटों पर आगे खबर लिखे जाने तक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के रुझान बेहद रोमांचक होते नजर आ रहे थे. US Election काउंटिंग के बीच राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस जहां 179 सीटों पंर आगे चल रही थी, तो वहीं डोनाल्ड ट्रंप 214 सीटों पर लीड बनाए हुए थे. मंगलवार को अचानक उछला था बाजार बीते कारोबारी दिन मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 78,542 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान 79,523.13 के लेवल तक उछला था. हालांकि, मार्केट क्लोज होने पर ये 694.39 अंक का तगड़ी बढ़त के साथ 79,476.63 के लेवल पर बंद हुआ था. इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 23,916.50 के लेवल पर खुलने के बाद अंत में 217.95 अंक की तेजी लेकर 24,213.30 के स्तर पर क्लोज हुआ था.   recent visitors 88

संयुक्त राज्य अमेरिका में विवाहपूर्व सेक्स, 40 % लड़की शादी से पहले ही प्रेग्नेंट!

न्यूयॉर्क अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देश । ऐसा देश जहां जाने का सपना हर किसी का होता है ।कहते हैं जो इस देश चला गया , उसकी तो समझो लाइफ बन गई । आपने अमेरिका के बारे में यूं तो बहुत कुछ सुना होगा , लेकिन ऐसी बहुत सी बातें हैं , जो आप नहीं जानते होंगे । यहां की कई बातें आपको काफी हैरान कर सकती है । ये देश कितना धनी है इसका अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि एप्पल , गगूल , माइक्रोसॉफ्ट जैसी दुनिया की बड़ी कंपनीज अमेरिकी कंपनीज हैं । यहां के 5 प्रतिशत लोगों के पास इतना ज्यादा पैसा है जितना दुनिया के 65 प्रतिशत लोगों के पास भी नहीं है । अमेरिका में जितने प्रतिशत लोग वोट देने नहीं जाते उससे कहीं ज्यादा लोग फेसबुक और वॉट्सएप यूज करते हैं । एक रिसर्च के अनुसार यहां की 40 प्रतिशत महिलाएं शादी से पहले बच्चे को जन्म देती हैं । यहां पर शादी को काफी कम महत्व दिया जाता है । – अमेरिका में मैरिड लोगों से ज्यादा उन लोगों की संख्या ज्यादा है जिन्होंने अब तक शादी नहीं की या फिर उनका तलाक हो गया है ।अमेरिका में हर एक घंटे में 100 से ज्यादा तलाक होते हैं ।अमेरिका में 30 प्रतिशत बिजनेस की मालिक महिला ही है । यहां बिजनेस में महिलाओं का वर्चस्व है । यहां तक की किसी बडे पर महिला का ही कब्जा होता है । – लगभग 7 प्रतिशत अमेरिकी ये दावा करते हैं कि वे अपनी जिन्दगी में आज तक नहीं नहाए हैं । स्वास्थ के मामले में अमेरिका को दुनिया में अव्वल माना जाता है , लेकिन इसके बाद भी यहां के 20 से 30 प्रतिशत लोगों की मौत मेडिकल ट्रीटमेंट की गलतियों से होती है और यहां अच्छे हेल्थ केयर के बावजूद यहां के लोगों की औसम आयु विकसित देशों से काफी कम है । सिक्योरिटी के मामले में अमेरिका को अच्छा माना जाता है लेकिन फिर भी दुनिया का आधा क्रेडिट कार्ड फ्रॉड अमेरिका में होता है । अमेरिकी महिलाओं में एक दशक पहले की तुलना में बच्चे पैदा करने की संभावना अधिक है 2024  में प्रसव उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंची अमेरिकी महिलाओं में से जिन्होनें कभी बच्चे को जन्म दिया है, उनकी हिस्सेदारी 10 साल पहले की तुलना में अधिक थी। यू.एस. जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के प्यू रिसर्च सेंटर के विश्लेषण के अनुसार, 40 से 44 वर्ष की आयु की लगभग 86% महिलाएँ माताएँ हैं, जबकि 2016  में यह 80% थी। 1  इस आयु वर्ग की महिलाओं में से जो माताएँ हैं, उनकी हिस्सेदारी 1990 के दशक की शुरुआत में जितनी थी, उतनी ही है। न केवल महिलाओं के माँ बनने की संभावना पहले से ज़्यादा है, बल्कि वे ज़्यादा बच्चे भी पैदा कर रही हैं। कुल मिलाकर, महिलाओं के जीवन में औसतन 2.07 बच्चे होते हैं – 2006 में 1.86 से बढ़कर, जो रिकॉर्ड पर सबसे कम संख्या है। और जो माताएँ हैं, उनके परिवार का आकार भी बढ़ गया है। 2016 में, अपने बच्चे पैदा करने की उम्र के अंत में माताओं ने लगभग 2.42 बच्चे पैदा किए, जबकि 2008 में यह संख्या 2.31 थी। मातृत्व और प्रजनन क्षमता में हाल ही में हुई वृद्धि इस धारणा के विपरीत प्रतीत हो सकती है कि अमेरिका मंदी के बाद "बेबी बस्ट" का अनुभव कर रहा है। हालांकि, प्रत्येक प्रवृत्ति एक अलग प्रकार के माप पर आधारित है। यहाँ विश्लेषण जीवन भर की प्रजनन क्षमता के संचयी माप पर आधारित है, एक महिला द्वारा अब तक जन्म दिए गए जन्मों की संख्या; इस बीच, अमेरिका में प्रजनन क्षमता में गिरावट की रिपोर्ट वार्षिक दरों पर आधारित है, जो एक समय में प्रजनन क्षमता को दर्शाती है। recent visitors 138

बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे 'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने 'बंटेंगे तो कटेंगे' के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ 'बंटेंगे तो कटेंगे' के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। 'युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए', यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा दिया था। recent visitors 77

माधोपुर :रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क से 25 बाघों के लापता होने की खबर आने के बाद हड़कंप मचा

 माधोपुर राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क से 25 बाघों के लापता होने की खबर आने के बाद हड़कंप मच गया है. राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक( chief wildlife warden) पवन उपाध्याय ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. पिछले दिनों  रणथंभौर में टाइगरों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद बाघों के खोजबीन के लिए कमेटी बनायी गई थी. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 टाइगर कैमरा ट्रैप या अन्य माध्यमों से पिछले एक साल से नहीं दिखाई दे रहे हैं. नेशनल पार्क में 14 बाघों के एक साल से ज्यादा समय से ज़िंदा होने के सबूत नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में 25 टाइगरों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है. इस बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए राजस्थान सरकार ने आदेश दिए हैं.  रणथंभौर में कुल 75 टाइगर हैं. जिसमें से 25 बाघों के लापता होने की खबर है. राजस्थान सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का फैसला किया है बाघों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. सवाल ये उठ रहें हैं कि आखिर कैसे एक तिहाई टाइगर एक साल में गायब हो गए. इसको लेकर राजस्थान सरकार का वन विभाग लगातार रणथंभौर के फ़िल्ड डायरेक्टर को पत्र लिख रहा था. लेकिन इस पर संतोषप्रद जवाब नहीं आने की वजह से राजस्थान सरकार ने कमेटी बनाने का फैसला किया है. लापता टाइगरों के बारे में पता करने के लिए चीफ़ वाइल्ड लाइफ़ APCCF राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गई है. जिसमें CCF जयपुर के टी मोहनराज और DCF भरतपुर मान सिंह को कमेटी का सदस्य बनाया गया है. कमेटी को दो महीने के अंदर रिपोर्ट देनी है. अगर जांच के दौरान जरूरत पड़ती है तो विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी.  इस बीच रणथंभौर में मरे हुए टाइगर टी-86 का पोस्टमार्टम हुआ जिसमें कहा गया है कि एक्सप्लोसिव और कुल्हाड़ी से टाइगर की हत्या की गई है.   recent visitors 142

बीजेपी को दिल्ली से मिली अच्छी खबर, एक सर्वे ने दिलाई उम्मीद, 43.4% वोट मिलने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल फरवरी में खत्म हा रहा है. ऐसे में जनवरी के अंत में विधानसभा चुनाव कराए जाने की उम्मीद है. इसी हफ्ते कोर ग्रुप के साथ चुनाव प्रबंध समिति और उम्मीदवार चयन समिति भी गठित हो सकती है. इससे पहले एक सर्वे दिखाता है कि बीजेपी का 28 साल का वनवास खत्म हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के हालिया अंदरूनी सर्वे के बाद 2013 के बाद पहली बार लग रहा है कि वो दिल्ली में सरकार बनाने की स्थिति में आ जाएगी. दरअसल, बीते दिनों पार्टी के अंदरूनी सर्वे में आगामी विधान सभा चुनाव में 43.4 फीसदी वोट मिलने की संभावना के बाद बीजेपी ने इसको 46 फीसदी तक ले जाने का टारगेट रखा है. ऐसे में महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव नतीजों के बाद दिल्ली पर फोकस बढ़ेगा. महाराष्ट्र, झारखंड के बाद दिल्ली का रुख करेंगे RSS वर्कर्स दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी का ध्यान इस वक्त महाराष्ट्र और झारखंड में भले हो लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति पर अमल अभी से शुरू हो गया है. लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में जिन वजहों से पीछे जाती है, उन पर अभी से ही पार्टी का फोकस है. इसके लिए आरएसएस के पदाधिकारियों ने हरियाणा की तर्ज पर पूरी ताकत लगा दी है और कार्यकर्ता हर बूथ पर 5 लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. टिकट की रेस में सबसे आगे 2 पूर्व सांसद पार्टी के लोग बताते हैं कि पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा और रमेश विधूड़ी को आम चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिल पाया, लिहाजा दोनो पूर्व सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया जा सकता है. दिल्ली नगर निगम से आधा दर्जन सीनियर पार्षद भी चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, बीते दिनों कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के साथ तीन बड़े नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था. तब से उन इलाकों के मौजूदा विधायक असहज हैं कि टिकट मिलेगा या नहीं. दिल्ली की इन सीटों पर NDA लड़ सकता है चुनाव पार्टी सूत्रों ने बताया कि जेडीयू और एलजेपी को संगम विहार, बुराड़ी, सीमापुरी सहित कुछ मुस्लिम बहुल सीटें दी जा सकती हैं. पार्टी ने सहयोगी दलों को तीन से पांच सीटें देने का मन बनाया है.   recent visitors 81

