स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है

नई दिल्ली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में भारत में स्पोर्टिंग कल्चर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट का प्रभुत्व ज्यादा है और बाकी खेलों को उतनी अहमियत नहीं दी जा रही, जितनी मिलनी चाहिए। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना का का मानना है कि क्रिकेट की तुलना में बैडमिंटन और टेनिस समेत कई अन्य खेल शारीरिक रूप से ज्यादा कठिन हैं। साइना की यह बात कई क्रिकेट फैंस को बुरी लगी। एक यूजर ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म' एक्स पर लिखा था, "देखते हैं कि जब जसप्रीत बुमराह की 150 किलोमीटर रफ्तार की बम्पर गेंद साइना के सिर पर आएगी तो वह क्या करेंगी।" स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है। उन्होंने भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है। 'बैडमिंटन हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी' साइना ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा, ''देखिए, आप क्रिकेट क्या मरने के लिए खेलेंगे। यह मेरा पॉइंट नहीं। हम मरने की बात नहीं कर रहे हैं। आप गेम जीतने-हारने के लिए खेलते हैं। आप गेम अपने देश का मान बढ़ाने के लिए खेलते हैं। बैडमिंटन इसलिए मुश्किल है क्योंकि आप हाथ ऊपर करके स्ट्रोक खेल रहे हैं। हाथ ऊपर करके खेलना बहुत मुश्किल होता है। उसकी वजह से आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। मैंने बैडमिंटन में भी हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि बैडमिंटन ही सबसे ज्यादा टफ गेम है। टेनिस, स्विमिंग का भी मैंने जिक्र किया था। क्या क्रिकेट और फुटबॉल टफ नहीं हैं। लेकिन तुलनात्मक रूप से आप देखें, जब बैटिंग करते हैं तो यह स्किल बेस्ड है। मैंने यह नहीं कहा कि क्रिकेट जीरो फिटनेस पर खेला जा सकता है। 'बुमराह मेरा स्मैश शॉट नहीं झेल पाएगा?' उन्होंने आगे कहा, ''आप उस लेवल पर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं बन पाएंगे। कुछ खिलाड़ी ही विराट और रोहित जैसे बन पाते हैं। क्रिकेट स्किल बेस्ड स्पोर्ट ज्यादा है। रही बात बुमराह की तो मुझे उनके साथ क्यों खेलना है। मुझे मरना थोड़ी है। अगर मैं आठ साल से खेल रही होती तो उनका जवाब देती। अगर बुमराह मेरे साथ बैडमिंटन खेलेगा तो शायद मेरा स्मैश शॉट नहीं ले पाएगा। हम अपने देश में इन चीजों के लिए आपस में ना लड़ें। हर स्पोर्ट अपनी जगह पर बेस्ट है लेकिन मैं यह बोलना चाहती हूं कि दूसरे खेलों को भी अहमियत देनी चाहिए। वरना स्पोर्टिंग कल्चर हम कहां से लाएंगे। हमारा फोकस क्रिकेट और बॉलीवुड पर हमेशा रहेगा बाकी कोई मेडल जीतेगा तो तारीफ करेंगे। लेकिन उसके बाद क्या होगा। क्या हम चार-पांच मेडल पर ही रुक रहेंगे? हमें क्या और मेडल नहीं चाहिए। क्या हम उतने में खुश रहेंगे?''   recent visitors 96

मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न अनुसूची ‘ए’ सीपीएसयू एसजेवीएन लिमिटेड ने अपनी 90 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का  सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। परियोजना का निष्पादन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा किया गया है। परियोजना के कमीशन होने पर एसजेवीएन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 2466.50 मेगावाट हो गई है। परियोजना 646 करोड़ रूपये की लागत से की गई है विकसित देश का सबसे बड़ा है सोलर पार्क ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना 90 मेगावाट क्षमता की है। यह भारत का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। परियोजना मध्य एवं उत्तर भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक है। परियोजना के कमीशन होने के साथ ही कंपनी ने फ्लोटिंग सोलर पावर सेगमेंट में प्रवेश कर लिया है।  मंत्री शुक्ला ने बताया कि परियोजना को 646.20 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है और इससे प्रथम वर्ष में 196.5 मिलियन यूनिट विदयुत उत्पादन होने की संभावना है। 25 वर्षों की अवधि में अनुमानित संचयी विदयुत उत्पादन 4629.3 मिलियन यूनिट होगा। परियोजना से एसजेवीएन के राजस्व में 64 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। कमीशन होने पर यह परियोजना 2.3 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक भारत सरकार के शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उक्त परियोजना जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी सहायक होगी। 25 वर्षों के लिए हुआ है एमओयू मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना को बिल्ड ओन एंड ऑपरेट के आधार पर प्रतिस्पर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से 3.26 रुपए प्रति यूनिट की दर पर हासिल किया गया है। बोली को आरईडब्यूगीन ए अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा आयोजित किया गया था। एसजीईएल और आरयूएमएसएल एवं एमपीपीएमसीएल के मध्य 25 वर्षों की अवधि के लिए विदयुत क्रय करार किया गया है। परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है और कंपनी जलविद्युत, पंप स्टोरेज, थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाओं का निष्पादन कर रही है।   recent visitors 83

