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मध्यप्रदेश के 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना, अब तक सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बरसात
भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ लाइन की वजह से आज तेज बारिश हो सकती है। हालांकि, 11 अगस्त से बारिश की एक्टिविटी कम हो जाएगी, इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इन जिलों आज होगी तेज बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जिन जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, मऊगंज और सतना शामिल हैं। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून ट्रफ लाइन एक्टिव है। मानसून ट्रफ एमपी के कई जिलों से होकर गुजर रही है। इस वजह से शनिवार को उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसलिए प्रदेश में हो रही बारिश मध्य प्रदेश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि दक्षिणी झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में भी एक प्रभावी चक्रवात मौजूद है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, शिवपुरी, सीधी, डाल्टनगंज, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर हवा के ऊपरी भाग में तीन चक्रवात बने हुए हैं। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। recent visitors 115
भारतीय खिलाड़ी 19 सितंबर को एक्शन में नजर आएंगे, इस साल के टीम इंडिया के शेड्यूल पर डालते हैं
मुंबई श्रीलंका दौरा समाप्त होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का 43 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। पिछले कुछ सालों में यह टीम इंडिया का अब तक का सबसे बड़ा ब्रेक है। आमतौर पर सीनियर खिलाड़ियों को रेस्ट दे दिया जाता था और युवा खिलाड़ियों के साथ भारतीय-बी टीम छोटी टीमों के साथ सीरीज खेलती नजर आती थी। मगर इस बार ऐसा नहीं है। 43 दिनों के इस लंबे ब्रेक के बाद अब भारतीय टीम सीधा 19 सितंबर को एक्शन में नजर आएगी। क्रिकेट फील्डर पर वापस लौटने के बाद टीम इंडिया का शेड्यूल काफी टाइट रहने वाला है। आईए एक नजर इस साल के टीम इंडिया के शेड्यूल पर डालते हैं- 19 सितंबर से बांग्लादेश का भारत दौरा भारतीय क्रिकेट टीम अब सीधा 19 सितंबर से एक्शन में नजर आएगी, जब बांग्लादेशी टीम दो मैच की टेस्ट और तीन मैट की टी20 सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी। यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा होगी, ऐसे में भारत की नजरें मेहमानों का सूपड़ा साफ कर अपनी बढ़त को और मजबूत करने पर होगी। फिलहाल भारत डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर है। इंडिया वर्सेस बांग्लादेश पहला टेस्ट- चेन्नई (19 से 23 सितंबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश दूसरा टेस्ट- कानपुर (27 सितंबर से 1 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश पहला टी20- धर्मशाला (6 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश दूसरा टी20- दिल्ली (9 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश तीसरा टी20- हैदराबाद (12 अक्टूबर) बांग्लादेश के बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगा भारत भारतीय टीम को बांग्लादेश के बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है। कीवी टीम भारत दौरे पर तीन मैच की टेस्ट सीरीज के लिए आएगी, यह सीरीज भी डब्ल्यूटीसी का हिस्सा रहने वाली है। बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी20 और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के बीच सिर्फ 4 ही दिन का अंतर है। न्यूजीलैंड के भारत दौरे का आगाज 16 अक्टूबर से होगा। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड पहला टेस्ट- बेंगलुरु (16 से 20 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट- पुणे (24 से 28 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरा टेस्ट- मुंबई (1 से 5 नवंबर) भारत का साउथ अफ्रीका दौरा नवंबर में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की मेजबानी करने के बाद भारतीय टीम चार मैच की टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी। यह सीरीज 8 नवंबर से शुरू होगी और आखिरी मैच 15 नवंबर को खेला जाएगा। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका पहला टी20- डरबन (8 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दूसरा टी20- गकबेर्हा (10 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका तीसरा टी20- सेंचुरियन (13 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका चौथा टी20- जोहानसबर्ग (15 नवंबर) भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा साउथ अफ्रीका के बाद भारतीय टीम का अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का होगा। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया इस बार 4 की जगह 5 मैच की टेस्ट सीरीज खेलेगी। भारत ने पिछले दो दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं के घर पर धूल चटाई है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें मेजबानों के खिलाफ जीत की हैट्रीक लगाने पर होगी। इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट- पर्थ (22 नवंबर से 26 नवंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट- एडिलेड (6 दिसंबर से 10 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट- ब्रिसबेन (14 दिसंबर से 18 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट- मेलबर्न (26 दिसंबर से 30 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पांचवा टेस्ट- सिडनी (3 जनवरी से 7 जनवरी) जनवरी में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारत अगले साल यानी 2025 की शुरुआत इंग्लैंड की मेजबानी के साथ करेगा। इंग्लिश टीम भारत दौरे पर 5 टी20 और तीन मैच की वनडे सीरीज के लिए आएगी। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगी। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टी20- चेन्नई (22 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20- कोलकाता (25 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीसरा टी20- राजकोट (28 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20- पुणे (31 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पांचवा टी20- मुंबई (2 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला वनडे- नागपुर (6 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा वनडे- कटक (9 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीसरा वनडे- अहमदाबाद (12 फरवरी) recent visitors 102
गाजा में इजरायल की घातक एयर स्ट्राइक, नमाज पढ़ रहे 100 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत
गाजा इजरायल द्वारा गाजा में लगातार बमबारी और एयर स्ट्राइक की जा रही है. अब एक ताजा हवाई हमले में 100 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है. फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि पूर्वी गाजा में विस्थापित लोगों के आवास वाले एक स्कूल को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. हमास द्वारा संचालित गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब लोग नमाज़ अदा कर रहे थे. कार्यालय ने एक बयान में कहा, "इजराइली हमलों ने फ़ज्र (सुबह) की नमाज़ अदा करते समय विस्थापित लोगों को निशाना बनाया, जिसके कारण हताहतों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई." लगातार हमले कर रहा है इजरायल पिछले हफ्ते गाजा में चार स्कूलों पर हमला किया गया था. 4 अगस्त को, गाजा शहर में विस्थापित लोगों के लिए आश्रय के रूप में काम करने वाले दो स्कूलों पर इजरायली हमला हुआ, जिसमें 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे. इससे पहले, गाजा शहर में हमामा स्कूल पर इजरायली हमले में 17 लोग मारे गए थे. तीन से ज्यादा रॉकेट छोड़े गए थे इजरायली सेना ने दावा किया है कि जिस स्कूल पर उसने शनिवार सुबह हमला किया, वह हमास मुख्यालय था और उसमें आतंकवादी मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा शहर इस स्कूल में सुबह की नमाज की जा रही थी, तभी बमबारी हो गई. बताया गया कि तीन से ज्यादा रॉकेट छोड़े गए थे, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए. स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्कूल में आग लग गई है और बचाव दल उसे बुझाने के लिए काम कर रहे हैं. वहीं, इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उन्होंने अल-तबीन स्कूल के अंदर स्थित सैन्य कमान मुख्यालय में काम करने वाले आतंकवादियों पर हमला किया था. सेना ने दावा किया है कि नागरिकों पर पर हमला नहीं किया गया. इजराइली रॉकेट नमाज के दौरान गिरे यह बम आज सुबह की नमाज के समय गिरे. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल में आग लग गई है और बचाव दल इसे बुझाने के लिए काम कर रहे हैं. गाजा के निवासियों ने बताया कि स्कूल पर तीन रॉकेट उस समय गिरे, जब लोग नमाज पढ़ रहे थे. फिलिस्तीनी पत्रकार होसम शबात के अनुसार, गाजा शहर में बमबारी वाले एक स्कूल में फिलिस्तीनी लोग फंस गए हैं, क्योंकि इमारत में आग लग गई है. आग बुझाने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि इजरायली सेना ने पानी की सप्लाई भी काट दी है. 1 अगस्त को दलाल अल-मुगराबी स्कूल पर इजरायली हमले में 15 लोग मारे गए थे.7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले के बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया था. इसके बाद से ही इजरायल लगातार गाजा में स्कूलों सहित इमारतों पर हमले कर रहा है. इजरायल का दावा है कि परिसर के अंदर "आतंकवादी" हैं जो "हमास कमांड कंट्रोल सेंटर" के रूप में काम कर रहे हैं. 40 हजार से अधिक की हो चुकी है मौत 10 महीने लंबे युद्ध में गाजा में 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं. युद्ध से तबाह तटीय फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध विराम के लिए कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. recent visitors 84
