डॉ. ओबेरॉय ने कहा- भाजपा ने एमसीडी के परिसीमन से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक में अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में शुक्रवार को होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव का आम आदमी पार्टी (आप) ने बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अब एमसीडी में भाजपा की सरकार है और 'ट्रिपल इंजन' वाली सरकार को बिना बहाने जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। यह जानकारी दिल्ली की पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय, नेता सदन मुकेश गोयल और पार्षद अंकुश नारंग ने गुरुवार को दी। डॉ. ओबेरॉय ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी के परिसीमन से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक में अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए। इसके बावजूद दिसंबर 2022 में जनता ने आम आदमी पार्टी को बहुमत से जिताया। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में केंद्र, राज्य और एमसीडी तीनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में उसे अब कोई बहाना नहीं बनाना चाहिए और जनता से किए हर वादे को पूरा करना चाहिए। आम आदमी पार्टी विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रूप से निभाएगी और भाजपा को उसकी जिम्मेदारियां याद दिलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में निगमायुक्त ने हाउस टैक्स में छूट और 12 हजार कर्मचारियों को नियमित करने जैसे प्रस्तावों को लागू नहीं किया। नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को राहत देने के लिए कई फैसले लिए। इनमें सबसे अहम 100 वर्ग गज से कम के मकानों का हाउस टैक्स माफ करना और 100 से 500 वर्ग गज के मकानों पर टैक्स को आधा करना था। यह प्रस्ताव सदन में पास हुआ। लेकिन, इसे भाजपा के दबाव में निगमायुक्त ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनता पर उल्टे यूजर चार्ज का बोझ डाल दिया गया, जिससे लोग परेशान हैं। पार्षद अंकुश नारंग ने कहा कि हाउस टैक्स से राहत देने वाला प्रस्ताव सदन से पास हो चुका है, लेकिन भाजपा इसे अधिसूचित नहीं करवा रही। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की आवाज है और इसी कारण मेयर चुनाव में भाग नहीं लेने का फैसला किया गया है। उन्होंने भाजपा से मांग की कि वह निगमायुक्त को निर्देश दे कि हाउस टैक्स छूट की फाइल को तुरंत मंजूरी दी जाए और लागू किया जाए। recent visitors 66

दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कहा कि हम सरकार द्वारा उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करेंगे

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले 26 पर्यटकों की मौत के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन मोड में है. इस बीच सरकार ने आज दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने शिरकत की.  बैठक में इस क्रूर आतंकी हमले की सर्वसम्मति से निंदा की गई. विपक्षी दलों ने कहा कि हम सरकार द्वारा उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करेंगे. ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्षी दलों ने कड़े सवाल उठाए और कहा,'इंटेलिजेंस एजेंसियां कहां थीं?", CRPF और सुरक्षा बल कहां थे?'  ज्यादातर राजनीतिक दलों ने इंटेलिजेंस चूक और वहां पर प्रॉपर सुरक्षा डेप्लॉयमेंट की बात उठाई. राहुल गांधी ने भी पूछा कि उपर जहां घटना हुई वहां सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं थे? सरकार का जवाब इस पर सरकार का कहना था कि आमतौर पर इस रूट को जून के महीने में खोला जाता है जब अमरनाथ यात्रा शुरू होती है क्योंकि अमरनाथ यात्रा के यात्री इस जगह पर रेस्ट करते हैं. इस बार लोकल टूर ऑपरेटर्स ने सरकार को बिना जानकारी दिए हुए वहां पर टूरिस्ट की बुकिंग लेनी शुरू कर दी और 20 अप्रैल से वहां पर टूरिस्ट को ले जाना शुरू कर दिया. जिसकी जानकारी लोकल अथॉरिटीज को नहीं थी इस वजह से वहां पर डेप्लॉयमेंट नहीं किया गया .क्योंकि इस जगह पर अमरनाथ यात्रा के शुरू होने से पहले डेप्लॉयमेंट हर साल जून के महीने में होता है. ओवैसी ने सिंधु जल समझौते पर कही ये बात असदुद्दीन ओवैसी ने इंडस वॉटर ट्रीटी को अस्थाई रूप से निष्क्रिय करने के मुद्दे पर कहा कि हमारे पास पानी रखने या रोकने का कोई इंतजाम नहीं है ऐसे में abeyance पर रखने का क्या फायदा? सरकार ने इस पर जवाब दिया कि यह सरकार की मंशा जताने और एक संदेश देने के लिए किया गया है और यह बताने के लिए किया गया है कि भारत सरकार का आगे रुख पर क्या होगा. इस दौरान डायरेक्टर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने 15 मिनट का प्रेजेंटेशन दिया. रिजीजू बोले- हमले से देश में हर कोई चिंतित सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "रक्षा मंत्री ने पहलगाम में हुई घटना और सीसीएस की बैठक में भारत सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी. यह घटना बहुत दुखद है. जिससे देश में हर कोई चिंतित है, इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने भी आज और कड़ी कार्रवाई करने की मंशा जाहिर की है…" बैठक में शामिल होने के बाद टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "सुरक्षा चूक पर चर्चा हुई. हमने सरकार को भरोसा दिलाया कि देश के हित में सरकार जो भी फैसला लेगी, सभी राजनीतिक दल उसके साथ खड़े रहेंगे."   recent visitors 68

पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने कहा- अब समय आ गया है जब भारत को केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए

नई दिल्ली पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर मिडिया से विशेष बातचीत में कहा कि जब दो देशों के बीच आपसी संबंध बिगड़ते हैं और सुरक्षा की भावना खतरे में पड़ने लगती है, तो कठोर और निर्णायक कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से उठाए गए हालिया कदम जैसे दूतावास बंद करने की तैयारी, वीजा रद्द करना और पाकिस्तान के नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम ये सभी पाकिस्तान पर गंभीर असर डालेंगे। प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान की आम जनता और युवा वर्ग पाकिस्तान आर्मी के साथ नहीं हैं। भारत में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की भूमिका संदिग्ध है, और यह संभव है कि इस बार वह चीन के साथ मिलकर रणनीतिक तौर पर कोई तनावपूर्ण कदम उठा रहा हो। भारत का यह जवाब बहुत सीमित है और इससे पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीओके में उन 8-10 ठिकानों पर सीधा कब्जा करना चाहिए जहां से पाकिस्तान की सेना आतंकियों को भारत में भेजती है। बख्शी ने कहा कि "जब तक पाकिस्तान की जमीन पर कब्जा नहीं किया जाएगा, तब तक उसकी सेना को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" पूर्व विंग कमांडर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी जनता को यह भ्रम देती है कि वे भारत से बेहतर हैं, जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी समाज के कई हिस्से भारत से प्रभावित होकर ही बदले हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अब प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि निर्णायक सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सेना और लड़ाकू विमानों की तैनाती पर उन्होंने कहा कि भारत को कोई नई तैयारी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय सेना पहले से ही हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और नागरिक संपर्क लगभग समाप्त हो सकते हैं, जिससे संबंधों में और भी अधिक खटास आ सकती है। recent visitors 55

अपराध की गंभीरता को देखते हुए सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका की खारिज : ED की स्पेशल कोर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके साथी शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। बुधवार को ईडी की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्ष प्रवर्तन निदेशालय के वकील और सौरभ-शरद के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला एक दिन के लिए सुरक्षित रखा था। विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। प्रदेश के बहुचर्चित 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश मामले में ईडी ने केस दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय की कोर्ट से सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, मौसरे जीजा विनय हांसवानी और साले रोहित तिवारी को जमानत मिल चुकी है। विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की कोर्ट से 10 लाख के बॉन्ड पर जमानत दी गई है। वहीं सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल ने भी जमानत अर्जी लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर दिया है। आपको बता दें कि ईडी ने तीनों को केंद्रीय जेल से न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान गिरफ्तारी कर अदालत से सात दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान उनसे लंबी पूछताछ चली थी। अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 100.36 करोड़ रुपए की कुर्की और जब्ती की है। वहीं सौरभ, चेतन और शरद के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस 60 दिन में भी चालान पेश नहीं कर सकी। जिस वजह से लोकायुक्त पुलिस के केस में तीनों को जमानत मिल चुकी हैं। ये है मामला ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से करोड़ों की संपत्ति बनाई है। उसने यह संपत्ति अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थी। जांच में पता चला कि चेतन सिंह गौर नाम के एक व्यक्ति की इनोवा गाड़ी से जो 11 करोड़ कैश और 52 किलो सोना मिला था, वह सौरभ शर्मा का ही था। recent visitors 55

मृतक का चश्मदीद बेटा बोला- आतंकी हमले में नाबालिग भी शामिल, कैमरा लगाकर आए थे और सेल्फी ले रहे थे

