थाना अयोध्यानगर पुलिस की गिरफ्त मे हत्या के तीनो आरोपी

All three accused of murder are in the custody of Ayodhyanagar police station. • चंद घंटों में पुलिस ने गला रेत कर हत्या करने वाले 02 आरोपी को भोपाल से तथा तीसरे आरोपी को ग्यारसपुर विदिशा से पकडा• फरार तीसरे आरोपी को ग्यारसपुर पुलिस के साथ भोपाल पुलिस ने मिलकर किया राउंड अप• आऱोपियो से हत्या में प्रयुक्त हथियार एवं आलजरर जप्त• तीनो आरोपी है राहतगड सागर के रहने वाले शराब के नशे में कर रहे थे रात्रि में शोर सराबा, विरोध करने पर कर डाली हत्या भोपाल ! रात्रि के समय हुये सनसनीखेज हत्या के आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने तथा उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्र, अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी व्दारा तत्काल संज्ञान मे लेते हुये निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य मे पुलिस आयुक्त जोन-02 भोपाल श्री संजय अग्रवाल तथा अति. पुलिस उपायुक्त जोन-02 महावीर सिंह मुजाल्दे के पर्यवेक्षण में तथा एवं सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद संभाग रजनीश कश्यप के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा जघन्य हत्या के तीनो आरोपियों को विभिन्न स्थानो से पकडकर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है । घटना का विवरण- दिनांक 09/12/2024 की रात्रि फरियादी शिवकांत कुशवाहा पिता नत्थू सिंह कुशवाहा उम्र 34 साल निवासी ग्राम बेगमगंज तहसील वेगमगंज जिला रायसेन हाल पता 84 एकड झुग्गी अयोध्या एक्सटेंशन अयोध्यानगर भोपाल ने रिपोर्ट किया कि दिनांक 09/12/2024 की रात्रि 01.30 बजे मेरे घर(झुग्गी) के सामने खाली झुग्गी में प्रहलाद कुशवाहा , राजू कुशवाहा, तथा प्रदीप कुशवाहा तीनो शराब पी रहे थे तथा तथा खाने के लिये कुछ बना रहे थे और जोर जोर से बातचीत कर गाली गुफ्तार कर रहे थे जिन्हे समझाने के लिये मै तथा मन्नू उर्फ मनोज चौरे एवं मन्नू की बहन सुमन तथा मेरी प्तनी ज्योति गये हम लोगों ने कहा की इतनी तेज आवाज में बात मत करो डिस्टर्व हो रहा है तथा मन्नू उर्फ मनोज ने भी गाली गुफ्तार करने से मना किया इसी बात को लेकर तीनों वोले की हमे जानते नही हो चुप चाप चले जाओ नही तो अभी के अभी निपटा देगें और राजू कुशवाहा , प्रदीप कुशवाहा ने मन्नू उर्फ मनोज को पकड लिया तथा प्रहलाद कुशवाहा ने पास रखी छुरी से मन्नू उर्फ मनोज के गले पर मारा जिससे मन्नू का गला कट गया और खून निकलने लगा और तीनो छुरी लेकर भाग गये छीना झपटी में प्रदीप कुशवाहा के हाथ में भी चोट लगी है । मन्नू उर्फ मनोज चौरे को इलाज हेतु हमीदिया अस्पताल लेकर गये जहां डाक्टर द्वारा चैक करने पर मृत घोषित कर दिया उक्त रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक- 491/24 धारा 103(1),3(5) भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । कार्यवाही – घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त नगरीय पुलिस जोन- 02 संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं निर्दशन में अति. पुलिस उपायुक्त जोन-2 महावीर सिंह मुजाल्दे अति. पुलिस उपायुक्त जोन-4 मलकीत सिंह, एसीपी क्राइम मुख्तार कुरेशी, व सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद रजनीश कश्यप थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में उनि आनंद सिहं परिहार थाना पिपलानी, उनि. विजय सिंह , उनि. सुदील देशमुख , सउनि. मनोज कछवाह, सउनि. सचिन बेडरे , प्रआर. 2928 धर्मेन्द्र गुर्जर , आर. 2115 मनोज जाट , आर. अमरीश तिवारी , आर. 62 आदित्य यादव , आर. मनमोहन मेहरा , आर. 4063 पुष्पेन्द्र सिंह, आर राघवेन्द्र पटेल, आर राहूल जाट की अलग अलग टीम के रुप में आरोपियों की तलाश में पृथक पृथक रवाना किया गया था । जरिये मुखविर की सूचना पर एक टीम जिला रायसेन , विदिशा रवाना किया गया था व एक टीम को भोपाल में हथाई खेडा डैम के आसपास आरोपियों की सूचना होने पर उनकी तलाश पतारसी हेतु रवाना किया गया । टीम द्वारा अपराध के दो आरोपी 01. प्रदीप कुशवाहा पिता गजराज कुशवाहा निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर म.प्र. हाल पता 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल व 02. राजू कुशवाहा पिता लक्ष्मण कुशवाहा उम्र 27 साल निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर हाल पता झुग्गी 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल को हथाई खेडा डैम के पास से पकडा गया परंतु तीसरा आरोपी प्रहलाद कुशवाह फरार हो गया था जिसे टीम द्वारा तत्परतापूर्वक व त्वरित कार्यवाही करते हुये तकनीकि व गैर तकनीकी सुरागो के माध्यम से फरार आरोपी प्रहलाद कुशवाहा पिता लक्ष्मण कुशवाहा उम्र 19 साल निवासी ग्राम डावरी पोस्ट चंद्रापुर थाना राहतगढ जिला सागर हाल पता झुग्गी 84 एकड अयोध्या एक्सटेंशन भोपाल को ग्यारसपुर जिला विदिशा के पास से पकडा गया जिसमें ग्यारसपुर पुलिस द्वारा भी अहम भूमिका निभाई गई। थाना पर आरोपीगणों से हिकमत अमली से पूछताछ पर मृतक मनोज चौरे द्वारा चिल्ला चोट के विरोध करने पर गुस्से में आकर मन्नू उर्फ मनोज चौरे की हत्या करना स्वीकार किया । आरोपियों से घटना में प्रयुक्त छुरी एवं अन्य सामग्री जप्त की गई। आरोपी – टीम- निरीक्षक महेश लिल्हारे, उनि. विजय सिंह , उनि. सुदील देशमुख , उनि आनंद सिंह परिहार (थाना पिपलानी), सउनि. मनोज कछवाह, सउनि. सचिन बेडरे, सउनि. संजय बरखने , प्रआर. 2928 धर्मेन्द्र गुर्जर , प्रआर. 1177 अमित व्यास, आर. 2115 मनोज जाट , आर. 3424 अमरीश तिवारी , आर. 62 आदित्य यादव , आर. 4361 राहुल जाट ,आर. 4548 मनमोहन मेहरा , आर. 4063 पुष्पेन्द्र सिंह, म.आर. 272 रीना कटारिया , म.आर. 502 अपर्णा कटारे , प्र.आर 1336 मोहनलाल (तकनीकि सेल जोन-3), आर 684 राघवेन्द्र पटेल, आर. 1055 प्रदीप दामले , आर. दीपक (तकनीकि सेल जोन-2), प्रआर. 225 लाखन (थाना ग्यारसपुर विदिशा) , प्रआर. 370 भूपेन्द्र बेरमा (थाना ग्यारसपुर विदिशा) , डायल 100 चालक धर्मेन्द्र (थाना ग्यारसपुर विदिशा) की सराहनीय भूमिका रही । recent visitors 124

