यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट :अपशिष्ट के दहन की लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग

पीथमपुर उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में विगत 18 फरवरी 2025 को पारित आदेशानुसार यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का प्रथम ट्रायल रन  27 फरवरी 2025 से मेसर्स पीथमपुर इंडस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. पीथमपुर, जिला धार द्वारा संचालित इंसीनरेटर में किया जा रहा है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि आज 02 मार्च,2025 को शाम 05 बजे तक 6750 किलोग्राम अपशिष्ट का दहन किया जा चुका है। अपशिष्ट के साथ लगभग 6750 किलोग्राम लाईम भी मिलाकर दहन किया गया है। फ्लू गैसेस की सफाई हेतु लगभग 7500 किलोग्राम लाईम, 3750 किलोग्राम एक्टीवेटेड कार्बन तथा 50 किलोग्राम सल्फर का उपयोग किया गया। अपशिष्ट को जलाने हेतु लगभग 33 हजार लीटर डीजल की खपत हो चुकी है। अपशिष्ट के दहन के दौरान चिमनी से हो रहे इमीशन की लगातार मॉनिटरींग केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लगभग 20 अधिकारी / कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। साथ ही इमीशन के लगातार मॉनिटरींग के लिये ऑनलाईन कन्टीन्युअस इमीशन मॉनिटरींग सिस्टम (OCEMS) भी संचालित है। चिमनी से उत्सर्जन निर्धारित मानक सीमा के भीतर पाये जा रहे है। संभागायुक्त सिंह ने बताया कि पर्टीक्यूरेट मेटर का उत्सर्जन 9.6 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, जिसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी तरह सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 70 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 200 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। नाईट्रोजन ऑक्साईड्स का उत्सर्जन 116 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 400 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। कार्बन मोनो ऑक्साईड का उत्सर्जन 18 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 100 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी प्रकार कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 6.54 प्रतिशत हो रहा है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 7 प्रतिशत है। हाईड्रोजन क्लोराईड का उत्सर्जन 3.86 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। हाईड्रोजन फ्लोराईड का उत्सर्जन 1.85 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 4 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है तथा टोटल आर्गेनिक कार्बन का उत्सर्जन 2 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 20 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है।   recent visitors 46

नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 14 नक्सली कमांडर बचे, नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य हो रहा पूरा : आईजी पी सुंदरराज

