राजधानी में एटीएम हैकिंग का अनोखा मामला, जालसाज ने डिवाइस के माध्यम से मशीन में एटीएम कार्ड होल्ड किए, 150000 की गई ठगी

 भोपाल  राजधानी में एटीएम मशीन हैकिंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। हैकरों ने एटीएम मशीन में ऐसी डिवाइस लगाई, जिससे कार्ड मशीन में ही होल्ड हो गया। इसके बाद ठगी को अंजाम देने के लिए उन्होंने एटीएम में एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर का स्टिकर चिपका दिया। कार्ड मशीन से बाहर नहीं आने पर जब उपभोक्ताओं ने उस नंबर पर फोन किया तो उनसे कुछ बेसिक जानकारी ली गई और फिर एटीएम पिन मशीन में डालने के निर्देश दिए गए। यहां गौर करने वाली बात यह है कि उपभोक्ताओं से सिर्फ पिन मशीन में डालने को कहा गया था, उनसे पिन पूछा नहीं गया था। सही पिन डालने के बाद एटीएम मशीन से कार्ड तो बाहर आ गया, लेकिन बाद में उपभोक्ताओं के खाते से रुपये कट गए। गुरुवार देर रात शाहपुरा के मनीषा मार्केट में आईसीआईसीआई बैंक की एटीएम मशीन का मेंटनेंस करने के लिए कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें मशीन के भीतर एक डिवाइस मिली, साथ ही चार एटीएम कार्ड भी उसमें ही पड़े थे। उन्होंने इसकी सूचना चूनाभट्टी थाना पुलिस को दी। वहीं इस एटीएम का उपयोग करने वाले ठगी के दो शिकार उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। दो एटीएम बूथ में हुई छेड़छाड़ चूनाभट्टी थाना प्रभारी भूपेंद्र कौर ने बताया कि गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे मनीषा मार्केट की दो एटीएम मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। पुलिस मौके पर पहुंची तो एसबीआई मशीन में कार्ड इन्सर्ट करने वाले स्थान पर कागज फंसा हुआ था, जबकि उसके साइड में आईसीआईसीआई बैंक की एटीएम मशीन में चार कार्ड मिले थे। साथ ही चार सेल लगी एक डिवाइस भी मिली। दो बुजुर्ग हुए ठगी का शिकार यहां एटीएम बूथ में उपभोक्ताओं की सहायता के लिए एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर का स्टिकर भी चिपकाया गया था। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर जांच में जुट गई। शुक्रवार शाम को दो उपभोक्ता भी शिकायत लेकर थाने पहुंचे। 81 वर्षीय दिनेश दवे के साथ 45 हजार और 76 वर्षीय सीएस दवे से एक लाख रुपये की ठगी की गई थी। दोनों ने बताया कि पहले मशीन में उनका एटीएम अटक गया था, वहीं जब मदद के लिए दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया तो नाम बताया साथ ही मशीन में पिन डाला, जिससे एटीएम बाहर आ गया। उस दिन हमारे पास ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज नहीं आया था। शुक्रवार शाम करीब चार बजे रुपये कटने का मैसेज आया तो हमने शिकायत की। बैंक का कहना है कि हर दिन यहां से पांच लाख से ज्यादा की निकासी होती है। ऐसे में ठगी की राशि और भी बढ़ सकती है।   recent visitors 93

सीएम भजनलाल ने दिल्ली में की थी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संग मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा, वर्तमान में है 24 मंत्री

