छतरपुर :क्या भीमकुंड नष्ट होने की कगार पर, इतिहास में पहली बार छतरपुर की धरोहर भीमकुंड के पानी का जलस्तर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा 

Chhatarpur: Is Bhimkund on the verge of destruction? For the first time in history, the water level of Chhatarpur’s heritage Bhimkund is falling very fast  छतरपुर। धरोहर भीमकुंड इन दिनों खाली होता जा रहा है। भीमकुंड के इतिहास में यह पहली घटना है। कुंड में पानी 12 फीट नीचे पहुंच गया है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि उनकी जानकारी में आज तक भीमकुंड इतना खाली कभी नहीं हुआ। इसके अलावा भीमकुंड आश्रम में रहने वाले सभी साधु संतों ने भी यही बात कही। बाजना सहित आस पास के गांवों में कुओं का जलस्तर भी गिर गया है। छतरपुर जिले के बाजना गांव के पास पहाड़ी क्षेत्र में प्राचीन धार्मिक स्थल भीमकुंड स्थित है। स्थानीय लोगों की मानें तो गुफा के अंदर स्थित भीमकुंड बुंदेलखंड के ऋषियों, मुनियों, तपस्वियों एवं साधकों की तपोस्थली रही है। इस स्थल पर अथाह जलकुंड वैज्ञानिक शोध का केंद्र भी बना हुआ है। आश्चर्य की बात तो यह है कि वैज्ञानिक इस जल कुंड में कई बार गोताखोरी करवा चुके हैं, लेकिन इस जल कुंड की थाह अभी तक कोई नहीं पा सका। गोताखोर 100 फीट तक नीचे ही जा पाए थे। तेज लहरों के कारण उन्हें वापस आना पड़ा था। यहां विष्णु-लक्ष्मीजी के मंदिर के समीप एक और प्राचीन मंदिर स्थित है। recent visitors 129

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, इससे छात्रों में गहरा असंतोष

मेरठ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से घोषित सेमेस्टर परीक्षाओं के आनलाइन परिणामों में व्यापक स्तर पर विसंगतियां सामने आई हैं। इससे छात्रों में गहरा असंतोष है। एक चौंकाने वाले मामले में, एक छात्र के पूर्व में जारी परिणाम में एक विषय में बाहरी परीक्षा में 26 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दर्शाए गए थे, जिसके कुल 36 अंकों के साथ उसे उत्तीर्ण घोषित किया गया था। वहीं, हाल ही में जारी संशोधित परिणाम में उसी सेमेस्टर और विषय कोड के लिए अन्य छात्र को बाहरी परीक्षा में 23 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दिए गए हैं, जिससे उसके कुल प्राप्तांक 33 हो गए हैं और उसे अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। पीजी सेमेस्टर परिणामों में भी गड़बड़ी इसी तरह, स्नातकोत्तर (पीजी) सेमेस्टर के परिणामों में भी गड़बड़ी देखने को मिली है। एक छात्र को थ्योरी परीक्षा में 17 अंक प्राप्त होने पर फेल कर दिया गया है, जबकि उसी परीक्षा में दूसरे छात्र को मात्र 11 अंक प्राप्त होने पर उत्तीर्ण घोषित किया गया है।   इसके अतिरिक्त, एक अन्य अनियमितता में, एक छात्र के पूर्व में घोषित परिणाम में उल्लिखित विषय कोड को नई एजेंसी की ओर से जारी परिणाम में पूरी तरह से बदल दिया गया है। इस तरह की गलतियां विश्वविद्यालय के बहुत से छात्रों के परीक्षा परिणामों में की है जिससे उनकी शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। 20 फरवरी को जारी रिजल्ट में एक छात्र के सभी विषयों में पास दिखाते हुए फाइनेंसियल एकाउंटिंग में 26 प्लस 10 को मिलाकर कुल 36 अंक मिले। अब दोबारा परिणाम निकालने पर उसी छात्र के फाइनेंसियल एकाउंटिंग के अंक 23 प्लस 10 अंक मिलाकर 33 अंक दिख रहा और फेल दिखाया गया है। छात्रों ने इन अनियमितताओं पर कड़ी आपत्ति जताई है।   उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम के लिए अधिकृत एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। छात्रों के अनुसार इस प्रकार की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और विश्वविद्यालय प्रशासन को इन त्रुटियों को तुरंत सुधारना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। छात्रों ने जानबूझकर किए कृत्य की आशंका से निष्पक्ष जांच कराने और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है। recent visitors 84

