6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे

 नया रायपुर में 04-06 नवम्बर तक राज्योत्सव का होगा भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे ख्याति प्राप्त कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति शासकीय विभागों द्वारा लगाई जाएगी विकास प्रदर्शनी शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार रहेगा आकर्षण का केन्द्र रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में होगा। राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर की साज-सज्जा का काम तेजी से कराया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग का प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं। राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का उद्घाटन 4 नवम्बर को संध्या 6 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्योत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वराजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्योत्सव में ख्याति प्राप्त कलाकार रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। 4 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संध्या 4.30 बजे से होगी। बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक शांतुन मुखर्जी (शानु) की प्रस्तुति रात्रि 7.45 बजे से होगी। इससे पूर्व रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्य की झलकियां, मोहन चौहान एवं साथी द्वारा आदिवृंदम, सुनील सोनी एवं टीम द्वारा क्षेत्रीय नृत्य संगीत तथा विद्या वर्चस्वी द्वारा नाम रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह 5 नवम्बर को राज्योत्सव में संध्या 5 बजे से पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा लोक धुन, मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा, राजेश अवस्थी, सुआरू साहू एवं सुनीति मोहन की प्रस्तुति होगी। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी। राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। राज्योत्सव स्थल परिसर में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए विशाल हैंगर (डोम) बनाए गए हैं। हैंगर-एक एवं दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में वाणिज्यिक संस्थान अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे। recent visitors 65

