औचक निरीक्षण के संबंध में वीडियों कॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये औचक निरीक्षण की नवीन पहल प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत हर माह की 5 और 20 तारीख़ को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से चयनित दलों, जिलों, निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने के स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में हाल ही में लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं की टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में निरीक्षण किए गए सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया। बैठक में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम पंकज जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता एस.आर. बघेल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक यादव ने सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण रिपोर्ट के लिए एक मानक फॉर्मेट तय करने का सुझाव दिया, जिससे निर्माण कार्यों की कमियों और सकारात्मक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों को फाइनल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समीक्षा बैठक में सिंगपुर-धरमपुर रोड से मझपुरा रोड के निर्माण कार्य में गुणवत्ता में गंभीर कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए उपयंत्री को निलंबित करने एवं कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। ठेकेदार मेसर्स माँ शारदा कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने पन्ना जिले में वन स्टॉप सेंटर भवन कार्य में पाई गई कमी के आधार पर उपयंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। भोपाल जिले में भोपाल-देवास मार्ग में कि.मी. 20, 23,24 एवं 25 में कुछ स्थानो पर सरफेस में क्रेक एवं रफनेस पाई गई। मार्ग में डिवाईडर में पेंटिंग एवं साईन बोर्ड तथा शोल्डर मापदण्ड अनुसार नही पाये गये। इसके लिये ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों को 7 दिवस में सुधार कार्य करने के लिये निर्देशित किया गया। ग्वालियर जिले में सड़क कार्य पटेल का पुरा से गुरी बंजारों का पूरा मार्ग में निरीक्षण में ठेकेदार के द्वारा सी.आर.एम. एवं डब्ल्यू.एम. का कार्य मानक स्तर का नहीं किये जाने के एवं कार्य में विलंब के कारण ठेकेदार मेसर्स कामतानाथ कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। एमडी यादव ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में विभाग निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।   recent visitors 60

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निदान करने के लिए केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर 1912 का लगातार उन्नयन करते हुए इनकमिंग चैनलों की संख्या को 550 से बढाकर 800 किया गया है। इससे उपभोक्ताओं के अधिकतम कॉल सुने जा सकेंगे। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कॉल-सेंटर का उन्नयन होने से वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी को कुल 89 लाख 96  हजार 106 कॉल प्राप्त हुईं, इनमें से 99.64 प्रतिशत कॉल को सफलतापूर्वक सुना गया है। इसी तरह शिकायत निराकृत करने में भी तेजी आई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि कपंनी द्वारा आई.व्ही.आर. तकनीक, वाइस बोट, व्हाट्सएप-चेटबॉट, उपाय एप के माध्यम से 24X7 सतत् मॉनिटरिंग कर प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया गया है। इन माध्यमों से वित्तीय वर्ष 2024-25  में प्राप्त 15 लाख 95 हजार 123 शिकायतों को दर्ज कर उनका समाधान सुनिश्चत किया गया। इसी अवधि में प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं का फीडबैक लेते हुए कुल 1 लाख 54 हजार से अधिक उपभोक्ताओं से बात की गई। ज्यादातर उपभोक्ताओें ने कंपनी की सेवाओं को बेहतर बताया तथा कुल 99.79 प्रतिशत उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान से पूरी तरह संतुष्ट हुए। प्रबंध संचालक ने कहा है कि विद्युत प्रणाली का उचित रखरखाव कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं अनवरत विद्युत प्रदाय करने के लिए कंपनी कृत-संकल्पित है। उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी क्षेत्रांतर्गत 12 निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए एवं 4 उच्चदाब उपभोक्ताओं के लिए एफओसी (शिकायत निवारण केन्द्र) का सृजन एवं नए लैडरयुक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है।   recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को 'भारत का दिल' कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी।  माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा। इन विभागीय समिट से सरकार मध्यप्रदेश में निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईएस के इस नए स्वरूप से न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्यप्रदेश अब सिर्फ निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का निर्माण करने वाला प्रमुख राज्य बन रहा है।   recent visitors 30

मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास से कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। मध्यप्रदेश वर्ष- 2011-12, 2012-13 एवं 2014-15 में कुल खाद्यान्न केटेगरी के लिए, वर्ष- 2013-14, 2015-16 एवं 2016-17 में गेहूं फसल के लिये और वर्ष 2017-18 में दलहन फसल के लिये कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। वर्ष- 2022 में मध्यप्रदेश के भू-अभिलेखों के एकीकरण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा फसल बीमा योजनांतर्गत उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रदेश में गेहूं, उड़द, मसूर, सोयाबीन, अलसी, फसलों का क्षेत्राच्छादन सबसे अधिक है। मक्का और तिल के उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है।   recent visitors 57

मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में विरासत हाट मेले में की भागीदारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने एवं बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग शिल्पियों एवं हाथकरघा बुनकरों को देश के विभिन्न मेलों और उत्सवों में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इससे प्रदेश की कला की देश में सराहना हो रही है। प्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में आयोजित विरासत हाट मेले में सहभागिता की। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्प गुरू मोहम्मद युसुफ खत्री और अब्दुल करीम खत्री ने भी भागीदारी की। प्रमुख हस्तियों ने शिल्पियों का मनोबल बढ़ाकर सराहना की। शिल्पियों का प्रदेश की बाग प्रिंट की लोक प्रियता महाराष्ट्र में फैलाते में अहम योगदान रहा।   recent visitors 65