वक्फ का सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया: जांच रिपोर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड जहां मुस्लिम समाज के गरीब लोगों की मदद के लिए वक्फ की गई बेशकीमती जमीनों की हेराफेरी करने का माध्यम बन गए, वहीं, सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया। प्रदेश में दोनो वक्फ बोर्ड में कुल 1.32 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। शासन स्तर से करायी गयी एक जांच की रिपोर्ट के अनुसार इसमें भी करीब 11712 एकड़ की 57792 संपत्तियां सरकारी हैं। हालांकि वक्फ काउंसिल के रिकार्ड की मानें तो संपत्तियों के पंजीकरण में भी दोनों वक्फ बोर्ड ने गोलमाल किया है। काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार दोनों वक्फ बोर्ड के पास 1.32 लाख नहीं, 2.15 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर गलत तरीके से अवैध वक्फ के मामले की जांच पिछले साल करायी गयी थी। पिछले साल संसद में पेश हुए वक्फ संशोधन विधेयक के बाद गठित हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जब लखनऊ पहुंची तो यह रिपोर्ट साझा की गई थी।   इस रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि और शत्रु संपत्ति पर अवैध तरीके से वक्फ बोर्ड अपना दावा कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश के 40 ऐसे जिले हैँ जिनकी सैकड़ों संपत्तियां शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के रिकार्ड में तो दर्ज हैं नहीं, लेकिन तहसील रिकार्ड में उनका नामांतरण नहीं किया गया है। इन जिलों में फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, जालौन, ललितपुर, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हरदोई, रायबरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़,बलिया, बदायूं, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, भदोही, मीरजापुर, सोनभद्र, बिजनौर,कौशांबी, प्रयागराज, चंदौली, जौनपुर, वाराणसी और महोबा शामिल हैं। वक्फ के रिकार्ड में भी हेराफेरी उत्तर प्रदेश में दोनों वक्फ बोर्ड के पास पंजीकृत संपत्तियों को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 1.24 लाख और शिया वक्फ बोर्ड के पास आठ हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। वक्फ काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास दो लाख और शिया वक्फ बोर्ड में 15 हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। इसकी पुष्टि शासन स्तर से हुई जांच की रिपोर्ट करती है। वक्फ बोर्ड के रिकार्ड के मुताबिक महोबा में एक भी संपत्ति दर्ज नहीं है। वहीं सोनभद्र में एक संपत्ति दर्ज है। जिलास्तर के गजट के अनुसार महोबा में 245 और सोनभद्र में 171 वक्फ संपत्तियां हैँ। दोनों वक्फ बोर्ड की दर्ज सपंत्तियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी ने पूरा डाटा ही फीड नहीं किया है। नहीं हो पा रहा आडिट वक्फ बोर्ड की कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठे हैँ। वर्ष 1976 में केंद्र की कांग्रेस की सरकार ने वक्फ संपत्तियों की जांच करायी थी, जिसमें मुतव्वली को अनावश्यक रूप से अधिक अधिकार को लेकर सवाल उठाए थे। वर्ष 2005 में सच्चर कमेटी ने भी वक्फ संपत्तियों का आडिट कराने की सिफारिश की थी। वर्ष 2017 में मेरठ-दिल्ली रोड पर अब्दुल्लापुर और कंकरखेड़ा में वक्फ की डेढ़ लाख बीघा जमीन को गलत तरीके से बेच दिया गया था। तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने तब इस मामले में एफआइआर दर्ज कराने के साथ वक्फ बोर्ड की सीएजी जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। उस पर सीएजी की ओर से प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्ड को आडिट में सहयोग करने के लिए बार-बार पत्र भेजे गए। हालांकि दोनों वक्फ बोर्ड ने आडिट में सहयोग ही नहीं किया। recent visitors 68

कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हैदराबाद को दिया 201 रनों का टारगेट

कोलकाता कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2025 का 15वां मुकाबला गुरुवार को खेला जा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 200 रन बनाए हैं। टीम के लिए वेंकटेश अय्यर ने सर्वाधिक 60 रन बनाए। कोलकाता ने 20 ओवर में बनाए 200 रन कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 200 रन बनाए हैं। टीम के लिए रघुवंशी और वेंकटेश अय्यर ने सबसे ज्यादा रन बनाए। वेंकटेश अय्यर की 60 रन की आतिशी पारी खत्म वेंकटेश अय्यर की आतिशी पारी खत्म हो चुकी है। उन्होंने 29 गेंदों में 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए। 19वें ओवर में 21 रन बटोरने के बाद उन्होंने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका जड़ा। लेकिन हर्षल पटेल के ओवर की तीसरी गेंद पर वह आउट हो गए। वेंकटेश अय्यर ने पूरा किया अर्धशतक वेंकटेश अय्यर ने 19वें ओवर में अपने बल्ले से रनों की बारिश कर दी। उन्होंने 3 चौकों और एक छक्के की मदद से इस ओवर में 21 रन बटोरे। पैट कमिंस की पहली गेंद पर अय्यर ने चौका, दूसरी पर छक्का, तीसरी पर चौका, चौथी पर चौका, पांचवीं पर 2 और आखिरी गेंद पर एक रन बटोरे। recent visitors 63

बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी धनखड़ ने मजेदार टिप्पणी की, बदल गया माहौल

नई दिल्ली राज्यसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने ऐसी बात कह दी, जिसने सदन का माहौल में हल्का कर दिया। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी सभापति धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में बीएसएनल का नया नामकरण कर दिया। उन्होंने कहा, बीएसएनल मतलब- "भाई साहब निश्चित लगेगा"। दरअसल, इससे पहले सदन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कह रहे थे देश के दूर-दराज के इलाकों में निजी टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क अक्सर काम नहीं करता, लेकिन बीएसएनएल वहां भी मौजूद रहता है और सेवाएं देता है। पटेल की इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए सभापति धनखड़ ने कहा कि बीएसएनएल के कनेक्शन को लेकर लोगों के मन में भरोसा बना रहता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बीएसएनएल को नया नाम देते हुए कहा, "भाई साहब निश्चित लगेगा," यानी इस नेटवर्क पर भरोसा किया जा सकता है। बता दें कि बीएसएनएल एक सरकारी टेलीकॉम कंपनी है, जो मुख्य रूप से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराती है। राज्यसभा में आज वक्फ बिल पर चर्चा राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सरकार की तरफ से मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल पेश किया। रिजिजू ने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर पहले सरकार और फिर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) ने विभिन्न पक्षों से व्यापक विचार विमर्श किया और इसके जरिये वक्फ़ बोर्ड को समावेशी बनाया गया है। इससे पहले देर रात लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल बहुमत के साथ पास हो गया है। बिल के पक्ष में 288 मत पड़े थे। वहीं, विपक्ष के 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। recent visitors 57

विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है।विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।   recent visitors 55

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर बधाई देकर धन्यवाद ज्ञापित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएं देकर एक स्वर में कहा कि बिल से मुस्लिम समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनका जायज़ हक मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि बिल के पारित होने से मुस्लिम समाज की संपत्तियों को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे समाज के कमजोर तबके को न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वक्फ़ संपत्तियों के उचित संरक्षण, नियोजन और उनके न्यायोचित उपयोग के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचित कदम उठाए हैं। उसी में वक्फ बोर्ड के नियम में इस प्रकार के संशोधन/प्रावधान करना जरूरी थे। वास्तविक गरीब से गरीब आदमी को वक्फ बोर्ड से लाभ मिले, खासतौर पर जरूरतमंद लोगों को। उन्होंने कहा कि कुछ शक्ति सम्पन्न लोगों ने अपने हित में वक्फ की सम्पत्ति पर अवैध कब्जे कर लिए थे, ताकि उनका आधिपत्य और वक्फ की सम्पत्ति पर दखल हमेशा बना रहे। यह ठीक किया जाना जरूरी था। इन सब व्यवस्थाओं में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बड़ी शुरूआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वक्फ़ समिति के अध्यक्ष, सभी पदाधिकरियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल शहर के मुस्लिम समाजजनों के बीच इस तथ्य को मजबूती के साथ सबके सामने रखा है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण और गरीबों को उनका वाजिब हक़ दिलाने के लिए सबके साथ खुले मन से चर्चा करके सबके हित में निर्णय लेना जरूरी था और यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा में यह बिल पारित हो गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य सभा खुलकर चर्चा कर नियम-कानून और व्यवस्था बनाने के लिए ही जानी जाती है। लोकसभा में बहुमत से यह बिल पारित हुआ है। वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के मूल में महिलाओं, गरीबों, जरूरतमंदों और सही अर्थ में वक्फ की ताकत अपने जरूरतमंद मुस्लिम बंधुओं को देने का भाव निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने भोपाल शहर में जो जन आंदोलन चलाया, इसका एक अच्छा संदेश पूरे देश में प्रसारित हुआ कि हमारे यहां कानून को मानने और पालन करने वाली जनता रहती है। वक्फ़ बिल के समर्थन में इस सहयोग से हर वर्ग के मन में केन्द्र सरकार और इसकी रीति-नीति के प्रति जनविश्वास सुदृढ़ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुस्लिम समाज के सभी जनप्रतिनिधियों को वक्फ़ बिल के समर्थन के लिए बधाई और साधुवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल में श्री एम. एजाज खान, श्री शहरयार अहमद, श्री इरशाद अंसारी, श्री असलम इलियास, श्री अब्दुल रज्जाक खान, श्री यावर खान, श्री सैफ खान, श्री लियाकत खान सहित भोपाल शहर के मुस्लिम संगठनों के पदाधिकारी एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।   recent visitors 56