मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा एलान, कहा कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए, हमें बैलेट पेपर चाहिए,देशभर में चलाएंगे अभियान’

नई दिल्ली मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति जनगणना से डरते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि फिर हर कोई अपना हिस्सा मांगना शुरू कर देगा। मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप वाकई देश में एकता चाहते हैं, तो आपको नफरत फैलाना बंद कर देना चाहिए। दरअसल, तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस पार्टी द्वारा आज संविधान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां पर उन्होंने ये टिप्पणी की। EVM पर कही ये बात कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश में होने वाली चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनावों में पहले इस्तेमाल किए जाने वाले बैलेट पेपर सिस्टम की वापसी जाए। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम का समापन हो। उन्होंने कहा कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए, हमें बैलेट पेपर चाहिए। बैलेट पेपर लिए चलाएगे अभियान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि देश में अगर फिर से बैलेट पेपर से होने वाली वोटिंग प्रक्रिया की शुरुआत नहीं होती है तो एक बड़ा अभियान कांग्रेस चलाएगी। मल्लिकार्जुन खरगे ने बैलेट पेपर की वापसी के लिए कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के पैमाने पर अभियान चलाने का भी आह्वान किया। केंद्र सरकार पर साधा निशाना मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सत्ता में आए और लूटपाट करके इसे अडानी, अंबानी और उनके जैसे अन्य लोगों को दे रहे हैं। इन लोगों ने कभी देश के बारे में नहीं सोचा। मोदी और वे एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं। मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि महाराष्ट्र के चुनावों में अडानी की अहम भूमिका थी। पीएम मोदी ने उन्हें बहुत सारी संपत्तियां दीं और वे इसे रोक नहीं पा रहे हैं। वे इसे चुनावों में भाजपा की ओर से बांट रहे हैं। उनके पास कोई संवैधानिक मूल्य नहीं है। उनमें संस्थागत अखंडता की कमी है। उनके पास संघीय चरित्र नहीं है। recent visitors 62

‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसी बात बोलते हैं, क्या ये साधु का काम है? ऐसा कोई टेररिस्ट बोल सकता है, साधु नहीं बोल सकते: खड़गे

पलामू कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का नाम लेकर उन पर बड़ा जुबानी हमला किया। झारखंड की छतरपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री खुद को बैकवर्ड का बेटा बताते हैं, लेकिन वह फॉरवर्ड को सपोर्ट करते हैं। वह बैकवर्ड को कुचलने वालों को सपोर्ट करते हैं।" खड़गे ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वे साधु का ड्रेस पहनते हैं, पर लोगों के बीच आकर ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसी बात बोलते हैं, क्या ये साधु का काम है? ऐसा कोई टेररिस्ट बोल सकता है, साधु नहीं बोल सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष यहीं नहीं रुके, उन्होंने योगी को लक्ष्य करते हुए कहा कि क्या उन्होंने गेरुआ वस्त्र प्रधानमंत्री की तरह झूठ बोलने के लिए पहना है? साधु तो करुणामय होते हैं। उन्होंने बहुत के घरों को बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया। जब राजीव गांधी को मानव बम से उड़ाया गया तो उनके टुकड़े-टुकड़े हो गए। टुकड़े जोड़कर उनकी अंतिम क्रिया की गई। ऐसा करने वाले लोगों को सोनिया गांधी ने माफ कर दिया। इसे करुणामय कहते हैं। भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप मढ़ते हुए खड़गे ने कहा कि ये हमें हिन्दू-मुसलमान में बांटने का काम कर रहे हैं। 'बंटोगे तो कटोगे' बोलने वाले खुद ही लोगों को बांट और काट रहे हैं। भाजपा के लोगों ने कुछ किया नहीं, पर देश को डराते फिरते हैं। वो चुनाव के समय हमारे लोगों को ईडी और इनकम टैक्स की रेड से डरा रहे हैं। असम के सीएम ने झारखंड में हमारे कार्यकर्ताओं को धमकी दी। लेकिन, हम डरने वाले नहीं हैं। यहां की जनता जब अंग्रेजों से नहीं डरी, तो इनसे क्या डरेंगे। हमारा स्लोगन एक ही है, ''हम डरेंगे तो मरेंगे, इसलिए हम डरेंगे नहीं।'' समाज को बांटने वाले लोग फिर समाज को बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह लोगों को बहुत डराते हैं। शाह को डराने का पावर मोदी जी ने दिया है। उन्हें सहकारिता मंत्रालय भी दिया गया है। क्या और कोई काबिल नहीं है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''मोदी जी हमेशा ये कहते हैं कि भगवान ने मुझे आपकी सेवा के लिए भेजा है। वे ये नहीं बोलते कि मैं मां के पेट से पैदा हुआ हूं। वे कहते हैं कि मैं ऊपर से आया हूं। वे गुजरात से आकर वाराणसी में एमपी बने। लोग उनके उसूलों से नफरत करते हैं, इसलिए उनका वोट प्रतिशत घटा है। वे झूठ बोलने में माहिर हैं।'' खड़गे ने आगे कहा, ''पहले चुनाव में उन्होंने काला धन वापस लाकर हरेक व्यक्ति के खाते में 15 लाख देने का वादा किया था। पर ये उनका झूठ था। उन्होंने दो करोड़ नौकरियां हर साल देने का वादा किया था, पर ये भी झूठ है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा भी उनका झूठा निकला। वे बेटियों की सुरक्षा की बात करते थे, पर मणिपुर में रोज बेटियों से रेप हो रहे हैं। राहुल गांधी मणिपुर गए, पर वहां जाने की हिम्मत पीएम में क्यों नहीं है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वे झूठ बोलते हैं। उनकी पोल खुल गई है। इसलिए उनका ग्राफ गिर गया है। इनका झूठ ऐसा है कि अगर आसमान में चील उड़ रहा है, तो ये बोलेंगे कि देखो भैंस उड़ रही है।'' खड़गे ने कहा कि झारखंड विधानसभा ने राज्य में पिछड़ों, एससी और एसटी का आरक्षण बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पास कर भेजा है। यह गवर्नर के पास पड़ा है। वे आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का भला नहीं चाहते। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, "सुना है समंदर को बड़ा गुमान आया है, उधर ही ले चलो कश्ती जिधर तूफ़ान आया है।" recent visitors 95

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। recent visitors 122