कानपुर में किशोरी को किडनैप कर दुष्कर्म का प्रयास, दोषी मौलाना हुआ फरार
कानपुर नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके एक मौलाना का शुक्रवार को एक युवक ने एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश करते वीडियो बना लिया. मोहल्ले के एक युवक को मौलाना पर पिछले कई दिनों से शक था. ऐसे में वह मौलाना पर नजर रख रहा था. शुक्रवार को जब मौलाना एक बच्ची को अपने साथ टॉफी दिलाने के बहाने कमरे में लेकर गया तो उसका पीछा करते हुए युवक भी पहुंच गया. मौलाना जब कमरे में मासूम को निवस्त्र करके दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था, उसी समय का वीडियो युवक ने कमरे के रोशनदान से बना लिया. लोग पहुंचे तो दरवाजा खोलकर दूसरे कमरे से भाग गया मौलाना बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में जिस मौलाना का वीडियो बनाया गया है, उसकी उम्र करीब 70 वर्ष की है. वह कानपुर के ग्वालटोली का रहने वाला है.पूरे मोहल्ले में वह मौलाना चाचा के नाम से प्रसिद्ध है. वीडियो बनाने वाले युवक के मुताबिक जब वह भीड़ को लेकर मौलाना के कमरे में पहुंचा तो मौलाना दरवाजा खोलकर दूसरे कमरे में भाग गया. जिसके बाद मोहल्ले वालों ने मौलाना के खिलाफ थाने में FIR दर्ज करवाई. कई नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म का लग चुका है आरोप इलाके के एसीपी महेश कुमार ने बताया कि 70 वर्षीय मुख्तार ने मोहल्ले की ही 7 वर्षीय बच्ची के साथ रेप की कोशिश की है. उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और उसकी तलाश की जा रही है. साथ ही पुलिस अब यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि मौलाना इससे पहले कितनी बच्चियों के साथ इस तरह की हरकत कर चुका है. क्योंकि मोहल्ले वासियों का आरोप है कि मौलाना अब तक कई बच्चियों के साथ दुष्कर्म कर चुका है. लेकिन बदनामी के डर से लोग मुंह नहीं खेलते थे. हालांकि, मोहल्ले के एक युवक को मौलाना पर शक था. इसलिए वह मौलाना पर कई दिनों से नजर रख रहा था. शुक्रवार को जब वह एक बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया तो युवक भी पीछे-पीछे पहुंच गया. इसके बाद उसने रोशनदान से वीडियो बना लिया और मोहल्ले वासियों को बुला लिया. इसके बाद बच्ची को भी मुक्त करा लिया. recent visitors 100
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर को चिन्हित करने के फैसले भी नहीं
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में संविधान में दिए गए एससी और एसटी के लिए आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में स्पष्ट किया कि डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण प्रणाली में “क्रीमी लेयर” का प्रावधान नहीं है. ऐसे में अंबेडकर के संविधान के मुताबिक ही आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए. दरअसल कैबिनेट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा हुआ हुई. कैबिनेट का मत था कि एनडीए सरकार अंबेडकर के बनाए संबिधान को लेकर प्रतिबद्ध है और एससी एसटी में कोई क्रीमीलेयर का प्रावधान नहीं है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शुरू हुई हालिया बहस के बारे में बात की. सरकार संविधान प्रति कटिबद्ध वैष्णव ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के संबंध में निर्णय सुनाया था और एससी-एसटी आरक्षण के संबंध में सुझाव दिया था. मंत्रिमंडल में इस पर विस्तृत चर्चा हुई. एनडीए सरकार बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति कटिबद्ध है. बीआर अंबेडकर के संविधान के अनुसार एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण संवैधानिक दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या यह मुद्दा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया था, वैष्णव ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का सुविचारित विचार है. सांसदों ने की थी पीएम से मुलाकात इससे पहले शुक्रवार को एससी और एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और एससी/एसटी आरक्षण के मुद्दे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा की.