BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल ! मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता?क्या है समीक्षा का उद्देश्य? बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी। recent visitors 73

मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन: किसानों की लड़ाई में कांग्रेस आक्रामक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने उठाई बुलंद आवाज

Second day of Madhya Pradesh Assembly winter session: Congress aggressive in farmers’ fight, Leader of Opposition Umang Singar raised his voice भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन किसानों की बदहाली और अधिकारों को लेकर सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के अन्नदाता को आज भी खाद, फसल खरीदी के उचित मूल्य और मुआवज़े के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सड़कों पर उतरने को मजबूर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने खोला मोर्चा प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने किसानों की पीड़ा को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार पर सीधा हमला बोला।सिंगार ने कहा— प्रदेश का अन्नदाता बेबस है, और भाजपा सरकार केवल घोषणाओं का ढोल पीट रही है। भावांतर की झुनझुनी बजती रही लेकिन किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिड़िया चुग गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी। कांग्रेस का आरोप: विकास के नाम पर सिर्फ खोखले दावे विपक्ष ने दावा किया कि भाजपा शासन में न तो खाद वितरण सुचारू है, न समर्थन मूल्य व्यवस्था। फसल खराब होने पर मुआवज़ा और बीमा भुगतान में हो रही देरी ने किसान को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार लगातार आंकड़ों का खेल खेलकर किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। सदन के बाहर माहौल गर्म, अंदर विपक्ष का जोरदार दबाव विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने पोस्टर और तख्तियाँ लेकर विरोध जताया।संदेश साफ था — अन्नदाता की अनदेखी नहीं चलेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। recent visitors 75

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

The Sarpanch’s son’s arrogance, with more than ten guns and 100 rounds of fire, terrified the wedding guests. मुरैना ! जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र के घिंरोगी गांव में एक शादी समारोह के दौरान जमकर हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। यहां ग्वालियर से आए डांसरों के कार्यक्रम के बीच युवकों ने लाइसेंसी हथियारों से करीब 100 राउंड फायर किए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार घिंरोगी के सूरज भान गुर्जर के भतीजे राहुल की शादी में रंगारंग कार्यक्रम रखा गया था। शादी में ग्वालियर से डांसर बुलाए गए थे। जैसे ही डांसरों का कार्यक्रम शुरू हुआ। कुछ युवक हथियार लेकर मंच के पास आ गए और लगातार फायरिंग करने लगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में दस से ज्यादा बंदूकें मौजूद थीं और लगभग सौ राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। भीड़ भरे कार्यक्रम में इस तरह की फायरिंग से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही, लेकिन किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। आरोपी युवक अरविंद गुर्जर है, जो मुरैना विकास खंड की बड़बारी पंचायत के वर्तमान सरपंच राजवीर गुर्जर का बेटा है।शाम एक शादी समारोह में अरविंद ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से एक के बाद एक हर्ष फायर किए। वीडियो में वह एक कुर्सी पर बैठकर बंदूक को सामने की ओर तानकर लगातार फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। जैसे ही वीडियो पुलिस तक पहुंचा, मालनपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस शादी के आयोजकों से भी पूछताछ कर रही है। एसडीओपी रविन्द्र वास्कले ने बताया हर्ष फायरिंग कानूनन अपराध है। वीडियो की जांच की जा रही है, आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग में शामिल किसी भी युवक को बख्शा नहीं जाएगा। recent visitors 87

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र 2025, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session 2025, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। recent visitors 93

NFL यूरिया के नाम पर बड़ा घोटाला! गोदाम में ग्राइंडर से पीसकर नकली पोटाश बनाने का संदेह, लाखों का माल जब्त

NFL यूरिया के नाम पर बड़ा घोटाला! गोदाम में ग्राइंडर से पीसकर नकली पोटाश बनाने का संदेह, लाखों का माल जब्त

