प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट अमेरिका में भारत का ‘महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार’

नई दिल्ली पीएम मोदी ने मंगलवार को चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट और उनके उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भारत में उनके पहले राजकीय दौरे पर स्वागत किया। उन्होंने चिली को लैटिन अमेरिका में भारत का 'महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार' बताया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डाला और सहयोग को अधिक बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "लैटिन अमेरिका में चिली भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार देश है। आज की चर्चाओं में हमने आने वाले दशक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की पहचान की। हम आपसी व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी का स्वागत करते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि इसमें और अधिक सहयोग की क्षमता भी है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी टीमों को 'व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते' पर चर्चा शुरू करने का निर्देश दिया, जिससे व्यापार संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी में चिली के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का इच्छुक है। उन्होंने अंटार्कटिका के प्रवेश द्वार के रूप में चिली के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। राष्ट्रपति बोरिक ने कहा, "चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत एक विश्वसनीय भागीदार रहा है। हम इस सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए।" सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 4 नवंबर को राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाने के चिली के फैसले की सराहना की और इसे एक 'प्रेरक' संकेत बताया। वैश्विक स्तर पर, दोनों नेताओं ने बातचीत के माध्यम से संघर्षों को हल करने की जरुरत पर सहमति जताई और समकालीन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और अन्य वैश्विक संस्थाओं में सुधारों का समर्थन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और चिली इस बात पर सहमत हैं कि सभी तनावों और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हम इस बात पर एक राय रखते हैं कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य संस्थाओं में सुधार जरूरी हैं। हम मिलकर वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देना जारी रखेंगे।" recent visitors 44

मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड टाइगर मेमन की संपत्तियों पर केंद्र सरकार का कब्जा तय, कोर्ट का आदेश

मुंबई मुंबई की एक विशेष टाडा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक टाइगर मेमन और उसके परिवार की 14 संपत्तियों को केंद्र सरकार को सौंपने का आदेश दिया है। इन संपत्तियों में फ्लैट, खाली प्लॉट, ऑफिस और दुकानें शामिल हैं, जो अब सरकार के अधीन आ जाएंगी। बता दें कि 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के बाद, टाडा कोर्ट ने 1994 में टाइगर मेमन और उसके परिवार की संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया था। उस समय से ये संपत्तियां बॉम्बे हाईकोर्ट के ‘कोर्ट रिसीवर’ के अधीन थीं। अब टाडा कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन सभी अचल संपत्तियों को केंद्र सरकार को सौंप दिया जाए। टाइगर मेमन 1993 बम धमाकों का मास्टरमाइंड माना जाता है और वह अभी भी फरार है। धमाकों की साजिश रचने, उन्हें अंजाम तक पहुंचाने और आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में उसके भाई याकूब मेमन को 2015 में फांसी दी जा चुकी है। टाइगर मेमन के नाम से मशहूर मुश्ताक अब्दुल रज्जाक मेमन एक गैंगस्टर और वांटेड आतंकवादी है। वह इंटरपोल और सीबीआई की वांटेड लिस्ट में शामिल है। वह दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाले गिरोह डी-कंपनी का सदस्य रह चुका है। उसे दाऊद का राइट हैंड भी माना जाता है। 1993 में हुए इन बम धमाकों में 250 से अधिक लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। यह हमला देश के सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक था, जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन का नाम सामने आया था। नियमों के अनुसार, टाडा कोर्ट के इस फैसले के बाद, अब केंद्र सरकार इन संपत्तियों का उपयोग कर सकती है। इस आदेश को आतंकवाद से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे फरार अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर सरकार की सीधी कार्रवाई का संदेश जाता है। recent visitors 49

