मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों अन्नदाता किसानों युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 19 हजार 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रेष्ठ स्टार शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण सड़कों का विस्तार हर घर जल का लक्ष्य रोजगार के अवसर और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 4 हजार 400 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वैकल्पिक सकारात्मक उपयोग की ओर हम आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए 4 हजार 50 करोड रुपए का बजट का प्रावधान है, पी.एम.जन-मन आवास योजना जिसमें कि हम देश में नंबर वन है और उनके लिए 1100 करोड़ और पीएम जन-मन सड़क योजना के लिए 1 हजार 56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अति पिछड़ी जनजाति समूह बैग भारिया, और सहरिया के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है और उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह बजट सहायक होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री पोषण निर्माण के लिए 960 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड़ और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी तथा जमीन के अंदर जल भराव की योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 274 करोड रुपए इस बजट में आवंटित किए गए हैं। मंत्री पटेल ने पशुपालन मछली पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को लेकर कहा कि हम उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन दूसरे चरण में जो औद्योगिककरण है, प्रोसेसिंग करके हम वैल्यू एडिशन के आधार पर दूसरे आयाम भी हासिल करेंगे, जो हमारे अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा और रोजगार का सृजन भी करेगा। इसके लिए भी 100 करोड रुपए का प्रावधान सराहनीय है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए सुव्यवस्थित ई पंचायत के लायक व्यवस्थित भवन दे सके, संसाधन दे सकें उसकी तरफ हम अग्रसर हैं। अटल ग्राम सेवा सदन के माध्यम से, अटल सामुदायिक भवनों के माध्यम से गतिविधियों का वो केंद्र बने और प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करेगा, जिसके लिए 6 हजार 7 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करता हूं। हमने स्टांप ड्यूटी का सदुपयोग किया है इस क्रम में पंचायत का वित्तीय सामर्थ बढ़ाने की दृष्टि से ग्राम स्वराज अभियान में कुल 238 करोड़ तथा अतिरिक्त स्तंभ शुल्क वसूली अनुदान में 2 हजार 41 करोड़ का प्रावधान सरकार के दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह राशि बढ़ोतरी हमें काम करने में और सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री पटेल ने कहा कि संबल गरीब आदमी के लिए आपदा में सबसे बड़ा सहारा है और हमारी सरकार इस लक्ष्य के लिए समर्पित है इसलिए संबल योजना के अंतर्गत 700 करोड रुपए की यह राशि उन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है।   recent visitors 28

होली पर बच्चों को खूब भा रहे रंगीन गुब्बारे और पिचकारियां, इस बार होली पर पटाखों की धूम रहने वाली है

ग्वालियर दीपावली पर पटाखों की धूम होती है, लेकिन पहली बार होली पर पटाखे छोड़े जाएंगे। जी, हां। इस बार होली पर पटाखों की धूम रहने वाली है। बाजार में रंगों से भरे पटाखे लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इन पटाखों से रंगों की बारिश होगी। बाजार में हर दुकान पर यह पटाखे उपलब्ध हैं। बच्चों को यह पटाखे खूब भा रहे हैं। अनार : बाजार में रंगों से भरे अनार उपलब्ध हैं। इन्हें जलाने के बाद अंदर से रोशनी नहीं बल्कि रंग निकलेंगे। एक कलर के अनार, तीन कलर के अनार और सतरंगी अनार बाजार में उपलब्ध हैं। यह ऐसा पटाखा है, जिसे बच्चे भी चला सकते हैं। छोटा, मीडियम और बड़े साइज में यह उपलब्ध हैं। एक अनार के पैकेट की कीमत 120 रुपए से लेकर 550 रुपए तक है। सतरंग की अनार में सात रंग एक साथ निकलेंगे। यह काफी ऊंचाई तक गुलाल की बारिश करेगा। स्काय शाट : रंगों से भरा स्काय शाट भी बाजार में उपलब्ध है। यह आकाश में जाकर गुलाल की बारिश करेगा। यह भी लोगों की पसंद बना हुआ है। टू शाट से लेकर 12 शाट तक बाजार में उपलब्ध हैं। रंगों से भरे गुबारे… होली पर गीले रंग से भरे गुब्बारे अक्सर एक-दूसरे पर फोड़ते देखे होंगे, लेकिन इस बार रंगों से भरे गुब्बारे बाजार में है। यह सूखा रंग होग, इसमें हर्बल रंग भरा हुआ है। यह हानिकारक नहीं है। इसलिए सूखे रंगों से भरे गुब्बारे बाजार में उपलब्ध हैं। पुष्पा और हथौड़े वाली पिचकारी बाजार में कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारी से लेकर पुष्पा फिल्म वाली कुल्हाड़ी और हथौड़े वाली पिचकारी खूब भा रही है। बच्चे इलेक्ट्रिक गन वाली पिचकारी पसंद कर रहे हैं। बाजार में 50 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक कीमत वाली पिचकारी उपलब्ध है। recent visitors 22

मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त, वन्यजीव संरक्षण में आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। recent visitors 24

इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही है

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को इंडिगो विमान कंपनी ने इंदौर से रायपुर और जबलपुर के लिए सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान 30 मार्च से जबलपुर से दोपहर में इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। वहीं इंदौर से सुबह रायपुर के लिए उड़ान शुरू होगी और दोपहर में लौटेगी। रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया गया है। इससे इंदौर से रायपुर होकर विशाखापटनम तक यात्री जा सकेंगे। जबलपुर के लिए अब सुबह के अलावा दोपहर में भी उड़ान उपलब्ध रहेगी। अभी इंडिगो की एक फ्लाइट इंदौर से रायपुर के लिए अभी इंडिगो कंपनी की एक उड़ान है। यह रायपुर से सुबह 10.25 बजे रवाना होती है और सुबह 11.50 बजे इंदौर पहुंचती है। वापसी में इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होकर शाम 6.20 बजे रायपुर पहुंचती है। अब इंडिगो ने अपनी दूसरी उड़ान 30 मार्च से शुरू करने की घोषणा की है। समर शेड्यूल की शुरुआत के साथ यह उड़ान इंदौर से रायपुर जाकर वापस इंदौर लौटेगी। इंदौर-रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया जा रहा है। इससे रायपुर और विशाखापटनम तक इंदौर के यात्रियों को उड़ान की सुविधा मिलेगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के एमपीसीजी अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि इस उड़ान के शुरू होने से इंदौर से सुबह जाने वाले यात्रियों को खासा फायदा होगा। इंदौर रायपुर के बीच में सीधी ट्रेन की सुविधा भी अधिक नहीं है। वहीं पहले से संचालित उड़ान शाम को इंदौर से जाती थी। इस वजह से यात्रियों को परेशानी होती थी। इस उड़ान के शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को फायदा होगा। यह उड़ान 31 मार्च से विशाखापटनम तक जाएगी। ऐसे में यात्री रायपुर होकर विशाखापटनम तक 3.45 घंटे में पहुंच सकेंगे। जबलपुर के लिए हो जाएगी दो उड़ान ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के सचिव अमित नवलानी ने बताया कि अभी इंदौर और जबलपुर के लिए यह दूसरी उड़ान होगी। अभी इंदौर से सुबह उड़ान रवाना होती है और रात्रि को इंदौर वापस आती है। अब दोपहर में सीधी उड़ान की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी। 30 तारीख से शुरू होने वाली उड़ान दोपहर में जबलपुर से इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। इससे यात्रियों को अतिरिक्त उड़ान का विकल्प मिलेगा। ये रहेगा शेड्यूल इंदौर-रायपुर-विशाखापटनम : 6ई 7295 उड़ान सुबह 6.35 बजे इंदौर से रवाना होगी और सुबह 8.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से 8.50 बजे उड़ान रवाना होकर 10.20 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी। विशाखापटन-रायपुर-इंदौर : 6ई 7296 उड़ान विशाखापटनम से सुबह 11 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर दोपहर 2.45 बजे इंदौर पहुंचेगी। जबलुपर-इंदौर : 6ई 7327 उड़ान जबलपुर से 12.10 बजे रवाना होगी और 1.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर-जबलपुर : 6ई 7328 उड़ान दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और 3.20 बजे जबलपुर पहुंचेगी।   recent visitors 21