NFL Urea scam: Suspected of manufacturing fake potash by grinding it in a warehouse, goods worth millions seized खरगोन ! मध्य प्रदेश खरगोन जिले के बलकवाड़ा थाने के तहत आने वाले निमरानी इंडस्ट्रियल एरिया में नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड (NFL) के यूरिया के अवैध भंडारण और संदिग्ध मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। बीती देर रात पुलिस ने गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में यूरिया और अन्य सामग्री बरामद की और मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, सीनियर एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर बीएस सेंगर की शिकायत पर गुजरात निवासी महेंद्र हफ़्दा और सुपरवाइज़र सत्यराज सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने चौंकाने वाला तथ्य बताया कि यह गोदाम वर्ष 2010 में इंदौर निवासी दिनेश पाटीदार को आवंटित किया गया था, लेकिन उद्योग स्थापित न करने पर 2015 में इसका आवंटन निरस्त कर दिया गया था। महाकाल ट्रेडर्स का गोदाम सील भारतीय किसान संघ की सूचना पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने महाकाल ट्रेडर्स के गोदाम पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान अवैध भंडारण और यूरिया के संदिग्ध उपयोग का खुलासा हुआ, जिसके बाद गोदाम को तत्काल सील कर दिया गया। छापे के दौरान यह खाद व यूरिया जब्त किा गया छापे में 268 बैग NFL यूरिया, जो एक गोदाम में एक ट्रक में अवैध रूप से लदे हुए थे, इसके अलावा 45 बैग NFL यूरिया और 215 बैग इंडस्ट्रियल सॉल्ट, 431 बिना लेबल के पिसे हुए यूरिया के बैग, 4050 खाली बिना लेबल की बोरियाँ और ग्राइंडर मशीन, सिलाई मशीन और वेट मशीन जब्त की गईं। ग्राइंडर से यूरिया पीसकर बोरियों में पैक सेंगर ने बताया कि ग्राइंडर की मदद से यूरिया को पीसकर बिना लेबल की बोरियों में पैक किया जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि इस पिसे हुए यूरिया को संभवतः नकली पोटाश बनाकर बेचा जा रहा था, क्योंकि पोटाश महंगा और विभिन्न रंगों में उपलब्ध होता है। यूरिया में रंग मिलाकर इसे आसानी से पोटाश जैसा दिखाया जा सकता है। इसके अलावा, एक और संभावना यह भी है कि पिसे हुए यूरिया को जैविक खाद में मिलाकर उसे ऑर्गेनिक खाद के रूप में बेचा जा रहा हो। पिसे हुए यूरिया के नमूने जब्त कर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। recent visitors 81

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

“I drink alcohol,” I’ll beat the BRC with my shoes, drunk teacher’s arrogance just three days after reinstatement सतना ! जिले में एक शिक्षक की ‘दबंगई’ और शराब के नशे में धुत होकर शिक्षा विभाग अधिकारियों को धमकाने का मामला गरमा गया है। शराबी शिक्षक की 2 महीने के निलंबन के बाद महज 3 दिन पहले बहाल हुई है। बहाल होते ही उनका एक नया वीडियो वायरल हो गया है। इसमें वह स्कूल स्टाफ के सामने कुर्सी पर बैठकर डींगे हांक रहे हैं। साथ ही बीआरसी को ‘जूते मारने’ की धमकी दे रहे हैं। शिक्षक की पहचान पुष्पेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। मामला मझगवां ब्लॉक के पछीत माध्यमिक शाला का है। जहां शनिवार शाम को वायरल हुए इस वीडियो में शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह का अंदाज देखकर लगता है कि उन्हें कानून या विभाग का कोई खौफ नहीं है। वीडियो में वे अपने स्टाफ के सामने हेकड़ी दिखाते हुए कह रहे हैं, ‘मैं दारू छोड़ूंगा नहीं और अगर इस बार बीआरसी ने कुछ किया, तो उसे जूते मारूंगा।’ बीआरएसी से क्यों है खुन्नसदरअसल, पुष्पेन्द्र सिंह की यह खुन्नस इसलिए है क्योंकि पिछली बार (4 सितंबर को) जब वे शराब पीकर स्कूल पहुंचे थे। तब बीआरसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही जेडी रीवा ने उन्हें निलंबित किया था। 26 नवंबर को ही उनकी बहाली हुई थी। हालांकि स्कूल पहुंचते ही उन्होंने फिर से वही रंग दिखा दिया। अब तक 3 बार हो चुके हैं सस्पेंडशिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह आदतन शराबी और विवादित रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है। पहली बार निर्वाचन कार्य के दौरान शराब पीकर अभद्रता करने पर चुनाव आयोग के निर्देश पर सस्पेंड हुए थे। इसके बाद माध्यमिक शाला बरहठा में पदस्थापना के दौरान निलंबित हुए। तीसरी बार माध्यमिक शाला तुर्रा में रहते हुए कार्रवाई हुई। चौथी बार अब पछीत विद्यालय में निलंबन से लौटते ही फिर वही हरकत कर दी। संकुल प्राचार्य को सौंपी गई जांचबहाली के तीसरे दिन ही शिक्षक का यह रूप सामने आने के बाद विभाग हरकत में आ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच गौहानी संकुल के प्राचार्य उपेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि शिक्षक की इस हरकत पर एक बार फिर निलंबन की गाज गिरना तय है। recent visitors 96