हाथियों के बाद इंसानों को मुसीबत बढ़ा रहा है कोदो कुटकी खाने से लोग बीमार

After elephants, people are facing problems, people are falling ill after eating Kodo Kutki. सतना। मध्य प्रदेश में एक ओर जहां कोदो खाने से 10 हाथियों की मौत हो गई, वहीं अब कोदो की रोटी खाने से एक परिवार की जान पर बन आई है। मामला सतना से सामने आया है। जहां पति-पत्नी और बेटी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। दरअसल, सतना जिले के रैगांव चौकी क्षेत्र अंतर्गत डिलौरी गांव में पति दयाराम कुशवाहा, पत्नी शंखी कुशवाहा और 18 वर्षीय बेटी सरोज कुशवाहा की तबियत कोदो की रोटी खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। दयाराम के भतीजे ने बताया कि, आज तीनों ने घर में कोदो की रोटी खाई है। तब ही से इन्हें उल्टियां हो रही और अब बेहोशी की हालत में सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बतादें कि, अभी हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के पीछे भी हाथियों द्वारा कोदो की फसल खाने की बात बताई गई थी। वहीं अब इस घटना पर कोदो अनाज को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामला जांच का विषय बन गया है। देखना होगा कि अब जिला प्रशान इस मामले को लेकर कितना संजीदा नजर आता है। हालाकि इस घटना को लेकर अबतक जिला प्रशान ने कोई सुध नहीं ली है। इतना ही नहीं गंभीर बीमार मरीज जैसे तैसे ऑटो से सतना जिला अस्पताल पहुंचे तो, न तो उन्हें स्ट्रेचर नसीब हुआ और न ही बेड। एक बेड पर मां बेटी तो जमीन में अर्ध नग्न हालत में पिता तड़पता नजर आया। हालांकि कुछ देर बाद दयाराम को बिस्तर नसीब हुआ। इस घटना ने गंभीर मरीजों को मिलने वाली बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी सिस्टम की भी पोल खोल कर रख दी है। recent visitors 144

शादी कैंसिल होने पर मैरिज गार्डन संचालक लौटाएंगे पूरी राशि : ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ कह कर पैसे नहीं रख सकते; कंज्यूमर आयोग का फैसला

Marriage garden operators will return the entire amount if the wedding is cancelled: They cannot keep the money saying ‘we will adjust it later’; Consumer Commission’s decision भोपाल। अगर आप शादी हॉल या मैरिज गार्डन बुक करते हैं और किसी कारणवश कार्यक्रम कैंसिल हो जाए, तो मैरिज गार्डन या शादी हॉल संचालक को बुकिंग कैंसिल होने के तुरंत बाद रकम लौटानी होगी। संचालक एडवांस राशि वापस करने से यह कहकर इनकार नहीं कर सकते कि ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ या ‘जब कार्यक्रम होगा, तब एडजस्ट कर लेंगे’। दरअसल, भोपाल कंज्यूमर आयोग की बेंच-1 ने ऐसा ही एक फैसला सुनाया हैं। आयोग ने कहा कि विपक्षी द्वारा बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी के तहत आता है। यह फैसला अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल ने सुनाया। कोलार के वैभव मैरिज गार्डन के खिलाफ सुनाया फैसला शिवाजी नगर निवासी राजरूप पटेल ने अपनी बेटी की शादी के लिए नवंबर 2022 में कार्यक्रम रखा था। इसके लिए उन्होंने जून 2022 में 21 हजार रुपये में कोलार स्थित वैभव मैरिज गार्डन बुक किया। बाद में विवाह कैंसिल हो गया, और उन्होंने जुलाई 2022 में बुकिंग निरस्त कर दी। उन्होंने बार-बार गार्डन प्रबंधन से जमा राशि वापस करने की गुजारिश की। गार्डन प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में होने वाले विवाह के समय राशि एडजस्ट कर दी जाएगी। इसके बावजूद लगभग दो वर्ष बीत गए, और विवाह गार्डन में आयोजित नहीं हुआ। इसके बाद भी गार्डन प्रबंधन ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ नोटिस जारी होने के बाद भी गार्डन प्रबंधन की ओर से कोई भी आयोग में उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया उपभोक्ता ने 21 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। मामले में विपक्षी ने बुकिंग राशि वापस करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। नोटिस के बावजूद विपक्षी ने न तो आयोग में उपस्थिति दर्ज कराई और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। आयोग ने कहा कि बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी का प्रमाण है। अब देना होगी ब्याज सहित राशि आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी, आदेश की प्रति प्राप्ति दिनांक से 2 माह के भीतर परिवादी को 21,000 रुपये की राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। साथ ही, मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये और परिवाद व्यय के लिए 3,000 रुपये भी अदा किए जाएं। यदि राशि तय समय पर अदा नहीं की जाती, तो परिवाद प्रस्तुति दिनांक से अदायगी दिनांक तक 9% वार्षिक ब्याज देय होगा। recent visitors 178