हाथी- मानव सहअस्तित्व सुनिश्चित करने बनेंगे “हाथी मित्र”, फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की होगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना पर उठाए सख्त कदम राज्य स्तरीय हाथी टास्क फोर्स होगा गठित वन क्षेत्र में निगरानी की कमी के लिए फील्ड डायरेक्टर और प्रभारी एसीएफ का निलंबन हाथी- मानव सहअस्तित्व सुनिश्चित करने बनेंगे "हाथी मित्र" जिन जिलों के वन क्षेत्रों में हाथी अधिक, वहां चलेगा जन-जागरूकता अभियान फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की होगी व्यवस्था केंद्र सरकार का सहयोग लेंगे, राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस अपनाएंगे जनहानि प्रकरण में 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रूपये देने का लिया निर्णय किसानों को कृषि के अलावा वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के होंगे प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में राज्य स्तरीय हाथी टास्ट फोर्स गठित किया जाएगा। हाथी- मानव सह अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए हाथी मित्र बनाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अधिक है, वहां किसानों की फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था होगी। साथ ही किसानों को कृषि के अलावा कृषि वानिकी एवं अन्य वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आने वाले समय में ऐसे वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिसमें हाथियों की बसाहट के साथ सहअस्तित्व की भावना मजबूत हो सके। केंद्रीय वन मंत्री से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। वे मार्ग दर्शन करेंगे जिससे वन विभाग इस क्षेत्र में ठोस कार्यवाही कर सके। जिन जिलों में हाथी वन क्षेत्रों में रह रहे हैं वहां हाथी मित्र जन-जागरूकता के लिए कार्य करेंगे। घटना दुखद और दर्दनाक, वन अधिकारी सतर्क और सजग रहें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में उमरिया जिले के वन क्षेत्र में पिछले दिनों 10 हाथियों की अलग-अलग दिन हुई मृत्यु की घटना दुखद एवं दर्दनाक है, जिसे राज्य शासन ने गंभीरता से लिया है। वन राज्य मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने क्षेत्र का भ्रमण किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है। पोस्ट मार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना शेष है। हाथियों के बड़े दल के रूप में आने की घटना गत दो तीन वर्ष में एक नया अनुभव भी है। उमरिया और सीधी जिले में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दिख रही है। ऐसे में फील्ड डॉयरेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की जरूरत है। दोषी अधिकारियों का निलंबन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डॉयरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल आने के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जाना चाहिए, वह नहीं की गई। इस लापरवाही के लिए फील्ड डॉयरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया है। साथ ही प्रभारी एसीएफ फतेह सिंह निनामा को भी निलंबित किया गया है। प्रदेश के अधिकारी कर्नाटक, केरल और असम जाकर करेंगे अध्ययन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बांधवगढ़ क्षेत्र एवं अन्य वन क्षेत्रों में हाथियों के रहने की अनुकूल और आकर्षक स्थिति है। वन क्षेत्रों का प्रबंधन उत्तम होने से हाथियों के दल जो छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से आया करते थे और वापस चले जाते थे वे अब वापस नहीं जा रहे हैं। यहां बड़े पैमाने पर हाथियों द्वारा डेरा डालने की स्थिति देखी जा रही है। यह मध्यप्रदेश की वन विभाग की गतिविधियों का हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए स्वाभाविक रूप से स्थाई प्रबंधन के लिए शासन के स्तर पर हाथी टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया जा रहा है। हाथियों को अन्य वन्य-प्राणियों के साथ किस तरह रहवास की सावधानियां रखना चाहिए, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इसमें कर्नाटक, केरल और असम राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस को शामिल किया जाएगा। इन राज्यों में बड़ी संख्या में हाथी रहते हैं। इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिससे सहअस्तित्व की भावना के आधार पर हाथियों के साथ बफर एरिया, कोर एरिया में बाकी का जन जीवन प्रभावित न हो, इसका अध्ययन किया जाएगा। हाथियों की सुरक्षा को भी खतरा न हो। इस पर हमने गंभीरता से विचार किया है। एक बात हमने और अनुभव की है। नजदीक के बफर एरिया के बाहर के जो मैदानी इलाके हैं वहां की फसलें उसमें सोलर फेंसिंग या सोलर पैनल द्वारा व्यवस्था कर फसलों को सुरक्षित किया जाएगा। यह मनुष्यों के लिए भी सुरक्षा का साधन होगा। वन विभाग को कहा गया है ऐसे क्षेत्रों में कहां-कहां कृषि हो रही है, उसे कैसे बचा सकते हैं। हाथी फसल नष्ट न कर पाएं, यह सुनिश्चित करना होगा। यह चिंता के साथ जागरूकता का भी विषय है। बफर क्षेत्र में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी हाथियों और मानव के सहअस्तित्व को सुनिश्चित कर सके, जिससे यह एक दूसरे के साथ जीना सीख सकें। जनहानि पर 25 लाख रूपये प्रति व्यक्ति देने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया जिले में जो घटना घटी है इसमें जनहानि को लेकर 8 लाख रुपए प्रति व्यक्ति के परिजन को दिया जाता था, उसको बढ़ाकर अब 25 लाख रुपए प्रति व्यक्ति करने का निर्णय लिया है। इस घटना में दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई है उनके परिवारों को भी इससे जोड़ा है। कृषि वानिकी में अन्य प्रकार से वन क्षेत्र के प्राइवेट सेक्टर को जोड़कर पम्परागत खेती के अलावा अन्य कार्यों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करेंगे। इससे किसान सामान्य फसल लेने के बजाए वन क्षेत्र की व्यवस्थाओं से जुड़ें और उसका लाभ लें। महत्वपूर्ण उपाय लागू करने विशेषज्ञों को आमंत्रित करेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में जो अकेले हाथी घूमते हैं और अपने दल से अलग हो जाते हैं, इनको रेडियो ट्रेकिंग का निर्णय लिया गया है। ट्रेकिंग कर उन पर नजर रखी जा सकेगी। आने वाले समय में ऐसी घटना न हो, भविष्य में इसका ध्यान रखा जा सकेगा। यह इस दिशा में ठोस कार्यवाही होगी। ऐसे अन्य महत्वपूर्ण उपायों को लागू करने के लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास किए जाएंगे। हाथियों का दल स्थाई रूप से मध्यप्रदेश में रहने लगा है अत: आमजन से भी सहयोग की अपेक्षा है। जिन जिलों में हाथियों की बसाहट है … Read more