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां शुरू हो गई है। जानकारी मिली है कि 7 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। पिछले दिनों सीएम भजनलाल शर्मा जब दिल्ली दौरे पर गए तो वहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ इसी मुद्दे पर उनकी चर्चा हुई। ऐसा माना जा रहा है कि इसी अक्टूबर महीने में मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाएगा। विस्तार के दौरान अच्छा कार्य करने वाले मंत्रियों को प्रमोशन मिल सकता है, जबकि जिन विभागों में संतोषजनक कार्य नहीं हुए, उन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर भी किया जा सकता है। उधर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को लेकर पार्टी पशोपेश में है। यह तय नहीं हो पा रहा है कि उन्हें कैसे खुश किया जाए। डॉ. मीणा चार महीने पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। मंत्रिमंडल का कोरम पूरा करने की कवायद नियमानुसार कुल विधानसभा सदस्यों के अधिकतम 15 प्रतिशत सदस्यों को मंत्री बनाया जा सकता है। राजस्थान में विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या 200 है। ऐसे में मुख्यमंत्री सहित कुल 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम सहित कुल 24 मंत्री हैं। यानी राज्य सरकार अभी 6 और सदस्यों को मंत्री बना सकती है। अगर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो रिक्त मंत्रियों के पदों की संख्या 7 हो जाएगी। मंत्रिमंडल के सदस्यों का कोरम पूरा करके भाजपा सभी वर्गों को साधने की कोशिश करेगी, ताकि विधानसभा उपचुनाव में हर वर्ग को पार्टी से जोड़ा जा सके। इन विधायकों को मिल सकता है तोहफा भजनलाल सरकार ने गंगानगर में हुए उपचुनाव से पहले सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को मंत्री बना दिया था। मंत्री बनाए जाने के कुछ दिन बाद वे चुनाव हार गए। ऐसे में उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। ऐसे में गंगानगर को सरकार में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया जा सकता है। सादुलशहर से गुरवीर सिंह या गंगानगर से जयदीप बिहानी को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाएं हैं। साथ ही चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा से विधायक चंद्र कृपलानी, बाली से पुष्पेंद्र सिंह को भी मंत्री बनाए जाने की संभावना है। ये दोनों नेता पूर्व में राजे सरकार में मंत्री रह चुके हैं। आदूराम मेघवाल, हंसराज मीणा, रामविलास मीणा और गोवर्धन वर्मा में से दो तीन नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। दो मंत्रियों के विभाग बदले जाने की चर्चाएं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने कई तरह के बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। साथ ही विभाग की ओर से कई बार आदेश निकालने और फिर उन्हें वापस लेने को लेकर भी विवादों में रहे। ऐसे में दिलावर का विभाग बदले जाने की संभावना है। उधर मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का इस्तीफा अगर स्वीकार नहीं किया जाता है तो उन्हें बड़ा विभाग देकर खुश करने की कोशिश की जा सकती है। अभी तक किरोड़ी मीणा को जो विभाग मिला हुआ है, वह बहुत छोटा है। ऐसा माना जा रहा है कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को कोई बड़ा विभाग देकर राजी किए जाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि उनके समर्थन लगातार डिप्टी सीएम के पद की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर मुहिम चला रहे हैं। अब इंतजार सभी को पार्टी हाईकमान के फैसले का है। recent visitors 89

‘अगली मुलाकात मुख्यमंत्री आवास पर होगी’- अनिल विज

अंबाला हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री अनिल विज ने शनिवार को दोहराया कि पार्टी चाहेगी तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे।हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के दिन मीडिया से बातचीत में श्री विज ने कहा, "पार्टी चाहेगी तो आपसे अगली मुलाकात मुख्यमंत्री के रूप में होंगी।" उन्होंने दावा किया कि सरकार भारतीय जनता पार्टी की ही बनेगी। उनके मुख्यमंत्री पद पर दावा करने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री पद पर दावा नहीं किया। जब 2014 में भाजपा की सरकार बनी, तब भी वह मुख्यमंत्री बनाए जा सकते थे क्योंकि कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल (2009-2014) में वह भाजपा विधायक दल के नेता थे और उन्होंने पांच साल सरकार की नाक में दम कर रखा था। श्री विज ने कहा कि मार्च में जब मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया तब भी उन्होंने पद पर कोई दावा नहीं किया। श्री विज ने कहा कि बाद में लोगों ने कहना शुरू किया कि वरिष्ठतम नेता होने के नाते विज को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया जा सकता, तब मैंने कहा कि यदि मुझे मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मैं हरियाणा की तकदीर और तस्वीर बदल दूंगा। भाजपा नेता ने कहा कि अब भी पार्टी चाहेगी तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे क्योंकि उन्होंने कभी पार्टी का कोई आदेश नहीं टाला। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्री विज के मुख्यमंत्री पद पर दावे के बाद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व स्पष्ट कर चुका है कि पार्टी हरियाणा चुनाव श्री सैनी के नेतृत्व में लड़ रही है और वही पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा हैं। recent visitors 88

इंग्लैंड ने प्लेइंग इलेवन का किया ऐलान, बेन स्टोक्स पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट से हुए बाहर

