कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की भर्ती की आयु सीमा में वृद्धि पर भी निर्णय लिया

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार ने महिलाओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। सिविल सेवाओं में महिलाओं के लिए अब 33 के बजाय 35 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इसके साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए आयु सीमा को दस साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब 40 के बजाय 50 साल तक उम्र के अभ्यर्थी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर         – प्रदेश में खाद आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 254 नकद विक्रय केंद्र खोलने की दी गई स्वीकृति। 7 दिसंबर को होगी नर्मदापुरम में इन्वेस्टर्स समिट। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित उधर, सिंहस्थ वर्ष-2028 की तैयारियों के लिए मप्र शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित कर दी गई है। पर्यवेक्षण समिति सिंहस्थ के अंतर्गत मंत्रि-परिषद समिति के निर्देशों का पालन, मंत्रि-परिषद समिति के समक्ष रखे जाने समस्त नीतिगत प्रकरणों का परीक्षण कार्य तथा विभिन्न विभागों की सिंहस्थ मद कार्य योजना की समीक्षा करेगी। समिति में अपर मुख्य सचिव, गृह, उर्जा, लोक निर्माण, जल संसाधन, परिवहन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व, वित्त, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन, सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास समिति के सदस्य सचिव होंगे। recent visitors 100

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई, दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है: CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सांझी संस्कृति को सहेजते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई है। दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायपुर में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह राज्योत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में ही छत्तीसगढ़ राज्य का उदय हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की असीम संभावनाओं का आंकलन कर निर्णय लिया। आज वनांचल और माइनिंग के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य है। पूरे प्रदेश में विकास के नए आयाम रचे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब डबल इंजन की सरकार तेजगति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि का संबंध भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से रहा है। मां कौशल्या और माँ शबरी ने भी इस भूमि का उद्धार किया है। माता शबरी के झूठे बेर भगवान श्रीराम के द्वारा खाने का गौरवशाली प्रसंग जनजातीय संस्कृति को गौरवान्वित करता है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान और गुजरात ये सभी राज्य भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक प्रसंगों को अपने में समेटे हुए है। इस गौरवशाली अतीत को भावी पीढ़ी के सामने लाने के लिए हमारी सरकार मिलकर काम करेगी। भगवान श्रीराम के पदचिन्हों पर बनने वाले श्रीराम वन-गमन पथ के साथ साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग स्थलों को चिन्हित करते हुए धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का दीप प्रज्ज्वलित और देव नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरूण साव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, समाजसेवी, कलाकार और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।   recent visitors 109

हाथियों के मूवमेंट क्षेत्रों से लगे गाँव में मुनादी की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सभी पहलुओं के मद्देनजर सतत् आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि टाइगर रिजर्व में 6 विशेष दल बनाकर स्वस्थ हाथियों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। खितौली रेंज के बगदरा बीट में रेस्क्यू किये गये हाथी की वन्य-प्राणी चिकित्सकों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव कृष्णमूर्ति ने बताया कि मानव-हाथी द्वंद एवं वन्य-प्राणी प्रबंधन के लिये हाथियों के मूवमेंट क्षेत्रों से लगे गाँवों में मुनादी करायी जा रही है। साथ ही प्रबंधन को मजबूत करने के लिये बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मुख्य वन संरक्षक शहडोल द्वारा 35 स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव कृष्णमूर्ति ने बताया कि सोमवार तक सभी मृत हाथियों के बिसरा एवं पानी के नमूने आईबीआरआई जबलपुर, एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर भेजे जा चुके हैं। मिट्टी और हाथियों द्वारा खाई गई फसल के नमूने भी लिये गये हैं, जो विश्लेषण के लिये जेएनकेवीवी जबलपुर भेजे गये हैं। विस्तृत लैब परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही हाथियों की मृत्यु के कारणों का पता लग सकेगा। शासन के निर्णय अनुसार एसआईटी और एसटीएसएफ की टीमें हाथियों की मृत्यु के मामले के सभी संभावित पहलुओं पर लगातार जाँच कर रही है।   recent visitors 89

