महाराष्ट्र, हरियाणा, विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी , जानें क्या है खास रणनीति

नईदिल्ली महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे समय से चर्चा है कि दोनों राज्यों में अक्टूबर में मतदान हो जाएगा। इसके बाद रिजल्ट भी एक साथ ही घोषित होंगे। इस बीच चर्चा यह भी छिड़ गई है कि महाराष्ट्र में चुनाव बाद में कराए जा सकते हैं, जबकि हरियाणा में पहले ही वोटिंग करा ली जाए। इसकी वजह यह है कि महाराष्ट्र में नई विधानसभा के गठन की अंतिम तारीख 26 नवंबर है, जबकि हरियाणा के लिए 3 नवंबर है। ऐसे में महाराष्ट्र को लेकर चर्चा है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में आचार संहिता लगाई जा सकती है और नवंबर में दिवाली के बाद कभी भी चुनाव हो सकते हैं और 20 तारीख तक रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। एकनाथ शिंदे सरकार भी ऐसा ही चाहती है ताकि उसे चुनाव के लिए कुछ और वक्त मिल जाए। ऐसे में वह कुछ परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कर सके। महाराष्ट्र के चुनाव में देरी का अंदाजा इस बात से भी लग रहा है कि आयोग की टीम ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है और वहां सुरक्षा का जायजा लिया है। इसके बाद टीम हरियाणा भी पहुंची है। लेकिन अब तक महाराष्ट्र में आयोग की ओर से कोई हलचल नहीं दिखी है। इससे अनुमान लग रहा है कि कश्मीर और हरियाणा में एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं, जबकि महाराष्ट्र के लिए थोड़ा वक्त लिया जाएगा। इसमें समस्या भी नहीं है क्योंकि हरियाणा में फेस्टिवल सीजन से पहले इलेक्शन हो सकते हैं। वहीं महाराष्ट्र में दिवाली के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं। इस साल 1 नवंबर को ही दिवाली है। ऐसे में उसके बाद कभी भी वोटिंग राज्य में हो सकती है और फिर तीसरे सप्ताह तक नतीजे घोषित किए जा सकते हैं। चर्चा है कि 10 से 15 अक्टूबर के बीच आचार संहिता महाराष्ट्र में लागू की जा सकती है और फिर नवंबर में वोटिंग करा ली जाएगी। तीसरे सप्ताह में भी यदि नतीजे घोषित होते हैं तो विधानसभा के गठन के लिए कुछ दिन का समय बचा रहेगा। वहीं एकनाथ शिंदे सरकार को भी लगता है कि जितनी देरी से चुनाव हों, उन्हें उतना वक्त मिलेगा। इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन का शानदार प्रदर्शन रहा था और उन्हें 30 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में उस झटके से उबरकर अपनी नए सिरे से हवा बनाने के लिए शिंदे सरकार थोड़ा वक्त चाहती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया 30 सितंबर तक हो जाने चाहिए। केंद्र सरकार चाहती है कि जम्मू-कश्मीर के साथ ही महाराष्ट्र और हरियाणा में भी चुनाव करा लिए जाएं, जहां पहले अक्टूबर में चुनाव होने थे। ऐसे में अब तीनों राज्यों में एक साथ चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक तैयारी तेज करने के साथ ही राजनीतिक तैयारी भी तेज हो गई है। बीजेपी ने तीनों राज्यों में अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने के लिए चयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए तेज की प्रक्रिया पार्टी ने सभी राज्यों की कार्यकारिणी के साथ चुनाव प्रभारियों और संगठन मंत्रियों की बैठकें कर ली हैं। बीजेपी किसी भी हालत में इस महीने प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया पूरी कर नामों का ऐलान कर देगी ताकि सभी प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से मिल सकें। पार्टी पहले उन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करेगी, जहां पिछले चुनाव में उसे हार मिली थी। इसके बाद ऐसे क्षेत्रों में नामों का ऐलान होगा, जहां हार-जीत का अंतर बहुत कम था। इसके साथ ही बीजेपी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वाली आरक्षित सीटों पर भी प्रत्याशियों का चयन जल्द करेगी। तीनों राज्यों में चुनाव तिथियों का ऐलान चुनाव आयोग कब करेगा, इसका अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त और उनकी टीम के अन्य सदस्य जम्मू-कश्मीर में मीटिंग करके अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इससे इस बात की पूरी संभावना है कि जल्द ही चुनाव आयोग तिथियों का ऐलान करेगा। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिल सकी थीं। इसकी वजह से पार्टी लगातार समीक्षा बैठकें कर रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार यह पता करने में लगे हैं कि विधानसभा चुनावों में कमजोर सीटों पर कैसे जीत हासिल की जाए। इस मुद्दे पर कई बैठकें भी हो चुकी हैं और संगठन के स्तर पर स्थानीय नेताओं से भी लगातार इनपुट लिया जा रहा है।   इसके साथ ही विपक्षी दलों और नेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। खास तौर पर इंडी गठबंधन के दलों के नेताओं के बयानों और उनके प्रभावों पर बीजेपी काफी सतर्कतापूर्वक नजर बनाई हुई है। recent visitors 99

किश्तवाड़, उधमपुर और अनंतनाग के कोकेरनाग में पुलिस के साथ सेना और अर्धसैनिक फोर्स तैनात

श्रीनगर जम्मू और कश्मीर में तीन दिनों से तीन अलग-अलग जगहों पर आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहे हैं। जम्मू के किश्तवाड़ और उधमपुर और कश्मीर घाटी के अनंतनाग के कोकरनाग क्षेत्र में अभियान सक्रिय हैं। वहीं जम्मू कश्मीा पुलिस ने कठुआ जिले में नौ आतंकवादियों के सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। इनका कथित तौर पर जून और जुलाई के महीनों में जम्मू के कठुआ-बनिहाल-किश्तवाड़ क्षेत्र में सेना के चार जवानों की हत्या और अन्य हमलों से संबंध है। कहां चल रहा ऑपरेशन रविवार तड़के किश्तवाड़ और उधमपुर में दो मुठभेड़ शुरू हुईं। पुलिस ने कहा कि घुसपैठियों का पता करके कार्रवाई की जा रही है। मौके पर रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। 25 जुलाई से किश्तवाड़ क्षेत्र में चल रही वार्षिक माचैल यात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। हालांकि क्षेत्र में नए सिरे से सुरक्षा बलों के पहुंचने के बाद इसे फिर से शुरू कर दिया गया। सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। अब तक दो जवान शहीद सुरक्षा बलों ने रविवार शाम उधमपुर के बसंतगढ़ के जंगली इलाके में भी घुसपैठियों के साथ एक संक्षिप्त मुठभेड़ की। उसी क्षेत्र में घुसपैठियों के साथ यह दूसरी मुठभेड़ थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इलाके में घुसपैठियों के एक समूह को देखा गया था और हमें उम्मीद है कि वे हमारे घेराबंदी क्षेत्र से नहीं बच पाए हैं। सोमवार शाम तक इलाके में तलाशी अभियान जारी रहा। अनंतनाग जिले के कोकरनाग के अहलान गगारमंडू वन क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान शनिवार को शुरू हुआ था जिसमें सेना के दो जवान- हवलदार दीपक कुमार यादव और लांस नायक प्रवीण शर्मा शहीद हो गए थे जबकि एक नागरिक मारा गया था। इसके अलावा सेना के चार अन्य जवान और एक नागरिक घायल हो गया था। डोडा और किश्तवाड़ से घुसे आतंकी एक अधिकारी ने कहा कि घुसपैठिए जम्मू के डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों से कश्मीर के अनंतनाग जिले में घुसे हैं। हमें कुछ अन्य समूहों से भी सूचना मिली है जो कश्मीर घाटी में घुसे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जम्मू के पुंछ-राजौरी और डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्रों से घाटी में प्रवेश करने वाले मार्गों की निगरानी के लिए पीर पंजाल रेंज में कई ऊंचाइयों पर सैनिकों को भेजा गया है। 