कमलनाथ ने मोहन सरकार को घेरा, कहा प्रदेश में निवेश तो दूर की बात, केन्द्रीय योजनाओं की राशि……..?

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं। recent visitors 167

‘भाषण दिया, माला पहनी, अब रिजाइन करो’, वरना… हिम्मत रखकर निर्मला सप्रे से इस्तीफा ले BJP, जीतू पटवारी

‘Given speech, wore garland, resign now’, otherwise… BJP should take courage from Nirmala Sapre and resign, Jitu Patwari भोपाल । कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाईकोर्ट ने विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की याचिका पर उन्हें नोटिस जारी किया है। कोर्ट के इस कदम के बाद जीतू पटवारी ने सप्रे पर तीखा हमला बोला। जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक निर्मला सप्रे से कोर्ट ने जवाब मांगा है। वह अपना जवाब पेश करें, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में मंच पर जाकर दिए भाषण पर निर्मला सप्रे अपना स्पष्ट जवाब दें, और इस्तीफा दें। अगर वह रिजाइन नहीं करेंगी तो दल-बदल कानून के अंतर्गत हम कोर्ट के माध्यम से इस्तीफा लेंगे और चुनाव करवा कर चुनाव जीतेंगे। दरअसल, विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी निरस्त करने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने विधायक को नोटिस जारी किया था। अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है। बता दें कि निर्मला सप्रे बीते दिनों भाजपा के कार्यक्रम में भी शामिल हुई थी। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा में अपने साथ बैठाने से इंकार कर दिया था। निर्मला सप्रे की सदस्यता निरस्त करने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस की याचिका पर कोई फैसला नहीं दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके पहले कांग्रेस ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत निर्मला सप्रे पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अनुसूची 10 के तहत अगर कोई विधायक दल बदलता है तो उसकी सदस्यता निरस्त होती है। निर्मला सप्रे पर भी इसी के तहत कार्रवाई हो। recent visitors 116

स्कूल शिक्षा विभाग की नई कवायद 2025-26 सत्र : स्टूडेंट को पढ़ाया जाएगा यातायात के नियमों का पाठ, शिक्षा मंत्री

भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे हैं सड़क दुर्घटना के मामलों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई कवायद शुरू की है। जिसमें अब स्कूली छात्रों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इस कवायद को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बड़े होने पर कोई चीज़ सीखने से अच्छा है, बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब स्कूली विद्यार्थियों को यातायात का पाठ पढ़ाएगी। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र 2025-26 से होगी। स्कूल शिक्षा विभाग की इस कवायद से बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में सही से जानकारी मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि, बड़े होने पर कोई चीज सीखने से अच्छा है बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। बाल मन के समय से ही अगर कोई बात सिखाई जाए तो बेहतर रूप से वह समझ आती है। उन्होंने कब कि, यातायात के नियमों का पालन कैसे होता है और कैसे नियमों का उल्लंघन होता है,इन सभी बातों को बच्चों को सिखाना एक अच्छी बात है। नई शिक्षा नीति भी यही कहती है कि संस्कृति बाल मन में ही बच्चों को कुछ सिखाया जाए, तो वह बिना किसी दबाव के इन सब चीजों को सीख जाते हैं। recent visitors 267

