Budget 2025: ‘यह केवल गोली के घावों पर पट्टी लगाने जैसा…’, राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट पर कसा तंज

Rahul Gandhi took a jibe at the Union Budget लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2025-26 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बजट को ‘गोली के घावों के लिए बैंडेज’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार विचारों के मामले खोखली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट को हल करने के लिए आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस ने भी की केंद्रीय बजट की आलोचनाइससे पहले कांग्रेस ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह वास्तविक मजदूरी, समग्र उपभोग में उछाल की कमी, निजी निवेश की सुस्त दरों और जटिल जीएसटी प्रणाली जैसी ‘बीमारियों’ का उपचार नहीं करता है, जिससे अर्थव्यवस्था ‘पीड़ित’ है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार बिहार को बड़ी सौगात दे रही है, क्योंकि वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी नीतीश कुमार की सरकार और इसी गठबंधन का अहम हिस्से आंध्र प्रदेश को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनता को गुमराह करने का प्रयास: मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट की आलोचना की और कहा कि यह मोदी सरकार का जनता को गुमराह करने का प्रयास है, जबकि यह प्रमुख आर्थिक समस्याओं को दूर करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार पर बीते दशक में 54.18 लाख करोड़ रुपये का एकत्र करने के बाद मध्यम वर्ग को मामूली राहत देने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, वित्त मंत्री खुद दावा कर रही हैं कि 12 लाख रुपये तक की छूट से सालाना 80 हजार रुपये की बजत होगी, जो कि हर महीने केवल 6,666 रुपये है। इस बीच, पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। लेकिन मोदी सरकार झूठी तारीफ पाने में व्यस्त है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। खरगे ने कहा, मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कोई रोडमैप नहीं है। कृषि यंत्रों पर जीएसटी में कोई रियायत नहीं है और दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा या छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं है। recent visitors 245

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बापू को दी श्रद्धांजलि; राहुल-खरगे ने भी याद किया

Mahatma Gandhi’s death anniversary: ​​President Murmu paid tribute to Bapu; Rahul-Kharge also remembered महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथी पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुर्मू ने गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मनोहर लाल खट्टर समेत अन्य नेताओं ने भी गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बापू की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलिकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बापू की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती हैं – पूरा विश्व उनके इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है। राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बापू को दी श्रद्धांजलिमहात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते। महात्मा गांधी बलिदान दिवस पर बापू को विनम्र श्रद्धांजलि। कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने भी बापू को किया यादबापू की पुण्यतिथि पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। recent visitors 159

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज 11.30 इंदौर आकर महू जाएंगे

Congress leader Rahul Gandhi will arrive in Indore today at 11.30 and go to Mhow  इन्दौर। देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुबह करीब 11.30 बजे चार्टर्ड प्लेन से इंदौर आएंगे। यहां से हेलिकॉप्टर से महू के लिए रवाना होंगे। वे महू में दशहरा मैदान स्थित हेलीपेड पर उतरेंगे। वहां आधे घंटे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। इसके बाद वेटरनरी कॉलेज के पास स्थित हेलीपेड पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित सभी पूर्व और कांग्रेस शासित राज्यों के वर्तमान और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ लाखों की संख्या में कार्यकर्ता और संविधान को मानने वाले अनुयायी शामिल होंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू से ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान अभियान’ रैली के आगाज किया जाएगा। recent visitors 110

AIIMS की बदहाली पर फिर बरसे राहुल गांधी, दिल्ली CM-केंद्र को लिखी चिट्ठी, कहा- मरीजों के परिजनों को मिले सुविधा