पश्चिम बंगाल में रेप के बाद हत्या? महिला डॉक्टर की नग्न लाश मिलने से हड़कंप, भाजपा ने ममता को घेरा, CBI जांच की मांग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर से हुई दरिंदगी ने हर किसी को हिलाकर रख दिया. लेडी डॉक्टर से पहले रेप किया गया, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में रेप का मामला दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार किया है. लेडी डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली थी. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार (9 अगस्त) को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अस्थायी कर्मचारी संजय रॉय को गिरफ्तार किया. स्थानीय पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है. ट्रेनी डॉक्टर के बारे में बताया जा रहा है कि वह सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी. वह बेहोशी की हालत में शुक्रवार को सेमिनार हॉल में मिली था. उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पीड़िता के परिवार से ममता ने की बात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के माता-पिता से बात की है. परिवार ने उनसे मामले की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. पुलिस ने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया है. इस मामले की जांच के लिए बंगाल पुलिस ने एक एसआईटी का भी गठन किया है. शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और हत्या की बात सामने आई है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'उसकी दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था, चेहरे और नाखून पर चोटें थीं. पीड़िता के निजी अंगों से भी खून बह रहा था. उसके पेट, बाएं पैर…गर्दन, दाएं हाथ और…होंठों पर भी चोटें थीं. दो महिला गवाह और महिला की मां पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद थीं, जिसे कैमरे में रिकॉर्ड किया गया. कोलकाता पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपराध सुबह 3 से 6 बजे के बीच हुआ. 'शरीर पर जख्म, इलाज के बाद मौत' ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता अग्निमित्र पॉल ने कहा कि बच्ची के शरीर पर जख्म था. इलाज के बाद पीड़िता की मौत हो गई. हम चाहते हैं कि पूछताछ हो. उन्होंने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टेम कराए जाने का भी विरोध किया और पूछा, 'शाम को पोस्टमॉर्टम क्यों किया गया?' बाहर कराया जाए पोस्टमॉर्टम कोलकाता के डॉक्टर मानस गुमटा ने मामले पर कहा कि यह हैरान कर देने वाली घटना है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. यह केवल डॉक्टरों के बारे में नहीं है. हम कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल गुंडों के हाथों में चला गया है और हमें लगता है कि प्रशासन तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है और इसे आत्महत्या बताने की कोशिश कर रहा है. इन कारणों से हम मांग करते हैं कि पोस्टमॉर्टम आरजी कर अस्पताल के बाहर के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि आरजी कर अस्पताल के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा. उन्होंने स्टूडेंट्स संग विरोध-प्रदर्शन भी किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की. आरजी कर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष ने भी इस मामले पर कहा, 'ये बहुत गलत हुआ है. वो मेरी बच्ची की तरह थी और ये कि कार्रवाई जल्द से जल्द होनी चाहिए.'     recent visitors 85

पाली में महिला का किडनैप कर दरिंदगी, दुष्कर्म के बाद नाले में फेंका, इलाज के दौरान मौत

