कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है, लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है: CM यादव

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में IPS मीट का शुभारंभ किया. इस अवसर पर सीएम ने प्रदेश के आला IPS अधिकारियों को संबोधन में कहा कि कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है. लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है. किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया पुलिस को ही देना पड़ती है. परेशानी में पुलिस ही भगवान नजर आती है. पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है. जो काम पुलिस के नहीं हैं, उनमें भी पुलिस से मदद की उम्मीद की जाती है. जाति से किसी को अपराधी न समझें CM यादव ने कहा कि कई जातियों को हमने आपराधिक घोषित कर दिया है. लेकिन हमारी ये मानसिकता अंग्रेजों के वजह से हो गई. जबकि ऐसे लोगों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो ये बहुत काम के हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण दिया कि नट जाति के लोगों से पहले गुप्तचर का काम लिया जाता था, अपनी कला-कौशल के बल पर वे बहुत काम आते थे. इसीलिए पुलिस को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा. सबके अधिकारों की रक्षा ही सच्ची पुलिसिंग मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पुलिसिंग की भावना का सही अर्थ समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार किसान अपनी फसल में से कई वर्गों को उपज का हिस्सा देता है, उसी प्रकार पुलिस की भी ये भावना होनी चाहिए. जो हमें मिला, केवल वो हमारा नहीं है. पुलिस को मिला पॉवर सबका पॉवर है. सबके अधिकारों के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करना ही सच्ची पुलिसिंग है. सीएम यादव ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती होती है कि कानून का पालन कराना है, दक्षता दिखानी है लेकिन ये वसंवेदनशीलता के साथ होना चाहिए. मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है जिसने कई मामलों में अपनी अच्छी पोजीशन से बनाई है बम्होरीकला थाना प्रभारी का सम्मान टीकमगढ़ के बम्होरीकला थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में सम्मिलित किया और एक्सीलेंस अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई और बम्होरीकला थाना प्रभारी रश्मि जैन को सम्मानित किया. CM ने दिए थानों को पुरस्कृत करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंत में डीजीपी कैलाश मकवाना से कहा कि प्रदेश में भी पुलिस थानों को पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू हो. उन्होने कहा कि जिस प्रकार केन्द्रीय गृह मंत्रालय थानों को पुरस्कृत करता है, इसी प्रकार के पैरामीटर पर मध्यप्रदेश में पुलिस थानों को प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू करें. प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर थानों को पुरस्कृत किया जाए.   recent visitors 52

मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में विरासत हाट मेले में की भागीदारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने एवं बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग शिल्पियों एवं हाथकरघा बुनकरों को देश के विभिन्न मेलों और उत्सवों में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इससे प्रदेश की कला की देश में सराहना हो रही है। प्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में आयोजित विरासत हाट मेले में सहभागिता की। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्प गुरू मोहम्मद युसुफ खत्री और अब्दुल करीम खत्री ने भी भागीदारी की। प्रमुख हस्तियों ने शिल्पियों का मनोबल बढ़ाकर सराहना की। शिल्पियों का प्रदेश की बाग प्रिंट की लोक प्रियता महाराष्ट्र में फैलाते में अहम योगदान रहा।   recent visitors 47

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को स्कूटी खरीदने राशि भेजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रावीण्य सूची के बच्चों को स्कूटी का वितरण किया जा चुका है। अब बच्चे अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीद सकते हैं। इसके लिए सभी जिलों को राशि पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में लैपटॉप सहायक है, जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि अंतरित की जाएगी। विद्यार्थियों को जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर उपलब्धि अर्जित कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य शासन का दायित्व है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्कूटी और लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं।   recent visitors 44

