मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई, 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को दीपावली के पावन पर्व के साथ एक नवम्बर मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस की मंगलकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने इस अवसर पर सभी अधिकारी-कर्मचारियों का 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह दिन हमारे राज्य की स्थापना के साथ अपने गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों को 46% मंहगाई भत्ता वित्त विभाग द्वारा 14 मार्च 2024 द्वारा स्वीकृत किया गया था। इसके अनुसार स्वीकृति मंहगाई भत्ते की बढ़ी हुई दर 01 जुलाई 2023 से प्रभावशील की गयी तथा एरियर राशि का भुगतान भी किश्तों में किया गया। अब शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50% की दर से देय होगा। एरियर का भुगतान इसी वित्त वर्ष में चार समान किश्तों में किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं, क्योंकि आप सब अपनी लगन, मेहनत, और सकारात्मक सोच के कारण से पूरे देश के अधिकारी-कर्मचारी वर्ग में अपनी एक विशेष पहचान रखते हैं। सरकार का भी उत्तरदायित्व है कि आपके हितों का ध्यान रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के कार्य के प्रति समर्पण भाव ने मध्यप्रदेश को एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। राज्य की प्रगति और उन्नति में शासकीय सेवकों के योगदान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हृदय माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के अवसर पर नागरिक अपना ध्यान रखें। आसपास वालों का भी ध्यान रखें। हम सब मिलकर यह प्रयास करें कि प्रदेश का गरीब से गरीब व्यक्ति भी आनंदित हो।   recent visitors 87

MP के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव ( Mohan Yadav ) सरकार ने इस दिवाली सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने महंगाई भत्ता 4% बढ़ाया (Dearness Allowance – DA ) है। इससे अब सरकारी कर्मचारियों को 46 प्रतिशत की जगह 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। यह नई दरें जनवरी 2024 से लागू होंगी, और इस वृद्धि के चलते कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर तक का एरियर भी प्राप्त होगा। सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। 46 फीसदी महंगाई भत्ते को मंजूरी दे दी गई है, जिसे 1 जुलाई 2023 से प्रभावी किया गया है। एरियर किश्तों में दिया जाएगा। अब 1 जनवरी 2024 से 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।     मध्य प्रदेश सरकार ने 4% महंगाई भत्ता बढ़ा दिया है, जिसके बाद डीए 46% से बढ़कर 50% हो गया है। नई दरें जनवरी 2024 से लागू होंगी, ऐसे में जनवरी से सितंबर तक का एरियर भी मिलेगा। केंद्र से अब भी 3% पीछे हालांकि, राज्य कर्मचारी केंद्र सरकार से 3 प्रतिशत पीछे हैं। लंबे समय से तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ( Third Class Employees Union) दिवाली से पहले महंगाई भत्ता और बकाया भुगतान की मांग कर रहा था। संघ का कहना है कि राज्य के 12 लाख कर्मचारी डीए/डीआर (Dearness Relief) में केंद्र की तुलना में पीछे हैं, जिसके चलते कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। राज्य में 7.50 लाख कार्यरत एवं 4.50 लाख पेंशनरों को जनवरी 2024 से DA/DR न मिलने से कर्मचारियों को हर महीने लगभग ₹620 से ₹5640 तक का नुकसान हो रहा है। कांग्रेस विधायक की मांग हाल ही में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ( Hemant Katara ) ने भी महंगाई भत्ते की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मोहन सरकार से कर्मचारियों के डीए बढ़ाने की मांग की। कटारे ने कहा, “वेतन सभी कर्मचारियों का अधिकार है, दिवाली तभी रौशन होगी जब उन्हें 7% डीए प्राप्त होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी DA जारी कर दिया है, फिर MP सरकार को 7% DA जारी करने में क्या परेशानी हो रही है? यह मेरी नहीं बल्कि कर्मचारियों की मांग है।     इस कदम के लिए आपको साधुवाद मुख्यमंत्री जी लेकिन वेतन कर्मचारियों का अधिकार है और कर्मचारियों की असली दीपावली तभी रौशन होगी जब आप उन्हें 7% महंगाई भत्ता देंगे।  उमाशंकर तिवारी ने कहा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि हमारी मांग जनवरी 2024 से 4% एवं जुलाई 2024 से 3% कल 7% महंगाई भत्ता/  महंगाई राहत देने की है। मुख्यमंत्री जी ने केवल जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है उसका स्वागत करते हैं लेकिन जुलाई 2024 से 3% भी लागू किया जाए जिस प्रकार से केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों ने किया है। 1 नवंबर, मध्यप्रदेश के गठन की पहली तारीख, जो 1956 में एक नए प्रदेश का आकार साकार लेकर आई…इसके मध्य में हम सब अपनी-अपनी दिनचर्या चलाते हुए देश की सेवा, मध्यप्रदेश की सेवा, समान रूप से आगे बढ़ती जाए…इस भाव के आधार पर हम काम करते रहते हैं। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मैं इस नाते से भी बधाई देना चाहूंगा। आप सब अपने लगन, मेहनत, सकारात्मक सोच के कारण से पूरे देश के अधिकारियों -कर्मचारियों में एक विशेष पहचान रखते हैं। इस नाते से सरकार का भी उत्तरदायित्व है की आपके हितों का भी ध्यान रखें। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा 46% महंगाई भत्ता वित्त विभाग के प्रतिपत्र द्वारा 14/03/2024 द्वारा स्वीकृत किया गया है। इसके आधार पर स्वीकृति महंगाई भत्ते की दर एक जुलाई 2023 से प्रभावशील की गई थी। एरियर राशि का भुगतान किस्तों में किया गया। अब सभी शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50% की दर से दिया जाएगा। अभी अक्टूबर चल रहा है लेकिन हम इसे 01 जनवरी से देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील करते हुए कहा कि हम सभी दीपावली के अवसर पर अपना ध्यान रखें और अपने आसपास के लोगों का भी ध्यान रखें, गरीब से गरीब आदमी के आंखों में भी आनंद आए… आप सभी से यही कामना करते हुए, पुनः दीपावली की बधाई, मंगलकामनाएं। आज आएगी खाते में सैलरी दिवाली के मौके पर मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सूबे के सरकारी कर्मचारियों को अक्टूबर के महीने का वेतन 28 अक्टूबर (सोमवार) को उनके खाते में पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए विभागों द्वारा सैलरी बिल राजकोष में जमा करा दिए गए हैं। संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह अग्रिम वेतन आज ही दे दिया जाएगा। बता दें कि राज्य में 7 लाख से ज्यादा नियमित अधिकारी-कर्मचारी हैं। सभी को हर महीने की पहली तारीख को सेलरी दी जाती है। लेकिन, इस बार 31 अक्टूबर को दिवाली पड़ रही है, जिसे देखते हुए सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने 28 अक्टूबर को ही वेतन देने का फैसला लिया है। recent visitors 69