रायपुर छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मार्च 2026 तक को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माओवादियों के खात्मे के लिए केंद्र सरकार टारगेट के 365 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बस्तर के आईजी पी सुंदरराज के अनुसार, नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 12 से 14 नक्सली कमांडर बचे हैं। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। जिस कारण से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। आईजी पी सुंदरराज ने बताया- "जनवरी 2024 से अब तक 300 से ज़्यादा माओवादी मारे जा चुके हैं, ऐसे में बस्तर संभाग में बमुश्किल 400 हथियारबंद कैडर बचे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों की सेंट्रल कमेटी भी काफी कमजोर हो गई है और उसके पास सिर्फ 12-14 एक्टिव कमांडर बचे हैं। ये संख्याएं सुरक्षा एजेंसियों को भरोसा दिलाती हैं कि वे मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने में सक्षम होंगी।" केवल 1200 नक्सलवादी बचे आईजी ने कहा कि बस्तर संभाग में अब केवल 1,200 माओवादी बचे हैं। उनके लिए हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने या सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ का दरवाज़ा खुला है। 2021 से अब तक 385 नक्सलियों के मारे जाने के बाद, बस्तर में लगभग 400 नियमित सशस्त्र कैडर बचे हैं। बाकी 700-800 मिलिशिया पुरुष हैं जो सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, वे चेतना नाट्य मंच और दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ जैसे सांस्कृतिक विंग के सदस्य हैं। सेंट्रल कमेटी भी सिकुड़ रही है। हमारी मुख्य चिंता- वर्दीधारी लोग हैं, जो ज़्यादातर PLGA संरचनाओं और बटालियन 1 के वरिष्ठ स्तर के कैडर हैं। हिडमा करता है नेतृत्व बटालियन 1 का नेतृत्व खूंखार माओवादी कमांडर हिडमा कर रहा है। जिसका गृह क्षेत्र अब सुरक्षा बलों के कब्जे में है। हिडमा के गांव में पुलिस कैंप की स्थापना की गई है। वहीं, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले चार सालों में कई सेंट्रल कमेटी के सदस्य उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मर चुके हैं या गिरफ़्तार किए गए हैं। जो बचे हैं वे भी नक्सलियों के खात्मे के साथ अपने आप खत्म हो जाएंगे। सुंदरराज ने कहा कि मिलिशिया के सदस्य अक्सर पीएलजीए के कट्टर कार्यकर्ताओं की तरह ही खतरनाक साबित होते हैं, लेकिन ध्यान उन्हें मुख्यधारा में लाने पर है, क्योंकि वे 'जिसका दम उसके हम' वाक्यांश को समझते हैं। आईजी ने कहा, "उन्हें एहसास है कि उन्हें एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक बार जब वे बाड़ के इस तरफ आ जाते हैं, तो वे केवल विकास और सुविधाएँ चाहते हैं। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये संख्याएं केवल एक धारणा है और नक्सलियों की सटीक संख्या बताना संभव नहीं है। "निश्चित रूप से, माओवादियों को हाल ही में भारी नुकसान हुआ है और वे कगार पर पहुंच गए हैं। उनकी आक्रामकता लगभग समाप्त हो गई है, फिर भी आगे एक लंबी लड़ाई है।" प्रभुत्व का क्षेत्र कम हुआ पी सुंदरराज ने कहा- अगर अगले साल नक्सलवाद वास्तव में खत्म हो जाता है, तो कोई भी गारंटी नहीं दे सकता है कि 31 मार्च, 2026 के बाद कोई हिंसा नहीं होगी, लेकिन नक्सलियों को खत्म करने के पूरे अभियान का फोकस एक बिंदु एजेंडे पर आधारित नहीं है। उनके प्रभुत्व का क्षेत्र कम हो गया है, उनकी ताकत पहले जैसी नहीं रही, सुरक्षा शिविर लोगों की चाहत के मुताबिक विकास ला रहे हैं, इसलिए हमें वांछित लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है।" recent visitors 51

2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है: आईओसी के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन

नई दिल्ली भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन को का मानना है कि 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है लेकिन कई अन्य देशों के इस दौड़ में शामिल होने से प्रतिस्पर्धा कठिन होगी। भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। को ने ‘पीटीआई’ से विशेष साक्षात्कार में कहा, मेरी पृष्ठभूमि को देखते हुए मेरे यह कहने से आपको हैरानी नहीं होगी कि मैं बहुत खुश हूं कि भारत वैश्विक खेल और विशेष रूप से ओलंपिक आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई। पर यह बहुत प्रतिस्पर्धी होगा। क्योंकि इसमें सिर्फ एक ही बोलीदाता नहीं होगा, लेकिन भारत इसे बहुत मजबूत दावा बना सकता है। पोलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, कतर, हंगरी, तुर्कीये, मैक्सिको और मिस्र उन अन्य देशों में शामिल हैं जिन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा व्यक्त की है। 2036 खेलों के मेजबान देश का 2026 से पहले पता नहीं चलेगा।लेकिन यह निश्चित है कि नए आईओसी प्रमुख के 20 मार्च के चुनाव के विजेता की अध्यक्षता के दौरान मेजबान का चयन किया जाएगा। आईओसी अध्यक्ष के रूप में चुनाव लड़ने वाले सात उम्मीदवारों में उन्हें सबसे आगे माना जा रहा है। 68 वर्षीय को दो बार ओलंपिक 1500 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्होंने भारत को सलाह देते हुए कहा कि अगर उसे 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार नहीं मिलता है तो उसे ओलंपिक आयोजित करने की अपनी महत्वाकांक्षा को खत्म नहीं करना चाहिए। को ने कहा, बहुत से शहरों ने बोली लगाई और लेकिन उनकी बोली स्वीकार नहीं हुई। दिलचस्प बात यह है कि जब लंदन ने 2005 में (2012 चरण के लिए) बोली हासिल की थी, तो उसने पेरिस को हराया था। हम सभी अभी पेरिस ओलंपिक खेलों (2024) में गए थे। रियो उन शहरों में से एक था जो 2012 की बोली के लिए शुरुआती मूल्यांकन से आगे नहीं बढ़ पाया था। और ब्रिटेन के तुरंत बाद उनके पास 2016 में बोली थी। इसलिये यह किसी भी तरह से कहानी का अंत नहीं है। और बोली लगाने से मिली विरासत भी एक बहुत मजबूत विरासत है।   recent visitors 71

