अयोध्या में राम मंदिर के प्रवेश मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जुट रहे, नगर निगम ने अब तक 20 ट्रॉलियाँ हटवाई

अयोध्या  राम मंदिर के प्रवेश मार्ग के पास करीब एक माह से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जमा हो रहे हैं। नगर निगम अब तक 20 ट्रॉली जूते-चप्पलें यहां से हटवा चुका है। ये लावारिस जूते-चप्पलें अयोध्या व अयोध्या कैंट में बने नगर निगम के रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (RRR) सेंटर पर डंप जा रहे हैं। असल में महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रदालु स्नान के बाद बालकराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या का रुख कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की अप्रत्‍याशित भीड़ को सुलभ दर्शन हो सकें व अफरातफरी न हो इसके लिए पिछले 30 दिन से व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। मंदिर परिसर का गेट नंबर-3 खोला गया है। बालकराम के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को इसी गेट से बाहर निकाला जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु श्रीराम हास्पिटल के आगे निकलते हैं। रामपथ पर वन-वे ट्रैक होने के कारण श्रद्धालुओ को पुन: 5-6 किमी पैदल चलने के बाद उतारे गए जूता स्‍थल पर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी के कारण बाहर से आने वाले ज्यादातर लोग जूते-चप्पलें लेने नहीं लौट रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बदलाव दरअसल, अयोध्या में भक्तों की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थागत बदलाव के चलते राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब एक महीने से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पल एकत्र हो रहे हैं। नगर निगम पहले ही वहां से बड़ी संख्या में जूते-चप्पल हटा चुका है। ये जूते-चप्पल तीर्थयात्रियों के हैं, जिन्होंने इन्हें राम पथ पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार गेट संख्या एक पर उतार दिया था। जूते-चप्पल वापस लेने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी शुरुआत में, लगभग आधा किलोमीटर का गोलाकार मार्ग पूरा करने के बाद, तीर्थयात्री उसी द्वार (गेट संख्या एक) से बाहर निकलते थे और अपने जूते-चप्पल लेते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ के कारण, अयोध्या प्रशासन ने गेट संख्या तीन और अतिरिक्त द्वारों के माध्यम से निकास को पुनर्निर्देशित किया। इससे प्रवेश बिंदु से अपने जूते-चप्पल वापस पाने के लिए तीर्थयात्रियों को पांच से छह किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती, जिस कारण वे अपने जूते-चप्पल छोड़ दे रहे हैं और नंगे पैर अपने वाहनों या आवास की ओर जा रहे हैं। महाकुंभ की शुरुआत से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मिश्रा ने कहा, "पिछले 30 दिन से व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के आसानी से दर्शन मिल सके।" रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा नगर निगम उन्होंने कहा, "मंदिर परिसर का गेट संख्या तीन खोल दिया गया है। दर्शन के बाद भक्तों को इस गेट से बाहर निकाला जा रहा है। इसलिए भक्त श्रीराम सरकारी अस्पताल से आगे बढ़ते हैं। रामपथ पर एक-तरफा मार्ग होने के कारण, भक्तों को जूता उतारने वाले क्षेत्र तक पहुंचने के लिए फिर से पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ता है।" निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा है, उन्हें जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इकट्ठा कर रहा है और ट्रॉलियों पर लाद रहा है।   recent visitors 57

संघ प्रमुख मंगलवार को राजधानी भोपाल में विद्या भारती के एक प्रशिक्षण शिविर का उदेघाटन करेंगे

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS ) के सरसंघचालक मोहन भागवत चार मार्च को राजधानी भोपाल में विद्या भारती के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे. दरअसल, इस अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा. संघ के इस पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक और विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी भी संबोधित करेंगे. मंत्री विश्वास सारंग करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन उन्होंने बताया कि उद्घाटन से एक दिन पहले यानी सोमवार 3 मार्च को मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे. संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है. तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था. इस वक्त विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है. इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं. recent visitors 37

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार 'अटल विश्वास पत्र' में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 34

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। recent visitors 105

बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों ने भाग लिया और अमन, चैन और खुशहाली का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द को भी मजबूत करता है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन को बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई राह खुली है।इससे पहले, बस्तर ओलंपिक में भी 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल और विकास के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह बस्तर में शांति और सद्भाव के संदेश को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाया जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बने। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल खेल के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के माध्यम से नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की सकारात्मक छवि को स्थापित करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले सभी धावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हजारों धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार नारायणपुर जिले में आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025  में 11 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों की शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस मैराथन में उत्तर प्रदेश के अक्षय कुमार ने पुरुष वर्ग में और इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने महिला वर्ग में बाजी मारी। पुरुष 21 किमी वर्ग में अक्षय कुमार (उत्तर प्रदेश) ने 01 घंटा 02 मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला 21 किमी वर्ग में इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने 01 घंटा 13 मिनट 01 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की। 10 किमी और 5 किमी वर्ग में भी रोमांचक प्रतिस्पर्धा रही, जहां उत्तर प्रदेश की अमृता पटेल और सूरजपुर की सोनिका राजवाड़े ने क्रमशः 10 किमी और 5 किमी महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। पुरुष 10 किमी वर्ग में उत्तर प्रदेश के मोनू कुमार और 5 किमी वर्ग में स्थानीय धावकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार और सम्मान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 1.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विजेताओं को 1 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कार दिया गया। स्थानीय प्रतिभाओं को भी 5-5 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। मैराथन का शुभारंभ संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों दर्शक उपस्थित थे। recent visitors 101

