जबलपुर में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर, कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 3 हफ्ते में मांगा जवाब

 जबलपुर जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जबलपुर के हाईकोर्ट चौराहा से रद्दी चौकी-आधारताल तक बन रहे फ्लाईओवर निर्माण को लेकर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मुनीश सिंह की ओर से दायर इस याचिका की प्रारंभिक सुनवाई हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत एवं जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बैंच ने की। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि आधारताल रोड पर प्रतिदिन जाम की स्थिति बनती है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। जाम का खामियाजा अस्पताल जाने वाले मरीजों को भी भुगतना पड़ता है। स्कूल जाने या घर लौटने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। ऐसे में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला जनसुविधा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, और इसमें टालमटोल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखते हुए सभी तथ्यों से कोर्ट को अवगत कराया। एडिशनल एडवोकेट जनरल ने जताई आपत्ति राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल भरत सिंह ठाकुर ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए इसे “सुनवाई के योग्य नहीं” बताया। उनका तर्क था कि यह एक प्रशासनिक विषय है और इसके लिए सरकार को बाध्य करना न्यायालय का कार्यक्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि जबलपुर से ही लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं, जिनसे जनता संपर्क कर सकती है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस याचिका को ‘कष्टकारक’ मानते हुए निरस्त कर दिया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जबलपुर के नागरिकों को उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी है। वर्षों से लोग इस रूट पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे हैं, आपको बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर यह आलम होता है कि अधिवक्ताओं सहित मुवक्किलों के वाहन खड़े करने के लिए भी जगह नहीं है, जिसके कारण लगभग आधी सड़क पार्किंग की तरह इस्तेमाल होती है। लेकिन अब तक इस पर कोई स्थायी समाधान नहीं आया। हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप से अब उम्मीद है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस और समयबद्ध कदम उठाएगा। recent visitors 74

भोज विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के मामले में HC ने नियुक्तियां कीं निरस्त का दिए आदेश

भोपाल मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मनमानी और दूषित करार देते हुए निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में जारी एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश शासन और भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दायर अपील में कहा गया था कि वर्ष 2015 में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। अपील में यह भी बताया गया कि चयन समिति में संबंधित विषयों के विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया था, बल्कि अन्य विषयों के विशेषज्ञों से चयन कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। इसके अलावा, चयन समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। अपील में यह भी उल्लेख किया गया कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। अंकों के कई कॉलम बिना किसी स्पष्टीकरण के खाली छोड़ दिए गए थे। साक्षात्कार में कुछ अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक देकर अन्य अधिक योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। इसके साथ ही, विज्ञापनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था और न ही आरक्षण रोस्टर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तैयार किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर एकलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की गई थी। recent visitors 31

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आ रहे, यह उनका 11 वर्षों में सबसे छोटा दौरा होगा

 काशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को करीब ढाई घंटे तक काशी में रहेंगे। 2600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही रैली के जरिये काशी की जनता से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिली मौखिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे मेंहदीगंज जाएंगे। वहीं से विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही रैली को संबोधित करेंगे। फिलहाल शहर में किसी अन्य आयोजन में उनके शामिल होने की संभावना नहीं है। अभी तक पीएमओ से आधिकारिक ब्योरा भी नहीं आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। 11 से पहले मुख्यमंत्री एक बार और आ सकते हैं। इस बार काशीवासियों को सड़कों और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात ज्यादा मिलनी है। 9 हेक्टेयर भूमि पर पीएम मोदी का कार्यक्रम प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी का कार्यक्रम करीब 9 हेक्टेयर भूमि पर होगा। इसके लिए 26 काश्तकारों की भूमि ली गई है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि रैली के लिए भूमि आम सहमति से ली गई है। पीएम कर सकते हैं लालपुर स्टेडियम के छात्रावास और दर्शक दीर्घा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में नवनिर्मित छात्रावास और दर्शक दीर्घा का उद्घाटन कर सकते हैं। यहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा किया जा रहा है। बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के लिए 100-100 बेड का छात्रावास और दर्शक दीघा बनकर तैयार है। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि यहां सभी काम पूरे हो चुके हैं, केवल टर्फ का काम चल रहा है। छात्रावास के अलावा पीएम मोदी हॉकी टर्फ भी खिलाड़ियों को सौंप सकते हैं। 2013 में बिछाया टर्फ सात वर्ष देरी से बिछाया जा रहा है। एक टर्फ की आयु सीमा पांच वर्ष होती है। यहां नीले रंग के टर्फ को बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं। वहीं, करीब 12 करोड़ की लागत से बालक-बालिका का अलग-अलग 100-100 बेड का छात्रावास बनकर तैयार है। इस छात्रावास में फिलहाल एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल के खिलाड़ी रहेंगे। पुराने छात्रावास का प्रयोग मैच ऑफिशियल और बाहर से यहां खेलने आने वाली टीमों को ठहराने में होगा। छात्रावास खुल जाने के बाद दूसरे मंडलों से आने वाली टीमों को स्टेडियम के बाहर नहीं ठहराया जाएगा। 15 ब्लॉक में बैठेंगे 30 हजार से ज्यादा लोग मेंहदीगंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए जर्मन हैंगर पंडाल लगाए जा रहे हैं। 15 बीघा के खेत की गेहूं की फसल कटने के बाद शुक्रवार को जमीन के समतलीकरण का काम किया गया। प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने के लिए पंडाल के 15 ब्लॉक में 30 हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहेंगे। जनसभा स्थल पर निगरानी और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है। मेंहदीगंज में जनसभा स्थल पर पंडाल, मंच, सेफ हाउस सहित अन्य निर्माण कार्य के लिए मुजफ्फरनगर से दीपक जैन अपनी टीम के साथ आए हैं। उन्होंने बताया कि पंडाल में प्रधानमंत्री का मंच 64 गुणा 32 फीट का रहेगा। मंच के सामने डी एरिया के बाद आमजन के बैठने के लिए 15 ब्लॉक बनाए जाएंगे। जनसभा में 30 हजार से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। उसी के आधार पर पंडाल का स्वरूप तैयार किया जाएगा। पंडाल में गर्मी से बचाव के लिए कूलर और पंखे की व्यवस्था रहेगी। वहीं, पंडाल के पूर्वी छोर पर पीडब्ल्यूडी द्वारा तीन हेलिपैड के लिए भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जनसभा स्थल और उसके इर्द-गिर्द सफाई कर्मियों ने साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया है। जनसभा में आने वालों के लिए पीने के पानी और मोबाइल टॉयलेट की भी व्यवस्था रहेगी।     recent visitors 44

ग्वालियर में सास को पटकर बेरहमी से पीटा, बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा, पति को भी पिटवाया