9 आतंकी सहयोगी कौन? इस बीच, पुलिस ने कहा कि कठुआ में नौ आतंकवादी सहायकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका कथित तौर पर जून और जुलाई के महीनों में जम्मू के कठुआ-बनिहाल-किश्तवाड़ क्षेत्र में सेना के चार जवानों की हत्या और अन्य हमलों से संबंध है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ, निवासी अंबे नाल, जिला कठुआ; अख्तर अली, निवासी अंबे नाल, जिला कठुआ; सद्दाम, निवासी भादू बिलावर, जिला कठुआ; कुशल, निवासी भादू बिलावर, जिला कठुआ; नूरानी, निवासी जुथाना, जिला कठुआ; मकबूल, निवासी सोफियान, जिला कठुआ; और लियाकत, कासिम दीन और खादिम उर्फ काजी, निवासी कट्टल, भादू, बिलावर के रूप में हुई। हाजी लतीफ नेटवर्क का सरगना एक अधिकारी ने बताया कि हाजी लतीफ नेटवर्क का सरगना है। वह इलाके से गुजरने वाले आतंकवादियों के समूहों के लिए गाइड/लॉजिस्टिक्स आदि का काम करता था। उसने इस काम में दूसरे लोगों को भी शामिल किया। उन्होंने कहा कि सरगना ने सीमा पार आतंकवादी संचालकों के साथ मिलीभगत करके सांबा-कठुआ सेक्टर में भारत में विदेशी आतंकवादियों के अवैध प्रवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारी ने कहा आरोपी आतंकियो को रहने, भोजन और अन्य रसद प्रदान करने करते थे और उन्हें कैलाश पर्वत के आसपास उधमपुर-कठुआ-डोडा जिलों के पहाड़ों और जंगलों का रास्ता बताते थे। उन्होंने बताया कि कहा कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गंडोह मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों को ऊपरी इलाकों में पहुंचने और छिपने में मदद की थी। 70-80 विदेशी घुसपैठिए सक्रियअधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 70-80 विदेशी घुसपैठियों में से 55-60 जम्मू क्षेत्र में सक्रिय हैं और छोटे-छोटे समूहों में काम कर रहे हैं। अधिकांश घुसपैठिए इस समय जम्मू डिवीजन के पुंछ-राजौरी, किश्तवाड़-डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों में सक्रिय हैं। कुछ समूह कश्मीर घाटी में भी घुस गए हैं। recent visitors 99

बांग्लादेश में अपने हक के लिए एकजुट हुए हिंदू, अंतरिम सरकार के मुखिया के आगे रखेंगे अपनी मांगें

ढाका बांग्लादेश में पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के दौरान भड़की हिंसा में हिंदुओं को भीषण अत्याचार झेलना पड़ा था। देश भर के 27 जिलों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई थी और फिर हिंदू समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया था। यही नहीं अमेरिका, कनाडा और भारत समेत दुनिया कई देशों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। इसे लेकर अब बांग्लादेश सरकार बैकफुट पर है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस अब हिंदू समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले हैं। इसके अलावा उन्होंने हिंसा के लिए माफी भी मांगी और घटनाओं को दुखद करार दिया। इस बीच बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने दुर्गा पूजा के अवसर पर तीन दिन की छुट्टी का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल रिटायर्ड शखावत हुसैन ने कहा कि ऐसा करना सही रहेगा। उन्होंने सोमवार को हिंदू समुदाय के नेताओं से मुलाकात के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा, 'मैंने हिंदू नेताओं से मुलाकात की। मैं उन्हें इस प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिया है। दुर्गा पूजा एक बड़ा त्योहार है। मैं अपने मंत्रालय की ओर से सरकार से सिफारिश करूंगा कि दुर्गा पूजा के मौके पर तीन दिन की छुट्टी घोषित की जाए। यदि ऐसा नहीं भी होता है तो कम से कम दो दिन की छुट्टी मिले। यदि एक ही दिन की छुट्टी होती