विवाह सम्मेलन में पैसे वाले भी कराएं बेटे -बेटी की शादी : चेयरमैन जयनारायण चौकसे

भोपाल। वरिष्ठ नागरिक मंच कलार समाज मप्र व एलएनसीटी ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार दिनांक 10 दिसंबर 2024 को कलचुरि समाज का निशुल्क: विवाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। अंतिम तैयारियो को लेकर आज रविवार को एलएनसीटी सभागार में बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी आयोजन समितियों के प्रभारियों को उनके कार्यों और दायित्वों को सौंपा गया। बैठक में अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एलएनसीटी ग्रुप के चेयरमैन जयनारायण चौकसे ने कहा कि सामुहिक विवाह सम्मेलन में पूरा समाज आपके सामने होता है कलचुरि समाज में सभी की सहभागिता से ऐसे विवाह सम्मेलन होना चाहिए जिसे देखने के लिए देश विदेश भी लोग आये। सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर-वधु का विवाह होने से समय की बर्बादी, दहेज एवं शादी पर होने वाले फिजूलखर्ची जैसी कुरितियों से भी समाज को धीरे-धीरे मुक्ति मिल रही है। श्री चौकसे ने कहा कि अब जरूरत है समाज का बड़ा वर्ग भी इसमें सम्मिलित हो ताकि कोई भी जरूरतमंद और कमजोर परिवार अपनी नजरों में हीन होने का पात्र ना महसूस करें। साथ ही आने वाले समय में संपन्न व समृद्ध परिवार के लोग भी अपने डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमेन बेटे-बेटियों का विवाह भी सम्मेलन से कराने पर फ्रक महसूस करें। मंच की संरक्षक श्रीमती पूनम चौकसे ने कहा कि मंच के माध्यम से कई ऐसे गरीब परिवारों की बेटियों को संबल प्रदान हो रहा है जिनके माता-पिता शादी-ब्याह का खर्च उठाने में असमर्थ हैं कलचुरि समाज पूरी शानो शौकत के साथ सम्मेलन में शादी करने का प्रयास करता है। कई ऐसी बेटियां हैं जिनके पास गृहस्थी का सामान खरीदने तक की व्यवस्था नही है लेकिन समाज के लोगो की सहभागिता से वर-वधु को शादी का पूरा जोडा (सूट पगडी, लहंगा, साडी, मैकअप का सामान इत्यादि), सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल- बिछुडी, पलंग, रजाई-गद्दे, स्टील अलमारी, फ्रीज, एलईडी टीवी, सिलाई मशीन, कूलर, मिक्सी, कुकर, घडी, ओवन, इलेक्ट्रिक प्रेस, स्टील की पानी की टंकी, परात, किचन के बर्तन सहित गृहस्थी का आवश्यक सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक मंच की अध्यक्ष कल्पना आईडी राय ने बताया कि विवाह सम्मेलन के पीछे मंच की मुख्य संरक्षक श्रीमती पूनम जयनारायण चौकसे सबसे बड़ी प्रेरणा हैं, और इस कार्यक्रम में उनका विशेष सहयोग प्राप्त रहता है। जिसकी वजह से हम बहुत भव्य और सुव्यवस्थित कार्यक्रम कर पाते हैं। दो वर्ष पूर्व जब हम अपने सीमित संसाधनों के चलते हम सम्मेलन करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे तब श्रीमती चौकसे ने भरोसा दिया कि आप संसाधनों की चिंता मत करें, आगे बढ़े…हम हैं न। तब जाकर हमने सामुहिक विवाह कराने का निर्णय लिया और अब हम 10 दिसंबर को तीसरा निशुल्क विवाह सम्मेलन कराने जा रहे है। इसे सफल बनाने के लिए अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा, श्री सहस्त्रबाहु कलचुरि महासभा, कलचुरि सेना, युवा हैहय क्षत्रिय कलचुरि कलार समाज, कलचुरि मित्र मंडल व समाजिक बंधु सहयोग प्रदान कर रहे है। बारात प्रभारी कौशल राय ने बताया कि सम्मेलन में आकर्षण का केन्द्र 11 दुल्हों की सामुहिक बारात होगी जिसमें दुल्हे घोडे पर सवार होंगे तो आयोजक डीजे, ढोल की ताल पर डांस करते हुए नजर आयेंगे। बारात का जगह-जगह फूलों से स्वागत होगा तो मन लुभावनी आतिशबाजी से नजारा आकर्षित होगा। तत्पश्चात मंगलगीतों के साथ दुल्हे विवाह स्थल पर पहुंचेंगे जहां सुसज्जित स्टेज पर 11 दुल्हे अपनी दुल्हनों को वरमाला पहनाकर अपना जीवनसाथी बनायेंगे। मंत्री विश्वास सारंग, खेल एवं युवक कल्याण विभाग, कृष्णा गौर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), दिलीप जायसवाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्रालय, पूर्व प्रोटेम स्पीकर व हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, विधायक सुदेश राय, वर-वधु के जोडो को मंच पर आशीर्वाद देंगे। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के रहने वाले अमन चौकसे को डीफ क्रिकेट टीम का कप्तान बनने पर आयोजकों द्वारा उन्हें शाल-श्रीफल से सम्मानित किया। सामुहिक विवाह सम्मेलन में “दहेज प्रथा बंद करो”, “मृत्युभोज बंद हो” जैसी कुरितियों को बंद करने और “पर्यावरण को संरक्षण और संबर्धन हेतु पौधारोपण करो बारंबार”, “भोजन करो छक कर, थाली में न छोडों कण भर”, “मितव्यायी बनो सामुहिक विवाह सम्मेलन को अपनाओं”, “बेटियां होंगी शिक्षित तभी समाज बनेगा सशक्त”, का संदेश कलचुरि समाज देगा। मंच से दहेज प्रथा जैसी कुरीति बंद हो ऐसी शपथ भी युवाओं को दिलाई जाएगी। आयोजन समिति की महिलाएं गोल्डन साडी और पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा जैकेट (मनपसंद रंग) की वेशभूषा में शामिल होंगे ताकि आयोजको का परिधान मेहमानों से भिन्न नजर आएं और सम्मेलन में एकरुपता प्रदर्शित हो। प्रचार-प्रसार समिति के राजेश राय ने बताया कि बैठक में जयनारायण चौकसे, श्रीमती पूनम चौकसे, श्रीमती कल्पना राय, आईडी राय, डीपी गुप्ता, सतीश आर्य, प्रकाश मालवीय, सुशीला चौकसे, रामकृष्ण चौकसे, उर्मिला आर्य, कमलेश राय, दीपक राय, जीसी जायसवाल, मिनी शिवहरे, जागृति आलोक मालवीय, पद्मश्री बनवारी लाल राय, हरिराम राय, कौशल राय, राजाराम शिवहरे, राजेश राय, संगीता चौरागढे, प्रदीप राय, माया चौरिवार सहित बडी संख्या में कलचुरि कलार समाज के लोग शामिल हुए। recent visitors 90