ग्वालियर ग्वालियर जिले में एक बहू अपनी सास को वृद्धाश्रम भेजना चाहती है। इसी बात को लेकर घर में खूब हंगामा हुआ। बहू ने अपनी सास के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उसने अपने पिता और भाइयों को बुलाकर उनसे भी मारपीट करवाई। यह पूरी घटना CCTV में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, इंदरगंज थाना क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी में रहने वाले विशाल बत्रा और उनकी मां सरला बत्रा ने पुलिस से मदद मांगी है। बेटे विशाल का कहना है कि पत्नी नीलिमा मेरी मां सरला को जबरन वृद्धाश्रम भेजना चाहती है। इसी बात पर वह उनसे गाली-गलौज और मारपीट करती है। वृद्धाश्रम भेजने की जिद पर मारपीट पीड़िता सरला बत्रा ने बताया कि 1 अप्रैल को नीलिमा मुझे वृद्धाश्रम भेजने की जिद कर रही थी। उसने मेरे साथ गाली-गलौज की और मारपीट करने लगी। फिर उसने अपने मायके से अपने पिता और भाई को भी बुला लिया। जब बहू का झगड़ा हो रहा था, तभी बहू के पिता और भाइयों ने मिलकर बेटे विशाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। सरला बत्रा ने लगाया गंभीर आरोप उन्होंने बताया कि आस-पड़ोस के लोगों ने बीच-बचाव कर अलग किया। सरला बत्रा का कहना है कि वह यह सब कई दिनों से सह रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू ने अपने पिता और भाइयों के साथ मिलकर गुंडों को बुलाया और मां-बेटे से मारपीट की। आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिसके डर से वे घर में नहीं जा पा रही हैं और बाहर रहने को मजबूर हैं। पुलिस पर भी लगाया गंभीर आरोप सरला का आरोप है कि बहू का पिता धमकी देकर गया है कि वह दोनों मां-बेटे को मरवा देगा। उन्होंने यह बात थाने में खड़े होकर कही थी, लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है। विशाल का कहना है कि उसकी पत्नी और उसके घरवाले उसे आए दिन प्रताड़ित कर रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसकी मां को वृद्धाश्रम छोड़ने का दबाव बना रही है। ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दे रही है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही है। विशाल का यह भी आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित सास और पति ने आरोपी बहू और उसके मायके पक्ष के लोगों के खिलाफ SP ग्वालियर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। CSP लश्कर रोबिन जैन का कहना है कि सास की शिकायत पर बहू के खिलाफ इंदरगंज थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि फरियादी पक्ष ने जो वीडियो सबूत दिए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 26

माशिमं की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का तीसरे चरण का मूल्यांकन कार्य 45 फीसदी पूरा

 भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का तीसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ है। छह अप्रैल से चौथे चरण का मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक परिणाम (MP Board 10th 12th Result) तैयार कर लिया जाएगा। मई के प्रथम सप्ताह में परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। मंडल की कमेटी द्वारा दोनों कक्षाओं के प्रश्न-पत्रों की विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच की गई। इसमें चार विषयों के प्रश्नों में गलती निकली है। इसे लेकर मंडल ने विद्यार्थियों को बोनस के अंक दिए हैं। मॉडल आंसर के अनुसार कॉपियां जांची जा रही हैं। गलत कॉपी जांचने पर 100 रुपए जुर्माना     विद्यार्थी को हर स्टेप के नंबर दिए जा रहे हैं। अगर शिक्षक ने गलत कॉपी जांची, तो बाद में विद्यार्थी के नंबर बढ़ने पर एक नंबर बढ़ने पर 100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।     इस वर्ष दोनों कक्षाओं के 17 लाख विद्यार्थियों की करीब 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। प्रदेश भर में अभी तक 45 फीसद कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। इसमें 40 हजार शिक्षकों को लगाया गया है।     10वीं की परीक्षा 21 मार्च और 12वीं का 25 मार्च को समाप्त हुआ। मूल्यांकन केंद्र में सख्त नियम बनाए गए हैं। केंद्र के अंदर एक बार प्रवेश करने के बाद शिक्षक को बाहर नहीं जाने दिया जाता है। मोबाइल को भी प्रतिबंधित किया गया है। दोनों कक्षाओं के गणित में मिलेंगे बोनस अंक 10वीं व 12वीं के गणित में एक-एक बोनस अंक विद्यार्थियों को मिलेंगे। 12वीं के गणित में बहुविकल्पीय सवाल में विकल्प गलत दिए गए थे। वहीं 10वीं के उर्दू विषय में बोनस के दो अंक मिलेंगे। मंडल के जारी निर्देशों में कहा गया है कि 10वीं उर्दू के पेपर में जिन विद्यार्थियों को बी सेट मिला था। उन्होंने यदि प्रश्न क्रमांक-6 को हल करने का प्रयास किया है, उन्हे दो अंक प्रदान किए जाएंगे। वहीं 12वीं में संस्कृत के पेपर में सेट-ए के प्रश्न क्रमांक के पहले सवाल में गलती थी। इसके लिए एक बोनस अंक दिया जाएगा। ऑनलाइन मंगाए जा रहे अंक मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के बाद ऑनलाइन ही अंकों की प्रविष्टि की जा रही है। वहीं मूल्यांकन केंद्रों पर मंडल मुख्यालय से नजर रखी जा रही है। सभी मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से मंडल मुख्यालय से ही अधिकारी नजर रखेंगे। recent visitors 26