है तो नौकरियां करने वाले लोग उत्सव में शामिल नहीं हो पाते।' बता दें कि शेख हसीना के तख्तापलट के दौरान भड़की हिंसा ने बड़े पैमाने पर हिंदुओं को चपेट में लिया। दो हिंदू पार्षदों को मार डाला गया। इसके अलावा मेहरपुर में इस्कॉन मंदिर पर हमला हुआ। यहां तक कि मूर्तियां भी तोड़ दी गईं। इन घटनाओं के बाद से पूरी दुनिया में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की चर्चा हुई। यही नहीं बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन पर शुभकामनाएं देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी हिंदुओं की सुरक्षा करने की नसीहत दी। अब इस मामले पर बांग्लादेश सरकार बैकफुट पर आई है तो हिंदू समुदाय को सुरक्षा का भरोसा दिया है। हिंदू समुदाय के लोगों ने ढाका की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे। recent visitors 107

2 लाख रुपए में खरीदी गई पत्नी को बाइक के पीछे बांधकर घसीटा, मदद को चिल्लाती रही, किसी ने नहीं बचाया

 नागौर राजस्थान के नागौर से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी को बाइक से बांधकर घसीट दिया. उसने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि उसकी पत्नी उसके मना करने के बावजूद भी अपने बहन के घर चली गई थी. फिलहाल वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है. नशे का आदी है प्रेम राम जानकारी के मुताबिक पूरा मामला नागौर के पांचौड़ी थाना क्षेत्र के पांचौड़ी गांव का बताया जा रहा है. व्यक्ति की पहचान पांचौड़ी निवासी प्रेम राम के रूप में हुई है. प्रेम राम मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर अपनी पत्नी को घसीट रहा है. पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रेम राम की शादी 10 महीने पहले ही हुई है. बताया जाता है कि प्रेम राम नशेड़ी है और आए दिन अपनी पत्नी से मारपीट करता रहता है. घटना के संबंध में जानकारी देते हुए नागौर पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह टोगस ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. साथ ही आरोपी प्रेम राम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. बहन के यहां जाने से था नाराज प्रेम राम की पत्नी जिद कर जैसलमेर अपनी बहन से मिलने के लिए जा रही थी. लेकिन उसके पति प्रेम राम ने मना कर दिया था. हालांकि, इसके बाद भी प्रेम राम की पत्नी बहन से मिलने चली गई. इससे गुस्साए प्रेम राम ने मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर पत्नी को घसीट दिया. इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऐसा नहीं करने के लिए मना भी किया, बावजूद इसके वह नहीं माना. 2 लाख रुपए देकर पंजाब जाकर की थी शादी जानकारी के अनुसार, प्रेमाराम की शादी 6 महीने पहले उसके घरवालों ने 2 लाख रुपए देकर पंजाब निवासी सुमित्रा (25) से कराई थी। सुमित्रा के पिता की मौत हो चुकी है। प्रेमाराम की बहन शारदा, मामा और मौसी ने सुमित्रा की मां को 2 लाख रुपए दिए थे। इसके बाद शादी कर प्रेमाराम सुमित्रा को नाहरसिंहपुरा ले आया था। सुमित्रा के पिता की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। पड़ोसियों ने बताया कि शादी के बाद से ही प्रेमाराम सुमित्रा को बंधक जैसी हालत में रखता था। वह उसे किसी से बात नहीं करने देता था। सुमित्रा पड़ोस की महिलाओं तक से बात नहीं कर सकती थी। प्रेमाराम शराब का आदी था। प्रेमाराम को शक था कि पत्नी खरीदकर लाने के कारण पड़ोसी उसे बहका देंगे। गांव के किसी युवक ने वीडियो बनाया एक महीने पहले पाबंदियां लगाने की बात पर एक दिन घर में सुमित्रा की पति और सास से ‎‎नोक-झोंक हो गई। सुमित्रा ने उन्हें खरी-खोटी सुना दी। इससे नाराज प्रेमाराम ने ‎‎शराब पीकर पहले पत्नी को बुरी तरह पीटा, इसके बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो पत्नी को बाइक के पीछे बांधकर ‎‎घसीटा। इससे उसके गंभीर चोटें आईं।