आनंद शिविर में भाग लेने देश की चार संस्थाओं में जा सकते हैं शासकीय सेवक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आनंद विभाग लोगों के जीवन को टेन्शन फ्री कर उनके जीवन में आनंद के लिए कार्य कर रहा है। शासकीय सेवकों में आनंद शिविर से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए राज्य आनंद संस्थान द्वारा वर्तमान में देश की 4 संस्थाओं से एमओयू किया यगा है। इन संस्थाओं में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन बैंगलूरू, इनिशिएटिव ऑफ चेंज पुणे, दशा (फाउंडेशन) गोगा सेन्टर कोयम्बटूर, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट (कान्हा शान्तिवनम) हैदराबाद शामिल हैं। आनंद शिविर में भाग लेने के लिए आनंद विभाग की वेबसाइट WWW.anadsansthanmp.in के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। आनंद शिविर में पंजीयन करवाते समय शासकीय सेवकों को नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। आनंद शिविरों के माध्यम से व्यक्तियों को आनंद के साथ परिपूर्ण जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। चारों संस्थानों के साथ 5 आनंद शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 184 प्रतिभागियों की सहभागिता रही।   recent visitors 39

मुख्यमंत्री ने जेलों में बंदियों की सुरक्षा और सुधार गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब बंदियों को जमानत एवं जुर्माना अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपए तक की जुर्माना राशि मंजूर की जाती है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अबतक 31 बंदियों को जुर्माना एवं जमानत के रूप में 6 लाख 43 लाख 517 रुपए की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों का पालन करने में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। इस धारा में यह प्रावधान है कि "जेल अधीक्षक, जेल में निरूद्ध अभियुक्त व्यक्ति के उपबंधित कारावास की आधार या एक-तिहाई अवधि पूर्ण होने पर, ऐसे व्यक्ति को जमानत पर निर्मुक्त करने के लिए संबंधित माननीय न्यायालय को कार्रवाई करने के लिए तुरन्त लिखित में आवेदन करेगा।" इस प्रावधान के तहत प्रदेश के 78 केदियों के प्रकरण न्यायालय की ओर भेजे गाए जिनमें से 46 केदियों के पक्ष में कार्यवाही हुई और वे रिहा कर दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों ही मामलों में प्रदेश के अव्वल रहने पर जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादवबुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राज्य की जेलों में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और उनके बौद्धिक एवं चारित्रिक सुधार की गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। प्रदेश की सभी जेलों में जारी है ई-प्रिजन व्यवस्था बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी जेलों में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था में बंदियों से संबंधित जानकारियों को निरंतर अद्यतन किया जाता है। ई-प्रिजन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए (लीगेसी डाटा के साथ) अबतक कुल 13 लाख 17 हजार 303 आमद दर्ज की जा चुकी है। आईसीजेएस के माध्यम से 1लाख 31 हजार से अधिक बंदियों की जानकारी प्रविष्टि भी की जा चुकी है। बताया गया कि गत 1 जुलाई 2024 से अब तक नवीन आपराधिक कानून के अंतर्गत ई-प्रिजन पर 48 हजार 139 बंदियों की आमद हुई है। जेलों की क्षमता में वृद्धि के प्रयास भी किए जा रहे हैं। 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर भी सजा में छूट देकर समय पूर्व रिहाई का प्रस्ताव मान्य बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिवर्ष 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर बंदियों को समय पूर्व रिहाई किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि अच्छे आचरण वाले बंदियों को इस विशेष दिवस पर विशेष परिहार प्रदान किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुली जेलों से बंदियों को स्वतंत्रता का अहसास होने का जिक्र कर प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा भुगतने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बंदियों के लिए कौशल विकास, योग, आध्यात्मिक शिक्षा और काउंसलिंग जैसी योजनाओं को विस्तार देने पर बल दिया। इससे न केवल बंदियों का मानसिक एवं चारित्रिक विकास होगा, बल्कि उनकी समाज में पुनः सकारात्मक रूप से वापसी भी सुनिश्चित होगी। नवाचारों को दें प्रोत्साहन बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जेल सुधार कार्य में समाज की भी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सामाजिक व धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई। राज्य सरकार बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास करेगी ताकि वे भविष्य में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं जीपी सिंह, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं मनीष सिंह, एडीजी अखेतो सेमा, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों ने विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली, गत एक वर्ष की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विकास कार्यों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, संयोजक राजेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सुरेश पचौरी एवं कैलाश जोशी, समिति सदस्य एवं कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिष्ठान की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस पहल से जोड़ा जाए, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से भी रामायण और तुलसी साहित्य को अधिक लोगों तक पहुंचाये। उन्होंने आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने और इनसे जनसामान्य को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझावों पर बैठक में गहनता से विचार-विमर्श किया गया। कार्याध्यक्ष शर्मा ने मानस भवन के सामने न रोड का चौड़ीकरण किये जाने और मानस भवन, हिंदी भवन और गांधी भवन के बीच अवैध निर्माण हटवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति को अवगत कराया कि सरकार प्रदेश में शराबबंदी पर गंभीरता से विचार कर रही है। गीता के ज्ञान और हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में 'गीता भवन' बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने बताया कि हमारी सरकार पुण्यभूमि हरिद्वार जैसे प्रबंध अब महाकाल नगरी उज्जैन में भी कराने की ओर अग्रसर है। साधु-संतों, अखाड़ों और धर्मशालाओं को उज्जैन के सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इससे स्थायी आश्रम, मठ, धर्मशालाएं, सत्संग स्थल बनाये जा सकेंगे। कलेक्टर ने समिति को अवगत कराया कि भोपाल में भी स्मार्ट सिटी रोड पर टीटी नगर के पास करीब एक एकड़ भूमि में गीता भवन बनाया जायेगा। समिति सदस्यों ने प्रतिष्ठान के विकास संबंधी विभिन्न विषयों/कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों/सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान की मासिक मुख पत्रिका “तुलसी मानस भारती’’ का विमोचन भी किया।   recent visitors 44

