केजरीवाल आज मेहराज मलिक के साथ ‘धन्यवाद रैली’ को संबोधित करेंगे

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज  गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा में धन्यवाद रैली को संबोधित करेंगे। डोडा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के मेहराज मलिक ने भाजपा के गजय सिंह राणा को चार हजार से अधिक मतों से हार का मुंह दिखाकर जीत का परचम लहराया है। केजरीवाल मेहराज मलिक के साथ इस रैली को संबोधित करेंगे। आम आदमी पार्टी द्वारा जम्मू-कश्मीर में खाता खोलना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। ‘आप’ के लिए जम्मू-कश्मीर पांचवा ऐसा राज्य है, जहां यह पार्टी जीत का परचम लहराने में सफल हुई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी दिल्ली के अलावा पंजाब, गुजरात और गोवा में भी अपने प्रत्याशियों को उतारकर जीत का परचम लहरा चुकी है। पार्टी अब धीरे-धीरे देशभर में अपनी सियासी जमीन को दुरूस्त करने में जुटी है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर मेहराज मलिक को जीत की बधाई। उन्हेंने कहा, “डोडा विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार मेहराज मलिक को बीजेपी को हराने के लिए बधाई। आपने अच्छा चुनाव लड़ा।” मेहराज मलिक ने अपनी इस जीत को जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि हमने सभी सीटों पर चुनाव न लड़कर बड़ी गलती कर दी। अगर हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ते, तो निश्चित तौर पर और सीटों पर जीत का परचम लहराने में सफल होते। हमारी पार्टी हमेशा से ही जनता के हितों को तवज्जो देती हुई आई है और यह उसी का नतीजा है कि आज हम जम्मू-कश्मीर में भी अपना खाता खोलने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग भ्रष्ट हैं, लूटपाट करते हैं, लोगों के हितों पर कुठाराघात करते हैं, मुझे लगता है कि अब ऐसे लोगों का समय समाप्त हो चुका है। ऐसे लोगों को रुक जाना चाहिए। ऐसे लोगों को जनता ने आईना दिखाकर लोकतंत्र की ताकत का एहसास दिला दिया है। घाटी की जनता ने इन लोगों को बता दिया है कि लोकतंत्र में कुछ भी मुमकिन है। इसके अलावा, जो लोग लोकतंत्र के सिद्धांतों पर कुठाराघात कर रहे हैं, ऐसे लोगों को ब्रेक ले लेना चाहिए।” वहीं, बात अगर जम्मू-कश्मीर के चुनावी नतीजों की करें, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन ने मिलकर 49 सीटों पर जीत का परचम लहराया है, जबकि बीजेपी 29 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है। उधर, पीडीपी की बात करें, तो यह महज ती तीनों सीटों पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही है। उधर, भाजपा की बात करें, तो यह 29 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है, लेकिन वो इस जीत को अपने लिए अहम मान रही है। भाजपा का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में हुए सफलतापूर्वक चुनाव लोकतंत्र की जीत है।   recent visitors 78