इस दौरान गांव के लोग वीडियो बनाते रहे। सुमित्रा चिल्लाती रही, बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने भी सनकी प्रेमाराम को रोकने की कोशिश नहीं की। गांव के किसी व्यक्ति ने अब वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया तो मामला पुलिस तक पहुंचा। उधर, पांचौड़ी थानाधिकारी खेताराम ने बताया कि महिला को जैसलमेर से नागौर लाया जाएगा। उससे पूछताछ की जाएगी।   recent visitors 107

पत्नी का हाथ पकड़ गंगा में कूद गया सर्राफा कारोबारी, रुला देगा सुसाइड नोट

 हरिद्वार/ सहारनपुर  कर्ज का चक्कर कितना भयावह होता है, वह सहारनपुर की इस दर्दनाक घटना से समझा जा सकता है। सोमवार को यहां एक सर्राफा कारोबारी और उसकी पत्नी ने गंगा में कूदकर सुसाइड कर लिया। दोनों सुसाइड करने के लिए नई बाइक से हरिद्वार पहुंचे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर छलांग लगा दी। कारोबारी का शव गंगा में उतराता मिला जबकि पत्नी अभी भी लापता है। मरने से पहले कारोबारी ने वॉट्सऐप पर सुसाइड नोट अपने रिश्तेदारों को भेज दिया था, जिसमें लिखा है- मैं इस कर्ज के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर ही नहीं निकला पा रहा हूं। मरने से पहले की फोटो हम सभी को शेयर कर देंगे। 'श्री साई ज्वेलर्स' नाम की थी दुकान नगर कोतवाली क्षेत्र किशनपुरा निवासी सौरभ बब्बर की मोहल्ले में ही श्री साई ज्वेलर्स की दुकान है। रविवार की रात सौरभ बब्बर पत्नी मोना बब्बर के साथ हरिद्वार गए थे। सोमवार को उनका शव हरिद्वार में हर की पेड़ी पर मिला है। पत्नी लापता है। दोनों बहादरा बाद गंग नहर में कूदे हैं। सौरभ ने हाल ही में बाइक खरीदी थी। सौरभ के यहां कमेटी डलती थी। करोड़ों रुपए लोगों के थे। इसके दो बच्चे है, जिन्हें मरने से पहले नाना-नानी के यहां छोड़कर गए थे। इसका जिक्र उन्होंने खुद सुसाइड नोट में किया है। फोन व पर्स से हुई शिनाख्त रानीपुर थाना के प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सौरभ बब्बर की सहारनपुर में श्री साईं ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उन्होंने बताया कि दंपति सोमवार को ही मोटरसाईकिल से हरिद्वार पहुंचे थे। सिंह ने बताया कि जमालपुर खुर्द गांव के पास गंगनहर के किनारे दलदल में एक व्यक्ति का शव अटका होने की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव निकाला। उन्होंने बताया कि मृतक के पैंट की जेब से मिले मोबाइल फोन और पर्स के आधार पर शव की शिनाख्त हुई। कारोबारी पर था 10 करोड़ का कर्ज उन्होंने बताया कि महिला का शव अभी नहीं मिला है और उसकी तलाश की जा रही है। सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है कि सौरभ पर करीब 10 करोड़ रुपये का कर्ज था। दंपति के दो बच्चे हैं। दंपति ने आत्महत्या करने से पहले दोनों बच्चों को उनके नाना-नानी के पास पहुंचा दिया था। सिंह ने बताया कि आत्महत्या से पहले सौरभ और उनकी पत्नी द्वारा लिखा और दस्तखत किया एक नोट भी बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने लिखा कि वह कर्ज के दलदल में इस कदर फंसे हैं कि अब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और इसलिए वे अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। नाना-नानी के पास भेजे गए बच्चे नोट में अपनी दुकान व मकान दोनों बच्चों के लिए छोड़ने की बात कहते हुए दंपति ने लिखा कि ‘‘हमने उन्हें अपने नाना-नानी के पास छोड़ दिया है क्योंकि उन्हें केवल उन्हीं पर भरोसा है।’’ सौरभ ने आत्महत्या से पहले अपनी दुकान पर काम करने वाले गोलू को एक ऑडियो संदेश भी भेजा था जिसमें उन्होंने कहा कि ‘‘यह सबको बता देना, हम लोग हरिद्वार में हैं और अब मरने जा रहे हैं।’’ पढ़िए हूबहू सुसाइड नोट 'मैं सौरभ बब्बर कर्ज के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। अंत में मैं और मेरी धर्म पत्नी मोना बब्बर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। प्रॉपर्टी, दुकान और हमारा किशनपुरा वाला मकान मेरे दोनों बच्चों के लिए है। हमारे दोनों बच्चे अपने नाना-नानी के घर रहेंगे। इनका जीवन अब हम पती-पत्नी उनके हवाले करके जा रहे हैं। बच्चे हमारे वहीं रहेंगे, हमें किसी और पर भरोसा नहीं है। हमने लेनदारों को अधाधुंध ब्याज दिया है। हम अब और नहीं दे पा रहे हैं। हम जहां सुसाइड करेंगे। उस जगह जाकर वहां की फोटो हम वॉट्सऐप पर शेयर कर देंगे।' पति का शव मिला, पत्नी की तलाश जारी सौरभ का शव कल (12 अगस्त) गंग नहर से मिला है लेकिन अभी उसकी पत्नी का कोई पता नहीं चल सका है. इस घटना के बाद से व्यापारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. सौरभ के शव को सहारनपुर लाकर अंतिम संस्कार किया गया. वहीं, उनकी पत्नी की तलाश पुलिस और गोताखोर कर रही है. सौरभ बब्बर का शव परिजनों के मुताबिक, दोनों की शादी लगभग 18 साल पहले हुई थी और इनके दो बच्चे हैं. बड़ी लड़की 12 साल की है और लड़का 7 साल का है जो पैरों से दिव्यांग है. सौरभ किशनपुरा मार्केट में ज्वैलरी का काम करते थे. साथ ही कमेटी सिस्टम (किस्तो पर पैसे उधार लेना) भी चलाते थे. बताया जा रहा है कि करीबन 5 कमेटियां सौरभ ने चला रखी थी. एक कमेटी में 200 मेंबर थे और एक मेंबर की ₹2000 की किस्त थी. सभी कमेटियों की मियाद पूरी हो चुकी थी और सभी को पैसे देना था. मौत से पहले घरवालों को कॉल उधर, व्यापार में घाटा हो रहा था और इधर कमेटी वालों को पैसे देना था. जबकि, सौरभ के पैसे थे नहीं. कर्जदार उसे परेशान करने लगे. इन सबसे तंग आकर सौरभ ने खौफनाक कदम उठा लिया. वह पत्नी को बाइक पर बैठाकर सहारनपुर से करीब 100 किलोमीटर हरिद्वार पहुंचा और वहां जाकर गंगा में छलांग लगा दी. कूदने से पहले उन्होंने लास्ट कॉल अपने घर पर की थी, जिसकी रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस कॉल में सौरभ बब्बर कह रहे हैं कि यह वीडियो सबको दिखा देना, हम हरिद्वार में हैं और अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं, यहां से छलांग लगाने जा रहे हैं. recent visitors 89

UP-Bihar रूट पर NI कार्य के चलते ट्रेनों के परिचालन में होगा बदलाव, सफर करने से पहले यहां देख लें लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ट्रेनों को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से चलाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव करता रहता है. इसी क्रम में रेलवे प्रशासन द्वारा परिचालनिक सुगमता के लिए उत्तर रेलवे के बरेली जंक्शन-रोजा खंड के मीरानपुर कटरा स्टेशन में प्री-नॉन इंटरलॉकिंग व नॉन इंटरलॉकिंग का काम होना है. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पूर्व पदार्थ के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि नॉन इंटरलॉकिंग काम के चलते इस रूट पर चलने वाली कुछ गाड़ियों के रूट में परिवर्तन एवं रि-शिड्यूलिंग किया जायेगा. साथ ही कुछ ट्रेनों को नियंत्रित कर चलाया जाएगा. अगर आप आने वाले दिनों में इस रूट से यात्रा करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. हम आपको उन सभी ट्रेनों की सूची दे रहे हैं जो प्रभावित रहेंगी. इन ट्रेनों का होगा रूट डायवर्ट >टनकपुर से 14 व 16 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15074 टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग पीलीभीत-बरेली जं.-शाहजहाँपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग पीलीभीत-शाहजहाँपुर के रास्ते चलाई जायेगी. मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव इज्जतनगर, बरेली सिटी, बरेली जं. एवं बिलपुर स्टेशनों पर नहीं रहेगा. >टनकपुर से 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15076 टनकपुर-शक्तिनगर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग पीलीभीत-बरेली जं.-शाहजहाँपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग पीलीभीत-शाहजहाँपुर के रास्ते चलाई जायेगी. मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव इज्जतनगर, बरेली सिटी, बरेली जं. एवं बिलपुर स्टेशनों पर नहीं रहेगा. >सिंगरौली से 13 व 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15073 सिंगरौली-टनकपुर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग शाहजहाँपुर-बरेली जं.-पीलीभीत के स्थान पर परिवर्तित मार्ग शाहजहाँपुर-पीलीभीत के रास्ते चलाई जायेगी. मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बिलपुर, बरेली जं., बरेली सिटी एवं इज्जतनगर स्टेशनों पर नहीं रहेगा. >शक्तिनगर से 14 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15075 शक्तिनगर-टनकपुर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग शाहजहाँपुर-बरेली जं.-पीलीभीत के स्थान पर परिवर्तित मार्ग शाहजहाँपुर-पीलीभीत के रास्ते चलाई जायेगी. मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बिलपुर, बरेली जं., बरेली सिटी एवं इज्जतनगर स्टेशनों पर नहीं रहेगा. >बापूधाम मोतिहारी से 13 व 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली 14009 बापूधाम मोतिहारी-आनन्द विहार टर्मिनल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग सीतापुर-पीलीभीत-बरेली सिटी-रामगंगा के रास्ते चलाई जायेगी. >कामाख्या से 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15621 कामाख्या-आनन्द विहार टर्मिनल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग सीतापुर-पीलीभीत-बरेली सिटी-रामगंगा के रास्ते चलाई जायेगी. >डिबू्रगढ़ से 14 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15909 डिब्रूगढ़-लालगढ़ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग लखनऊ (उत्तर रेलवे)-कानपुर सेंट्रल-गाजियाबाद के रास्ते चलाई जायेगी. मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बालामऊ, हरदोई, शाहजहाँपुर, बरेली जं., रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ एवं पिलखुआ स्टेशनों पर नहीं रहेगा. इन ट्रेनों की होगी रि-शिड्यूलिंग >जम्मूतवी से 13 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15098 जम्मूतवी-भागलपुर एक्सप्रेस जम्मूतवी से 120 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी >दरभंगा से 13 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15211 दरभंगा-अमृतसर एक्सप्रेस दरभंगा से 75 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी >दरभंगा से 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15211 दरभंगा-अमृतसर एक्सप्रेस दरभंगा से 60 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी >लालगढ़ से 13 व 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 15910 लालगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस लालगढ़ से 120 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी >जम्मूतवी से 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 12332 जम्मूतवी-हावड़ा एक्सप्रेस जम्मूतवी से 120 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी >हावड़ा से 15 अगस्त, 2024 को चलने वाली गाड़ी संख्या 12369 हावड़ा-देहरादून कुंभ एक्सप्रेस हावड़ा से 240 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई जायेगी.   recent visitors 87