एग्जाम में बजी मोबाइल की घंटी तो ली छात्राओं के कपड़ो की तलाशी, बवाल पर बोली टीचर

इंदौर सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका पर छात्राओं ने कपड़े उतरवाने के आरोप लगाए थे। हंगामे के बाद कलेक्टर ने स्कूल से टीचर को हटा दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू हो गई है। वहीं, शिक्षिका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए छात्राओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। लेडी टीचर ने आरोप लगाया है कि लड़की को उसके बॉयफ्रेंड ने मोबाइल दिया था। कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का आरोप यह मामला इंदौर के बड़ा गणपति क्षेत्र के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। शुक्रवार को स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक छात्रा का मोबाइल फोन बज उठा। इससे नाराज शिक्षिका ने सभी छात्राओं के बैग की तलाशी ली। आरोप है कि इसके बाद शिक्षिका ने सभी छात्राओं को एक-एक करके बाथरूम में बुलाया और उनके कपड़े उतरवा कर मोबाइल फोन की तलाशी ली। स्कूल में हुआ था हंगामा घटना से आहत छात्राओं ने घर जाकर अपने परिजनों को बताया। जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने स्कूल जाकर हंगामा किया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका को स्कूल से हटाकर जिला शिक्षा कार्यालय अटैच कर दिया है। कलेक्टर ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। झूठ बोल रही हैं छात्राएं इस बीच, अपने ऊपर लगे आरोपों पर पहली बार बोलते हुए आरोपी शिक्षिका जया पंवार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि छात्राएं झूठ बोल रही हैं। उन्होंने किसी भी छात्रा को टॉयलेट में ले जाकर कपड़े नहीं उतरवाए। क्लासरूम के बाहर सामान्य तौर पर चेक किया। इस दौरान वहां तीन अन्य शिक्षिका भी मौजूद थी लेकिन सिर्फ मुझे ही टारगेट किया है। लड़के ने किया था गिफ्ट शिक्षिका ने आगे बताया कि जिस छात्रा के पास मोबाइल मिला था, उसे किसी लड़के ने गिफ्ट में दिया था। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने लड़के को फोन भी किया था लेकिन उसने ज्यादा बात नहीं की। शिक्षिका ने स्कूल के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि एडमिशन के समय ही अभिभावकों से शपथ पत्र लिया जाता है कि बच्चे स्कूल में मोबाइल नहीं लाएंगे। उन्होंने कहा कि क्या अब स्कूल में अनुशासन भी नहीं रखेंगे? फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि सच्चाई क्या है। recent visitors 186

बंगाल में 77 जातियों को ओबीसी दर्जे पर SC का बंगाल को नोटिस

नई दिल्ली बंगाल में 77 मुस्लिम जातियों को ओबीसी आरक्षण दिए जाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। ममता सरकार के फैसले पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई थी, जिस पर राज्य ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब अदालत ने पूछा है कि आखिर राज्य सरकार ने किस आधार पर 77 जातियों को ओबीसी का दर्जा दिया था। इन जातियों में से ज्यादातर मुस्लिम धर्म को मानने वाली हैं। बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने मई में ही इस आरक्षण को अवैध करार दिया था और 77 जातियों को ओबीसी की सूची से बाहर करने का आदेश दिया था। इस केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प बहस भी हुई है। बंगाल सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय पर ही तीखा हमला बोल दिया। ओबीसी कोटे को लेकर बनी जातिवार सूची पर उच्च न्यायालय की तीखी टिप्पणियों पर राज्य सरकार ने ऐतराज जताया। यही नहीं दलीलों के दौरान बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि क्या उच्च न्यायालय ही राज्य को चलाना चाहता है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान बंगाल सरकार की वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपनी सीमा से आगे जाकर फैसला दिया है। इसी साल मई में उच्च न्यायालय ने 77 मुस्लिम जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने के फैसले को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक हितों को साधने के लिए एक कमोडिटी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी पर ऐतराज जताते हुए बंगाल सरकार की वकील ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि आप इसमें दखल दीजिए। बंगाल सरकार ने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है। इसलिए क्योंकि वे मुस्लिम हैं? वे कहते हैं कि ये धर्म का मामला है। जो पूरी तरह से गलत है। यह कहा जा रहा है कि उन लोगों को इसलिए आरक्षण दिया गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं। हमारे पास रिपोर्ट्स हैं कि सभी समुदायों पर विचार किया गया है। मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर काम हुआ है। सरकार राज्य चलाना चाहती है। लेकिन अदालत ऐसा करना चाहती है तो फिर करे। आखिर हम क्या कर सकते हैं। कृपया बताएं।' इन दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका पर सुनवाई को लेकर सहमति जताई।सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जातियों की पहचान बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग का जिक्र किए बिना हुई। यह दलील है। ऐक्ट को खारिज करने के गंभीर असर हैं। फिलहाल बंगाल में कोई आरक्षण लागू नहीं हो पा रहा है। यह मुश्किल स्थिति है। इस पर इंदिरा जयसिंह ने कहा कि राज्य में पूरी आरक्षण व्यवस्था ही अटक गई है। दरअसल हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किस जाति को कौन सा दर्जा देना है, यह आयोग का काम है। राज्य सरकार का नहीं है। आयोग 1993 में बना था और राज्य सरकार की ओर से 2012 में ऐक्ट लाया गया। इसमें बताया गया कि कैसे जाति प्रमाण पत्र मिलेगा और उसका आधार क्या होगा।   recent visitors 111