पाली.  खबर राजस्थान के पाली जिले से है। 40 साल की एक महिला के साथ इतनी हैवानियत की गई कि उसकी जान चली गई। तीन – चार दिनों तक वह अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन लगातार ब्लडिंग होने और शरीर के अंग खराब होने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने गैंगरेप करने वाले आरेपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। दोनो आरोपी फरार है। पीड़िता ने अपनी सांसे टूटने से पहले पुलिस को उसके साथ हुई दरिंदगी की कहानी बयां की। फिल्मी स्टाइल में आरोपियों ने किया किडनैप केस की जांच कर रही औद्योगिक नगर थाना पुलिस ने बताया कि महिला के पति की मौत हो चुकी है। वह अपने भाई के मकान के नजदीक ही रहती है। उसकी दस साल की एक बेटी है। वह 2 अगस्त को शाम के समय किराना का सामान लेने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान उसका बदमाशों ने पीछा किया और मौका मिलते ही उसे दबोचकर कार में खींचकर ले गए। युवती चीखती-चिल्लाती उससे पहले ही आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। इसके बाद गाड़ी को तेज रफ्तार में दौड़कार सुनसाइऩ इलाके में ले गए। पीड़िता के बेहोश करने के बाद तक करते रहे हैवानियत आरोपी महिला को जंगल में लेकर पहुंची और उसे तीन दिनों तक बांधकर रखा और कई बार गैंगरेप किया। वह बेहोश हो गई लेकिन वे लोग उसके साथ हैवानियत करते रहे। उसके बाद पांच तारीख को रेलवे स्टेशन के नजदीक सुनसान जगह पर स्थित नाले में फेंक गए। होश में आने पर किसी से फोन लेकर महिला ने अपने भाई को फोन किया। भाई और अन्य लोग वहां पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। जिन दो आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया है, दोनो अनजान हैं। उनकी तलाश की जा रही है। recent visitors 103

जन्मदिन पर सीएम हेमंत सोरेन का फोटो के साथ भावुक पोस्ट, ‘…वह है यह कैदी का निशान’

CM Hemant Soren's emotional post with photo on his birthday, '…that is the prisoner's mark'

CM Hemant Soren’s emotional post with photo on his birthday, ‘…that is the prisoner’s mark’

जंगल में नरकंकाल मिलने से फैली सनसनी, मृतक की शिनाख्त ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई

भोपाल  छोला मंदिर थाना इलाके में  सुबह मोहाली के जंगली क्षेत्र में एक नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। कंकाल पर मिले कपड़ों के आधार पर मृतक की शिनाख्त ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई। वह 28 जुलाई से लापता था। पुलिस ने मर्ग कायमी के बाद मामले को विवेचना में ले लिया है। कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। इस मामले में सूरज की हत्या किए जाने की भी आशंका है। यह है घटनाक्रम छोला मंदिर थाना प्रभारी सुरेशचंद्र नागर ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे गोवर्धन लोधी नाम के व्यक्ति ने मोहाली के जंगल में नरकंकाल पड़ा रहने की सूचना दी थी। घटना की सूचना मिलने पर डीसीपी सहित जोन-चार के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कंकाल पर मिले कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई। वह 28 जुलाई को अचानक लापता हो गया था। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी। कंकाल को जांच के लिए भेजा पुलिस ने घटना स्थल की एफएसएल टीम से जांच कराने के साथ कंकाल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही सूरज की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। अभी मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। recent visitors 190

पंजाब में मजबूत होगा रोड नेटवर्क अगर कानून व्यवस्था सुधरी तो, नहीं प्रोजेक्ट होंगे रद्द – गडकरी

चंडीगढ़  केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक चेतावनी भरा पत्र लिखा है। गडकरी ने कहा है कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द कर देगा। इन प्रोजेक्ट की कुल लागत 14,288 करोड़ रुपये है। गडकरी ने यह पत्र दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर हो रही हिंसक घटनाओं के बाद लिखा है। गडकरी ने अपने पत्र में कहा है कि NHAI पंजाब में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे सहित कई ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड एनएच कॉरिडोर विकसित कर रहा है। उन्होंने NHAI अधिकारियों, ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। गडकरी ने मान को भेजे अपने पत्र के साथ हमलों की तस्वीरें भी संलग्न की हैं। प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा गडकरी ने मान से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मैं अनुरोध करता हूं कि राज्य सरकार तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, FIR दर्ज करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। NHAI अधिकारियों और रियायतग्राहियों के कर्मचारियों का विश्वास बहाल हो सके। गडकरी ने 15 जुलाई को हुई एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भूमि अधिग्रहण और कानून व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। 'हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं'गडकरी ने कहा कि हालांकि, मेरे संज्ञान में लाया गया है कि इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है और स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने के कारण, कई ठेकेदार रियायतग्राहियों ने अनुबंधों को बंद करने का अनुरोध किया है और NHAI के खिलाफ दावे उठाए हैं। गडकरी ने कहा कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI के पास आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये सभी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर हैं और अगर एक पैकेज भी रद्द होता है तो पूरा कॉरिडोर बेकार हो जाएगा। NHAI ने पहले ही 104 किलोमीटर लंबी और 3,263 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राजमार्ग परियोजनाओं को भूमि की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए समाप्त कर दिया है। recent visitors 106