सीएम मोहन बोले- पशुधन के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाता है गोवर्धन पूजा पर्व

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार गोवर्धन पूजा का पर्व पूरे उल्लास के साथ मना रही है। इस पर्व के मौके पर शनिवार को राजधानी के रवींद्र भवन में राज्यस्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। सीएम ने रवींद्र भवन परिसर में वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच विधि-विधान पूर्वक भगवान गोवर्धन की पूजा-अर्चना की। गोवर्धन पूजा कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गोबर से निर्मित "राम दरबार" भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वामी अच्युतानंद और गोसंरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले स्वामी हरिओमानंद भी विशेष रूप से उपस्थित थे।इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोसेवा करने वाले 10 श्रेष्ठ गोपालकों का सम्मान भी किया। गोवर्धन पूजा से शुरू होती है किसानों की दिवाली इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के मंच से अपने संबोधन में कहा कि गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृति का प्रतीक है। हमारे किसानों की दीपावली तो गोवर्धन पूजा से ही प्रारंभ होती है। फसलों का उत्पादन करने के लिए तो किसानों को क्रेडिट कार्ड मिलता ही है, लेकिन अब गोवंश पालने वालों को भी क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, ताकि वह गोवंश के पालन के लिए धन का इंतजाम कर सकें। उन्होंने कहा कि 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। हमने फैसला किया है कि नगर निगम क्षेत्र में 5 हजार से 10000 गोवंश के पालन के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका प्रबंधन राज्य सरकार करेगी। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर सरकार ने यह भी तय किया है कि आने वाले समय में गोवंश का पालन करने और दुग्ध उत्पादन करने वालों को बोनस भी दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने गुजरात के अमूल संस्थान की गतिविधियों का परीक्षण कराया है और इसके साथ ही नेशनल डेयरी बोर्ड के साथ प्रदेश के सभी गांव में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। पंचगव्य उत्पादों की प्रदर्शनी लगी कार्यक्रम स्थल पर गोवर्धन पर्व के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर केन्द्रित इस आयोजन में गोसंस्कृति, परिवेश के प्रदर्शन और स्वास्थ्य आधारित लाभों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से पंचगव्य उत्पाद, गोशिल्प उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और दैनिक उपयोग के उत्पाद के आर्थिक महत्व को प्रदर्शित किया गया है। सभी जिलों की किसी एक प्रमुख गोशाला में भी गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हो रहे हैं। सीएम ने की गोसेवा इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सीएम हाउस में विधिवत पूजा-अर्चना कर गौमाता की सेवा की और उनके प्रति अपने श्रद्धा-भाव को व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति 'उत्सव प्रधान' संस्कृति है। हमारे वेदों में कहा गया है "गावो विश्वस्य मातरः" अर्थात् गाय संसार की माता है। प्रदेश सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए तेज गति से कार्य कर रही है। गोवर्धन पूजा का यह पर्व हमें प्रकृति और पशुधन के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। recent visitors 64