बहुजन समाज के आत्म सम्मान की ‘सच्ची मंजिल’ है बसपा : मायावती

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को बहुजन समाज के आत्म सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन की राह में बाधा करार देते हुए दावा किया कि बसपा ही उनकी ‘सच्ची मंजिल’ है जो उन्हें ‘शासक वर्ग’ का हिस्सा बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम के 18वें परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट किया। उन्होंने कहा, ‘‘बामसेफ, डीएस4 व बसपा के जन्मदाता एवं संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित तथा उत्तर प्रदेश एवं देश भर में उन्हें विभिन्न रूपों में श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले पार्टी के सभी लोगों व अनुयाइयों का तहेदिल से आभार।’’ बसपा प्रमुख ने विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘गांधीवादी कांग्रेस व आरएसएसवादी (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) भाजपा व सपा आदि उनकी (बहुजन समाज) हितैषी नहीं बल्कि उनके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आंदोलन की राह में बाधा हैं, जबकि अम्बेडकरवादी बसपा उनकी सही-सच्ची मंजिल है, जो उन्हें मांगने वालों से देने वाला शासक वर्ग बनाने के लिए संघर्षरत है। यही आज के दिन का संदेश है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश में करोड़ों लोगों के लिए गरीबी, बेरोजगारी व जातिवादी द्वेष, अन्याय-अत्याचार का लगातार तंग व लाचार जीवन जीने को मजबूर होने से यह साबित है कि सत्ता पर अधिकतर समय काबिज रहने वाली कांग्रेस व भाजपा आदि की सरकारें न तो सही से संविधानवादी रही हैं और न ही उस नाते सच्ची देशभक्त हैं।’’  भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए जाटों ने कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन बसपा को छोड़ दिया : मायावती  बसपा नेता मायावती ने  इस बात पर अफसोस जताया कि हरियाणा में जाट समुदाय ने विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को वोट नहीं दिया। उन्हें लगता है कि दलितों के बारे में उनकी (जाटों की) मानसिकता बदलने की जरूरत है। पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि मनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आईं मायावती ने इस बात पर अफसोस जताया कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ गठबंधन उनकी पार्टी के लिए लाभदायक नहीं रहा। मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने और उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए हरियाणा में जाट समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने बसपा को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दलित वोट जहां इनेलो की ओर चले गए, वहीं जाटों के मत उनकी पार्टी को नहीं मिले। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “बसपा उम्मीदवारों को केवल दलित वोट मिले। अगर हमें दो से तीन प्रतिशत जाट वोट भी मिल जाते तो हम कुछ सीटें जीत सकते थे।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों के प्रति जाट समुदाय की मानसिकता में बदलाव आया है, लेकिन हरियाणा में ऐसा होना अभी बाकी है। इनेलो ने राज्य में दो सीटें जीतीं, जबकि बसपा को एक भी सीट नहीं मिली। सत्ता विरोधी लहर के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की हैट्रिक लगाई और सत्ता बरकरार रखी तथा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों को विफल कर दिया। भाजपा ने 48 सीटें जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की। उसकी सीटों का आंकड़ा कांग्रेस से 11 अधिक था, जबकि जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी जैसे दलों का सफाया हो गया और इनेलो को सिर्फ दो सीटें ही मिल पाईं। आप ने अकेले चुनाव लड़ा था। अगले वर्ष फरवरी में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मायावती ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बसपा को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। मायावती ने स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश से इतर अन्य राज्यों में बसपा को प्रत्यक्ष मुकाबलों में नुकसान उठाना पड़ता है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बसपा अगले महीने महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनाव भी लड़ेगी।   recent visitors 119

14 अक्टूबर से दनियावां हॉल्ट पर रुकेगी इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस

पटना  यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों के ठहराव में बदलाव किया है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वंदे भारत, हटिया एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस के ठहराव में बदलाव किए हैं। वंदे भारत ट्रेन का ठहराव 13 अक्टूबर से बख्तियारपुर में और हटिया एक्सप्रेस का दनियावां में होगा। श्रमजीवी एक्सप्रेस का पावापुरी रोड स्टेशन पर ठहराव भी 14 अक्टूबर से होगा। बख्तियारपुर स्टेशन पर रुकेगी पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि ये बदलाव यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि 13 अक्टूबर से पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22348) बख्तियारपुर स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन सुबह 08:37 बजे बख्तियारपुर पहुंचेगी और 08:39 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस (22347) रात 21:32 बजे बख्तियारपुर पहुंचेगी और 21:34 बजे आगे के लिए रवाना होगी। बख्तियारपुर में नए ठहराव के कारण 22348 पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस मोकामा में 09:02/09:04 बजे और लखीसराय में 09:24/09:26 बजे रुकेगी। दनियावां हॉल्ट पर रुकेगी इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस इसी तरह, 14 अक्टूबर से इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस (18623) शाम 19:54 बजे दनियावां हॉल्ट पर रुकेगी और 19.56 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में 15 अक्टूबर से 18624 हटिया-इसलामपुर एक्सप्रेस सुबह 07;38 बजे दनियावां हॉल्ट पर रुकेगी और 07:40 बजे आगे के लिए रवाना होगी। दनियावां में नए ठहराव के कारण 18623 इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस के दनियावां बाजार हॉल्ट पर ठहराव समय में भी बदलाव किया गया है। यह ट्रेन अब दनियावां बाजार हॉल्ट पर 20:07/20:09 बजे रुकेगी। पावापुरी रोड स्टेशन राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस 14 अक्टूबर से राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस (12391) भी पावापुरी रोड स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन सुबह 08:20 बजे पावापुरी रोड स्टेशन पहुंचेगी और 08:22 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में 12392 नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस सुबह 09:15 बजे पावापुरी रोड स्टेशन पहुंचेगी और 09:17 बजे आगे के लिए रवाना होगी। recent visitors 102

आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से बनाया स्तन कैंसर की पहचान करने वाला उपकरण

इंदौर  इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं में स्तन कैंसर का समय रहते पता लगाने के लिए छोटा और किफायती उपकरण विकसित किया है। आईआईटी इंदौर के एक अधिकारी को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आईआईटी इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर श्रीवत्सन वासुदेवन का विकसित किया गया यह उपकरण, शुरुआती चरण में ही स्तन कैंसर की पहचान कर मरीजों की जान बचाने के मकसद से ईजाद किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘‘फोटोएकाउस्टिक स्पेक्ट्रल रिस्पॉन्स’’ के सिद्धांत पर आधारित उपकरण मानव शरीर के ऊतकों में असामान्य परिवर्तनों का पता लगाने के लिए ‘‘ऑप्टिकल’’ और ‘‘एकाउस्टिक’’ सिग्नल को एक साथ जोड़ता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, ‘बीमारियों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एमआरआई और सीटी स्कैनर आमतौर पर आयातित और महंगे होते हैं। इससे वे देश की आबादी के बड़े हिस्से की पहुंच से बाहर हो जाते हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से किफायती उपकरण विकसित किया है ताकि खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों में कैंसर का वक्त रहते पता लगाकर उनकी जान बचाने में मदद मिल सके। प्रोफेसर वासुदेवन ने कहा कि यह उपकरण प्रकाश उत्पन्न करने के लिए ‘‘कॉम्पैक्ट पल्स्ड लेजर डायोड’’ का उपयोग करता है जो ऊतक के संपर्क में आता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से मिले परिणामों का विश्लेषण करके उपकरण पता लगाता है कि कहीं संबंधित ऊतक कैंसरग्रस्त तो नहीं है।       recent visitors 103

वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है

वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से लौट रहा महिलाओं का सम्मान महिला सशक्तिकरण की दिशा में संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है भोपाल महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है जिससे निपटने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति की संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है। महिला सशक्तिकरण में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका      सुरक्षित आश्रय एवं तात्कालिक सहायता – वन स्टॉप सेंटर उन महिलाओं को तत्काल आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है जो घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन हिंसा अथवा किसी भी प्रकार की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होती है। सेंटर में महिलाओं को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सुरक्षित वातावरण में आश्रय दिया जाता है।      कानूनी सहायता और परामर्श – वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सके और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकें। कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिलने से महिलाएँ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ न्याय पाने की दिशा में सशक्त हो सकें।      चिकित्सा सहायता – वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलती है। हिंसा या प्रताड़ना से घायल महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएँ के साथ समन्वय कर चिकित्सा सेवाएँ दी जाती है।      मनोवैज्ञानिक परामर्श – हिंसा की शिकार महिलाएँ अक्सर मानसिक आघात से गुजरती है, वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करते है जिससे उनका आत्म-विश्वास मजबूत होता है।      पुनर्वास सेवाएँ एवं समाज में पुनर्स्थापना – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को पुनर्वास सेवाएँ भी प्रदान करते है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को उनके परिवार के साथ पुनर्स्थापित करने अथवा उन्हें स्वतंत्र जीवन जीने, अपने पैरों पर खड़ाहोने का अवसर प्रदान करता है।      आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रशिक्षण और रोजगार – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार देने के लिये प्रशिक्षण देने का भी प्रयास करते है। महिलाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें। प्रदेश के 52 जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे है। प्रारंभ से अगस्त 2024 तक 98 हजार 636 महिलाओं को पंजीकृत कर विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की गई, जिसमें लगभग 78 प्रतिशत महिलाएँ (76,499) को घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दहेज उत्पीड़न, बलात्कार, यौन अपराध, बाल विवाह, गुमशुदा, अपहरण, निराश्रित आदि से संबंधित प्रकरणों में यथोचित मदद की गई। वर्ष 2019-20 में कुल 6 हजार 352 महिलाओं को सहायता दी गई थी। वर्ष 2023-24 में 21 हजार 490 महिलाओं को मदद प्रदान की गई। अब सभी वन स्टॉप सेंटर में वाहनों का प्रावधान भी किया गया है, जिससे दूरस्थ महिलाओं को भी त्वरित सहायता मिल सकेगी।   recent visitors 110

