CM यादव ने महाकुंभ से लौट रही हैदराबाद निवासी डॉ. कीर्ति पामो को कराया एयर लिफ्ट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ से लौट रही हैदराबाद निवासी डॉ. कीर्ति पामो को कराया एयर लिफ्ट सतना अमरपाटन में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से हुई घायल राज्यमंत्री ने किया था हैदराबाद एयरलिफ्ट कराने का आग्रह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से गंभीर घायल तत्काल सतना से हैदराबाद पहुंची मुख्यमंत्री का राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने माना आभार मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्प-गुच्छ भेंट कर किया उनका अभिवादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने प्रयागराग महाकुंभ से लौटते समय सतना अमरपाटन में हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हैदराबाद की डॉ. कीर्ति पामो को एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आभार माना है। मंत्री श्रीमती बागरी ने मंत्रालय में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया। उल्लेखनीय है घायल डॉ. कीर्ति का इलाज सतना के एक अस्पताल में चल रहा था। परिजनों की मांग पर राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने रामपुर बघेलान पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिजनों की भेंट कराई और डॉ. कीर्ती को बेहतर इलाज के लिए उनके शहर हैदराबाद एयरलिफ्ट करने में सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रयागराग महाकुंभ से लौट रहीं डॉ. कीर्ति को तत्काल सतना से हैदराबाद एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप फ्लाई ओला की एयर एम्बुलेंस सोमवार को दोपहर 1:30 बजे सतना एयर पोर्ट पहुंची, शीघ्र स्वास्थ्य की कामना के साथ राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने दोपहर 2:30 बजे डॉ. पामो को परिजनों के साथ एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस संवेदनशीलता और त्वरित पहल से उनके निर्देश के बाद मात्र 18 घंटे में घायल डॉ. पामो और उनके परिजनों को हैदराबाद भेज दिया गया। इस पहल के लिए डॉ. कीर्ति पामो तथा उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य मंत्री श्रीमती बागरी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी डॉ. कीर्ति पामो के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है।   recent visitors 38

तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर जनजातीय नर्तक एवं वाद्य कलाकार को दिए जाएंगे पांच-पांच हजार रूपए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज के देवस्थानों एवं पूजा स्थलों के विकास के लिए सभी पेसा ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे तीन-तीन हजार रुपए जनजातीय देवलोक महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धर्म मुखियाओं का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगोरिया उल्लास का पर्व है। यह फागुन के रंगों से सराबोर प्रकृति की खुशबू में कुछ पल थम जाने और इसी में रम जाने का पर्व है। हमारी सरकार भगोरिया का उल्लास बरकरार रखेगी। अब भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। यह इसी वर्ष से शुरू किया जाएगा। वे स्वयं भी भगोरिया उत्सव में शामिल होंगे। सरकार छोटे-छोटे स्थान पर जनजातीय देवी-देवताओं के पूजा स्थलों को विकसित करने के लिए सहायता देगी। हम कोरकू उत्सव भी मनाएंगे। इसके अलावा जनजातीय समाज के जितने भी त्यौहार आने वाले हैं, सरकार उन्हें राजकीय स्तर पर मनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में हुए जनजातीय देवलोक महोत्सव में यह महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज हमारा गौरव है। जनजातीय नायकों ने स्वाधीनता संग्राम में अपना बलिदान दिया। वे किसी के भी सामने झुके नहीं। जनजातियों की देशज पुरा संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सरकार उनका सहयोग करेगी। जनजातियों की विशेष पूजा पद्धति, रीति-रिवाज संस्कृति, संस्कार यह सब हमारी धरोहर हैं। सरकार इन्हें संजोकर रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ जनजातीय परम्परा एवं पूजा पद्धति से बड़ा देव पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी जनजातीय बंधुओं से जय बड़ा देव और जय जोहार का उद्घोष कराया। समारोह स्थल पर आगमन के दौरान जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य एवं वाद्य यंत्रों, मांदल की थाप से अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मेजबान के रूप में मुख्यमंत्री निवास आए सभी