शुरू हुआ एजुकेशन पोर्टल 3.0, राज्य स्तरीय स्कूल चलें हम अभियान – 2025 का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गणवेश, लैपटॉप, ई-स्कूटी, साइकिल, कोचिंग के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा कर सही अर्थ में रामराज की कल्पना को साकार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास कर रहा है। प्रदेश के समस्त निर्मित और निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूलों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज भोपाल की अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (ओल्ड कैम्पियन) में आयोजित "स्कूल चलें हम" राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम-2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विद्यालय परिसर पहुंचने ही विद्यार्थियों से संवाद किया और इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी देखी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन कर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में के.जी.-2 में प्रवेश लेने वाली नन्ही बालिकाओं को माला पहनाकर उनके विद्यालय में प्रवेश की औपचारिकता पूर्ण करवाई। उन्होंने नव प्रवेशी बालिकाओं को उपहार दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम से किए जाने और इस पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किए जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन विशेष है। अद्भुत संयोग है, जो मध्यप्रदेश की धरती पर हम देख रहे हैं। हमें अतीत में जाकर देखना होगा और अतीत के घटनाक्रम का शोध भी करना होगा। इसके अनुरूप आवश्यक सुधार भी हम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारा तो उस समय की परिस्थितियों में उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा। वह प्रथम स्कूल चलें हम अभियान था। भगवान श्रीकृष्ण ने ही यह अभियान प्रारंभ किया। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के कुशासन का अंत कर शिक्षा का महत्व प्रतिपादित किया। उस युग के ऋषि मुनियों ने निर्णय लिया कि श्रीकृष्ण को शिक्षा के लिए गोकुल भेजा जाए जो सांदीपनि आश्रम था। यहीं पर श्रीकृष्ण और सुदामा की अनुकरणीय मित्रता का उदाहरण भी पूरे विश्व ने देखा कि मित्रता का निर्वाह और आत्मीयता को किस तरह जीवन भर बनाए रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं शासकीय विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर यहां तक पहुंचे हैं। अनेक महान लोगों, जिनमें डॉ. एपीजे कलाम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी लगन और परिश्रम से मिसाइल मैन और भारत के राष्ट्रपति बने। इसी तरह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने भी अभाव और निर्धनता में रहकर कष्ट सहते हुए शिक्षा ग्रहण की, लेकिन अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का भी उल्लेख किया जिन्होंने कठिन बाल्य काल और चाय की दुकान पर कार्य करते हुए आगे बढ़ते हुए परिश्रम से सम्मान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुए। उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना में कदम बढ़ाए हैं। ऐसे उद्योगपतियों की संख्या 60% है। राज्य शासन उद्योगों को समय-सीमा में भूमि के साथ अन्य सुविधाएं दे रहा है। लक्ष्य यही है कि विद्यार्थियों को और युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार दिलवाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भोपाल में रात्रि विश्राम भी किया। भोपाल को राजधानी के अनुरूप इस समिट के आयोजन का सौभाग्य मिला। समिट के लिए स्थान की समस्या बताई गई थी लेकिन राज्य सरकार ने जो व्यवस्था की, उससे सभी संतुष्ट हुए और उद्योगपतियों ने टेंट में रूकने में भी संकोच नहीं किया। संपूर्ण आयोजन अभूतपूर्व हो गया। यही बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष कार्य हो रहा है। जहां संभाग स्तर पर बच्चों को शिक्षण-सत्र शरू होते ही अप्रैल महीने में पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। कक्षा-एक से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ से अधिक फाउंडेशन टिरेसी एण्ड न्यूमरेसी अभ्यास पुस्तिकाएं और 26 लाख से अधिक ब्रिज कोर्स की पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी जिलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हो रहे हैं। शाला त्यागी विद्यार्थियों को पुन: विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कक्षा-एक से आठ तक सभी शालाओं में बाल सभाएं की गईं। सुपर-100 के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए ऐसी कोचिंग की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पदों पर चयन में मदद करेगी। प्रदेश के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और नीट में अच्छा प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की है। गत वर्ष 4.75 लाख ऐसे विद्यार्थियों को साईकिल की सुविधा दी गई, जिनका निवास स्कूल से अधिक दूर है। गत वर्ष विद्यार्थियों को 7 हजार 832 ई-स्कूटी प्रदान की गईं। इसी तरह गणवेश के लिए 360 करोड़ की राशि व्यय की गई। recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई। म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे। वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग ‌द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा। "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। recent visitors 41