जब मुख्यमंत्री मोहन यादव बन गए ‘चायवाले’! सड़क किनारे अदरक कूट बनाई चाय

  सतना सतना के चित्रकूट दौरे पर पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का अनोखा अंदाज देखने को मिला. कामदगिरी पर्वत पर भगवान कामतानाथ की परिक्रमा के बाद मुख्यमंत्री अचानक सड़क किनारे एक चाय दुकान पर पहुंचे और चाय बनाने लगे. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव चित्रकूट में मंदिरों में दर्शन करने गए थे. मुख्यमंत्री ने इसी बीच सड़क किनारे एक रेलिंग के पार टी स्टॉल देखी. उन्होंने रेलिंग को झुककर पार किया और स्टॉल तक पहुंचे, इसकी मालकिन राधा से बातचीत की और चाय बनाने लगे. तभी वहां खड़ी पत्नी ने पूछा कि हमें कभी चाय नहीं पिलाई बनाकर? इस पर CM यादव ने कहा, ‘‘ये मेरी बहन है, इसे पिलाऊंगा, तुम थोड़ी मेरी बहन हो.  मैं अपनी बहन (स्टॉल मालकिन का जिक्र करते हुए) के लिए चाय बनाऊंगा. इसके बाद उन्होंने चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक कूटना  शुरू कर दिया. जब यादव चाय बना रहे थे, तो उनकी पत्नी ने उनसे कहा कि ज्यादा चीनी न डालें. उन्होंने कई कप में चाय डाली और अपने साथ आए स्थानीय भाजपा विधायक, मंत्री और स्टॉल पर मौजूद लोगों को बांटी, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. साथ ही चाय दुकान की मालकिन को चाय के पैसे भी दिए. अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सपत्नीक श्री कामतानाथ मंदिर की पांच किलोमीटर की परिक्रमा भी की. इस वीडियो को मुख्यमंत्री ने 'x' पर शेयर कर लिखा, ''आज की चाय बहन नहीं, भाई बनाएगा.'' उधर, मुख्यमंत्री ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान दुकान से गर्म कपड़े खरीदे. यह भिलाला समाज की ओर से बनाए गए थे. मुख्यमंत्री ने दीपावली पर वोकल फॉर लोक को बढ़ावा दिया.   recent visitors 55

