केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण के फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य प  उपलब्ध करवाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत 69,515.71 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने पर उनका आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने  यह राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही 824.77 करोड़ की लागत से फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही ये अन्नदाताओं के हित में उठाया गया अहम कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 की शुरूआत अन्नदाता के हित में ऐतिहासिक पहल के साथ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य पर ही डीएपी उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने डीएपी की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए एक जनवरी 2025 से अगले आदेश तक की अवधि के लिए एनबीएस सब्सिडी (पोषक तत्व आधारित सब्सिडी) के परे डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज को 3 हजार प्रति मीट्रिक टन की दर से बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसानों की समृद्धि के संकल्प को साकार करने के साथ उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सतत प्रयत्नशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के किसानों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा की प्रतीक पीएम फसल बीमा योजना को निरंतर जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री का मध्यप्रदेश के किसान बंधुओं की तरफ से हृदय से आभार भी माना है।   recent visitors 56

मोहन सरकार का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, हर समस्या की होगी सुनवाई

भोपाल मोहन सरकार का मध्य प्रदेश में नए साल पर एक नया प्रयोग देखने को मिलने वाला है. जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के सीएम हाउस में 'जनता दरबार' की शुरुआत करेंगे. हालांकि मध्य प्रदेश की राजनीति में यह प्रयोग राजनीति में नया नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जनता दरबार लगा चुके हैं. जबकि दूसरे राज्यों के कई सीएम अभी भी जनता दरबार लगाते हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है. सीएम मोहन यादव जनता दरबार के जरिए आम लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे. बताया जा रहा है कि भोपाल में पहला जनता दरबार 6 जनवरी को लग सकता है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं. हालांकि सीएम के इस प्रयोग की चर्चा सियासी गलियारों में शुरू हो गई है. सीएम मोहन सुनेंगे जनता की समस्याएं सूत्रों के हिसाब से सीएम मोहन यादव का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को हो सकता है, जो सुबह 10 से 12 बजे तक चलेगा. जहां सीएम हाउस पर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मिलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान अधिकारियों के जरिए करेंगे. बताया जा रहा है कि इसके लिए सीएम के पास पहुंचने वाली शिकायतों की स्क्रूटनी होगी और उन्हीं के हिसाब से समस्याएं सुलझाई जाएगी. जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी, यहां केवल बीमारी, जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी. जबकि ग्रामीण लोगों की समस्याओं को भी सुना जाएगा, माना जा रहा है कि एक बार के जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोग आ सकते हैं. ऐसे में इसी हिसाब से व्यवस्थाएं की जाएगी. मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में साप्ताहिक जनसुनवाई होती है, जहां जिला स्तर पर सभी जिला कलेक्टर और पुलिस कप्तान प्रत्येक मंगलवार को जनता की समस्याओं को सुनते हैं. इसके अलावा, सीधे जनता की समस्याओं को निपटाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल भी है. इस पर लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करवाते हैं और उसके निराकरण के बाद पोर्टल पर ही शिकायत बंद भी करवा सकते हैं. हालांकि, सीएम हेल्पलाइन को लेकर बीच-बीच में शिकायतें आती रहती हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अब खुद जनता से मिलकर यह देखना चाहते हैं कि सरकार की योजनाएं जनता तक पहुंच रही हैं या नहीं? जनता दरबार का आयोजन: कब और कैसे?     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सीएम हाउस पर आयोजित होगा। यह दरबार सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चलेगा, जिसमें लोग अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे। इस कार्यक्रम में पहले से आई शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से बीमार और जरूरतमंदों के आवेदन लिए जाएंगे। अनुमान है कि 500 से 600 लोग इस जनता दरबार में शामिल होंगे। सीएम हेल्पलाइन और अन्य समस्याओं के समाधान का तरीका मुख्यमंत्री ने इस पहल को लेकर दो मुख्य कारण बताए हैं। पहला, कि कई प्लेटफॉर्म्स होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे लोग अफसरों और दफ्तरों के चक्कर काटते रहते थे। दूसरा, सीएम हेल्पलाइन जैसी योजनाओं में अक्सर शिकायतों को दबा दिया जाता था, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं होता। पिछले नेताओं के जनता दरबार का इतिहास मध्यप्रदेश में जनता दरबार की परंपरा पहले भी रही है। उमा भारती और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने भी सीएम हाउस पर जनता दरबार लगाए थे। दिग्विजय सिंह के समय, मुख्यमंत्री हाउस में लोग सुबह 5 बजे से ही अपनी शिकायतें लेकर पहुंच जाते थे। उमा भारती के कार्यकाल में भी यह दरबार बहुत लोकप्रिय हुआ, हालांकि भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ था। शिवराज सिंह चौहान का तरीका और मोदी की सीख शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी सरकार के दौरान जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की थी। उन्होंने जिला और प्रदेश स्तर पर जनसुनवाई की शुरुआत की और लोकसेवा गारंटी अधिनियम को लागू किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी तर्ज पर एक नया कदम उठाया है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान सीधे सीएम हाउस में किया जा सके। योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जनता दरबार की शुरुआत की थी, जिसे लखनऊ और गोरखपुर में आयोजित किया जाता है। वहां पर भी मुख्यमंत्री खुद लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। इस तर्ज पर डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में भी जनता दरबार की शुरुआत की है। recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी

आगमन : 2025 पर नागरिकों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन : 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2024 भारत के साथ मध्यप्रदेश समग्र विकास का पर्याय बना। आने वाला वर्ष-2025 निश्चित ही विकसित भारत के ध्येय को गति देगा, भारत की विकास यात्रा को नया आयाम मिलेगा और नया अध्याय गढ़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2024 प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार आने वाले वर्ष में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरसक प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नव वर्ष के साथ ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष को मनाने की परंपरा है, यह अवसर प्रदेश के विकास में भागीदारी के संकल्प का भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि विकास के प्रयासों में निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।   recent visitors 43

जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग, तप, साधना और साहचर्य से जीना सिखाती है हमारी संस्कृति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री, उज्जैन में बैरवा जयंती में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विभिन्न धर्मों, समाजों, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है। सब मिलकर यहां सद्भावपूर्वक रहते हैं। सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी संस्कृति की पहचान है। हमारी आस्था और जीवन मूल्य हमें विकास की ओर ले जाते हैं। योग, तप, साधना और साहचर्य से जीवन का समग्र विकास की शिक्षा सिर्फ भारतीय संस्कृति ही सिखाती है। समाज में जनजागृति लाने में महर्षियों की बड़ी अहम भूमिका रही है। महर्षि बालीनाथ जी बैरवा उन्हीं में से एक थे। वे परम संत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में महर्षि बालीनाथ जी बैरवा जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो असंभव दिखता है, वो केवल सनातन धर्म में ही संभव है। महर्षि बालीनाथ जी ने समाज की कुरीतियों, रूढ़ियों और बुराइयों को खत्म किया और सबको सद्मार्ग की ओर ले जाने का काम किया। उन्होंने बालीनाथ जी की स्मृति में देश के दूरदराज से आए बैरवा समाजजन का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रदेश स्तरीय सामाजिक कार्यक्रम में आकर वे बेहद प्रसन्न है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल जूनवाल द्वारा लिखित पुस्तक भीम वंदना का विमोचन भी किया। इसके बाद बैरवा समाज की बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखिल भारतीय बैरवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश जारवाल, लालाराम बैरवा, राधेश्याम बैरवा, मुकेश टेटवाल, सी.एल. बैरवा, प्रभुराम सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।  अगले साल होगी राज्य स्तरीय पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अगले साल बैरवा समाज की राज्य स्तरीय पंचायत का आयोजन करेगी। इसमें देश के विभिन्न अंचलों में रह रहे बैरवा समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हो रहे औद्योगिक विकास में बैरवा समाज के उद्योगपति और व्यवसायियों को जोड़कर बैरवा समाज का सर्वांगीण विकास करेगी। उन्होंने कहा कि बैरवा समाज के बच्चे खूब पढ़ें, लिखें और आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर जरूरी प्रयास और सहयोग भी करेगी। सरकार पूरे ब्याज सहित मिल मजदूरों को उनका हक दिलाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि बालीनाथ जी के बताए मार्ग से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने और उनके कष्टों का निवारण करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने उज्जैन की विनोद मिल के मजदूरों का संकट खत्म किया, उन्हें उनके सभी हक दिलाए। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मामले का भी समाधान किया। हम ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों को भी उनका हक दिलाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। मिशन मोड में किया जा रहा गरीब, युवा, किसान और नारी कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में गरीब, युवा, किसान, महिला और सभी जरूरतमंदों का कल्याण अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध होकर प्रयास कर रही है। विकास के लाभ से किसी को भी वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सबके सपने साकार करने के लिए हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।   recent visitors 155

मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा वर्ष-2024  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित, ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश,देश का पहला राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष – 2024 प्रदेश के समग्र विकास के साथ जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिये जो सीधे जनता से जुड़े थे। इन निर्णयों से प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाने और शासकीय सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को दी गईं देश की पहली राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल से वर्ष 2024 ऐतिहासिक तौर पर यादगार बन गया, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा।  सरकार की प्रमुख  उपलब्धियाँ एवं महत्वपूर्ण निर्णय         साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू। इसके माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित होगा। ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।         प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ, नामांतरण प्रक्रिया कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा। नागरिकों को दावा-आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी।         ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं असीमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित।           प्रदेश में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।         यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाया गया।         राजस्व महाभियान के तीन चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण।         राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं  के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया।         उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।         मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे।         मध्यप्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई, 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की।         इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।         प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसमें जनभागीदारी से जलाशयों की सफाई के साथ पौधरोपण भी किया गया।         विकसित भारत संकल्प यात्रा में 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।           इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने भुगतान किया ।         प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से 36 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 24 लाख लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित।         मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना 2.0' के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। वित्तीय वर्ष 2023-24 में  30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण।         मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की।         तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3000 रुपये प्रति मानक बोरा  से बढ़कर 4000 हजार रुपये हुआ।         30 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेदूपत्ता संग्रहण के लाभांश 115 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण।         पीएम जन-मन मिशन में प्रदेश के बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों के अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुँचाने की कार्य योजना स्वीकृत।         छात्रावासों के विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं मार्गदर्शन हेतु 24×7 मित्र हेल्पलाइन प्रारंभ की गई।         विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के बालकों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1230 रुपए से बढ़ाकर 1550 रुपए की गई। बालिकाओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1,270 रुपए से बढ़ाकर 1,590 रुपए प्रतिमाह की गई।         विशेष पिछड़ी जनजातीय के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये प्रशिक्षण हेतु  बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन का गठन।         विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा।         पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए  प्रतिमाह करने का निर्णय।         छिंदवाड़ा में बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया।         ग्वालियर-बेंगलुरू, ग्वालियर-अहमदाबाद और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।         350 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ। इसके अलावा भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर एवं सतना में भी बन रहे हैं एलिवेटेड कॉरिडोर।         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अलग-अलग कार्यक्रमों में 24 हजार 500 (17000+7500) करोड़ रुपये की अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।         प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास एवं 133 रेल ओवर ब्रिज  एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।         मध्यप्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात। प्रदेश की चौथी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन) ट्रेन की सौगात मिली।           निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड का लोकार्पण।         भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 550 से अधिक शहरी ई बसों का संचालन करने का निर्णय।         जबलपुर में 485 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के लिये नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति।         उज्जैन-जावरा के मध्य 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाई-वे निर्माण के लिए 5 हजार 17 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति। इस मार्ग के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आस-पास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8 लेन इण्डस्ट्रीयल कारीडोर (एक्सप्रेस-वे) से जुड़ जाएंगे।         1540 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश

सरकार की जन हितैषी योजनाओं का मिले सबको लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के लिए विधायक अपनी विधानसभा का बनाएं मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करें। जनता के काम समय पर हों, हम सबको इसकी चिंता करनी होगी। इसलिए सभी विधायक अपनी विधानसभा का अगले 5 साल का मास्‍टर प्लान बनाएं, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में वर्चुअली जुड़े स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायिका सुसरला रावत, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, चंबल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल सहित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों संभागों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा कर कहा कि निर्माण कार्य तय वक्त पर ही पूरे करें, जिससे आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जनकल्याण अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। 'आपकी सरकार-आपके द्वार' की भावना को अंगीकृत कर सरकार ने जन-जन तक पहुंचने का अभियान चलाया है। सभी विधायक और अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं का लाभ प्रभावितों पर पहुंचे। इसके लिए सभी विधायक और अधिकारी घर-घर तक जाएं और अभियान की प्रगति का स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागीय मैदानी अमले को सतर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की सेवाओं, सुविधाओं, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पाने से वंचित न रहे। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के जेसी मिल्स के मजदूरों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर ग्वालियर एवं संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द जरूरी कार्यवाही पूरी कर इन मजदूरों को उनका लंबित भुगतान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जेसी मिल्स का कोई भी मजदूर उसके वाजिब हक या दावा भुगतान पाने से वंचित न रहे। सभी कलेक्टर सावधानी रखें, लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के राघौगढ़ में हुई बोरवेल दुर्घटना पर संज्ञान लेकर कलेक्टर गुना से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बोरवैल में गिरने से बालक की मृत्यु बेहद दु:खद है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए। सरकार किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी कलेक्टर को निजी परिसर में भी खुले पड़े बोरवैलों को बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अपने मैदानी अमले को मुस्तैद करें और बोरवेल खुले न छोड़े जाएं इसके लिए समाज में जन-जागरूकता का प्रसार भी करें। गौ-शालाओं का करें समुचित प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये हैं कि गौ-वंश के लिए चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। नगरपालिका एवं नगर निगम अपनी-अपनी सीमा क्षेत्र में छोटी गौ-शालाओं का समुचित प्रबंधन करें। बड़ी गौ-शालाओं के लिए राज्य सरकार प्रबंधन की व्यवस्था करेगी। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 8 जनवरी को ग्वालियर में करेंगे समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के जन-प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये सुझाव पर बताया कि ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 8 जनवरी 2025 को ग्वालियर में बैठक करेंगे। सभी जन-प्रतिनिधि लिखित में अपना मांग-पत्र सौंप दें। सभी की मांगों पर विचार कर सरकार समुचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब संभाग स्तरीय बैठकों में वित्त विभाग के संभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। यह अधिकारी वित्तीय मामलों में अपनी पक्ष और सुझाव रख सकेंगे।   recent visitors 56

ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर 'ताल दरबार' में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान 'राग बसंत' की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ "गीता" की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।   recent visitors 52