तप, त्याग, सेवा, संयम, समर्पण जैसे शब्द विद्यासागर जी के व्यक्तित्व के सम्मुख छोटे लगते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज की स्मृति में भोपाल में स्मृति स्थल विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति दिवस पर विधानसभा परिसर में आयोजित गुरु गुणानुवाद सभा में गुरु वंदना कर अतिशय पुण्य अर्जित करने पधारे समर्पित भक्तों का राज्य शासन की ओर से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने अपने जीवन में सभी आवश्यक नियमों का पालन किया। संत परंपरा का अनुसरण करते हुए उनके प्रकृति के साथ संबंध, जीवन शैली, मानव सेवा और समाज को मार्गदर्शन के माध्यम से वे अपने जीवन काल में ही देवता के रूप में स्वीकारे जाने लगे। व्यक्तिगत जीवन में तप, संयम, त्याग, सेवा, समर्पण जैसे शब्द उनके व्यक्तित्व के सम्मुख छोटे पड़ जाते हैं। कार्यक्रम में सांसद भोपाल आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, विधानसभा के प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह, जनप्रतिनिधि राहुल कोठारी तथा जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का मुकुट और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट द्वारा कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुकुट तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया। उनको शॉल भी सम्मानपूर्वक भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत शिरोमणि 108 विद्यासागर जी महाराज जी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित किया तथा मुनि108 प्रमाण सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन और कृतित्व पर आधारित 25 पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें नेमावर में संत-के सानिध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। साक्षात देवता के दर्शन के समान प्रतीत होता संत-का अलौकिक व्यक्तित्व जीवन को धन्य करने वाला था। जैन और सनातन दर्शन में आत्मा की भूमिका आवागमन की बताई गई है। यह माना जाता है कि वस्त्र बदलने के समान ही पवित्र आत्मा शरीर बदलती है। इस दृष्टि से यह मानना कि महाराज जी हमारे बीच नहीं है, व्यर्थ है। वास्तविकता यह है कि उन्हें स्मरण करने और मन की आंखों से देखने के क्षणिक प्रयास मात्र से ही आचार्य विद्यासागर जी के आस-पास होने की सहज अनुभूति होती है। उनके व्यवहार, स्वरूप और विचार के प्रभाव के परिणाम स्वरूप सभी व्यक्ति उन्हें अपना मानते थे। प्रदेशवासियों में संत-के प्रति इतने अपनत्व और आदर का भाव था कि यह किसी को अनुभूति ही नहीं होती थी कि वे कर्नाटक से हैं। संत-ने जीवन के कई क्षेत्रों में समाज को दिशा दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने अपनी इच्छा शक्ति से जीवन के कई क्षेत्रों में समाज को दिशा दी। स्वरोजगार के क्षेत्र में जेल से लेकर समाज में महिलाओं को रोजगार देने का मार्ग प्रशस्त किया। गौ-माता की भी उन्होंने चिंता की तथा गौ-माता के माध्यम से लोगों के जीवन और प्रकृति में बदलाव के लिए गतिविधियों को प्रोत्साहित किया। इसी प्रकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में की गई उनकी पहल अनुकरणीय है। आचार्यने अपने विचार, भाव और कर्म से समाज को प्रकृति व परमात्मा के समान पुष्पित-पल्लवित, प्रेरित करने का कार्य किया। भारतीय जनतंत्र की सांस्कृतिक जड़ें, नई शिक्षा नीति का आधार है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-का विचार था कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा सभी के लिए सुलभ होना चाहिए। वे भाषाओं की समृद्धि पर विशेष ध्यान देते थे, उनका विचार था कि भाषाओं की विविधता की जानकारी से भारत की आंतरिक शक्ति में भी वृद्धि होती है और ज्ञान के लिए भाषाओं की समृद्धि आवश्यक है। गुणवत्ता शिक्षा के लिए प्रदेश में निरंतर प्रयास जारी हैं, इस क्रम में 55 एक्सीलेंस कॉलेज आरंभ किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार भारतीय जनतंत्र की सांस्कृतिक जड़ें, नई शिक्षा नीति का आधार है। इसी का परिणाम है की नई शिक्षा नीति में जैन दर्शन सहित भारतीय ज्ञान परंपरा के सभी विचारों को शामिल किया गया है। प्रदेश में खुले में मांस की दुकानों को भी बंद किया गया। तेज ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार संवदेनशील है। प्रदेश में शराब बंदी की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई। समाज में इस दिशा में सुधार की आवश्यकता है। देश और समाज के प्रमुख आयोजन तिथियों के आधार पर हों मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय संस्कृति में तिथियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय काल गणना देश के प्राचीन ज्ञान, कौशल के बल पर स्थानीय ऋतुओं और परिस्थितियों के अनुसार विकसित हुई, जिस पर सभी को गर्व है। देश और समाज के प्रमुख आयोजन तिथियों के आधार पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज संत नहीं जीवित देवता हैं, उनका स्नेह, प्रेम, दुलार और आशीर्वाद सब पर बना रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मृति दिवस पर पधारे मुनि-के विचारों का श्रवण भी किया।   recent visitors 30

औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर MP : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को 'भारत का दिल' कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी।  माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा। इन विभागीय समिट से सरकार मध्यप्रदेश में निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईएस के इस नए स्वरूप से न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्यप्रदेश अब सिर्फ निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का निर्माण करने वाला प्रमुख राज्य बन रहा है। recent visitors 38

मध्यप्रदेश को लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास से कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 सें 2017-18 तक लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। मध्यप्रदेश वर्ष – 2011-12 से 2012-13 एवं 2014-15 में कुल खाद्यन्न केटेगरी के लिए 2013-14, 2015-16 एवं 2016-17 में गेहूं फसल के लिये और वर्ष 2017-18 में दलहन फसल के लिये कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। वर्ष- 2022 में मध्यप्रदेश के भू-अभिलेखों के एकीकरण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा फसल बीमा योजनांतर्गत कत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रदेश में गेहूं, उड़द, मसूर, सोयाबीन, अल्सी, फसलों को क्षेत्राच्छादन सबसे अधिक है। मक्का और तिल के उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है।   recent visitors 30

आनंद शिविर में भाग लेने देश की चार संस्थाओं में जा सकते हैं शासकीय सेवक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आनंद विभाग लोगों के जीवन को टेन्शन फ्री कर उनके जीवन में आनंद के लिए कार्य कर रहा है। शासकीय सेवकों में आनंद शिविर से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए राज्य आनंद संस्थान द्वारा वर्तमान में देश की 4 संस्थाओं से एमओयू किया यगा है। इन संस्थाओं में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन बैंगलूरू, इनिशिएटिव ऑफ चेंज पुणे, दशा (फाउंडेशन) गोगा सेन्टर कोयम्बटूर, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट (कान्हा शान्तिवनम) हैदराबाद शामिल हैं। आनंद शिविर में भाग लेने के लिए आनंद विभाग की वेबसाइट WWW.anadsansthanmp.in के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। आनंद शिविर में पंजीयन करवाते समय शासकीय सेवकों को नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। आनंद शिविरों के माध्यम से व्यक्तियों को आनंद के साथ परिपूर्ण जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। चारों संस्थानों के साथ 5 आनंद शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 184 प्रतिभागियों की सहभागिता रही।   recent visitors 27