गोपाल और भूपेन्द्र ने एक दूसरे पर कटाक्ष को मन गलती, सुधार के साथ बदलाव का मास्टर प्लान हुआ तैयार

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड जीत के प्रमुख चेहरों को किनारे करके पीछे की कतार को आगे ले जाकर के दुष्परिणाम मंत्रीमंडल विस्तार के बाद दिखाई देना शुरू हो गए । इन बदलावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अनुभव और ग़ैरनुभव की चूक इस एक वर्ष के दौरान कई बार निकलकर सामने आ चुकी है। सागर ! राजनीति में खेमेबाजी न हो यह संभव नही । बात मध्यप्रदेश की करें तो शिवराज सिंह के मुखिया रहते इसका असर कभी खुलकर सामने नही आने पाया। अब जो हालात बने हैं वो स्प्ष्ट तौर पर प्रदेश में बीजेपी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। शिवराज सरकार में खेमेबाजी देखने को मिली पर उसका प्रभाव इतना नही हो पाया जिससे पार्टी को उसका नुकसान उठाना पड़ा हो। 2023 मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत से सबके सामने यह सिद्ध हो चुका है। बुंदेलखंड में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है। इसमें लड़की पक्ष्य की शर्त में दूल्हे के साथ बुजुर्गों को आने की मनाही रहती है। जिसके उद्देश्य मे शादी रश्म के दौरान कठिन प्रश्नों को पूँछकर दूल्हा पक्ष्य को निरुत्तर करना होता है। इसके तोड़ के लिए वो होशियारी करके बारात में एक बुजुर्ग को साथ ले जाते हैं। जब वधु पक्ष्य सवाल करना शुरू करता है। बाराती गुप-चुप उस बुजुर्ग से सवालों के जबाब पूंछने लगते हैं। सही जबाब मिलने पर वधु पक्ष्य बगैर तजुर्बेकार के इनका जबाब देना कठिन है समझ जाता है। खोज करने पर बारात में बुजुर्ग के साथ आने की सच्चाई सामने आ जाती है। मोहन सरकार चलाने में दिख रही कमियों मे अनुभव की कमी बताने के लिए यह कहावत सटीक बैठ रही है। कहते हैं सही ज्ञान वहीं है जो जमीन से सीखकर मिला हो। किताबी ज्ञान का इससे कोई मुकाबला नही हो सकता। मध्यप्रदेश में नये को आगे लाकर सरकार चलाने के फार्मूले में हो रही निरंतर ख़ामियों में अनुभव और कुशल राजनेता को दरकिनार कर लिए निर्णय को उसका परिणाम माना जा रहा है। बात सागर जिले की राजनीति की करें तो आपको पूर्व मंत्री वर्तमान रहली विधायक पंडित गोपाल भार्गव और पूर्व गृहमंत्री वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह की कमी दिख रही है। पार्टी के अंदर पनपी खेमेबाजी और प्रशासनिक लचरता से स्प्ष्ट है कि मोहन सरकार शिव के राज के करीब तक से होकर भी नही चल पा रही है। पार्टी के सीनियर विधायक की यह नाराजगी एक प्रकार से बीजेपी की भलाई होना माना जा सकता है। इन्होंने भारतीय जनता पार्टी में 1985 से सक्रिय राजनीति, उस दौरान के संघर्ष और अवसरवादी राजनीति से दूर रहकर आखिरी समय तक पार्टी से जुड़े रहने का कई बार संकल्प दोहराया है। आज जो हालात हैं उस पर चिंता जताना जिसमे मध्यप्रदेश में मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर एक- एक नाम दिल्ली से फ़ाइनल हुआ मानकर चलें तो बेशक यह निर्णय गलत साबित हुआ है। आलाकमान को लीडरशिप में उन विशेष के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए जिनमे सबको साथ लेकर चलने की क्षमता दिखाई देती है। जहाँ वो दूसरों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा करना खुद का कर्तव्य मानकर वैसे निर्णय लेते हैं। राजनीति सिद्धान्त के अन्तर्गत इसमें भिन्न- भिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता हैं। शिवराज और उनके मंत्रिमंडल में विभेदों को दूर करने के तरीके होते थे। वो क्रांति की भी वकालत करना जानते थे। राजनीतिक सिद्धांत में, स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र, और धर्मनिरपेक्षता जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट किया जाता है। साथ ही राजनीतिक सिद्धांत, विचारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अवधारणाओं का विश्लेषण किया जाता है। खुद को ताकतवर बनाने के लिए गुटबाजी एक विकल्प हो सकता है। मोहन मंत्रीमंडल में अनुभव की कमी को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है। मुखिया के ताकतवर बनने में जो कमियां पनपी हैं वो विपक्षियों को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी आलाकमान मध्यप्रदेश और राजस्थान में किए इन प्रयोग के दुष्प्रभाव का बारीकी से अध्ययन कर रही है। जो सीनियर और अनुभवी को अभी कमजोर समझकर चल रहे हैं आने वाले कुछ समय बाद उनके सामने आलाकमान द्वारा चौकाने वाला निर्णय देखने को मिल सकता है। recent visitors 114