मध्य प्रदेश में मेडिकल की सीटों में बढ़ोतरी, खुलेंगे 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी, जिससे छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे। प्रदेश में नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की बात भी की गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया है। नई योजनाओं के जरिए आयुष, सिकल सेल उन्मूलन और एम्बुलेंस सेवाओं को भी विस्तार दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें राज्य के 17 मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में एमबीबीएस के लिए 2575 सीटें और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम के लिए 1337 सीटें उपलब्ध हैं। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके चलते 400 नई एमबीबीएस और 252 नई पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। सरकार जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत भी नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया में है। 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज सह चिकित्सालय खोले जाएंगे। साथ ही, पन्ना, गुना, भिंड, श्योपुर और शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम और मुरैना में आयुष महाविद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। बढ़ा स्वास्थ्य बजट प्रदेश में स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2992 करोड़ रूपए अधिक है। इससे सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नई भर्तियां भी संभव होंगी। इस बजट में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, सरकारी वाहनों को 15 साल की उम्र पूरी होने पर स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत हटाया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। recent visitors 42

मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा, बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। बड़े स्तर पर चल रही सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कों और राजमार्गों का निर्माण ही नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन को सरल और समृद्ध बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे है। केन्द्र द्वारा लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में स्थायी आधारभूत संरचना विकसित होगी।  आज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश किया है। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बजट पेश किया गया। इस बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान मिला है। जिसके तहत एमपी के गांव-शहर और तहसीलों में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कितना मिला बजट -ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) के अंतर्गत 1450 करोड़ रुपए का प्रावधान -मध्यप्रदेश सड़क विकास कार्यक्रम (ए.डी.बी.) के अंतर्गत 1315 करोड़ रुपए का प्रावधान -केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1150 करोड़ रुपए का प्रावधान -वृहद पुलों का निर्माण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़कों का सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -अनुरक्षण और मरम्मत – साधारण मरम्मत के अंतर्गत 836 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन्यूटी के अंतर्गत 825 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़क एवं सेतु हेतु संधारण कार्य के अंतर्गत 525 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गो तथा अन्य का नवीनीकरण, उन्नतीकरण एवं डामरीकरण के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान संभागीय कार्यालय स्थापना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -नवीन ग्रामीण एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एफ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों का अनुरक्षण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन.डी.बी. से वित्त पोषण (पुल निर्माण) के अंतर्गत 150 करोड़ का प्रावधान recent visitors 52

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया (MP Budget 2025), इससे पहले कल वित्त मंत्री ने मध्य प्रदेश का आर्थिक सवेक्षण प्रस्तुत किया था जिसमें प्रदेश और सरकार की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने आज बजट पेश करने से पूर्व कैबिनेट की बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जिसमें प्रति व्यक्ति आय के बारे में जानकारी दी गई। प्रति व्यक्ति आय का बढ़ना अर्थात प्रदेश की विकास की गति का बढ़ना : कैलाश उन्होंने सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा  कि 2003 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय मात्र 20 हजार रुपये थी जो अब बढ़कर 1 लाख 42 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है आय में वृद्धि होने प्रदेश के विकास की गति को दर्शाता है और इसी गति से हमारा बजट भी है ये विकास का बजट है इसमें सभी पहलुओं को छुआ है। चंबल के बीहड़ की जमीन का सदुपयोग होगा कैबिनेट के फैसलों की चर्चा करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि आज कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई है इसमें चंबल के बारे में महत्वपूर्व फैसला लिया गया है, उन्होंने कहा पहले चंबल का बीहड़ डकैतों के नाम से विख्यात था लेकिन डाकू खत्म हो चुके हैं,अब उस जमीन का सदुपयोग होगा। चंबल में खुलेगा हॉर्टिकल्चर कॉलेज उन्होंने कहा अब चंबल के बीहड़ क्षेत्र में नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत पानी आने वाला है जिससे सिंचाई होगी इसके साथ ही झांसी यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता लेकर सरकार हॉर्टिकल्चर कॉलेज भी खोलने जा रही है।  कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, कॉलेज का लाभ सिर्फ चंबल ही नहीं मध्य प्रदेश को होगा।   recent visitors 41