लड़के हैं गलती हो जाती है…अयोध्या रेप कांड में अखिलेश के खिलाफ लखनऊ में पोस्टरबाजी

अयोध्या अयोध्या में नाबालिग से रेप मामले में सियासत तेज हो गई है. सपा और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर बयानबाजी कर रहे हैं. इसी बीच लखनऊ में पोस्‍टर वार देखने को मिला है. बीजेपी नेता ने लखनऊ के 1090 चौराहे पर एक पोस्‍टर लगाया है. इस पोस्‍टर के जरिए बीजेपी नेता ने सपा पर हमला बोला है. बीजेपी ने सपा पर यूपी में अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है.   लखनऊ में पोस्‍टर वार दरअसल, अयोध्‍या रेप केस को लेकर बीजेपी नेता श्वेता सिंह ने आरोपी सपा नेता मोइन खान के नाम का लखनऊ के 1090 चौराहे पर एक पोस्‍टर लगाया है. लाल रंग के इस पोस्‍टर में लिखा है कि, लड़के हैं गलती हो जाती है…सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव डीएनए टेस्ट की बात कर क्या साबित करना चाहते हैं. मोइन है गलती हो जाती है?, बीजेपी नेता श्वेता सिंह ने यह पोस्टर लगाया है. वह बीजेपी में अवध क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं. वह सपा छोड़कर भाजपा में आई हैं. बता दें कि साल 2017 के चुनाव में लखनऊ से समाजवादी पार्टी के सिंबल पर टिकट मांग रही थीं, लेकिन टिकट न मिलने के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गईं थीं. बंदरिया बाग चौराहे पर एक और पोस्‍टर लगा वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के घर से करीब सौ मीटर दूर एक और पोस्‍टर लगाया गया है. बंदरिया बाग चौराहे पर लगे इस पोस्‍टर के जरिये अयोध्या रेप केस को लेकर हमला बोला गया है. पोस्टर में लिखा है, पीडीए केवल दिखावा है, पीडी से कोई मतलब नहीं, मोइन A को कुछ नहीं होना चाहिए. सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने की थी आरोपी के डीएनए टेस्‍ट की मांग बता दें कि अयोध्‍या में नाबालिग से रेप मामले में आरोपी मोइन खान सपा नेता है. बीजेपी आरोपी सपा नेता मोइन खान की संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रही है. उसके बेकरी को ध्‍वस्‍त कर दिया गया है. अब सपा नेता के शॉपिंग कॉप्‍लेक्‍स पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है. वहीं, सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि अपराधी का डीएनए टेस्‍ट होना चाहिए और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए न कि इस पर सियासत होनी चाहिए.  recent visitors 95