मानव संग्रहालय, वन विहार में आने-जाने के समय में बदलाव : चित्रांकन कार्यशाला होगी, शोधार्थी समागम का आखिरी दिन; जानिए शहर में कहां-क्या खास

Change in visiting time of Manav Sangrahalaya, Van Vihar भोपाल। हम आपको बता रहे हैं भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। सुविधाएं जो आपसे जुड़ी हैं मानव संग्रहालय के समय में परिवर्तन इंडिगो की भोपाल-जबलपुर फ्लाइट शुरू 5 से 7 मार्च तक वन विहार में एंट्री देरी से BMHRC में अब फोन से मिलेगा अपॉइंटमेंट recent visitors 104

रेस्क्यू अभियान पूरा, आठ हुई मृतकों की संख्या, लापता सभी चार श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए

ज्योतिर्मठ (चमोली) चीन सीमा पर माणा के पास शुक्रवार को हिमस्खलन की चपेट में आए सभी लोगों को ढूंढ लिया गया है, जिसमें से 46 सुरक्षित हैं, जबकि आठ की मौत हो गई। रविवार को लापता सभी चार श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए हैं। जबकि चार श्रमिकों के शव शनिवार को बरामद हो गए थे। वहीं, रविवार को एक अन्य घायल को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल श्रमिक शनिवार को रेफर किया गया था। इसके साथ ही तीन दिनों से चला आ रहा रेस्क्यू अभियान भी समाप्त हो गया। बता दें कि माणा के पास शुक्रवार तड़के भारी हिमस्खलन हुआ था, जिसके चपेट में बीआरओ के 54 श्रमिक आ गए थे। आईटीबीपी और सेना के जवानों ने शुक्रवार सुबह रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पहले दिन 33 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया था। शनिवार को रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ भी शामिल हुई। शनिवार तक रेस्क्यू टीमों ने 46 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया था, जबकि चार श्रमिकों के शव बरामद हुए थे। उसके बाद लापता चल रहे चार अन्य श्रमिकों की खोजबीन के लिए रविवार को फिर तीनों रेस्क्यू टीमों ने सर्च अभियान चलाया। दोपहर करीब एक बजे पहले एक शव बरामद हुआ। उसके बाद दो अन्य श्रमिकों के शव भी बरामद हुए। अंतिम लापता व्यक्ति का शव दोपहर करीब चार बजे बरामद कर लिया गया। जिसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या आठ हो गई। अंतिम व्यक्ति का शव मिलने के साथ ही रेस्क्यू अभियान भी समाप्त कर दिया गया। ज्योतिर्मठ सेना अस्पताल में भर्ती हैं घायल माणा से सभी श्रमिकों को हेलीकॉप्टर से ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में लाया गया है। सबसे बाद में मिले शव को भी लाने का प्रयास किया जा रहा है। स रेस्क्यू अभियान में सेना के सात और एक निजी हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। जिनसे श्रमिकों को माणा से ज्योतिर्मठ लाया गया। दो श्रमिक एम्स ऋषिकेश भेजे गए। अन्य का आर्मी अस्पताल ज्योतिर्मठ में उपचार चल रहा है। recent visitors 82