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन

भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती:मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन के साथ हो रहा है जन-कल्याण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया में की गोवर्धन पूजा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं, इनके बिना भारतवर्ष के उत्कर्ष की कल्पना नहीं की जा सकती। गौ-वंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूज्यनीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन कर जन-कल्याण का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शुक्रवार को कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया जिला आगर-मालवा में एक वर्षीय वेदलक्षणा गौ-आराधना महोत्सव अन्तर्गत गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं में लाभान्वित हितग्राहियों को मंच से हितलाभ का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान, मंत्रोच्चार के साथ गोवर्धन पर्वत एवं गौ-माता का पूजन कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले के लिये 49 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को बधाई भी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर एवं कन्या-पूजन कर किया। इस अवसर पर पशु-पालन मंत्री लखनसिंह पटेल, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल, सांसद सुसनेर रोडमल नागर, विधायक मधु गेहलोत, गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद जी महाराज,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-मूत्र से कैंसर जैसी बीमारी का उपचार पूरे संसार ने देखा है, गौ-माता के दूध से संसार के 200 से अधिक देशों में पूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी गौ-सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, त्यौहारों को लेकर शासकीय स्तर पर लगातार आयोजन हो रहे हैं। अब हम गौ-माता की पूजा कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए गौ-शाला में गाय के आहार के लिए निर्धारित अनुदान को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। सभी गौ-शालाओं को संरक्षण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो व्यक्ति 10 से अधिक गौ-माता का पालन करेगा, उसे भी सरकार अनुदान देकर घर-घर गौसेवा के संकल्प को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो गाय पाले वे सभी गोपाल, जिनके घर में गाय का कुल उनके घर गोकुल, हमें घर-घर गोकुल बनाना है, सरकार ने हर घर में गौ-वंश बढ़ाने का निर्णय लिया है। गौ-माता में हमारे 33 करोड़ देवी-देवता भी विराजमान है। शासकीय स्तर पर गौ-शालाएं खुलेगी, जिनमें बुढ़ी, निराश्रित, अशक्त गौ-वंशों को पालने की जवाबदारी सरकार की होगी और इस संकल्प को संत समाज के सहयोग से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन की लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। सरकार का निर्णय है कि अगले पांच साल के अंदर नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से गौवंश की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन को बढ़ाकर देश में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में ऐसी व्यवस्था करना चाहते है कि गायों को पालने वाले गौ-पालक बिना दूध देने वाली गौ-माता को गौ-शालाओं में छोड़ जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं गौ-अभयारण्य में चल रहे इतने वृहद स्तर पर पवित्र कार्य मे गौ-अभयारण्य में गौ-संवर्धन वर्ष को चरितार्थ किया है। शासन ने गुड़ी पडवा पर गौ-संवर्धन वर्ष मनाने की घोषणा की उसे सालरिया में चरितार्थ किया है। अभयारण्य में मालवी नस्ल की गायों को इतने अच्छे से पालने पर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि गौ-माता के लिए जल का प्रबंध जहाँ भी आवश्यक है, वहा करेंगे। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर हम सभी मिलकर पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प लें। वर्षा के लिए प्राकृतिक संतुलन का होना बेहद आवश्यक है, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए, अपने आसपास की हरियाली को बढ़ाने का प्रयास करें।   recent visitors 110

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु की घटना पर उच्च स्तरीय दल उमरिया भेजने के दिए निर्देश वन राज्य मंत्री सहित तीन सदस्यीय दल लेगा घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में हाल ही में हाथियों की मृत्यु के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आज रात्रि मुख्यमंत्री निवास में आपातकालीन बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय दल तत्काल घटना स्थल पर रवाना हो। सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर 24 घंटे में विस्तृत प्रतिवेदन दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वनों की रक्षा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसा बताया गया है कि हाथियों की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम में हाथियों के पेट में बड़ी मात्रा में कोदो पाए जाने की जानकारी मिली है। जो सैंपल हाथियों के पेट से लिए गए हैं, उनकी वैज्ञानिक जाँच की जायेगी। उसमें यह स्पष्ट होगा कि किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि जाँच रिपोर्ट आने में चार दिन की अवधि संभावित है, इसके पूर्व वरिष्ठ स्तर से घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव दल में शामिल रहेंगे। दल के सदस्य शनिवार को उमरिया पहुंचकर घटना के बारे में समस्त विवरण प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं फिर न हो, इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और सभी पक्ष सजग और संवदेनशील रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने और उपचार एवं अन्य प्रबंधन में विलंब की बात सिद्ध होने पर दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथियों की मृत्यु के संबंध में निर्देश          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की संपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय दल उमरिया जाए।          जांच की रिपोर्ट आने के पूर्व इस अवधि में घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जो कार्रवाई जारी है, उसमें विलंब न हो।          वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और दो वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जाएं।          उमरिया के दौरे की रिपोर्ट 24 घंटे में सौंपी जाए।          दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।   recent visitors 81