CM योगी ने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को किया खारिज, ‘सड़कें नमाज के लिए नहीं यातायात के लिए हैं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ मुसलमानों को प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का बचाव करते हुए कहा है कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं। आदित्यनाथ ने मुसलमानों से यह भी कहा कि वे हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जो विशाल महाकुंभ मेले में शामिल हुए लेकिन इस दौरान अपराध, तोड़-फोड़ या उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई। CM योगी ने वक्फ विधेयक के आलोचकों पर भी साधा निशाना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक न्यूज एजेंसी से एक विशेष साक्षात्कार के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ ‘‘लूट खसोट'' के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है। योगी आदित्यनाथ ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है? उन्होंने कहा कि देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है। वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है। ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?' मुख्यमंत्री ने कहा कि ये व्यक्तिगत स्वार्थ के अड्डे बने हुए हैं। चंद लोगों की लूट- खसोट के अड्डे बने हुए हैं। यह (वक्फ) किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बना हुआ है और सुधार इस समय की मांग है तथा हर सुधार का विरोध होता है। देश, काल और परिस्थिति के अनुसार हमें उसके लिए तैयार होना चाहिए और मुझे लगता है कि इसका लाभ मुस्लिम समाज को भी होगा। योगी एवं नेता आदित्यनाथ हिंदुत्व को लेकर अपने कट्टर विचारों और अपराधियों के खिलाफ सख्त प्रशासक की छवि के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। CM योगी ने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को किया खारिज उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी में मुसलमानों की संख्या 20 प्रतिशत है लेकिन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35 से 40 प्रतिशत है। आदित्यनाथ ने कहा कि वह न तो भेदभाव में विश्वास करते हैं और न ही तुष्टीकरण में। उन्होंने कहा कि हम तुष्टीकरण से अपने आपको हमेशा अलग रखते हैं और उस हर जरूरतमंद को, जो भारत का नागरिक है, शासन की हर सुविधा का लाभ मिलना चाहिए।'' त्वरित न्याय के तौर पर उनके ‘‘बुलडोजर मॉडल'' को अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, हालांकि इसकी वैधता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।   आदित्यनाथ ने इस मामले में एजेंसी से कहा कि वह इस मॉडल को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमने उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है। उन्होंने दावा किया कि ‘बुलडोजर कार्रवाई' के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशा-निर्देशों की सराहना की है। जानिए, मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने की चेतावनी पर क्या बोले CM योगी? मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ उनके प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी पर उठे विवाद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने सरकार के कदम का दृढ़ता से बचाव करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क चलने के लिए होती है और जो लोग (इस फैसले के खिलाफ) बोल रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। कुल 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं, कहीं कोई आगजनी नहीं, कहीं कोई छेड़खानी नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यह होता है अनुशासन… यह है धार्मिक अनुशासन… अगर आपको सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन को भी मानना सीखिए।   recent visitors 55

मोबाइल बैकिंग और ATM कुछ भी नहीं कर रहे काम, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेवाएं अचानक ठप पड़ गई

नई दिल्ली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सेवाएं मंगलवार को अचानक ठप पड़ गई हैं और इस बैंक को बड़े आउटेज का सामना करना पड़ा है। अचानक आई इस दिक्कत के चलते यूजर्स को पैसे ट्रांसफर करने, मोबाइल बैकिंग करने और ATM तक की सेवाएं यूज करने में दिक्कत आई। कंपनी ने इस मामले में बयान जारी किया है। SBI ने आधिकारिक बयान में इस दिक्कत का जिक्र किया है। बैंक ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर अपने अकाउंट पर बताया कि एनुअल क्लोजिंग ऐक्टिविटीज के चलते इसकी सेवाएं दोपहर 1 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक प्रभावित रहेंगी। SBI ने बताया है कि 1 अप्रैल को इसकी सेवाएं प्रभावित रहने के दौरान यूजर्स को UPI Lite और ATM यूज करने की सलाह दी जाती है। यूजर्स को कई सेवाओं में आई दिक्कत प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स के डाउनटाइम को मॉनीटर करने वाली सेवा Downderector ने बताया है कि सैकड़ों यूजर्स ने इस बारे में रिपोर्ट किया और कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा। रिपोर्ट करने वाले ज्यादातर यूजर्स को मोबाइल बैंकिंग के दौरान दिक्कत आई। वहीं, करीब 31 प्रतिशत को फंड्स ट्रांसफर करने में परेशानी हुई। साथ ही ATM सेवाएं भी कई यूजर्स के लिए प्रभावित हुई हैं। फिलहाल, बैंक की ओर से जारी बयान के मुताबिक शाम के बाद सेवाएं पहले की तरह ठीक से काम करने लगेंगी। बता दें, NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने भी आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि वित्तीय वर्ष खत्म होने और क्लोजिंग के चलते कई बैंकों की वित्तीय सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, UPI सेवा अच्छे से काम कर रही है। recent visitors 49

पंजाब ने लखनऊ के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, ऋषभ पंत ब्रिगेड करेगी बल्लेबाजी

नई दिल्ली आज आईपीएल 2025 का 13वां मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमें लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने हैं। पंजाब ने टॉस जीतकर लखनऊ को पहले बटिंग का न्योता दिया है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी मौजूदा सीजन में पहली बार होम ग्राउंड पर उतरी है। एलएसजी ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के साथ अपना अभियान शुरू किया था लेकिन अगले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को शिकस्त दी। पंत की नजरें मंगलवार को अच्छा प्रदर्शन करने पर टिकी होंगी। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी पंत शुरुआती दो मैच में बल्लेबाज के तौर पर नाकाम रहे हैं। वहीं, श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली पंजाब टीम दूसरा मैच खेल रही है। पीबीकेएस ने पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस को मात दी थी। अय्यर एक बार फिर धमाल मचाने की फिराक में होंगे, जिन्होंने गुजरात के सामने नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी खेली। पंजाब किंग्स ने जीता टॉस पंजाब ने लखनऊ के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। recent visitors 38