राहुल गांधी का PA बनकर ठगी करने वाला अरेस्ट, कांग्रेस का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बना देंगे, 20 लाख दो ,पूर्व मंत्री को भी किया था फोन

The fraudster who was posing as Rahul Gandhi’s PA has been arrested. He will be made the Congress’s acting state president. Give him 20 lakh rupees. He had called a former minister as well. पटना। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पीए बनकर टिकट और पार्टी में पद दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर रजत कुमार को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रजत टिकट और पार्टी में पद ‎दिलाने का झांसा देकर कांग्रेस नेताओं से ठगी करता था। गांधी मैदान के एक होटल से इसकी गिरफ्तारी हुई है। गिरोह का सरगना गौरव शर्मा‎ मौके से भाग निकला। रजत हरियाणा के सिरसा का रहने वाला है। वह राहुल गांधी का पीए कनिष्क सिंह बनकर बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत उन तमाम राज्यों के कांग्रेसी नेताओं को फोन करता था, जहां चुनाव होने वाले हैं या प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की तैनाती की जानी है। रजत के बॉस गौरव ने कांग्रेस के नेता प्रवीण कुशवाहा को कॉल कर कहा था कि 15-20 लाख दें, बिहार प्रदेश का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बना देंगे। इसके बाद प्रवीण दिल्ली चले गए। इधर, फ्लाइट से गौरव और रजत पटना पहुंच गए। यहां पहुंचने के बाद प्रवीण को कॉल किया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली आ गए हैं। दोनों को एग्जीबिशन रोड स्थित लेमन ट्री में ठहराया गया। प्रवीण ने अपने करीबी आदित्य को होटल भेजा। गौरव ने 2 लाख ले लिए और फिर वहां से धीरे से खिसक गया। आदित्य और अन्य लोग समझ गए कि दोनों ठग हैं। उसके बाद रजत को आदित्य और अन्य लोगों ने होटल में पकड़ लिया और गांधी मैदान थाने की पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और उसे पकड़कर थाने ले आई। गांधी मैदान थानेदार ने बताया कि दोनों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है। चर्चा है कि पटना पहुंचने के बाद गौरव और रजत ने बिहार के पूर्व मंत्री कांग्रेस के विधायक अफाक आलम को भी कॉल कर प्रदेश कांग्रेस में पद देने के लिए मोटी रकम की मांग की थी। लेकिन अफाक ने आलम ने इनकार कर दिया। गौरव और रजत पर पंजाब, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में करोड़ों रुपए की ठगी करने का केस दर्ज है। रजत 6 महीने तक जेल में भी रह चुका है। पुलिस गौरव का सुराग लगाने में जुटी है। उसने मोबाइल बंद कर लिया है। रजत का कहना है कि मुझे ठगी की रकम में से 10 प्रतिशत कमीशन मिलता है। recent visitors 106

राहुल गांधी आरोप लगते हुए कहा- मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, कुछ घटनाएं सदन के लिहाज से ठीक नहीं थीं। जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। मैं एक शब्द नहीं बोला। पिछले 7-8 दिन से बोलने नहीं दिया गया।'' उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां केवल सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं कहना चाहता था कि बहुत अच्छा है, महाकुंभ मेला हुआ। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था। लेकिन, मुझे नहीं बोलने दिया गया। पता नहीं स्पीकर की क्या सोच और अप्रोच है। सच्चाई ये है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।" इससे पहले भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा था कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने, जिनकी मृत्यु हुई, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा महाकुंभ में गए, उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उस पर भी बोलना चाहिए था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बोलने नहीं देते हैं, यह न्यू इंडिया है। recent visitors 72

राहुल गांधी ने नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाकुंभ पर दिए गए संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राहुल गांधी ने कहा कि वह महाकुंभ को पीएम मोदी के बयान का समर्थन करना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी। राहुल गांधी ने कहा, "जो प्रधानमंत्री ने बोला, मैं उसको सपोर्ट करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा, इतिहास और संस्कृति है। लेकिन हमारी एकमात्र शिकायत यह है कि पीएम ने कुंभ में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि नहीं दी।" उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ में शामिल होने वाले युवाओं की प्रधानमंत्री से एक और अपेक्षा है, और वह है रोजगार। उन्होंने कहा, "जो युवा महाकुंभ गए, वे चाहते हैं कि पीएम उन्हें रोजगार दें।" कांग्रेस नेता ने लोकतांत्रिक संरचना का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार, विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन वे हमें बोलने नहीं देते। यह नया भारत है।" राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है, जब लोकसभा में महाकुंभ और अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी है। विपक्ष ने पहले भी महाकुंभ के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे, और अब रोजगार जैसे अहम मुद्दे को जोड़कर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा। recent visitors 52

गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं, 30-40 को निकालना पड़ेगा: राहुल गांधी

अहमदाबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात में वर्कर्स डायलॉग कार्यक्रेम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को निकालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं। एक जो जनता के साथ खड़े हैं, जनता के लिए लड़ते हैं और जिसके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं जो जनता से कटे हुए हैं, जनता से दूर बैठता है, जनता की इज्जत नहीं करता और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा, जब तक हम इन दोनों को अलग नहीं करेंगे तब तक गुजरात की जनता हम पर विश्वास नहीं करेगी। उन्होंने कहा, गुजरात के व्यापारी से लेकर छात्र तक विकल्प चाहते हैं, बी टीम नहीं चाहते। मेरी जिम्मेदारी इन दोनों समुहों को छानने की है। कांग्रेस पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है। पार्टी में बब्बरशेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है। राहुल गांधी ने आगे कहा, गुजरात की जनता देख रही है कि कांग्रेस ने रेस में बारात का घोड़ा डाल दिया। अगर में जनता से रिश्ता बनाना है तो दो काम करने हैं। पहला काम यह कि दो ग्रुप को अलग करना है। अगर हमें सख्त कार्रवाई करनीपड़ी, 10, 20, 30 , 30 लोगों को निकालना पड़ा तो निकाल दीजिए। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, चलो जाकर देखते हैं बाहर से करो। राहुल गांधी ने कहा, कांग्रेस के जितने भी नेता है उनके दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। जीतने हारने की बात छोड़ दीजिए। अगर हाथ भी कटे तो उसमें से कांग्रेस का खून निकलना चाहिए। recent visitors 98

राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया, दी चेतावनी

लखनऊ वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई में यदि कांग्रेस सांसद अपनी हाजिरी नहीं लगाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राहुल गांधी को लगाया 200 रुपये का जुर्माना दरअसल, बुधवार को राहुल गांधी को लखनऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने पेश होना था मगर वह कोर्ट में नहीं आए। इस पर अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की व्यक्तिगत हाजिरी माफ करने के एवज में 200 रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही उन्हें अगली तारीख में हाजिर होने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील ने दलील दी थी कि दिल्ली के एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल से जरुरी मुलाकात के चलते उनके मुव्वकिल न्यायालय आने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें निजी रुप से उपस्थित न होने की माफी दी जाए। अदालत ने की तल्ख टिप्पणी इस पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब राहुल गांधी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। उन्हें अगली सुनवाई में हाजिर होने का अंतिम मौका दिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जानिए पूरा मामला स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडे ने राहुल गांधी पर लगाया था। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान 2022 में महाराष्ट्र के अकोला में सावरकर को अंग्रेजों का पेंशनर और नौकर कहकर अपमानित किया था, जिससे समाज में वैमनस्य फैल सके। recent visitors 95

भाजपा और आरएसएस संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशव्यापी जाति आधारित जनगणना की अपनी मांग को दोहराते हुए बुधवार को कहा कि वह उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब दलित और कमजोर वर्ग के लोग भारत के हर संस्था में शीर्ष पद संभालेंगे। गांधी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी एवं दलित नेता जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है। 'मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा' उन्होंने कहा, ‘‘देश के मौजूदा सत्ता तंत्र और संस्थाओं में दलितों और वंचितों की कोई भागीदारी नहीं है… दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों की सटीक संख्या का पता करने के लिए पूरे भारत में जाति जनगणना की आवश्यकता है।'' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद बुधवार सुबह पटना पहुंचे। गांधी ने कहा, ‘‘मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब दलित और कमजोर वर्ग देश की हर संस्था में नेतृत्व की स्थिति में होंगे… और मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।'' 'यह दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों का धन' उन्होंने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आप (दलितों) लोगों के इतिहास का कोई उल्लेख नहीं है। क्या देश में दलित प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार कर रहे हैं? उद्योग जगत की बात करें तो नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 25 सबसे अमीर लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया …यह दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का धन है।'' गांधी ने कहा, ‘‘देश में 100 रुपये में दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग सभी को मिलाकर हिस्सेदरी 6.10 रुपये है और इसे भी वो छीनने की कोशिश कर रहे हैं ।''   recent visitors 55

Budget 2025: ‘यह केवल गोली के घावों पर पट्टी लगाने जैसा…’, राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट पर कसा तंज

Rahul Gandhi took a jibe at the Union Budget लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2025-26 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बजट को ‘गोली के घावों के लिए बैंडेज’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार विचारों के मामले खोखली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट को हल करने के लिए आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस ने भी की केंद्रीय बजट की आलोचनाइससे पहले कांग्रेस ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह वास्तविक मजदूरी, समग्र उपभोग में उछाल की कमी, निजी निवेश की सुस्त दरों और जटिल जीएसटी प्रणाली जैसी ‘बीमारियों’ का उपचार नहीं करता है, जिससे अर्थव्यवस्था ‘पीड़ित’ है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार बिहार को बड़ी सौगात दे रही है, क्योंकि वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी नीतीश कुमार की सरकार और इसी गठबंधन का अहम हिस्से आंध्र प्रदेश को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनता को गुमराह करने का प्रयास: मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट की आलोचना की और कहा कि यह मोदी सरकार का जनता को गुमराह करने का प्रयास है, जबकि यह प्रमुख आर्थिक समस्याओं को दूर करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार पर बीते दशक में 54.18 लाख करोड़ रुपये का एकत्र करने के बाद मध्यम वर्ग को मामूली राहत देने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, वित्त मंत्री खुद दावा कर रही हैं कि 12 लाख रुपये तक की छूट से सालाना 80 हजार रुपये की बजत होगी, जो कि हर महीने केवल 6,666 रुपये है। इस बीच, पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। लेकिन मोदी सरकार झूठी तारीफ पाने में व्यस्त है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। खरगे ने कहा, मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कोई रोडमैप नहीं है। कृषि यंत्रों पर जीएसटी में कोई रियायत नहीं है और दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा या छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं है। recent visitors 268