‘मोहन सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत पर मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। राज्य सरकार ने उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास एक हाथी द्वारा दो व्यक्तियों को कुचलकर मार डालने की घटना के एक दिन बाद यह घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया, ‘‘हमने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत के लिए मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया है। हमने उमरिया में (हाथियों के हमले में) मारे गए दो लोगों के परिवारों को भी इसके दायरे में शामिल किया है।’’ वन मंत्री प्रदीप अहिरवार द्वारा उमरिया जिले के पीड़ितों के परिजनों को 8-8 लाख रुपये का मुआवजा सौंपने के कुछ घंटों बाद ही मुआवजा राशि में तीन गुना की वृद्धि की गई। उधर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के बफर जोन के बाहर शनिवार को जंगली हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान रामरतन यादव (65) के रूप में हुई है। बीटीआर के अधिकारी ने बताया, "आज सुबह जब वह रिजर्व के बाहर शौच के लिए गए थे तो जंगली हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।’’ उमरिया के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) विवेक सिंह ने को फोन पर बताया कि यह घटना देवरा गांव में हुई। इस हफ्ते की शुरुआत में तीन दिनों के अंतराल में बीटीआर में दस हाथियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को रिजर्व (बीटीआर) के खितोली रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में चार जंगली हाथी मृत पाए गए, जबकि बुधवार को चार और बृहस्पतिवार को दो की मौत हो गई। अधिकारियों ने पहले बताया था कि 13 सदस्यीय झुंड में से अब केवल तीन हाथी ही जीवित हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या व्यक्ति को शेष तीन हाथियों ने मारा है, तो अधिकारी ने कहा कि उनकी पहचान का पता लगाना मुश्किल है। बीटीआर के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि झुंड के शेष तीन हाथी कटनी जिले के वन क्षेत्र की ओर बढ़ते देखे गए। वन अधिकारी ने कहा, “यह गतिविधि असामान्य है क्योंकि बीटीआर में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया है।” बीटीआर पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया और कटनी जिलों में फैला हुआ है। recent visitors 117

एक ही स्थान पर मिलेगी खाद, बीज, मिट्टी और कृषि उपकरणों की जानकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम किसान समृद्धि केन्द्र वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इनमें खाद, बीज, कृषि उपकरण और मिट्टी परीक्षण के अतिरिक्त खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 3 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग और नर्मदा नियंत्रण मण्डल के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये थे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का उद्देश्य है कि एक ही स्थान पर किसानों को मिट्टी, बीज, उर्वरक इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके साथ ही इन केन्द्रों को कस्टम हॉयरिंग सेंटर्स से जोड़कर किसानों को कृषि संबंधी छोटे और बड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये जायें। किसानों को कृषि की बेहतर पद्धतियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारियाँ प्रदान की जायें। किसानों को मिलेंगे ये लाभ ग्राम पंचायतों में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित हो जाने से किसानों को अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें केन्द्र में ही खेती-किसानी के लिये आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। संसाधन उपलब्ध न होने पर किसान समृद्धि केन्द्र समन्वयक की भूमिका निभाकर उन्हें संसाधन उपलब्ध करायेगा। इससे किसानों का खाद, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिये आने-जाने का समय भी बचेगा और अन्य व्यय भी नहीं होंगे। उन्हें किसान समृद्धि केन्द्र पर ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान समृद्धि केन्द्र पर रहेगी हेल्प-डेस्क पीएम किसान समृद्धि केन्द्र पर हेल्प-डेस्क भी रहेगी। यहाँ से मृदा विश्लेषण और मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलेगी। केन्द्र से फसल बीमा, ड्रोन, कृषि वस्तुओं की जानकारी के साथ अधिक लाभार्जन के लिये फसलों के पेटर्न के पैकेज संबंधी जानकारी भी मिलेगी। प्रगतिशील किसानों का रहेगा व्हाट्सएप ग्रुप पीएम किसान समृद्धि केन्द्र के संचालक कृषि विभाग और कृषि संबंधी कार्यक्रम और गतिविधियों से जुड़े रहेंगे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों के किसान समृद्धि समूह नामक व्हाट्स-अप ग्रुप का निर्माण भी किया जायेगा। recent visitors 87

ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे: सीएम यादव

 भोपाल /रांची मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज झारखंड की राजधानी रांची की कांके विधानसभा पहुंचे, उन्होंने यहाँ आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड में हो रही घुसपैठ पर बड़ा हमला किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे हैं और इसे झारखंड की सरकार संरक्षण दे रही है, इसे रोकना होगा। कांके विधानसभा रांची पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का क्षेत्र के लोगों ने दिल से स्वागत किया,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित जन समूह से कहा मैं बाबा महाकाल की धरती उज्जैन से आता हूँ यहाँ मुझे मालूम पड़ा है कि पहाड़ी बाबा भी महाकाल का ही रूप हैं मैं दोनों को प्रणाम करता हूँ, उन्होंने कहा कि ये जो झारखंड की सरकार है, कांग्रेस की सरकार है उसके पीछे कोई औ र्लोग हैं ये लोग केवल झूठ बोलते हैं। ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? घुसपैठ पर हमला करते हुए सीएम ने कहा मैं आपको डरा नहीं रहा लेकिन ये बात सही है ये चुनाव इस बात का है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? होली दिवाली मना पाएंगे कि नहीं? क्योंकि घुसपैठ बहुत तेजी से हो रही है, उन्होंने कहाकि बांग्लादेश में हिन्दुओं का नर संहार हो रहा है लेकिन ये चुप है क्योंकि ये केवल कुर्सी चाहते है इसलिए ये षड्यंत्र कर रहे हैं। ये घुसपैठिये आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट बन रहे हैं   सीएम ने कहा मैं आबादी का रेशो देख रहा था यहाँ 7 प्रतिशत हिन्दू कम हुए है आदिवासी वर्ग जो कभी 41 प्रतिशत था आज 28 रह गया है, अरे जब आबादी बढ़ रही है तो ये लोग कम क्यों हो रहे हैं? वो इसलिए कि झारखंड सरकार घुसपैठ को शरण दे रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घुसपैठिये आपके रोजगार पर, दुकान पर, मकान पर कब्ज़ा कर रहे हैं इतना ही नहीं ये आपका हक़ भी छीन रहे है ये घुसपैठ आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट पैदा कर रही है डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के कर्मों के कारण जनता ने उन्हें लोकसभा चुनावों में सबक दिखाया है, जम्मू कश्मीर में 40 हजार हत्याओं का पाप कांग्रेस के सिर पर है, कांग्रेस के कर्मों के कारण जो हालत जम्मू कश्मीर में हुई है यदि रोका नहीं गया तो वो हालत झारखंड की भी होगी। ये चुनाव ईमानदारों और बेईमानों के बीच है मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड के लिए भाजपा ने सोचा, बिहार के साथ जुड़कर यहाँ की प्रगति रुकी हुई थी अटल जी ने इसे अलग राज्य बनाया, यहाँ प्राकृतिक सुन्दरता बहुत, है अटल जी ने कहा था कि ये देश का नंबर एक राज्य होगा लेकिन अटल जी को क्या पता होगा कि यहाँ ऐसी सरकार आयेगी जो भ्रष्टाचारी होगी, इस सरकार में बैठे लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि यदि सौ सौ के नोट हो तो एक रेल गाड़ी भर जाएगी, इसलिए समझिये ये चुनाव ईमानदारी और बेईमानी के बीच है, बेईमानों का आपको बाहर का रास्ता दिखाना है। recent visitors 64

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकास के नए सोपानों की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा अपने स्थापना दिवस पर राज्य उत्सव का आयोजन हर्ष और प्रसन्नता का विषय है। मध्यप्रदेश से अलग होकर ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का बहुत पुराना संबंध है, दोनों राज्य, विकास और जन कल्याण की दिशा में समन्वित रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़े समूह में आने वाले हाथियों की सूचना के आदान-प्रदान और उनके प्रबंधन के संबंध में कार्य योजना बनाने पर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।   recent visitors 51