69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  टूरिज्म के नए टीवीसी "मोह लिया रे" को किया लॉन्च अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से बनाया जीवंत 69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. के 69वें स्थापना दिवस के खास अवसर पर एम.पी. टूरिज्म द्वारा निर्मित नवीन टीवी कमर्शियल (टी.वी.सी.) "मोह लिया रे" को लॉन्च किया। मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को नए रंग-रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से टीवीसी का निर्माण करवाया है। प्रख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से इसे जीवंत बनाया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एम.पी. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश विश्व में अपने मनोहारी स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हमारा प्रयास हमेशा रहा है कि राज्य के आकर्षक पर्यटन स्थलों को न केवल देश में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई जाए। नवीन टीवीसी "मोह लिया रे" अत्यंत रोचक, रंगीन और जीवंत है। यह पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। "मोह लिया रे" – एक नया नजरिया "मोह लिया रे" टीवीसी में उज्जैन, ओरछा, ग्वालियर, खजुराहो सहित मध्यप्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध वन्य जीवन को दर्शाया गया है। यह पर्यटकों के मन को मोहते हुए उन्हें मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित कर रहे है। गीतकार इरशाद कामिल के खूबसूरत बोलों को अभिषेक अरोड़ा के संगीत ने संगीतमय अभिव्यक्ति दी है। इस विशेष टीवीसी में मशहूर गायक दिव्य कुमार ने अपनी आवाज दी है। इस टीवीसी के जरिए एक बार फिर दर्शकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मध्यप्रदेश ने मोह लिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लॉन्च किये यह "जो आया वो वापस आया, ये एम पी की माया" टीवीसी को खासी लोकप्रियता प्राप्त हुई है। इसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ 97 लाख और 71 हजार से अधिक बार देखे जा चुका है। इंस्टाग्राम पर 92 लाख 62 हजार 161, फेसबुक पर 1 करोड़ 26 लाख 37 हजार 120, यूट्यूब पर 63 लाख 65 हजार 305 और ट्वीटर पर 15 लाख 07 हजार व्यू प्राप्त हुए है। प्रदेश के आकर्षक टीवीसी का सफर में 2023- एमपी की माया, 2018-तक तक, 2016- एमपी में दिल हुआ बच्चे सा, 2013- रंग है मलंग है, 2010- एमपी अजब है सबसे गजब है, 2008- हिंदुस्तान का दिल देखा और, 2006- तिल देखो ताड़ देखो, हिंदुस्तान का दिल देखो शामिल है   recent visitors 65

हरिसिंह का स्व-रोजगार का सपना हुआ साकार, समाधान ऑनलाइन में आया था प्रकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अलीराजपुर जिले के ग्राम अमझिरी निवासी हरिसिंह कलेश को दीपावली पर्व पर बोलेरो वाहन मिला। आवेदक हरिसिंह ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में बोलेरो गाड़ी के लिये आवेदन भरा था, जिसे संबंधित बैंक द्वारा अव्यवहारिक मानकर अस्वीकृत कर किराने की दुकान के लिये लोन स्वीकृत कर दिया था। आवेदक ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 28 अक्टूबर को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में आवेदक हरिसिंह की सुनवाई की। आवेदक ने बताया कि बैंक ने तत्समय बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये लोन न देते हुए किराने की दुकान के लिये 3 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “आवेदक ने जब बोलेरो वाहन के लिये लोन माँगा है, तो उसे बोलेरो गाड़ी ही स्वीकृत होना चाहिये।’’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर समाधान ऑनलाइन के दो दिन बाद 30 अक्टूबर को कलेक्टर अलीराजपुर ने अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम से चर्चा कर हरिसिंह को ‘भगवान बिरसा मुंडा योजना’ में बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये वाहन लोन स्वीकृत करवाया। ‘धन्यवाद मुख्यमंत्री जी’ आवेदक हरिसिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं के रोजगार के सपने को बेहतर तरीके से साकार कर सकेंगे।   recent visitors 60