विश्वविद्यालयों का भगवाकरण : नियम दरकिनार कर सरकार ने भाजपा और संघ के लोगों को बनाया कुलपति

Saffronization of universities: Ignoring the rules, the government made people from BJP and Sangh as vice chancellors. भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय संगठन छात्र (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने मध्यप्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं की नियुक्तियों में गंभीर अनियमितता और धांधली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों को उपकृत करने के लिए तमाम सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपित के तौर पर नियुक्त किया जा रहा है। सरकार के शिक्षा का भगवाकरण करने का सीधा असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ा है। शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिकरण से योग्यता बोनी भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौकसे ने कहा कि हाल में मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने राज्य के 53 निजी विश्वविद्यालयों में से 32 विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं की नियुक्तियों को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के विपरीत इन नियुक्तियों के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उच्च शिक्षा में मानकों और योग्यताओं की अवहेलना की जा रही है। मध्यप्रदेश के नए शासकीय विश्वविद्यालय रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर के पद पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विनोद मिश्रा को नियुक्त किया गया है। शिक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण करने और इस तरह की नियुक्तियों के कारण राष्ट्रीय संस्थागत रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में मध्यप्रदेश का केवल एक शासकीय विश्वविद्यालय स्थान पा सका है। बाकी सभी शासकीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग अत्यंत निम्न स्तर की है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होता है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रो. राजेश कुमार वर्मा की नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। कुलपति बनने पीएचडी होने के 10 साल का अनुभव जरुरी प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने पीएचडी की उपाधि 25 नवंबर 2008 को प्राप्त की थी, जबकि 19 जनवरी 2009 को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्राध्यापक पद के लिए विज्ञापन जारी किया। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता में पीएचडी उपाधि के बाद 10 सालों का अध्यापन अनुभव अनिवार्य था, जो वर्मा के पास नहीं था। उनकी नियुक्ति भी सीधे प्राध्यापक के पद पर की गई है। चौकसे ने कहा कि मध्यप्रदेश के समस्त शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों की जांच की जाए। नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए जाने पर प्रो. वर्मा सहित अन्य को पद से हटाया जाए और शिक्षा में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। recent visitors 157

भोपाल का न्यू हकीम होटल: किचन में बहते सीवेज के पास बन रहा खाना

Bhopal’s New Hakeem Hotel: Food being cooked near flowing sewage in the kitchen भोपाल। बोर्ड ऑफिस चैराहा स्थित न्यू हकीम होटल में अगर आप नाॅनवेज खाना खाने जाते हैं, तो सावधान हो जाइऐ। यहां नाॅनवेज खाना खुले में बह रहे सीवेज के पास तैयार हो रहा है। वहीं किचन के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। होटल के पीछे बनी किचन की जांच पडताल की गई तो खुले में सीवेज बहता मिला। वहीं होटल संचालक बेफिक्र है, क्योंकि इसके संचालक भोपाल जिला भाजपा कार्यकारिणी में बडे पद पर है। सूत्रों के अनुसार संचालक भाजपा जिला उपाध्यक्ष है, ऐसी होटल संचालक बताता है और कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इसलिए प्रषासन भी दबाववष कार्यवाही करने की बजाय वह धीरे से अपनी जेब गरम करने में भलाई समझते हैं। इसके पहले भी इस होटल के साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। यहां खाना गंदगी के बीच तैयार किया जा रहा है जो ग्राहकों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। नाॅनवेज किसका है यह नहीं बताया जाता होटल में जो मांस या मछली लोगों को परोसी जाती है, वह कितने दिन की रखी है। साथ ही लोगों को खिलाये जाने वाले मांस या मछली की क्या क्वालिटी है? इस मांस या मछली की क्वालिटी को किस डाॅक्टर ने खाने योग्य अपनी सहमति दी, यह किसी को नहीं बताया जाता है? कुछ लोगों ने बताया कि नानवेज की क्वालिटी बेकार है। किचन में स्वच्छता का अभाव होटल में देखा गया कि किचन में न तो सफाई की कोई व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन किया जा रहा है। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और सामग्री की हालत खराब है। ऐसे अस्वच्छ वातावरण में तैयार खाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।संचालकों की लापरवाहीहोटल संचालकों द्वारा ग्राहकों की सेहत को नजरअंदाज किया जा रहा है। गंदगी के बीच भोजन तैयार करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि यह स्वास्थ्य विभाग के नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे होटलों पर नियमित जांच और कार्रवाई की जा रही है? यदि नहीं, तो यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस मुद्दे पर लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी बर्दाश्त नहींखाने-पीने की जगहों पर स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। गंदगी में तैयार खाना सिर्फ होटल आने वाले ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।इस तरह की घटनाएं न केवल होटल संचालकों की लापरवाही को उजागर करती हैं बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी कई सवाल खडे करती है? समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम समाज के स्वास्थ्य पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। क्या होना चाहिए अगला कदम? recent visitors 634