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता के लाइट वेट डबल स्कल्स इवेंट में मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ी रुक्मणि और पूनम के स्वर्ण पदक तथा रोइंग खेल के महिला-क्वाड्रापल इवेंट में संतोष यादव, खुशप्रीत, पूनम और रुक्मणि को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि भारत की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रुक्मणि और पूनम की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता में पुरूषों के डबल स्कल लाइटवेट इवेंट में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुशील और नितिन देओल के कांस्य पदक जीतने पर इन्हें भी बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।   recent visitors 59

मोहन सरकार का छात्रों को तोहफा, CM ने किया टॉपर्स को स्कूटी के बाद अब लैपटॉप देने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार स्कूटी के बाद अब मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत हाई सेकेंडरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने वाली है. फरवरी की 15 तारीख को लैपटॉप की सौगात विद्यार्थियों को मिल जाएगी. मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हायर सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी. यह योजना साल 2009 में शुरू हुई थी. उस समय 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद सरकार ने अपने क्राइटेरिया में थोड़ी कमी लाते हुए बड़ा दिल दिखाया. सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी लैपटॉप की सौगात दी जाएगी. सरकार की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ उठाया है. साल 2022-23 की बात करें तो 78,641 विद्यार्थियों को यह फायदा मिला था. इसके बाद इस साल लगभग 12,000 विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ चुका है. इस बार लगभग 90,000 विद्यार्थियों को लैपटॉप की योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि फरवरीमें लैपटॉप भी विद्यार्थियों को मिल जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि 15 फरवरी से लैपटॉप दिए जाने की योजना अमली जामा पहनना शुरू कर देगी. ₹25000 देती है डॉ मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार हाई सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की राशि देती है. इस साल इस योजना पर सरकार 225 करोड रुपये से ज्यादा की राशि खर्च करने वाली है. सरकार ने स्कूटी पर भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च करते हुए विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है. recent visitors 42

कौन से कानून के तहत सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की. पेट्रोल पंप से भरवाया गया छह लाख का डीजल याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आइएसबीटी बस स्टैंड के समीप याचिकाकर्ता का पेट्रोल पंप है। मुख्यमंत्री के सम्मान में तीन जनवरी, 2024 को जबलपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम आयुक्त ने खाद्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से भेजा था। अधिग्रहित बसों में लगभग छह लाख रुपये का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था। डीजल का भुगतान न होने के कारण उन्होंने निगमायुक्त से संपर्क किया। निगमायुक्त द्वारा बताया गया कि संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय की ओर से बसों में डीजल भरवाने कहा गया था। याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं याचिकाकर्ता ने अगस्त, 2024 को बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान करने के संबंध में लिखित निर्देश दिए गए थे। शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त ने पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने का निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें। इसके अलावा यह भी बताएं कि किस कानून में निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी बसों में डीजल भरवाए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा। recent visitors 56

ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप , मंडियों में योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं समस्याओं के निराकरण के लिये प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का भुगतान आसान बनाने के लिये प्रदेश में ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू की गई है। कृषकों को इस प्रणाली से जोड़कर प्रत्येक भुगतान की एंट्री ई-अनुज्ञा पोर्टल पर हो रही है। व्यापारियों द्वारा इस प्रणाली का इस्तेमाल कर क्रय की गई कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास बनाये जा रहे हैं। रिकॉर्ड संधारण में इस प्रणाली से बहुत लाभ हुआ है। ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप है। मंडियों में इस योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा है। ई-मंडी योजना मंडी प्रांगण के अंदर कृषकों को प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल और भुगतान की प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिकली कैप्चर करने की प्रक्रिया है। योजना को स्कॉच आर्डर ऑफ मेरिट वर्ष 2023 प्रदान किया गया है।       recent visitors 37