MP में बिजली कंपनियों के अधिकारियों-कर्मचारियों के 90,000 परिवारों को होगा फायदा, मिलेगी 25 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा

भोपाल  प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होगी। इसमें लाभार्थी को पांच से 25 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। योजना से लगभग 90,000 परिवार लाभान्वित होंगे। योजना को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंत्रालय में बिजली कंपनियों के कामों की समीक्षा के दौरान दिए। कर्मचारियों को मिलेंगे ये तीन विकल्प विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बीमा योजना अंशदायी और वैकल्पिक रहेगी। इसमें तीन विकल्प दिए जाएंगे। पहले में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के बीमा कवरेज के लिए 500 रुपये प्रति माह, दूसरे में 10 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 1000 और तीसरे में 25 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 2000 रुपये प्रति माह देना होगा।     विद्युत कर्मी इसमें से किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं। एलान के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बैठक में यह निर्देश भी दिए कि पूरे वर्ष का लक्ष्य तय करें और उसी अनुरूप ही काम करें।     उन्होंने कहा, मैं स्वयं त्रैमासिक समीक्षा करूंगा। निर्धारित मापदंड के अनुसार कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन जो अधिकारी इसके अनुरूप काम नहीं करेंगे, उन्हें दंडित भी किया जाएगा। इसके आधार पर स्थानांतरण और पदोन्नति भी निर्धारित की जाएगी। जल्द पूरी करें भर्ती प्रक्रिया ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनरेशन और ट्रांसमिशन कंपनी की नई संगठनात्मक संरचना स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अनुसार जल्द भर्ती की प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही यह निर्देश भी दिए कि सभी कंपनियों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें एक समान होनी चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों का भी ईपीएफ जमा होना चाहिए। पीएम जन-मन योजना में 27 हजार 230 घरों में से 17 हजार 739 घरों में विद्युत कनेक्शन दिए जा चुके हैं। शेष काम भी समय पर पूरे किए जाएं। विद्युत वितरण कंपनियां पारेषण हानि कम करने के लिए कार्य योजना बनाएं। खराब ट्रांसफार्मर समय पर बदलें। न्यायालयीन प्रकरणों में सरकारी पक्ष मजबूती से रखें। विद्युत कटौती और मेंटेनेंस की जानकारी मीडिया में भी दें ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि गत वर्ष हमने एक लाख पौधे लगाए थे, इनकी सुरक्षा की भी चिंता भी करें। साथ ही आगामी पौध-रोपण की कार्य योजना भी बना लें। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अप्रैल तक नए वित्तीय वर्ष की कार्य योजना अनिवार्य रूप से बना लें। recent visitors 20

MP: हाईकोर्ट ने भोज विश्वविद्यालय की नियुक्तियां कीं निरस्त, नए सिरे से भर्ती के कोर्ट ने दिए आदेश; जानें

appointments made in bhoj university

the appointments made in bhoj university are arbitrary and corrupt appointments made in bhoj university मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मनमानी और दूषित करार देते हुए निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में जारी एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश शासन और भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दायर अपील में कहा गया था कि वर्ष 2015 में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। अपील में यह भी बताया गया कि चयन समिति में संबंधित विषयों के विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया था, बल्कि अन्य विषयों के विशेषज्ञों से चयन कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। इसके अलावा, चयन समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। appointments made in bhoj university अपील में यह भी उल्लेख किया गया कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। अंकों के कई कॉलम बिना किसी स्पष्टीकरण के खाली छोड़ दिए गए थे। साक्षात्कार में कुछ अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक देकर अन्य अधिक योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। Read more: एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा? इसके साथ ही, विज्ञापनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था और न ही आरक्षण रोस्टर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तैयार किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर एकलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की गई थी। recent visitors 96