राशिफल गुरुवार 10 अक्टूबर 2024

मेष: आज के दिन मेष राशि के जातक अपना फोकस बनाए रखें। बेतहाशा सपनों का पीछा करने और उस चीज से मुक्त होने का दिन है, जो आपको रोक रही है। जंक फूड को नो कहें और सेल्फ-लव पर फोकस करें। सावधान रहें और उत्साह में अपने खर्च को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। अगर आप किसी बदलाव या नए प्रोजेक्ट के बारे में सोच रहे हैं, तो अब जरूरी डिसीजन लेने का सही वक्त है। वृषभ: वृषभ राशि के जातकों को आज सेल्फ-केयर पर ध्यान देना चाहिए। आपका कॉन्फिडेंस व लीडरशिप स्किल्स दूसरों को प्रभावित करेंगी। मेडिटेशन के लिए समय अवश्य निकालें। धन से जुड़े निर्णय सोच समझकर ही लें। फिजिकल और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। संयम से काम लें और खुद को बीजी रखें। बाहर के खाने से परहेज करें। मिथुन: आज मिथुन राशि के जातक नए लोगों के साथ बात-चीत शुरू करने से न डरें। जो जातक रिलेशनशिप में हैं, वो आज अपनी फीलिंग्स और विचार अपने साथी के साथ शेयर करें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। चाहे आप नई नौकरी पाना चाहते हों या प्रोमोशन पाना चाहते हों, आज का दिन लकी है। खुद पर विश्वास करें। आपको अपनी खर्च करने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। कर्क: कर्क राशि के जातकों आज अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। करियर के मामले में आज सावधानी के साथ प्लान करें। आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देखेंगे। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। अपने रूटीन में जरूरी बदलाव करें। सिंह: आज के दिन सिंह राशि के जातकों आपकी सेहत ही आपका धन है। आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण बड़े पैमाने पर फल देंगे। पैसे कमाने के आज कई मौके मिल सकते हैं। रोमांस से भरपूर रहेंगे आज आप। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में संकोच न करें। अपने एनर्जी लेवल को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी, जैसे कि कोई नया वर्कआउट ट्राई कर सकते हैं। कन्या: आज कन्या राशि के जातक अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए समय निकालें। नए अवसर पर अपना फोकस रखें, जो आपके करियर को अगले लेवल तक ले जा सकते हैं। अपने साथी से जुड़ने और अपना प्यार बांटने के लिए अपने अट्रैक्शन और कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें। धन संबंधी मामलों में आज आप सफलता देखेंगे। संतुलित जीवनशैली बनाए रखें। तुला: तुला राशि के लोगों आज आपके लिए पैसों के लेन-देन से बचना बेहतर रहेगा। मौजूदा रिश्तों को आपकी सूझ-बूझ से आज काफी लाभ हो सकता है। हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। लव के मामले में कुछ बातों को इग्नोर करने से रिश्ते में दरार पड़ने से रोका जा सकता है। वित्तीय सलाह लेने या फ्यूचर के लिए प्लान बनाने के लिए भी आज एक अच्छा दिन है। अपने सभी टास्क समय पर पूरे करें। वृश्चिक: वृश्चिक राशि के जातकों आज के दिन आप बेहतर महसूस करेंगे। बेहतर दिखेंगे और दिनभर में जो भी चैलेंज आएंगे, उनसे निपटने के लिए आपके पास अधिक एनर्जी होगी। रिलेशन में रहने वालों के लिए रोमांस को फिर से जगाने का बेस्ट समय है। अपने कार्यों और डीसीजन को गाइड करने के लिए खुद पर भरोसा रखें। शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर जांच करवाते रहें। धनु: आज धनु राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे खुद के प्रति सच्चे रहें। नया प्रोजेक्ट या कोई जिम्मेदारी आपके सामने आ सकती है। हमेशा अपने स्वास्थ्य को पहले स्थान पर रखना याद रखें, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यूनिवर्स आज आपके पक्ष में रहेगा। धन के मामले में सावधानी जरूरी है। आपका कनेक्शन इमोशनल रूप से आज मजबूत होगा। मकर: आज मकर राशि के जातकों के लिए उत्साह से भरा दिन रहने वाला है। अपनी फीलिंग्स को खुलकर एक्सप्रेस करें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या करने में सक्षम हैं। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आज आप। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार रहें। प्रोफेशनल ग्रोथ जरूरी है। खुद को हाइड्रेटेड रखें। कुंभ: कुंभ राशि के जातकों आज के दिन फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। हेल्दी डाइट का सेवन करें। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। सावधानी के साथ योजना बनाने से आप अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को बढ़ा सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का समय आ गया है। आज कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। मीन: आज मीन राशि के जातकों का दिन पॉजिटिव रहेगा। जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देने से छोटी-मोटी समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है। आज पैसों से जुड़े मामलों को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। recent visitors 85