चार सौ करोड़ रुपये से बदलेगी इंदौर को रेलव स्टेशन की सूरत, सिंहस्थ तक तैयार हो जाएगा

 इंदौर इंदौर में मुख्य रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का काम जल्दी ही शुरू होने वाला हैै। सिंहस्थ तक नया स्टेशन शुरू होगा। निर्माण अवधि में मुख्य रेलवे स्टेशन से चलने वाली रेल गाडि़यां लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से संचालित होगी। मार्च तक अहमदाबाद की कंपनी काम शुरू कर देगी। इस प्रोजेक्ट पर साढ़े चार सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाल ही में जारी हुए रेल बजट में भी इसके लिए राशि आवंटित हुई हैै। यहां रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधा से लैस होगा और बिल्डिंग भी चार मंजिला होगी। यात्री सुविधा पर भी रेल विभाग का फोकस रहेगा। 50 साल की जरुरतों के हिसाब से बनेगा नया रेलवे स्टेशन सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि नया रेलवे स्टेशन पचास साल की जरुरतों को ध्यान मेें रखकर बनाया जाएगा। इसके लिए आसपास की जमीन भी ली जाएगी। निर्माण करने वाली को वर्क आर्डर जारी किया जा चुका हैै। निर्माण अवधि के दौरान प्लेटफार्म का उपयोग भी होता रहे, इसे लेकर वर्कप्लान निर्माण एजेंसी से मांगा गया है। लक्ष्मीबाई नगर रोड स्टेशन से भी कुछ ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। नए रेलवे स्टेशन का विस्तार पार्क रोड तक होगा। यह सुविधाएं मिलेगी नए रेलवे स्टेशन में नए स्टेशन की बिल्डिंग एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगी। भीतर शाॅप, फूडजोन रहेंगे। यात्रियों के लिए आरामदायक फुट अेावर ब्रिज, एस्केलेटर, टिकट काऊंटर, शेड बनेंगे। वेटिंग रुप पहले की तुलना में बड़े व आधुनिक होंगे। यात्रियों के रुकने के लिए रुम, रुफ प्लाजा, प्लेटफार्म कवर क्षेत्र बनेंगे। रीगल पर बनने वाले मेट्रो स्टेशन को भी रेलवे स्टेेशन से जोड़ने की प्लानिंग के लिए अफसरों को कहा गया हैै। इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग भी रहेगी, ताकि ज्यादा समय तक पार्क रहने वाली गाडि़यां व्यवस्थित रखी जा सके। पार्क रोड को भी नए स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इंदौर रेलवे स्टेेशन पर नए प्लेटाफार्म भी एक सीध में बनेंगे। अभी प्लेटफार्म पर गेेप रहने के कारण हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। नए रेलवे स्टेशन के लिए पार्किंग व पार्सल विभाग का हिस्सा भी यात्री सुविधा के लिए लिया जा सकता है। पार्सल विभाग को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। नए स्टेशन के निर्माण का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल किया था।   recent visitors 68

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम महज 117 दिन के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ तैयार: पीसीबी

लाहौर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने घोषणा की कि लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का काम 117 दिन के रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया है और अब यह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सहित अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी के लिए तैयार है। पीसीबी ने एक बयान में कहा कि स्टेडियम में अब बेहतर सुविधाएं, नई फ्लडलाइट्स, हॉस्पिटैलिटी बॉक्स, अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड और शीर्ष स्तर के एलईडी टावर हैं। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने कहा, ‘मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जिन्होंने आशंकाओं और आलोचनाओं के बावजूद स्टेडियम को समय पर तैयार करने के लिए दिन-रात काम किया।' हाल ही में यह बताया गया था कि पीसीबी काम पूरा करने में कम से कम पांच सप्ताह पीछे चल रहा है। पीसीबी को 12 फरवरी तक स्टेडियम को आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) को सौंपना है क्योंकि टूर्नामेंट एक सप्ताह बाद शुरू होगा। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ शुक्रवार को एक समारोह के दौरान स्टेडियम का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे जहां अली जफर, आइमा बेग और आरिफ लोहार जैसे प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुति देंगे। नकवी ने कहा, ‘मैं उन लगभग 1000 श्रमिकों का विशेष रूप से आभारी हूं जिन्होंने इस सपने को संभव बनाया है।' नए स्टेडियम का परीक्षण आठ फरवरी को होगा जब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड त्रिकोणीय श्रृंखला का पहला मैच खेलेंगे जिसकी तीसरी टीम दक्षिण अफ्रीका है। पीसीबी 11 फरवरी को कराची में राष्ट्रीय स्टेडियम का उद्घाटन करेगा जिसमें राष्ट्रपति आसिफ जरदारी के शामिल होने की उम्मीद है। नकवी ने स्वीकार किया है कि लाहौर, कराची और रावलपिंडी में तीन स्टेडियमों के आधुनिकीकरण का खर्च शुरुआती आवंटित बजट से अधिक हो गया है लेकिन उन्होंने कहा कि नए अत्याधुनिक स्थल भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट को अच्छी सेवा प्रदान करेंगे। पीसीबी ने शुरू में नवीनीकरण कार्य के लिए 12 अरब 80 लाख रुपये आवंटित किए थे लेकिन बजट 18 अरब रुपये से अधिक बताया जा रहा है। पीसीबी ने कहा कि इस कार्य के लिए सरकार सहित किसी अन्य स्रोत से कोई वित्तीय सहायता नहीं ली गई। recent visitors 67