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपील दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित

दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी में “वोकल फॉर लोकल’’ का भाव रहना चाहिए  – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपील दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई देते हुए मंगलकामना की है कि सभी के जीवन में महालक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे। उन्होंने कहा कि दीपावली पर सभी के मन में “वोकल फॉर लोकल’’ का भाव रहना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सभी को वोकल फॉर लोकल के लिये प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि दीया-बाती बनाने वालों, साफ-सफाई व श्रृंगार की सामग्री बनाने वालों और ऐसी ही गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर लगे व्यक्तियों और उनके परिवारों से मिलकर, दीपावली पर्व के उत्साह और उल्लास का प्रकटीकरण होता है। भगवान श्रीराम ने भी सभी लोगों के साथ मिलकर सभी के कल्याण की कामना के साथ अपना राज्य चलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी दीपावली मनाने के लिए स्वयं बाजार जाकर स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पाद खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सबका यह सामूहिक प्रयास हो कि गरीब और मजदूर परिवार का कोई भी सदस्य भूखा न रहे, सबके जीवन में दीपावली का आनंद हो, हम सामूहिक दायित्व के रूप में दीपावली का पर्व मनाएं।   recent visitors 53

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भोपाल दौरे पर की थी ऐतिहासिक घोषणा, प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेज़ी से होगा विस्तार