दुष्कर्म मामले में बीजेपी नेता पर FIR: जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, कहा- 5 से 10 भाजपा नेता लग गए होंगे उसे बचाने में…

भोपाल। मध्य प्रदेश के विदिशा में भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी पर रेप का मामला दर्ज होने पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। राजधानी भोपाल में प्रेस कांफ्रेंस कर पटवारी ने कहा कि बीजेपी नेता का अपनी ही भतीजी के साथ बलात्कार करने का मामला आज सुर्खियां बनी हुई है। ये अराजकता और अद्भुत सरकार का फेलियर है। पटवारी ने कहा कि सरकार का आज तक कोई प्रयास इन घटनाओं को रोकने के लिए नहीं हुआ।10 दिन पहले एक शिक्षिका के साथ बालाघाट में बीजेपी के नेता ने दुष्कर्म किया, अक्टूबर में इंदौर के महू में सेना के जवानों के साथ जो महिलाएं थी, उनके साथ जो बीजेपी के नेताओं ने किया बहुत ही चर्चित मामला था। दतिया में भी भाजपा नेता ने कुछ लोगों के साथ मिलकर दो महिलाओं के साथ बलात्कार किया, तब नरोत्तम मिश्रा के मुंह में दही जम गया था। जबलपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर 28 साल की युवती के साथ बीजेपी के नेता शशिकांत सोनी ने बलात्कार किया। पीसीसी चीफ ने कहा कि आखिर ऐसी सैकड़ों घटनाओं में बीजेपी के नेता ही सामने क्यों आते हैं यह सवाल तो है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में हजारों मामले दब जाते हैं। भोपाल विदिशा समेत पूरे प्रदेश के जिलों में 17 मिनट में एक बलात्कार हो रहे हैं, जनता सरकार का चाल चरित्र चेहरा पहचानें। भाजपा नेताओं पर इस तरीके के मामले सामने आते हैं, तो उन्हें बचाया जाता है ना की कार्रवाई की जाती है। जीतू पटवारी ने कहा कि अभी जो सोलंकी पर रेप का मामला दर्ज हुआ, उसमें 5 से 10 बीजेपी नेता लग गए होंगे उसे बचाने के लिए। recent visitors 118