हरियाणा : भाजपा के सामने जीत के बाद अब ‘मुख्यमंत्री’ चुनने की चुनौती

चंडीगढ़ हरियाणा में चुनावी संग्राम खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने एग्जिट पोल और राजनीतिक पंडितों को धता बताते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। हालांकि प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर आखिरी मुहर लगानी बाकी है। जिस तरह भाजपा ने चुनाव से पहले इस मुद्दे को शांत रखा, वैसी ही उम्मीद मतगणना के बाद भी की जा रही है। कुल 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में बहुमत आंकड़ा 46 का बनता है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जननायक जनता पार्टी (जजपा) के साथ मिलकर इस लक्ष्य को हासिल किया था, लेकिन इस बार उसने अकेले चुनाव लड़ा और 48 सीटों पर पहुंच गई। लगातार तीन बार प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाना पार्टी के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। भारतीय जनता पार्टी ने एक नहीं बल्कि हर मोर्चे पर ऑलराउंड प्रदर्शन करके सबको दिखा दिया है कि जमीनी स्तर पर अच्छे काम करके सत्ता में लगातार वापसी की जा सकती है। भले ही चुनाव से पहले किसान और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पार्टी के ऊपर हावी हो रहे थे, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को मिल रही बिजली, पानी और सड़क की सुविधा ने ज्यादा असर दिखाया, तभी तो पार्टी ने सिर्फ सीट की संख्या ही नहीं बल्कि वोट शेयर में भी बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछली बार 2019 में पार्टी को 36.49 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे और 40 सीटों पर जीत मिली थी, वहीं इस बार उसने 39.94 प्रतिशत वोटों के साथ 48 सीटों पर जीत दर्ज की है। भले ही भाजपा अर्धशतक लगाने से चूक गई लेकिन पहले से बेहतरीन स्ट्राइक रेट के साथ टीम ने मैच को अपने पाले में कर लिया। अब मुख्यमंत्री का सेहरा किसके सिर बंधता है यह देखना दिलचस्प होगा। वैसे कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी नायब सिंह सैनी को ही एक बार फिर मौका दे सकती है। यह बात बहुत हद तक हरियाणा के दिग्गज भाजपा नेता अनिल विज के रुख पर भी निर्भर करेगा। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की उनकी महत्वाकांक्षा जगजाहिर है। कई बार सार्वजनिक मंचों से भी वह इसका जिक्र कर चुके हैं।अनिल विज क्या अब अपनी इस मांग को और मुखर करेंगे या फिर पार्टी हाईकमान के फैसले की पूरे धैर्य से इंतजार करेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। recent visitors 90