मुल्तान इंग्लैंड ने शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैच की टेस्ट सीरीज के शुरुआती मैच के लिए प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। टीम के कप्तान बेन स्टोक्स पहले मैच से बाहर हो गए हैं। बेन स्टोक्स हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं। वह अगस्त से चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का भी वह हिस्सा नहीं थे। पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेले जाने वाले पहले टेस्ट के लिए ओली पोप को कप्तानी सौंपी गई है। इंग्लैंड के बयान में कहा गया, “इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स अभी भी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में ओली पोप टीम की कप्तानी करेंगे।” बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच जनवरी में भारत दौरे के बाद पहली बार टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉली गर्मियों के दौरान लगी उंगली के टूटने से पूरी तरह उबरने के बाद टीम में शामिल हो गए हैं। इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज सात अक्टूबर से मुल्तान में शुरू होगी और 15 अक्टूबर को दूसरे टेस्ट भी उसी मैदान पर खेला जाएगा। जबकि तीसरा टेस्ट 24 अक्टूबर को रावलपिंडी में होगा। पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जैक लीच, शोएब बशीर। पाकिस्तान दौरे के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम इस प्रकार है:- बेन स्टोक्स (कप्तान), रेहान अहमद, गस एटकिंसन, शोएब बशीर, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्स, जॉर्डन कॉक्स, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जैक लीच, ओली पोप, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ, ओली स्टोन और क्रिस वोक्स। recent visitors 78

5 राज्यों के 22 ठिकानों पर NIA का एक्शन, आतंकी संगठन JeM से जुड़े मामले में छापेमारी

श्रीनगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय राजधानी सहित पांच राज्यों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छापेमारी जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम और दिल्ली में की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के लिए एनआईए की टीमों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की दिल्ली शाखा में दर्ज एक मामले में पांच राज्यों के 22 स्थानों पर छापेमारी जारी है। एनआईए ने कहा कि “आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई मामले में तलाशी ली जा रही है। यह छापेमारी जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित है।” गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना मौलाना मसूद अज़हर ने की थी, वह उन तीन आतंकवादियों में से एक था, जिन्हें 1999 में आईसी 814 यात्रियों के बदले में रिहा किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससी) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मसूद अज़हर को यूएनएससी ने 2019 में ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया था। पश्चिम बंगाल में मंगलवार को थी छापेमारी इससे पहले अभी हाल में ही एनआईए ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने राज्य के दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता जिलों में 11 स्थानों पर संदिग्धों के आवासों की गहन तलाशी ली। एनआईए की तरफ से कहा गया कि संदिग्ध भाकपा (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता थे और माना जाता है कि उन्होंने नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने में संगठन के कमांडरों की सहायता की। एनआईए की तरफ से कहा गया कि तलाशी में कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्चे, पत्रिकाएं और हस्तलिखित पत्र जब्त किए गए। एनआईए ने कहा कि यह मामला पोलित ब्यूरो, केंद्रीय समिति के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों की साजिश से संबंधित है।  दिल्ली के मुस्तफाबाद पहुंची टीम एनआई की टीम इस मामले में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शुक्रवार देर रात रेड करने पहुंची. NIA के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और लोकल पुलिस भी मौजूद थी. सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफाबाद में जहां रेड हुई वहां से काफी संदिग्ध सामान मिला है. NIA ने रेड के बाद कुछ लोगों को नोटिस दिया है और 1 से 2 लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है.  महाराष्ट्र से दो संदिग्ध हिरासत में जांच एजेंसी एनआईए ने इस ऑपरेशन के दौरान महाराष्ट्र के जालना, औरंगाबाद और मालेगांव में भी रेड डाली. इन जगहों से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. बताया गया है कि जालना से 2 लोगों को, छत्रपति शम्भाजी नगर और मालेगांव से 1-1 शख्स को हिरासत में लिया है. जम्मू-कश्मीर: बारामूला में भी पहुंची NIA की टीम जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले के संगरी और कुछ अन्य इलाकों में भी NIA की टीमें स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. यह कार्रवाई अब भी चल रही है. संगरी कॉलोनी में मौलवी इकबाल भट के घर में तलाशी ली गई है. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. सूत्रों ने आगे बताया कि कश्मीर के अन्य हिस्सों में अभी छापेमारी जारी है. यूपी और असम में भी रेड सूत्रों की मानें तो एनआई की टीम असम और उत्तर प्रदेश भी पहुंची और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई. हालांकि यहां से किसी को हिरासत में लेने की खबर नहीं है. क्यों हुई ये कार्रवाई एनआईए से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई देश विरोधी गतिविधि, आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े मामले में हो रही है. कुछ संदिग्धों के पास से कई सामान मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है. recent visitors 80

नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों मुस्लिमों ने पत्थर फेंके, नारेबाजी करते हुए FIR करने की मांग

मुंबई पैंगंबर मोहम्मद साहब पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में हवाल हो गया। महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पहुंची भीड़ ने जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बल ब्रयोग करके भीड़ को किसी तरह काबू किया गया। पीटीआई की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों पत्थर फेंके गए। नारेबाजी करते हुए भीड़ देर रात थाने तक पहुंची थी। उनकी मांग थी कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस दौरान अचानक भीड़ उग्र हो गई और थाने पर पथराव शुरू कर दिया गया। पथराव में 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि अमरावती शहर के नागपुरी गेट पुलिस थाने के बाहर शुक्रवार रात को हुई पथराव की घटना में कम से कम पुलिस की 10 वैन क्षतिग्रस्त हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में 1,200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने उनमें से 26 की पहचान कर ली है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर नागपुरी गेट क्षेत्र में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डासना स्थित देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने 29 सितंबर को पैगंबर मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। गुरुवार रात इसका वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गाजियाबाद पुलिस ने यति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, मुस्लिम समाज के लोगों को कहना है कि सिर्फ एफआईआर काफी नहीं है, यति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर लोगों ने यति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवाज उठाई तो वहीं कई जगह लोगों ने सड़कों पर उतरकर भी नारेबाजी की। गाजियाबाद में भी शुक्रवार रात कई जगहों पर प्रदर्शन किया गया। वहीं, महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ हिंसक हो उठी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पहले तो जमकर नारेबाजी की और फिर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हालात को काबू किया। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। नागपुरी थाने के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। recent visitors 95

सीएस अनुराग जैन : आधे अधूरे स्टॉफ के सहारे प्रदेश का खनिज विभाग? दिए निर्देश

MP Mining Department: मध्य प्रदेश में तीन महीने की रोक हटने के बाद एक बार फिर से नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों से रेत निकालने का काम शुरू होगा. लेकिन यह काम बेहतर ढंग से संचालित होने की उम्मीद कम ही है, ऐसे में अवैध व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों से रेत निकालने का काम फिर शुरू होगा, दरअसल, प्रदेश का Mining department running with half से जूझ रहा है. प्रदेश के किसी जिले में माईनिंग अधिकारी नहीं है तो किसी जिले में प्रभारी इंस्पेक्टरों के भरोसे काम चलाया जा रहा है. जबकि कुछ जिलों में तो मिट्टी परीक्षण अधिकारी खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं. अब मध्य प्रदेश के नवागत मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही Mining department running with half की भी समीक्षा की. इस दौरान माइनिंग को लेकर दिशा निर्देश दिए. सीएस ने कहा कि आप लोग थोक में माइनिंग लीज तो दे देते हैं, लेकिन बाद में तमाम तरह की अनुमतियां देने में लटकाते हैं. सीएस द्वारा लिए गए इस फीडबैक से उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही माइनिंग विभाग में स्टाफ की पूर्ति हो सकेगी. स्टाफ की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है. Read More : https://mysecretnews.com/haryana-assembly-elections/ प्रभारी इंस्पेक्टर के भरोसे यह जिलेप्रदेश के कई जिले प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहे हैं. जिनमें श्योपुर, मंदसौर, शहडोल, मंडला, बड़वानी, शाजापुर, देवास, कटनी और भोपाल शामिल हैं, जहां प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर प्रभारी माइनिंग अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. जबकि भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में तो यह पद खाली है. यहां तैनात खनिज इंस्पेक्टर को भोपाल में अटैच किया गया है. मिट्टी परीक्षण अधिकारी के भरोसे जिम्मेदारीप्रदेश के कुछ जिले तो ऐसे हैं, जहां खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका मिट्टी परीक्षण अधिकारियों द्वारा संभाली जा रही है. इन जिलों में ग्वालियर, भिंड, नीमच, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर में मिट्टी परीक्षण अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि रायसेन, कटनी और सतना जिले में माइनिंग अधिकारी ही नहीं है. ऐसे में यह जिले भी प्रभारियों के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं. माइनिंग विभाग में स्टाफ की कमी व अवैध रेत उत्खनन को लेकर जब माइनिंग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस-जिस जिले में माइनिंग अधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर के पद खाली है, वहां पदों की पूर्ति की जाएगी साथ ही अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा. recent visitors 172