तेजस के इंतजार में भारत, चीन ने दुनिया के सामने पेश किया नया ‘अदृश्‍य’ फाइटर जेट J-35A, पाकिस्‍तान भी खरीद रहा

बीजिंग अमेरिका और भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच चीन की सेना पीपुल्‍स ल‍िबरेशन आर्मी एयर फोर्स ने देश के झुहाई एयरशो में अपने पांचवीं पीढ़ी के नए फाइटर जेट J-35A को दुनिया के सामने पेश किया है। इसे अमेरिका के एफ-35 का जवाब कहा जा रहा है। चीन की सेना का दावा है कि यह फाइटर जेट स्‍टील्‍थ तकनीक से लैस है और रेडॉर की पकड़ में नहीं आता है। इस तरह से चीनी विमान एक तरह से अदृध्‍य होगा और दुश्मन के इलाके में आसानी से हमला कर पाएगा। चीनी वायुसेना के कर्नल नियू वेंबू ने बताया कि जे-35ए एक मध्‍यम आकार का स्‍टील्‍थ लड़ाकू विमान है जो एक साथ कई तरह की भूमिका निभा सकता है। चीन के इस फाइटर जेट को पाकिस्‍तान की सेना भी खरीद चुकी है और जल्‍द ही उसकी आपूर्ति शुरू होने वाली है। पाकिस्‍तानी पायलट इसको उड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। एक तरफ चीन और पाकिस्‍तान की वायुसेना में स्‍टील्‍थ फाइटर जेट शामिल हो रहे हैं, वहीं भारतीय वायुसेना अब भी अपने स्‍वदेशी चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट तेजस के नए संस्‍करण के इंतजार में हैं। अमेरिका की कंपनी जीई तेजस फाइटर जेट के नए संस्‍करण के लिए इंजन नहीं दे रही है। उसने कहा है कि अब वह साल 2025 में इसकी सप्‍लाई कर पाएगी। एक तरफ जहां भारतीय वायुसेना तेजस के इंतजार में है, वहीं सबसे बड़ा दुश्‍मन चीन एक के बाद एक नए फाइटर जेट शामिल कर रहा है। यही नहीं चीन इसे पाकिस्‍तान को भी दे रहा है ज‍िससे खतरा काफी बढ़ता जा रहा है। यही नहीं तेजस स्‍टील्‍थ तकनीक से लैस नहीं है। अमेरिका के एफ-35 को चीन का है जवाब चीन में 12 से 17 नंवबर तक झुहाई एयर शो आयोजित होने जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए रूस का सुखोई- 57 फाइटर जेट भी पहुंचा है। चीनी सेना के अधिकारी ने इस फाइटर जेट की एक तस्‍वीर जारी की और ज्‍यादा जानकारी नहीं दी। उन्‍होंने यह भी नहीं बताया कि इसे वायुसेना में शामिल कर लिया गया है या नहीं। अमेरिका के बाद अब चीन दूसरा ऐसा देश बन गया है जिसकी वायुसेना में दो तरह के स्‍टील्‍थ फाइटर जेट शामिल हैं। चीन के पास पहले से ही जे-20 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट है। इस नए फाइटर जेट की चीन के सोशल मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का नया फाइटर जेट शेनयांग J-35A विमानवाहक पोत आधारित विमान FC-31 का ही एक वेरिएंट है। बताया जा रहा है कि यह नया चीनी विमान 8100 किलो का पेलोड ले जा सकता है। इसके अलावा यह विमान PL-10 शॉर्ट रेंज मिसाइल और PL-12 लंबी दूरी की मिसाइल से लैस है जो दुश्‍मन को निशाना बनाने में सक्षम हैं। रक्षा व‍िशेषज्ञों का कहना है कि चीन का जे-35 फाइटर जेट अमेरिका के एफ-35 का जवाब है। एफ-35 के विपरीत जे-35 फाइटर वर्टिकल, टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता से लैस नहीं है। भारत कर रहा तेजस फाइटर जेट का इंतजार पाकिस्‍तान और चीन की वायुसेना में इसका शामिल होना भारत के लिए बड़े खतरे की घंटी होगा। भारत के पास अभी एक भी पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट नहीं है। भारत को रूस ने अपने सुखोई 75 फाइटर जेट और सुखोई 57 फाइटर जेट का ऑफर दिया है। वहीं अमेरिका भारत को अपना एफ-35 फाइटर जेट बेचना चाहता है। भारत ने अभी तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है। वहीं फ्रांस ने भारत को सुपर राफेल का भी ऑफर भारत को दिया है जो काफी शक्तिशाली है। recent visitors 77