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- हिंदू समाज एक रहेगा, तभी हम सुरक्षित रहेंगे

कोलकाता असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने हिंदू धर्म को खत्म करने की कसम खाई थी, लेकिन हिंदू धर्म खत्म नहीं हुआ, बल्कि औरंगजेब खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि आज मैं ममता बनर्जी और राहुल गांधी से कहना चाहूंगा कि अगर उन्हें लगता है कि वे हिंदू धर्म को खत्म कर सकते हैं, तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि हिंदू धर्म कभी खत्म नहीं होगा। कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हिंदुओं के पतन का कारण खुद हिंदू हैं। हिंदू धर्म कभी खत्म नहीं होगा। सनातन हमेशा से था और आगे भी हमेशा रहेगा। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि हिंदू समाज एक रहेगा, तभी हम सुरक्षित रहेंगे। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम वोट बैंक को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम कभी भी विकास के आधार पर वोट नहीं देते हैं। मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा ने कहा कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम अपने जीवन में देश के लिए क्या कर सकते हैं। हमारा जीवन तभी सफल होगा, जब हम अपने राष्ट्र के काम आएंगे। हम न कुछ लेकर आए थे और न कुछ लेकर जाएंगे। अपने परिवार के साथ धर्म का काम करते रहे, यही कोशिश करनी चाहिए। हमें अपने देश के लिए थोड़ा बड़ा सोचना चाहिए। इस दौरान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आज हमने स्वामी प्रदीप्तानंद को स्वामी विवेकानंद सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया है। भारत में जब भी हमारे धर्म पर कोई खतरा आया है, लोगों ने धर्म की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने हमेशा धर्म की रक्षा के रास्ते में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया हे और सनातन धर्म के लिए सब कुछ करने का संकल्प लिया है। ऐसा व्यक्तित्व हमारे लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा है। मुख्यमंत्री सरमा ने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा व्यवस्था से हम पूरे समाज को सुधार सकते हैं। बंगाल की धरती हमें सिखाती है कि हमारी कोई जाति नहीं है, बल्कि हम हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी मां भारती के गौरवशाली संतान हैं। स्वामी जी ने शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किए हैं। उनके दिखाए गए रास्ते पर लोग आज भी चलते हैं, जिस पर चलकर लोगों का जीवन सफल हो जाता है। recent visitors 91

दवा विक्रेताओं की भी पीड़ित मानवता की सेवा में है महत्वपूर्ण भूमिका – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा में दवा विक्रेताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए निरोगी काया अभियान में होने वाली नि:शुल्क जाँच कराने के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य दवा विक्रेता संघ करे ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। उप मुख्यमंत्री का रीवा जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में टीबी से पीड़ित मरीजों को पूरक आहार किट वितरित किए। सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आम आदमी को स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आयुष्मान योजना वरदान बनी है। रीवा में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में गंभीर रोगों का इलाज आयुष्मान कार्डधारियों को नि:शुल्क हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 20 फरवरी से 31 मार्च तक संचालित निरोगी काया अभियान में बीपी, शुगर एवं लीवर की नि:शुल्क जाँच की जा रही है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों से इन जाँचों को कराने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा जिले में प्रतिदिन की जाने वाली जाँच की रिपोर्टिंग व मॉनीटरिंग हो और यह प्रयास हो कि रीवा जिला देश में इन जाँचों में अग्रणी रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यकंटेश पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया सिंह, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, प्रदीप गौतम सुमन, दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष तरूणेन्द्र सिंह, विजय सिंह, सतीश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।   recent visitors 47