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से निजी स्कूलों को झटका, फीस रिफंड को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई को चुनौती देने वाली एक दर्जन से अधिक स्कूलों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसमें छात्रों से अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने के आदेश भी शामिल थे। जस्टिस एमएस भट्टी की बेंच ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के पास जिला समितियों के आदेश के खिलाफ अपील में राज्य स्तरीय समिति में जाने का विकल्प है। इस स्तर पर कोर्ट के लिए मामले में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। स्कूलों ने अपनी याचिकाओं में कहा कि जिला समितियों ने उनसे जिला समिति द्वारा तय सीमा से अधिक फीस वृद्धि को वापस लेने को कहा है। विद्यार्थियों से पहले से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करने को कहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जिला समितियों को स्कूलों की फीस तय करने का अधिकार नहीं है। स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया। क्या बोला प्रदेश प्रशासन वहीं प्रशासन का कहना है कि 2020 में निजी स्कूलों के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार स्कूल पिछले तीन साल के अपने वार्षिक आय-व्यय से जिला समिति को अवगत कराएंगे। फीस वृद्धि होने पर इसकी भी जानकारी देंगे। वांछित जानकारी न मिलने पर संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किए गए। जवाब संतोषजनक न मिलने पर स्कूलों से छात्रों से ली गई अतिरिक्त फीस वापस करने को कहा गया। स्कूलों को दिया गया था पर्याप्त समय स्कूलों को समिति के समक्ष अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए। जिला समिति के आदेश के खिलाफ राज्य समिति के समक्ष अपील करने का विकल्प अभी भी उनके पास है। सरकारी वकील की दलीलों से सहमत होकर कोर्ट ने सभी याचिकाओं को समय से पहले और इस स्तर पर कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत न बताते हुए खारिज कर दिया। recent visitors 110

60 साल के बुजुर्ग ने 8 साल की एक मासूम के साथ की हैवानियत, आरोपी पड़ोसी है और बच्ची उसे बाबा कहकर बुलाती

ग्वालियर इंसान की आँखों की शर्म और इंसानियत मरती जा रही है, कुछ लोग हैं जो समाज को न सिर्फ कलंकित कर रहे हैं बल्कि रिश्तों को भी तार तार कर रहे हैं, हम सबने सगे रिश्तों से ज्यादा मुंह बोले रिश्तों की मजबूती और अपनेपन की कहानियां अपने दादी-बाबा, नाना- नानी से सुनी हैं लेकिन शायद अब गुजरे ज़माने की बातें हो गई है, ग्वालियर से आई एक खबर तो यही बता रही है। ग्वालियर के कम्पू थाना क्षेत्र के अवाड़पुरा में एक ऐसी ही घटना हुई जिसने ना सिर्फ़ रिश्तों को शर्मसार किया बल्कि मोहल्ले की बच्चियों के मन में एक अजीब सा भय भी पैदा कर दिया है, दरअसल यहाँ रहने वाले एक 60 साल के बुजुर्ग ने 8 साल की एक मासूम के साथ हैवानियत की, खास बात ये है कि आरोपी पड़ोसी है और बच्ची उसे बाबा कहकर बुलाती है। जिसे बाबा कहकर बुलाती थी उसी ने कर दी शर्मनाक हरकत जानकारी के मुताबिक 8 साल की मासूम घर के पास खेल रही थी उसी समय पड़ोस में रहने वाला 60 साल का हजरत अली वहां आया और बच्ची तो ताड़ता रहा ,उसने बच्ची को आवाज देकर बुलाया, टॉफी का बहाना बनाकर अपने घर के पीछे ले गया बच्ची चूँकि उसे बाबा कहकर बुलाती थी तो साथ चली गई उसे क्या मालूम था कि वो हैवान है। गोद में बैठाकर की हैवानियत बुजुर्ग हजरत अली ने बच्ची के कपड़े उतारे और फिर उसे अपनी गोद में बैठाकर गलत हरकत करने लगा , बच्ची चीखी तो उसने उसका मुंह दबा दिया फिर कुछ देर बाद बच्ची को छोड़ दिया, बच्ची रोती हुई घर पहुंची और अपनी माँ को पूरी कहानी बता दी, माँ बच्ची की लेकर तुरंत कम्पू थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया इस दौरान आरोपी को मालूम चल गया कि मामला पुलिस के पास पहुंच गया है तो वो घर से भाग गया लेकिन पुलिस ने तत्काल एक्टिव होते हुए उसे कुछ देर की मशक्कत के बाद अचलेश्वर मंदिर रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया, उधर बच्ची बहुत सहमी हुई है, थाने में आरोपी को देखकर वो दहशत में आ गई और चीखकर रोने लगी, परिजन भी आक्रोशित हो गए, पुलिस ने उन्हें शांत करकर घर भेज दिया और मामले को जाँच में ले लिया। recent visitors 98

