Monday, July 6, 2026 11:07 pm

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए। recent visitors 198

रतलाम : 40 हजार रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने पटवारी को पकड़ा

रतलाम  एमपी के रतलाम जिले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है. लोकायुक्त पुलिस ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा है. आरोपी ने सीमांकन के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने के एवज में फरियादी से घूस की डिमांड की थी. फिलहाल, इस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है. बता दें कि इस कार्रवाई को उज्जैन लोकायुक्त ने अंजाम दिया है. पंचेड रहने वाले फरियादी गोपाल उपाध्याय ने बताया कि पटवारी रमेश चंद्र बैरागी जमीन की सीमांकन के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 50 हजार की डिमांड की थी. 40 हजार रुपये गुरूवार को देना तय किया था. बचे हुए 10 हजार बाद में देने का कहा गया था. इधर, फरियादी की शिकायत पर लोकायुक्त ने जाल बिछाया. अपनी मांग के अनुरूप पटवारी ने फरियादी से 40 हजार रुपये लिए. जैसे ही फरियादी ने रुपये देने का इशारा किया, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचारी पटवारी को धर दबोचा. बता दें कि 15 नवंबर को किसान गोपाल के जमीन का सीमांकन किया था. फरियादी किसान की मानें तो पटवारी 8 महीने से सीमांकन के लिए आनाकानी कर रहा था. उसका कहना है कि पटवारी सीमांकन में जमीन का 25 प्रतिशत ही बता रहा था. सही सीमांकन के बाद पटवारी रिपोर्ट पेश करने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था. परेशान होकर 2 दिसंबर को लोकायुक्त को शिकायत की थी. वहीं फरियादी की शिकायत पर आज गुरुवार को लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर पटवारी को धर दबोचा. इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संसोधन 2018 ) के तहत केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया है. recent visitors 59