मध्यप्रदेश को मिला 20,000 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं का उपहार केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भोपाल दौरे पर की थी ऐतिहासिक घोषणा प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेज़ी से होगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश लगातार विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उनके विजन के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास हो रहा है, जो प्रदेश के समग्र उत्थान में सहायक सिद्ध हो रहा है। मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 19 अक्टूबर को भोपाल में हुए सेमिनार में की गई घोषणा अनुसार प्रदेश को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क निर्माण योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कार्यवाही तेज़ी से की जा रही है। आने वाले दिनों में लगभग 20 हज़ार 403 करोड़ की लागत से प्रारंभ होने वाली 27 परियोजनाओं से प्रदेश के मार्गों और सड़कों का विस्तार होगा, जिससे यातायात सुगम बनेगा साथ ही सड़क सुरक्षा में अभूतपूर्व सुधार आएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सौगात प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य शुरू होंगे, जिससे यातायात में सुधार के साथ आर्थिक और सामाजिक प्रगति के नये आयाम स्थापित होंगे। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में विकास की रफ्तार बढ़ेगी और राज्य के नागरिकों के लिए सफर पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। एनएचएआई के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाएँ:     बैतूल-खंडवा सेक्शन (एनएच-347बी): बेतूल से मोहदा (90 कि.मी.) और मोहदा से बाराकुंड तक 2-लेन प्लस पावर्ड सेक्शन का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 1,200 करोड़ रुपये है।     देशगांव-खरगोन सेक्शन (एनएच-347बी): 65 कि.मी. लंबी इस सड़क को 4 लेन में परिवर्तित करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।     खरगोन-बड़वानी सेक्शन (एनएच-347बी): 35 कि.मी. की इस परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     बरेठा घाट (एनएच-46): इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर के इस 20 कि.मी. हिस्से को 4-लेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिसकी लागत 550 करोड़ रुपये है।     सलकनपुर-नसरुल्लागंज-बुधनी-बाड़ी स्ट्रेच: इस 41 कि.मी. लंबे हिस्से की लागत 650 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।     झाबुआ-रायपुरिया-पेटलावद सेक्शन: 50 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     बेतूल-खंडवा पैकेज-4 (एनएच-347बी): यह 33 कि.मी. लंबी परियोजना 381 करोड़ रुपये में पूरी होगी।     सागर-कानपुर (पैकेज-3): सतिया घाट से अंगोर गाँव तक 55 कि.मी. की यह सड़क 1,006 करोड़ रुपये में बनेगी।     सागर-कानपुर (पैकेज-4): अंगोर गाँव से एमपी/यूपी सीमा तक के 44 कि.मी. हिस्से की लागत 996 करोड़ रुपये है।     ग्वालियर सिटी बायपास: पश्चिमी क्षेत्र में 29 कि.मी. लंबे इस बायपास पर 1,005 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।     ओरछा-झांसी ग्रीनफील्ड हाईवे लिंक: NH-26 को एनएच-76 से जोड़ने वाले इस लिंक की लंबाई 14 कि.मी. होगी और इसकी लागत 491 करोड़ रुपये है।     सागर बायपास (सागर लिंक रोड-02): इस 26 कि.मी. लंबे बाईपास की लागत 756 करोड़ रुपये है।     जबलपुर-दमोह (पैकेज-1 और 3): जबलपुर से दमोह तक 80 कि.मी. लंबी इस परियोजना पर 1,773 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     रीवा-सीधी सेक्शन (एनएच-39): 30 कि.मी. लंबे इस सेक्शन पर 1,500 करोड़ रुपये का व्यय होगा। एनएचएआई के तहत कुल 612 कि.मी. लंबाई की परियोजनाओं का अनुमानित बजट 13,658 करोड़ रुपये है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाएँ:     मंडला बायपास से नैनपुर बायपास (एनएच-543): इस 46 कि.मी. लंबे खंड की लागत 642 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     सेंधवा-खेतिया (एनएच-752जी): इस 57 कि.मी. लंबे हिस्से के लिए 725 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     टिकमगढ़-ओरछा (एनएच-539): 75 कि.मी. की यह परियोजना 926 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     शाहगढ़-टीकमगढ़ (NH-539): इस 80.1 कि.मी. लंबी सड़क की लागत 951 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     अंजड़-बड़वानी (एनएच-347बी): 20.25 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना पर 250 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     चंदेरी-पिछोरे (एनएच-346): इस 55.15 कि.मी. लंबे हिस्से पर 452 करोड़ रुपये का व्यय होगा, जिसमें तीन ग्रीनफील्ड बाईपास भी शामिल हैं।     सिरमौर-डभोरा (एनएच-135बी): 38.29 कि.मी. लंबाई की इस सड़क का बजट 300 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     पवई-सलेहा-जसो-नागौद (एनएच-943): इस 12.49 कि.मी. लंबे हिस्से के शेष कार्य पर 56 करोड़ रुपये खर्च होंगे।     बैतूल-परतवाड़ा (एनएच-548सी): 62.16 कि.मी. की इस सड़क के लिए 580 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     नैनपुर बायपास से बालाघाट बायपास (एनएच-543): इस 74.35 कि.मी. लंबे खंड पर 860 करोड़ रुपये की लागत आएगी।     लोनिया (मध्यप्रदेश /महाराष्ट्र सीमा) से बुरहानपुर(एनएच-347सी): 8.8 कि.मी. की इस परियोजना पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।     सिंगरौली-चित्रंगी-बगदरा (एनएच-135सी): 70.1 कि.मी. लंबी इस सड़क की लागत 903 करोड़ रुपये है।     सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत कुल 616 कि.मी. लंबाई की परियोजनाओं का अनुमानित बजट 6,745 करोड़ रुपये है। स्वीकृत परियोजनाएँ     वित्तीय वर्ष 2024-25 में पहले से स्वीकृत परियोजनाएँ जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रगतिरत है।     अयोध्या नगर बायपास (NH-46 से NH-146): 16 कि.मी. लंबे इस बायपास की लागत 1,219 करोड़ रुपये है।     ग्यारसपुर-राहतगढ़ (NH-146): 36 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना पर 620 करोड़ रुपये का खर्च होगा।     राहतगढ़-बरखेड़ी (NH-146): 11 कि.मी. की यह परियोजना 450 करोड़ रुपये में पूरी होगी।     विदिशा-भोपाल (NH-146): 52 कि.मी. लंबाई की इस सड़क पर 1,096 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।     विदिशा-ग्यारसपुर (NH-146): इस 32 कि.मी. लंबी परियोजना की लागत 543 करोड़ रुपये है।     जबलपुर रिंग रोड (पैकेज-5): 18 कि.मी. लंबाई की इस रिंग रोड के लिए 620 करोड़ रुपये का बजट है।     आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड: इस 88 कि.मी. लंबे हाईवे की लागत 4,821 करोड़ रुपये है।     प्रदेश मे केन्द्र स्वीकृत परियोजनाओं के तहत 9,369 करोड़ रुपये के विभिन्न सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत है।   recent visitors 61

राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित

शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं : राज्यपाल पटेल संस्कार आधारित शिक्षा पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का रहा है विशेष महत्व राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित 54 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए सिंगल क्लिक से किए 324 करोड़ रुपये अंतरित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों किया गया सम्मानित नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एज्यूकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षक हुए सम्मानित राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक सम्मान तथा गणवेश वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं। उनकी महत्ता इस बात से ही समझी जा सकती है कि माता-पिता, बच्चों को जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ आदर्श नागरिक बनाते हैं। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी है। यह समाज में समानता, स्वावलम्बन और स्वाभिमान के गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में देश प्रेम के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद के गुणों को विकसित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, अपना काम यह मानकर करें कि वे न सिर्फ बच्चों को विद्यादान कर रहे हैं बल्कि विकसित और विश्वगुरू भारत के निर्माण में योगदान भी दे रहे हैं। राज्यपाल पटेल प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा गणवेश राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आम का पौधा रोपा। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित 14 शिक्षकों, वर्ष-2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दो शिक्षकों और राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में तीन विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश के लिए 324 करोड रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। सीएम राइज़ स्कूल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ स्व-रोजगार और स्वावलम्बन के लिए तैयार करें। उन्हें आज के प्रतियोगी युग में जुझारू और सफल बनने का हुनर सिखाएं। शिक्षक, बच्चों में शेयर एण्ड केयर, नैतिकता, दया, सहयोग आदि नैतिक गुणों को रोपें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। इसी क्रम में सीएम राइज स्कूल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की विशेष पहल है। यह परियोजना बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बेहतरी में सफल होगी। तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है श्रीमद् भगवद् गीता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से पाठ्यक्रम में संस्कार आधारित शिक्षा के समावेश और क्रियान्वयन के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में ऐतिहासिक रूप से गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय समाज ने हर काल परिस्थिति में देश के सामने आने वाली चुनौती में प्रभावी तरीके से महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हर चुनौती पूर्ण स्थिति में देश की शैक्षणिक संस्थाएं अपने दायित्व निर्वहन में सक्रिय और सजग रही हैं। भगवान श्रीराम के काल में शिष्य के रूप में प्रशिक्षित हो रहे श्रीराम और लक्ष्मण ने भी दृढ़ता पूर्वक तत्कालीन चुनौतियों का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम आकर 64 कला, 14 विद्या, 18 पुराण, चारों वेद और शस्त्र और शास्त्र के बीच तालमेल में निपुण हुए। घनघोर युद्ध में उनके मुखारविंद से निकली वाणी, श्रीमद् भगवद् गीता के स्वरूप में विश्व के सामने आई है। यह तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य का प्रमाण और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है। चंद्रगुप्त और चाणक्य के रूप में भी परंपरा की इस निरंतरता के दर्शन होते हैं। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य ने भी आक्रांताओं को परास्त कर व्यवस्था स्थापित की। लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव किए प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की सभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ आधार की निरंतरता स्पष्टतः परिलक्षित होती है। इसी का परिणाम है कि शक्ति और सामर्थ्य का आधार हमारी शैक्षणिक और बौद्धिक संस्थाएं, शत्रु के आक्रमण का सदैव निशाना बनी और आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला और नालंदा को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारत के गौरवशाली अतीत पर केंद्रित पाठ्यक्रम का समावेश किया है। भारत, संपन्न और शक्तिशाली बनने के साथ ही विश्व गुरु बनने के मार्ग पर निरंतर अग्रसर है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन:- सर्वे सन्तु निरामय: के उद्दात भाव से संपूर्ण विश्व में मानव मूल्यों को स्थापित करने के पथ पर अग्रसर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण, बेहतर परिवेश, बेहतर व्यवस्था, बेहतर संसाधन और बेहतर परिणाम के लिए विभाग निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष 74 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों … Read more

राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को नई सौगातें देने पर प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार CM यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के ग्यारसपुर से राहतगढ़ खंड को 4-लेन में अपग्रेड एवं विकास करने के लिए 903.44 करोड़ रुपए की मंजूरी निश्चित ही इस क्षेत्र के साथ प्रदेश की प्रगति में नया अध्याय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय अभिनंदनीय है। पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार से 8 हजार रुपए प्रतिमाह किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र कैबिनेट द्वारा आज जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए प्रतिमाह देने निर्णय से मध्यप्रदेश सरकार का एक और संकल्प पूर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पेसा मोबिलाइजर्स को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहाकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिएपूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं। अंतरिक्ष के लिए उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा IN-SPACe के अंतर्गत अंतरिक्ष के लिए एक हजार करोड़ के उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान करने के निर्णय का भी स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कोष अंतरिक्ष क्षेत्र में कार्यरत लगभग 40 स्टार्टअप को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित यह निर्णय भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निजी क्षेत्र के निवेश की भागीदारी बढ़ाते हुए इसकी प्रगति भी सुनिश्चित करेगा।   recent visitors 67