सगा सग्गुम आदिम सामाजिक संस्था भोपाल म प्र (इंडिया) का साधारण त्रिवार्षिक सभा सम्पन्न हुई।

The general triennial meeting of Saga Sagguum Primitive Social Organization Bhopal MP (India) was concluded. भोपाल (सुशील दामले) ! (नि प्र) सगा सग्गुम आदिम सामाजिक संस्था भोपाल म प्र (इंडिया) का साधारण त्रिवार्षिक सभा का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के नियमावली के अनुसार संस्था के परम्परानुसार विधिवत गोंगों भुमका तिरु. हेमसिंह वरकड़े जी द्वारा किया गया ततपश्चात समस्त कार्यो पर चर्चा व आगामी क्रियाकलापों की के बारे में विधिवत संस्था अध्यक्ष द्वारा बताया गया । सभा का संचालन संस्था सचिव ने किया वहीं विगत वर्षों के संस्था के नियमावली अनुसार हुए कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन सभी के समक्ष रखा गया है। उपस्थित संरक्षक सदस्य, आजीवन सदस्य, साधारण सदस्य व संयोजन समितियों के पदाधिकारीगणों की उपस्थिति रही । निर्वाचन अधिकारी के निर्देश व संरक्षण मे प्रबंध कार्यकारिणी का विधिवत निर्वाचन किया गया जिसमें अध्यक्ष- ति. अजीतसिंह तेकाम जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष- ति .महासिंह धुर्वे जी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष- ति. डुमारी सिंह धुर्वे जी, सचिव- ति. फूलसिंह मरावी जी, सहसचिव- ति. द्रुपसिंह उइके जी , कोषाध्यक्ष- ति. राजीव कुमार कुड़ापे जी, सदस्य क्रमशः 1-ति.सम्मलसिंह मरकाम, 2- ति. तेनसिंह आर्मो, 3- ति. ईश्वरी मर्सकोले, 4- ति.बीरबल धुर्वे, प्रबंधकार्यकारिणी निर्वाचन पदाधिकारी ति.डी .एस . उइके जी की कार्यकुशलता व निर्देशन से विधिवत संस्था पदाधिकारियों का निर्वाचन किया गया। जिला मण्डला से कुडोपानी- संयोजन समिति व गढ़ भोपाल जिला संयोजन समिति का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष तिरु. जगदीश मसराम जी और सचिव तिरु.राजकुमार इड़पाची जी वरिष्ठ उपाध्यक्ष तिरु.एच् .एल. तेकाम कनिष्ठ उपाध्यक्ष तिरु.दुर्गसिंह मरावी जी सह – सचिव विनोद उइके जी कोषाध्यक्ष तिरु. हेमसिंह उइके जी एंव सदस्य यशवंत कुरवेती जी बी.एल.वयाम जी, रामप्रसाद उइके जी , राजेश आर्मो जी निर्वाचित हुए निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से सभी पदाधिकारीगणों को शपथ ग्रहण कराया गया – कि गोंड समुदाय के रीति-रिवाज संस्कृति, साहित्यिक, दार्शनिक, वैधानिक, धार्मिक पहचान, भाषिक, ऐतिहासिक तथ्यों के संरक्षण व आर्थिक पहलुओं की सुदृढ़ता, संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता ली गयी। सभा की अध्यक्षता ति. महेश प्रसाद धुर्वे जी द्वारा निर्वहन किया गया वहीं आभार प्रदर्शन – ति. राजकुमार इड़पाची जी द्वारा किया गया। वहीं उपस्थित सभी सदस्यों व पदाधिकारीगणों द्वारा संकल्प भी लिया गया कि- नियमावली अनुसार कार्यो का सतत संचालन किया जावेगा। recent visitors 156

उप मुख्यमंत्री ने किया गौवंश वन्य विहार में प्रशासनिक भवन का लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार, गौ सेवा का आदर्श स्थल बनेगा। गौवंश वन्य विहार में अधोसंरचना व विकास के अधिकतर कार्य पूर्णता की ओर हैं। गौवंश वन्य विहार में संरक्षित गौवंश के गोबर व मूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शुक्ल ने एक करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए प्रशासनिक भवन गौ कार्यालय का लोकार्पण किया। गौ-कार्यालय के नव निर्मित हॉल में समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में शेष कार्यों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गौवंश वन्य विहार में जल की निर्बाध आपूर्ति होती रहे इसलिए आवश्यक है कि भूजल स्तर कम न हो। उन्होंने गौवंश वन्य विहार से लगे तालाब को नदी से भरने के निर्देश दिए। द्वितीय चरण के तहत नाला में रपटा कम स्टॉप डैम, चेकडैम तथा शेष बाउन्ड्रीवाल के निर्माण कार्य को स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आगामी समय में सब स्टेशन का भी निर्माण कार्य कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बैठक में गौवंश वन्य विहार में गौ सेवा के लिए प्रोटोकाल बनाकर कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संरक्षित गौवंश का डाटा शीट में पूर्ण विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि गोबर व गौमूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर गौवंश वन्य विहार को पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। गोबर से बनने वाली खाद का विक्रय किया जाएगा। किसानों को गौशाला से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से होगा ताकि वह यहाँ से जरूरत के अनुसार खाद क्रय कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बॉयो गैस प्लांट को शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा मृत पशुओं के निष्पादन की यूनिट लगाने का काम शीघ्र प्रारंभ कराएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आदर्श संचालन सुनिश्चित कराते हुए गौ सेवा के साथ ही इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में निर्मित रेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया तथा प्रात:काल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए गौवंश को चारा एवं गुड़ खिलाया। बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, सीसीएफ राजेश राय, अमित अभयरामदास महाराज, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।   recent visitors 54