मेहमानों/आगंतुकों पर पुष्पवर्षा कर उनका हार्दिक स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का महोत्सव जनजातीय समाज के धार्मिक मुखियाओं का सम्मान है। जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखने वाले ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भगत, भुमका, पंडा एवं अन्य धर्म मुखियाओं सरकार के लिए सदैव सम्मानित रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों की संस्कृति में आत्मीयता है, इनकी बोली में प्रेम प्रतिबिंबित होता है। जनजातियों की पूजा पद्धति प्रकृति के प्रति आस्था को व्यक्त करती है। जनजातियों के सभी देवी देवताओं और इनकी प्रकृति के प्रति आभार पूजा पद्धतियों को भी नमन है। प्रकृति पूजक जनजातीय संस्कृति हम सबको जीना सिखाती है, जीवन का आनंद लेना सिखाती है। जल, जंगल, जमीन और जमीर बचाने में जनजातीय महानायकों ने अपने प्राणोत्सर्ग कर दिए। जनजाति समाज भारत का गौरव है। टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, अमर शहीद रघुनाथ शाह और कुंवर शंकर शाह इसकी पहचान हैं। जनजातीय समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति को और अधिक पल्लवित किया है। जनजातीय समाज के वाद्य यंत्र और उनकी बोली मानवीय भावों का उदात्त प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बंधुओं से अपील की है कि इस समृद्ध संस्कृति को हमेशा बनाए रखें। सरकार इसमें मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के लिए बड़े काम किए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वहां के जनजातियों के उत्थान के लिए अनुकरणीय कार्य किए। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पेसा एक्ट के जरिए राज्य सरकार ने जनजातीय बंधुओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय संस्कृति के पैरोकार नर्तक दल और वाद्य यंत्र कलाकारों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय देवलोक महोत्सव में आए सभी जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पांच-पांच हजार रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसके जनजातियों देवस्थानों एवं इनके देवी देवताओं के प्रतीकों, पूजा स्थलों एवं पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंच से जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को पांच-पांच हजार रूपए एवं पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा एक्ट के जरिए हमने जनजातीय समाज को और अधिक अधिकार संपन्न बनाया है। जल जीवन मिशन को सफल बनाने का जिम्मा भी हमने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के रूप में हमारी जनजातीय बहन श्रीमती संपत्तियां उइके को सौंपा है। जनजातियों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी हमारी सरकार ने वरिष्ठ मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह को दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 2.5 लाख से अधिक वन अधिकार पत्र देकर जनजातीय बंधुओं को उनका वाजिब हक दिलाया है। हमारी सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में नर्मदा का जल पहुंचाएगी। प्रदेश में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन मात्र पांच रूपए में उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में यह व्यवस्था मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड क्षेत्र में होगी। आगे पूरे प्रदेश में हम इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अगले तीन साल में हम प्रदेश के सभी किसानों को सोलर पंप मुहैया कराएंगे। इससे किसान खुद बिजली उत्पन्न कर अपने खेत में सिंचाई भी करेंगे। किसानों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदेगी। इस वर्ष प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को 2600 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से उपार्जन का लाभ मिलेगा। साथ ही खरीफ-2024 के लिये धान उत्पादक किसानों के खाते में प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार घर-घर गौपालन को बढ़ावा देगी। हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए तेजी से प्रयासरत है। किसानों को पांच रूपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि (बोनस) देने का निर्णय भी हम ले चुके हैं। किसानों द्वारा उत्पादित दूध सहकारिता विभाग के माध्यम से … Read more

भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।   recent visitors 50

मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा बेसिन से जुड़े प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाए। जिससे कि सभी क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसानों के खेतों में टेल एंड तक पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कम्पनी की कार्य-प्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव एवं नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक डॉ. राजेश राजौरा, संचालक हिरदाराम चौहान सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में कम्पनी के प्रबंध संचालक डॉ. राजौरा ने कम्पनी की प्रगति, वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नर्मदा क्षिप्रा लिंक बहुउद्देशीय परियोजना का कार्य अंतिम चरण में होने की जानकारी देते हुए कंपनी के एम.डी. डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि खण्डवा जिले में उद्वहन सिंचाई परियोजना और धार जिले में भी एक बड़ी परियोजना का भूमि-पूजन प्रस्तावित है। बैठक में विभिन्न मुद्दों एवं विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस वर्ष नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा क्षेत्रीय विकास एवं बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी प्रस्तावित योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए और अधिक तेज व प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैंपियन ट्रॉफी के फायनल में पहुँचने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूएई के दुबई में हुए आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी-2025 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार विजय पर सभी को बधाई दी है। इस विजयसे भारत ने चैंपियन ट्राफी-2025 के फाइनल मैच में अपना स्थान बना लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की जीत विजय पथ पर भारत के बढ़ते कदम हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हृदय से बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईसीसी चैंपियनशिप ट्रॉफी-2025 में भारत की शानदार विजय पर समस्त देशवासियों की प्रसन्नता में शामिल होते हुए कहा कि सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सभी भारतीय खिलाड़ियों का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और भारत ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर फाइनल मुकाबले में पहुंचा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि भारतीय क्रिकेट टीम का ऐसा ही शानदार प्रदर्शन फाइनल में भी भारतीयों के चेहरों पर विजयी मुस्कान बिखेर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल मुकाबले में जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।   recent visitors 36

प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक की साझेदारियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-भोपाल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड-शो के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बना। साथ ही कुशल मैन पॉवर उपलब्ध कराने वाला आदर्श स्थान पर बन गया है। प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए "इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स" तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक साझेदारियां की हैं। इससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीआईएस-भोपाल में कौशल विभाग ने कई देशी-विदेशी एजेंसियों के साथ एमओयू किये। ये एजेंसियां आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए एडवांस ट्रेड्स एवं विधाओं का कौशल प्रशिक्षण देंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेशकों को कुशल वर्क फोर्स मिलेगा। जीआईएस में युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 8 एमओयू साइन किये गये। इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक के सहयोग से ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। इससे इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन जैसे ट्रेड्स में कुशल युवाओं की मांग पूरी होगी। इसी प्रकार, जीआईजेड और सिमेंस इंडिया की साझेदारी आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-रेडी ग्रीन स्किल्स प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में सतत् और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। साइन्टेक टेक्नोलॉजीज और अपनाटाइम टेक प्रा. लि. के साथ मिलकर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अपस्किलिंग की पहल की जा रही है। इससे इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभा को विकसित किया जा सकेगा। यह कंपनी अपने डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ेगी, इससे रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और व्यापक होगी। ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा प्रशिक्षित एवं प्रायोजित किया जाएगा। इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग की मांग के बीच संतुलन स्थापित होगा। उन्नति फाउंडेशन स्वयम पोर्टल के माध्यम से रोजगार उन्मुख ऑनलाइन पाठ्यक्रम, साइकोमेट्रिक विश्लेषण और कैरियर गाइडेंस प्रदान कर रही है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से जापानी भाषा और आवश्यक कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे जापान में भी रोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे। जीआईएस भोपाल से मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों को नया आयाम मध्यप्रदेश में ग्रीन स्किल्स और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय सहयोग जीआईएस-भोपाल के प्रभावी परिणामों के रूप में, मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किए गए हैं। इंडस्ट्री-फोकस्ड प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण साझेदारियों को मूर्त रूप दिया गया है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने "सिमुलेशन-बेस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर ग्रीन एनर्जी जॉब्स" (ग्रीन स्किल्स) परियोजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन ट्रेड के व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उन्नत करने के लिए एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क और कौशल विकास निदेशालय के साथ समझौता किया है। इंडस्ट्री-रेडी आईटी प्रशिक्षुओं के लिए ग्रीन स्किल्स जीआईजेड और सिमेंस इंडिया के सहयोग से, मध्यप्रदेश में आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-प्रासंगिक ग्रीन स्किल्स से लैस करने, जेंडर समावेशन को बढ़ावा देने और वर्क-रेडीनेस को सशक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश में सतत और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूत करेगा। कार्य स्थल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार सहायता सायंटेक टेक्नोलॉजीज और अपना टाइम टेक प्रा. लि. के साथ साझेदारी के तहत, छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार करने की पहल की गई है। अपना डिजिटल भर्ती मार्केटप्लेस के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया जा रहा है। इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी शिक्षा मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को प्रायोजित किया जाएगा, इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा। साथ ही युवाओं की एम्प्लोयबिलिटी को बढ़ाया जा सकेगा। ऑनलाइन लर्निंग और कैरियर गाइडेंस युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम, ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) और साइकोमेट्रिक विश्लेषण को मजबूत करने के लिए उन्नति फाउंडेशन द्वारा स्वयम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की गई है। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश सरकार के उद्योगम पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों को सुलभ बनाया जाएगा। जापान में रोजगार के अवसर वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से, मध्यप्रदेश के छात्रों को जापानी भाषा और आवश्यक कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे जापान में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें। यह पहल राज्य के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। जीआईएस भोपाल से कौशल विकास और रोजगार में आएगा बड़ा बदलाव जीआईएस-भोपाल के बाद मध्यप्रदेश ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय साझेदारियों को मूर्त रूप दिया है। इन समझौतों से युवाओं को उद्योग-रेडी बनाया जा रहा है। साथ ही तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को ग्रीन एनर्जी, आईटी, तकनीकी और वैश्विक रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होंगे। जीआईएस-भोपाल से निवेश भी आकर्षित हुआ है और लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग जगत के इस सहयोग से मध्यप्रदेश एक सशक्त, आत्म-निर्भर और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स का केंद्र बन रहा है।   recent visitors 54

खजुराहो-सांची में भी गोल्फ कोर्ट और रिसॉर्ट बनाने के लिए 600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनेंगे

भोपाल  ट्रेजर ग्रुप छह सौ करोड़ रुपए का निवेश कर खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा, खजुराहो में मिनी गोल्फ कोर्स एवं रिसॉर्ट तथा सांची में गोल्फ कोर्स एवं लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। वहीं अमेजन प्राइम, हालीवुड प्रोजेक्ट, जी फाइव और अन्य निवेशक मिलकर मध्यप्रदेश में तीन सौ करोड़ रुपए खर्च कर नये प्रोजेक्ट शुरु करेंगे। ट्रेजर समूह आने वाले समय में खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। दतला पहाड़ खजुराहों के समीप मिनी गोल्फ कोर्स भी समूह बनाएगा साथ ही यहां एक लक्जरी रिसार्ट भी बनाएगा। समूह सांची के पास भी एक गोल्फ कोर्स और लक्जरी रिसॉर्ट का निर्माण करेगा। इन सब पर ट्रेजर समूह छह सौ करोड़ रुपए खर्च करेगा। मध्यप्रदेश में बड़े निवेशक निखिल आडवाणी द्वारा रिवेल्यूशनरी अमेजन प्राइम सौ करोड़ खर्च कर इंदौर, खंडवा, खरगौन और महेश्वर में यूनिट शुरु करेगा। हालीवुड प्रोजेक्ट के तहत इंडिया टेक वन अस्सी करोड़ खर्च कर टीकममगढ़, ओरछा और चंदेरी में निर्माण करेगा। जीफाइव द्वारा हेनरी डी कुन्हा का रियलिटी शो अनटाइटल्ड भोपाल और सीहोर में 25 करोड़ रुपए खर्च कर शुरु किया जाएगा। वहीं आर्यन सक्सेना का प्रोजेक्ट अनटाईटल्ड थिएट्रिकल रिलीज आठ करोड़ से अनूपपुर और अमरकंटक में शुरु होगा। मध्यप्रदेश में सिनेमा हॉल के निर्माण और पुनर्निमाण के आठ प्रस्ताव भी नई नीति के तहत बुरहानपुर, कटनी, इंदौर, खजुराहो के लिए मिले है। इन पर 37 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। आईएचसीएल एमआरएस खोलेगे नई होटल्स- आईएचसीएल मध्यप्रदेश में विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, एवं इंदौर में नौ होटल्स शुरु कर चुकी है। समूह अब इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं पेंच में पांच नई इकाईयों की स्थापना करेगा। इसके लिए समूह मध्यप्रदेश में 1907 करोड़ रुपए खर्च करेगा।एमआरएस ग्रुप द्वारा महेन्द्र भवन पन्ना, क्योटी किला रीवा एवं सिंहपुर महल चंदेरी में डेढ़ सौ करोड़ रुपए खर्च कर लक्जरी बुटिक होटल विकसि किए जाएंगे। प्रमुख वैश्विक आतिथ्य कंपनी हिल्टन जबलपुर और भोपाल में 254 कमरों की दो इकाईयों शुरु करेगी। इस पर दो सौ करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। जहानुमा ग्रुप आॅफ होटल्स द्वारा अठारह करोड़ रुपए खर्च कर मांडू में एक नया प्रीमियम होटल शुरु करेगा। सकूह मध्यप्रदेश में चार इकाईयां संचालित कर रहा है। ओबेराय सामूह बांधवगढ़ में विंध्यविलास वन्य जीव रिसॉर्ट का सफल संचालन कर रहा हे अब 450 करोड़ रुपए खर्च कर राजगढ़ पैलेस खजुराहो में एक नई इकाई में निवेश शुरु करेगा। आईटीसी होटल प्राइवेट लिमिटेड ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च कर लुनेरा कासेल हेरिटेज होटल आईटीसी धर एवं आईटीसी भोपाल का विकास करेगा। आईटीसी जबलपुर में वेलकम होटल आईटीसी का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।   खंडवा, सांची, खजुराहो के निवेश प्रस्ताव     नजरपुरा आइलैंड खंडवा: इंदिरा सागर डैम के बैक वाटर एरिये में ये आइलैंड है। यहां पर 17.57 हेक्टेयर भूमि पर 138.34 करोड़ रुपए से 106 लग्जरी रूम, 2 रेस्टोरेंट, वॉटर स्पोर्ट्स, विश्व स्तरीय वेलनेस रिसॉर्ट (स्पा, मेडटेशन-योगा) एवं अन्य एक्टिविटी होग और 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।     सांची में रिसॉर्ट: सांची के पास नीनोद में 77 हेक्टेयर जमीन पर कुल 246.02 करोड़ रुपए की लागत से 217 लग्जरी रूम एवं विलाज, 5 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, गोल्फ विला, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस सेंटर एवं टूरिज्म से जुड़ी अन्य एक्टिविटी होगी। इससे करीब साढ़े 6 सौ लोगों को रोजगार मिलेगा।     खजुराहो में गोल्फ कोर्ट: खजुराहो स्थित दतला पहाड़ में 72.943 हेक्टेयर जमीन पर 206.27 करोड़ रुपए की लागत से 204 लग्जरी स्वीट रूम्स, 2 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, वेलनेस सेंटर, थीम गार्डन, हेरिटेज वॉल, हॉट एयर बैलूनिंग जैसी पर्यटन सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसमें 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ट्रेजर ग्रुप के इंदौर में भी प्रोजेक्ट्स ट्रेजर ग्रुप इंदौर का है। ग्रुप के यहां पर कई प्रोजेक्ट्स हैं। कंपनी रियल एस्टेट विकास, पैकेजिंग उत्पादों के निर्माण, पवन ऊर्जा उत्पादन, हर्बल उत्पादों समेत अन्य गतिविधियों में शामिल हैं। ग्रुप ने तीनों ही जगहों पर 600 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है। recent visitors 67