congress lop rahul gandhi writes letter delhi cm atishi union health minister aiims bad condition patient दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है. राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित AIIMS के हालात और मरीजों तथा उनके परिवारों को उचित सुविधा दिलाने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है. पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को लेकर लगातार सक्रिय हैं. पिछले हफ्ते AIIMS का दौरा करने के बाद आज सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने लंबे पोस्ट में AIIMS के बदहाली को लेकर पत्र लिखा है. राहुल ने पोस्ट कर बताया, “देशभर से दिल्ली स्थित AIIMS आने वाले मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री (आतिशी) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (जेपी नड्डा) को पत्र लिखा है.” AIIMS की बदहाल स्थितिः राहुल गांधीउन्होंने आगे लिखा, “पिछले दिनों मैंने देखा कि दिल्ली में ठिठुरती ठंड में कई लोग मेट्रो स्टेशन के नीचे सोने को मजबूर हैं, जहां न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही शौचालय की. आसपास कूड़े-कचरे का बड़ा सा ढेर भी लगा रहता है. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का AIIMS आना यह दिखाता है कि लोग जहां रहते हैं वहां उन्हें सस्ती और अच्छी क्वालिटी की स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.” दिल्ली और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सुविधा मुहैया कराने को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे पत्र का संज्ञान लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इस संकट के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाएंगे. साथ ही यह भी उम्मीद है कि केंद्र सरकार अगामी बजट में पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के लिए ठोस पहल करेगी और उसके लिए जरूरी संसाधनों को आगे बढ़ाएगी.” AIIMS के बाहर नरक जैसी स्थितिः राहुलइससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते शनिवार को आरोप लगाया कि यहां AIIMS के बाहर मरीज और उनके परिजन ‘नरक’ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं. इस बदहाली के लिए केंद्र और दिल्ली की सरकार दोनों ही जिम्मेदार हैं. राहुल ने पिछले दिनों AIIMS के बाहर मौजूद कई मरीजों के परिजनों से मुलाकात की थी और हालचाल के साथ ही उनकी तकलीफों के बारे जाना था. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाली केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से इस मानवीय संकट पर आंखें क्यों मूंद ली गई हैं? दिल दहला देने वाला नजाराः राहुल गांधीकांग्रेस नेता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो चुकी है, और AIIMS में सस्ते और सटीक इलाज की उम्मीद में मरीज भारी कीमत चुका रहे हैं. कुछ दिनों पहले दिल्ली के AIIMS के बाहर पहुंच कर मरीजों और सुविधाओं का हाल जानने पहुंचा लेकिन वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था.” ठंड और गंदगी पर निराशा जताते हुए राहुल ने कहा, “देश के अलग-अलग कोनों से आए मरीज और उनके परिवार, जो इलाज की आस में यहां दिल्ली पहुंचे हैं, सड़कों और सबवे में ठंड और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं.” उनके मुताबिक, कैंसर से लेकर हर्ट की परेशानी हर परिवार के पास ऐसी एक दर्दनाक कहानी है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की नाकामी यहां पर साफ दिखाई देती है. recent visitors 165

मंत्री इंदर सिंह परमार का राहुल गांधी पर विवादित बयान, बोले- ‘विदेशी मां का बेटा कभी…’

minister inder singh parmar controversial statement on rahul gandhi congress Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि विदेशी महिला का बेटा कभी भी देश भक्त नहीं हो सकता. राजधानी भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राहुल गांधी के बयान पर चाणक्य के समय के घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा, “कांग्रेस के नेतृत्व को यह पता ही नहीं है कि हमें देश के साथ बोलना है या दूसरे देश के साथ. ताजा बयान देखिए, इस देश के राष्ट्रीय विचार का विरोध करते-करते भारत राज्य के खिलाफ बोलने का साहस हो गया है.” ‘विदेशी महिला का बेटा नहीं हो सकता देशभक्त’उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि चाणक्य के समय चंद्रगुप्त मौर्य ने एक विदेशी महिला से शादी की थी तब यह शर्त रखी गई थी कि महिला से पैदा हुआ पुत्र मगध का कभी सम्राट नहीं बनेगा, तब चंद्रगुप्त मौर्य को यह वचन देना पड़ा था.” उन्होंने कहा, “मेरी मान्यता है कि विदेशी मां का बेटा कभी देशभक्त नहीं हो सकता. राहुल गांधी के आचरण लगातार देश विरोध की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और सारी दुनिया देख रही है.” गुटबाजी पर क्या कहा?वहीं कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, “कांग्रेस में गुटबाजी है, नीचे तक गांव और पंचायत में भी गुटबाजी है, कांग्रेस बंटी हुई है. किसकी कांग्रेस, किस व्यक्ति की कांग्रेस, यह बड़ा रोग लग चुका है. कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने जो कहा है कि कांग्रेस खत्म हो जाएगी, वह सही है.” मंत्री इंदर सिंह परमार ने ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में निजी महाविद्यालयों को मान्यता दिए जाने के मामले पर कहा कि पूरे ही मामले की जांच चल रही है. सरकार सख्त से सख्त कदम उठाने की तरफ आगे बढ़ रही है. इतना ही नहीं, जितने भी निजी महाविद्यालय चल रहे हैं, उनकी भोपाल स्तर से जांच चल रही है. सभी महाविद्यालयों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है. अब, मान्यता संबंधी नियम को भी बदला जाएगा, इसके लिए सरकार अपने स्तर पर निर्णय करेगी. recent visitors 205

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’ recent visitors 211

सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा को समाज के हर व्यक्ति का अधिकार बताते हुए कहा है कि सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत है और इस पर सरकार को ज्यादा पैसा खर्च करना चाहिए ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिले और इसके स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। श्री गांधी ने कहा "मेरा मानना है कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की आवश्यकता है।"   recent visitors 62