Bus Accident: खाई में जा गिरी सवारियों से भरी बस, 35 यात्री घायल

बुदनी/भोपाल बुदनी के देलावाड़ी घाट पर एक ओवरलोड बस रेलिंग तोड़कर खाई में पलट गई। बस में करीब 50 यात्री सवार थे। लगभग सभी यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए। घायलों को इलाज के लिए रेहटी और औबेदुल्लागंज के अस्पताल ले जाया गया है। घटना ग्राम पंचायत सगोनिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे की है। हादसे की सूचना के बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए रेहटी व औबेदुल्लागंज के अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि गुप्ता कंपनी की बस भोपाल से भैरुंदा जा रही थी। लोगों का कहना है कि ड्राइवर ने ढलान पर बस को न्यूट्रल कर लिया था, जिससे वह और नियंत्रित होकर रेलिंग से टकराकर खाई में गिर गई। घायल यात्रियों को एंबुलेंस की सहायता से रेहटी व ओबेदुल्लागंज करीब 3 से 4 एंबुलेंस की सहायता से पहुंचाया गया। अस्पताल में करीब 1 दर्जन यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गुप्ता कंपनी की बस भोपाल से नसरूल्लागंज जा रही थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने ढलान पर बस को न्यूट्रल कर लिया था। हादसे की सूचना के बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, बस हादसे में घायल यात्रियों को रेहटी, ओबेदुल्लागंज अस्पताल ले जा गया है। रेहटी अस्पताल में 28 और 6 घायलों को औबेदुल्लागंज और बाकी को परिजन अन्य अस्पताल में ले गए। वहीं, रेहटी में भर्ती गंभीर घायलों को भोपाल रेफर किया गया है। इन घायलों को रेहटी अस्पताल में भर्ती कराया गया देवी सिंह कर्मी, महेद्र, रमा बाई, सौरभ सैनी, दुर्गा, जितेंद्र चौहान, वासु, राधिका, कृष्णा बाई, राजेश, अर्जुन सिंह, बसंती, राम स्वरूप, श्वेता प्रजापति, अभय ओझा, चंदा, सुभाष, सुमित, रामदुलारे, रामू, फूल सिंह, भीम, गणेश, भारती, आरती, दुर्गा, मुकुलाल और पुरुषोत्तम। recent visitors 101

मकान की तीसरी मंजिल से गिर कर गंभीर रूप से घायल युवक की मौत

 उज्जैन  नृसिंह घाट काॅलोनी में रविवार सुबह एक युवक का शव मिला। युवक तीसरी मंजिल से गिर गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। जांच में पुलिस को पता चला कि युवक के मल्टी में रहने वाली महिला से अवैध संबंध थे। इसे लेकर युवक को तीसरी मंजिल से धक्का दे दिया था। गिरने के कारण गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने पति-पत्नी को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। गली में मिला था युवक का शव टीआई अजय वर्मा ने बताया कि नृसिंह घाट काॅलोनी में गौंड बस्ती की गंदी गली में रविवार सुबह एक युवक का शव पड़ा हुआ मिला था। तीसरी मंजिल से गिरने से उसके शरीर पर चोट के निशान थे। युवक की शिनाख्त राम पुत्र शंभू भाबर उम्र 26 वर्ष निवासी मोहड़ीपाड़ा झाबुआ के रूप में हुई थी। होटलों पर काम करता था युवक     पता चला कि युवक झाबुआ से उज्जैन आकर हरसिद्धि मंदिर के आसपास होटलों पर काम करता था।     जानकारी मिली है कि युवक के गौंड बस्ती की मल्टी में रहने वाली एक महिला से अवैध संबंध थे।     लोगों से जानकारी मिली कि शनिवार रात को भी महिला के घर से लड़ाई का शोर सुनाई दे रहा था।     पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार सुबह मल्टी के पिछले हिस्से में राम की लाश मिली थी।     नृसिंह घाट काॅलोनी की गली में युवक का शव मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। युवक की शिनाख्त कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पति-पत्‍नी को हिरासत में लिया गया है।     अजय वर्मा, टीआई महिला के घर हुआ विवाद बताया जा रहा है कि शनिवार रात को युवक महिला के घर पर गया था। यहां कुछ विवाद हुआ था। इस कारण महिला, उसका पति और युवक राम मल्टी की छत पर चले गए थे। यहां से राम को छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने युवक की चप्पल छत से बरामद की है। जेब से निकाला मोबाइल आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि युवक के कपड़ाें से रविवार सुबह महिला ने मोबाइल निकाला था। युवक उसके घर आता-जाता रहता था। इस आधार पर पुलिस ने महिला व उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 99