बैठक के बाद मोदी ने एक्स पर कहा, "आज एससी/एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. एससी/एसटी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया." वहीं प्रधानमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा के राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार ने कहा, "हम सभी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से चिंतित हैं. हमें इस मामले पर चिंता जताने वाले लोगों के फोन आ रहे हैं. एससी और एसटी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की." कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ गंभीर चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं होने देगी. उन्होंने कहा, "हम इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं." भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को दिए ज्ञापन में आग्रह किया है कि क्रीमी लेयर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने पीटीआई से कहा, "प्रधानमंत्री का भी ऐसा ही विचार था. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे और हमें चिंता न करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि इसे एससी और एसटी श्रेणी में लागू नहीं किया जाएगा." क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस महीने की शुरुआत में, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने बीते हफ्ते 6:1 के बहुमत वाले फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कोटे में कोटा दिए जाने को मंजूरी दी थी. कोर्ट ने कहा था कि SC-ST कैटेगरी के भीतर नई सब कैटेगरी बना सकते हैं और इसके तहत अति पिछड़े तबके को अलग से रिजर्वेशन दे सकते हैं. देश में अभी अनुसूचित जाति (एससी) को 15 फीसदी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को 7.5 फीसदी आरक्षण मिलता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी और एसटी की जातियों के इसी 22.5 फीसदी के आरक्षण में ही राज्य सरकारें एससी और एसटी के कमजोर वर्गों का अलग से कोटा तय कर सकेंगी. सुप्रीम कोर्ट ने कोटे के अंदर कोटे की अनुमति राज्य सरकारों को देते हुए का था कि राज्य अपनी मर्जी और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के आधार पर फैसला नहीं ले सकते. अगर ऐसा होता है तो उनके फैसले की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है.अगर कोई राज्य किसी जाति को कोटे के अंदर कोटा देती है तो उसे साबित करना होगा कि ऐसा पिछड़ेपन के आधार पर ही किया गया है. ये भी देखा जाएगा कि किसी एससी-एसटी के कुल आरक्षण का उसके किसी एक वर्ग को ही 100% कोटा न दे दिया जाए. recent visitors 108
अमन सहरावत ने देश को पेरिस ओलंपिक में दिलाया छठा मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई
पेरिस पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को एक और मेडल मिल गया है. अब तक भारत की झोली में कुल 6 मेडल आ गए हैं. भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने मेन्स फ्रीस्टाइल 57 किलो भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. अमन ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में प्यूर्टो रिको के डेरियन टोई क्रूज को 13-5 से हरा दिया है. बता दें कि अमन सहरावत का ओलंपिक सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. अमन सहरावत ने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया था. 21 साल के अमन सहरावत का ओलंपिक तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है. जाट परिवार से आने वाले अमन हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर से आते हैं. उन्होंने 11 साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था. पहले अमन की मां का हार्टअटैक से निधन हो गया था, तब उनकी उम्र 10 साल थी. फिर लगभग एक साल बाद उनके पिता भी चल बसे थे. इसके बाद अमन और उनकी छोटी बहन पूजा सहरावत को उनके बड़े चाचा सुधीर सहरावत और एक मौसी की देखभाल में छोड़ दिया गया. माता-पिता की दुखद मृत्यु के बाद अमन गंभीर अवसाद से जूझ रहे थे, ऐसे में उनके दादा मांगेराम सहरावत ने उन्हें संभाला और इससे उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रेसलिंग में ऐसा रहा है अमन का सफर इस सबके बीच उन्होंने कुश्ती के प्रति अपने जुनून को जारी रखा और कोच ललित कुमार के अंडर ट्रेनिंग लेना शुरू किया. अमन 2021 में अपना पहला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप खिताब जीतकर लाइमलाइट में आए. अमन ने 2022 के एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. फिर साल 2023 एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया. जनवरी 2024 में उन्होंने जागरेब ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. वह पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान रहे. recent visitors 91