इंदौर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के दौरान अपनी आंखों के सामने पिता को खोने वाले इंदौर के युवक का कहना है कि हमलावरों में नाबालिग लड़के भी शामिल थे, जो कि अपने सिर पर कैमरा लगाकर आए थे और वारदात के दौरान उन्होंने सेल्फी भी ली थीं। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटक स्थल बैसरन घाटी में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे जिनमें इंदौर के सुशील नथानियल (58) भी शामिल हैं। हमले में जीवित बच निकले उनके बेटे का कहना है कि आतंकियों ने उनके सामने कम से कम छह लोगों को गोली मारी। इस आतंकी वारदात में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल इंदौर से करीब 200 किलोमीटर दूर अलीराजपुर में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंधक के रूप में पदस्थ थे। वह अपने पूरे परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। इस हमले में जहां नथानियल की मौत हो गई, वहीं आतंकियों ने उनकी बेटी आकांक्षा (35) के पैर में गोली मारकर उसे घायल कर दिया। जबकि उनकी पत्नी जेनिफर (54) और उनका बेटा ऑस्टिन उर्फ गोल्डी (25) हमले के दौरान सुरक्षित बच निकले थे। पिता की मौत से दुखी ऑस्टिन ने घटना की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया, ‘आतंकियों में 15-15 साल के नाबालिग लड़के शामिल थे और उनकी संख्या कम से कम चार थी। इस आतंकी वारदात के दौरान वे सेल्फी ले रहे थे और अपने सिर पर कैमरा लगाकर आए थे।’ ऑस्टिन ने आगे बताया कि 'आतंकियों ने उनके पिता और मौके पर मौजूद अन्य सभी लोगों से उनकी धार्मिक पहचान पूछने के बाद उन्हें गोली मारी। यहां तक कि उनके मुस्लिम होने की तसल्ली करने के लिए आतंकियों ने उनसे कलमा पढ़ने के लिए भी कहा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे मुस्लिम हैं या गैर मुस्लिम?' उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति आतंकियों के कहने पर उन्हें कलमा बोलकर भी बता रहा था, तब भी उन्होंने बाद में उसके कपड़े भी उतरवाकर उनके मुस्लिम होने की पुष्टि की थी। ऑस्टिन ने बताया कि, ‘इस तरीके से आतंकियों ने मेरे सामने छह गैर मुस्लिम लोगों को गोली मारी।’ यह पूछे जाने पर कि वह अब सरकार से क्या चाहते हैं, अपने पिता को खोने वाले युवक ने जवाब दिया, ‘मैं बस इतना चाहता हूं कि उस जगह (बैसरन में) पुलिस और सेना के कर्मियों की बड़ी तादाद में तैनाती की जाए क्योंकि वहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं।’ इस बीच, नथानियल को गुरुवार को जूनी इंदौर कैथोलिक कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इस दौरान उनकी पत्नी जेनिफर बार-बार बदहवास होती दिखाई दीं, जिन्हें उनके बेटे ऑस्टिन और नजदीकी रिश्तेदारों ने संभाला। नथानियल की घायल बेटी आकांक्षा व्हीलचेयर पर कब्रिस्तान पहुंचीं और अपने पिता को अंतिम विदाई दी। कब्रिस्तान में नथानियल को श्रद्धांजलि देने वाले नेताओं में राज्य के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल रहे। recent visitors 34

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड-56 में भ्रमण कर सुनीं नागरिकों की समस्याएं

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को वार्ड 56 में क्षेत्रवासियों से जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और एसडीएम को अवैध कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान आनंद बिहार कालोनी और नरेंद्र नगर बरखेड़ा पठानी की महिलाओं ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को बताया कि बिल्डर ने प्लॉट बेच दिए। पानी, बिजली और नाली जैसी कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। स्‍थानीय नागरिकों ने बताया कि एक पेट्रोल पंप संचालक ने अटल चौराहे से 80 फीट रोड पर अतिक्रमण कर आम रास्ता बंद कर दिया है। रहवासियों ने वैकल्पिक मार्ग देने की मांग की। स्थानीय नागरिकों ने अधूरे पड़े सुलभ शौचालय का निर्माण पूरा कराने की मांग की। माता मंदिर बरखेड़ा पठानी में महिलाओं ने नाली की सफाई नहीं होने, कचरा नहीं उठाने की शिकायत की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए लापरवाही करने वाले कर्मचारियों ने कार्य प्रणाली में सुधार नहीं किया, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। साकेत नगर सेक्टर-3डी नुपुर बाल उघान के नागरिकों ने पार्क में असामाजिक तत्वों के कब्जा कर अवैध कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित किये जाने की शिकायत की। यहां जर्जर हो चुकी सीवेज लाइनों से सड़कों पर गंदा पानी बहने की बात भी उठाई गई। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि नई पाइप लाइन का निर्माण अमृत फेज-2 के तहत शीघ्र कराया जायेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर के साथ पार्षद श्री नीरज सिंह, प्रताप सिंह बेस, लीलाधर मालवीय, तुलाराम नामदेव, सुनील दबे सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 33