मामूली विवाद के बाद घर में घुसकर चाचा भतीजे को गोली मारी, 3 लोग घायल

After a minor dispute, uncle entered the house and shot nephew, 3 people injured छतरपुर ! छतरपुर जिले में बढ़ते अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला बमीठा थाना क्षेत्र के कुटिया गांव का है, जहां रात में हुए मामूली विवाद में सुबह बाइक सवारों ने घर आकार चाचा-भतीजे को गोली मार दी। जहां चाचा को गोली बांए हाथ में तो वहीं भतीजे को सिर में लगी है। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया जहां इलाज चल रहा है। इनमें से एक (भतीजे) की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर किया गया है। मामले में पीड़ित और आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए हैं और पुलिस मामले की जांच पीड़ित घायलों से पूछताछ आरोपियों की तलाश/गिरफ्तारी और अग्रिम कार्यवाही में जुट गई है। यह है पूरा मामलाजानकारी के मुताबिक घटना जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के कुटिया गांव का है। जहां बीती रात हुए चौक समारोह में दोनों पक्षों जो आपस में रिश्तेदार भी है। उनमें खाने-पीने के दौरान मामूली विवाद हो गया। जिसपर कि रात में 100 डायल पुलिस पहुंची थी और मामला समझकर वापिस भी आ गई पर आज सुबह एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर बाइक से जाकर फायरिंग कर दी। जिसमें से एक घायल को गोली उसके हाथ में तो वहीं दूसरे 37 वर्षीय घायल को गोली उसके सिर में लगी है। वहीं तीसरे व्यक्ति को मामूली चोटें आई हैं। ग्वालियर रेफर37 वर्षीय घायल जिसकी कनपटी/सिर में गोली लगी है जिसकी हालत गंभीर होने पर उसे पहले शहर के मिशन अस्पताल और वहां से ग्वालियर मेडिकल रेफर किया गया है। जिला आपताल में सिटी कोतवाली थाना एवं बमीठा थाना पुलिस पहुंचकर पूछताछ और मामले की जांच में जुटी हुई है। recent visitors 137

wedding parties: में खाना बनाने और बनवाने वाले हो जाएं सावधान,शासन ने जारी की गई नई एडवाइजरी

Those who prepare or prepare food for wedding parties should be careful, government has issued a new advisory. शिवपुरी: बीते दिनों शिवपुरी के एक शादी समारोह में खाना खाने से 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी. इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. जिला कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने शादी समारोह समेत विभिन्न आयोजनों में खाना बनाने को लेकर एक खास एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में मैरिज गार्डन संचालक, होटल संचालक, रेस्टोरेंट और डेयरी मालिकों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है. खाने की क्वालिटी को लेकर जिम्मेदारी तय कलेक्टर द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि होटल और मैरिज गार्डन संचालक अथवा कार्यक्रम आयोजक ऐसे लोगों को खाना बनाने का ठेका देंगे जो खाद्य सुरक्षा और मानव प्राधिकरण के पोर्टल पर रजिस्टर्ड सामान का इस्तेमाल करते हैं. आयोजक खाना बनाने वालों या केटरर के साथ एग्रीमेंट करेंगे कि क्या-क्या चीजें खाने में बनाई जाएंगी. भोजन को गुणवत्ता पूर्ण रखने की जिम्मेदारी खाना बनाने वाले और कार्यक्रम संचालक दोनों की होगी. साथ ही आदेश में कहा गया है कि खाना बनाने वाले (केटरर) और कार्यक्रम संचालक दोनों को खाना बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्री में से 2 किलो 7 दिनों तक बचाकर रखना होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर इन नमूनों की जांच की जा सके. पैक सामग्री को लेकर भी नियम इसी के साथ पैक सामग्री के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है. पैक सामग्री का इस्तेमाल करने के बाद एक्सपायरी डेट, लॉट नंबर और बैच नंबर को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 7 दिनों बाद तक सुरक्षित रखा जाएगा. वहीं, दूध, दही, पनीर, मावा इत्यादि को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर फ्रिजर में रखने को कहा गया है. खाना बनकर तैयार होने के बाद 4 घंटे के कंज्यूम करना होगा. बासा खाना किसी को खाने के लिए नहीं दिया जाएगा और ना ही बांटा जाएगा. अगर 500 सौ से अधिक लोगों का खाना एक साथ बनाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि खाना बनाने वाला व्यक्ति या उस कार्य में शामिल किसी व्यक्ति को कोई संक्रामक रोग न हो. recent visitors 169

छिंदवाड़ा, शहडोल और सिंगरौली के एसपी बदले: 10 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर

SP of Chhindwara, Shahdol and Singrauli changed: 10 IPS officers transferred भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने सोमवार को 10 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। साथ ही राज्य पुलिस सेवा के भी दो अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। देखिए लिस्ट recent visitors 120