पंच-सरपंचों को संबोधित कराते हुए मंत्री पटेल ने कहा- ग्राम के विकास के लिए योजना बनाकर काम करें, राशि की कमी नहीं

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को रायसेन जिले की सांची जनपद पंचायत के ग्राम सिलपुरी में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण/जनसंवाद उन्मुखीकरण कार्यक्रम सह सम्मान समारोह का कन्या-पूजन और दीप-प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी/कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमारी पंचायत व्यवस्था आत्मनिर्भर व स्वाबलंबी होनी चाहिए। सभी अपने ग्राम को स्वाबलंवी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करें। उन्होंने पंच-सरपंचों को संबोधित कराते हुए कहा कि ग्राम के विकास के लिए योजना बनाकर काम करें, राशि की कमी नहीं है। ग्राम के विकास के लिए राशि का उपयोग इस प्रकार करें कि ग्राम का विकास हो और ग्रामीणों का भविष्य बेहतर हो। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को अपने संसाधनों से आत्मनिर्भर बनना चाहिए। इस वर्ष भारत सरकार के 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किये गये वित्तीय प्रावधानों को व्यय करने का अंतिम वर्ष है। इसके अलावा राज्य का वित्त, स्टॉम्प ड्यूटी की राशि, गौण खनिज की राशि सहित अन्य स्त्रोतों से भी पंचायतों को आय होती है। इस राशि का कार्य योजना बनाकर उपयोग किया जाए। इस वर्ष बजट में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिये वित्तीय प्रावधानों में वृद्धि हुई है। ई-पंचायत को दृष्टिगत रखते हुए बनाए जायेंगे पंचायत भवन मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पंचायत भवन ई-पंचायत को दृष्टिगत रखते हुए बनाए जायेंगे। पंचायत भवन इस प्रकार बनाया जाए जो कि आगामी 40 वर्ष तक उपयोगी हो। भविष्य में उन्हें दो मंजिला, तीन मंजिला बनाया जा सकेगा। इसी प्रकार सभी पंचायतों में बहुउपयोगी सामुदायिक भवन भी बनाये जायेंगे। उन्होंने उपस्थित पंच-सरपंचों से कहा कि वह अपने जिलों में पंच-सरपंचों, जनपद सदस्यों का सम्मेलन करें और नागरिकों की समस्याएं सुने। उन्होंने कहा कि हम सभी को टीम भावना से कार्य करना होगा। आपस में समन्वय से काम की गति बढ़ेगी, बेहतर काम होगा। रोपित पौधों को बच्चों के समान बड़े होने तक संरक्षण दें जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि अभियान के तहत छोटी-छोटी नदियों को जोड़ें, जिससे नदी नालों में पानी मिलेगा। हमें घर में, खेतों के लिये जल की आवश्यकता है। हमें जल संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे। वृक्ष हम आने वाली पीढ़ियों के लिए लगाते हैं। वृक्ष छाया भी देते हैं, फल भी देते हैं और पानी भी एकत्रित करते हैं। पर्यावरण संरक्षण, पौध-रोपण, जल संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं है, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। केवल पौध-रोपण ही न करें, बल्कि रोपित किए गए पौधे वृक्ष का आकार लें यह भी सुनिश्चित करें। वृक्ष हमारे जीवन के लिये आवश्यक हैं, इनके लिये अपना योगदान दें। उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच हुए सम्मानित मंत्री श्री पटेल ने जिले की ऐसी ग्राम पंचायतें जहां विभिन्न अभियानों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य किया है, उन ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा पंचों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, स्व-सहायता समूहों के साथ ही ई-केवायसी कार्य के लिये स्टॉल भी लगाए गए। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम का देखा लाइव प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर बिहार के मधुबनी में आयोजित राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का लाईव प्रसारण वर्चुअली देखा गया। मंत्री श्री पटेल सहित सभी अतिथियों, अधिकारियों, सरपंचों तथा पंचों द्वारा दो मिनिट का मौन धारण कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में मृतकों को श्रद्धांजलि दी।   recent visitors 36