अब 12 लाख रुपए तक की आमदनी वाले टैक्स मुक्त होंगे, यह केजरीवाल ने जितना सोचा था उससे ज्यादा: वित्त मंत्री

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना 8वां बजट पेश करते हुए टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि अब 12 लाख रुपए तक की आमदनी वाले टैक्स मुक्त होंगे। यह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई मांग से भी 2 लाख ज्यादा है। अरविंद केजरीवाल ने 9 दिन पहले मिडिल क्लास के लिए एक 'मेनिफेस्टो' जारी करते हुए केंद्र सरकार के सामने 7 मांगें रखी थीं। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने इस इस बजट को मिडिल क्लास के नाम समर्पित करने की मांग करते हुए जो मांगें रखीं उनमें सबसे अहम थी इनकम टैक्स में छूट। केजरीवाल ने कहा था, 'इनकम टैक्स की छूट की सीमा को 7 लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख किया जाए।' दिल्ली में चुनाव से ठीक 5 दिन पहले आए इस बजट में मोदी सरकार ने मिडिल क्लास को खुश करने की कोशिश की है। दिल्ली में मिडिल क्लास का एक बड़ा वर्ग है तो लंबे समय से टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहा था। इसी वर्ग की आवाज उठाते हुए केजरीवाल ने कम से कम 10 लाख रुपए तक की आय को टैक्स मुक्त करने की मांग रखी थी। लेकिन मोदी सरकार इससे आगे बढ़कर ऐलान कर दिया है। वित्त मंत्री का क्या ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपए तक की सालाना आय को पूरी तरह से टैक्स मुक्त किए जाने की घोषणा की। यह छूट नई आयकर व्यवस्था में दी गई है। स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपए के साथ नौकरीपेशा लोगों को अब 12.75 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने इसके साथ अलग-अलग कर स्लैब में भी बदलाव का प्रस्ताव किया। इसके तहत, अब 4 लाख रुपए सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 4 से 8 लाख रुपए पर 5 प्रतिशत, 8 से 12 लाख रुपए पर 10 प्रतिशत, 12 लाख से 16 लाख रुपए पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख रुपए पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपए से 24 लाख रुपए पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपए से ऊपर की सालाना आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा। recent visitors 67

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना recent visitors 119

चीनी कंपनी ने कर्माचरियों के साथ किया घिनौना सलूक, टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें की सार्वजनिक

बीजिंग चीन की एक कंपनी ने कर्मचारियों के टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें सार्वजनिक कर दीं, जिससे विवाद खड़ा हो गया। कंपनी का कहना है कि कर्मचारी टॉयलेट में बहुत समय बिताते हैं, लेकिन इस कदम की आलोचना हो रही है। काम के दौरान टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की तस्वीरें लेकर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और अपमानित करने वाली चीनी कंपनी की कड़ी आलोचना हो रही है। ग्वांगडोंग प्रांत के शेनझेन में स्थित लिक्सुन डियानशेंग नामक कंपनी ने कर्मचारियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। विवाद बढ़ने पर कंपनी ने सफाई दी कि कुछ कर्मचारी काम के दौरान बहुत देर तक टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं और इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। 20 जनवरी को कंपनी ने कर्मचारियों के टॉयलेट इस्तेमाल की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कीं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया और कंपनी की कड़ी आलोचना हुई। हालांकि, अपने कृत्य का बचाव करते हुए कंपनी ने कहा कि कुछ कर्मचारी लंबे समय तक टॉयलेट में रहते हैं और धूम्रपान, मोबाइल गेम खेलने जैसे कामों के लिए टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि जब दूसरे कर्मचारियों को टॉयलेट का इस्तेमाल करना होता है, तो ये कर्मचारी जगह खाली नहीं करते। हालांकि, टॉयलेट के दरवाजे के ऊपर से चुपके से तस्वीरें लेकर कंपनी के रिसेप्शन एरिया में प्रदर्शित करने का कृत्य किसी भी तरह से उचित नहीं है, यही आम राय है। सेलु लॉ फर्म के वकील शू सू ने कहा कि कंपनी का यह कदम कर्मचारियों की निजता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को कर्मचारियों की आलस्य पर नियंत्रण रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब चीनी कंपनियां कर्मचारियों पर नियंत्रण लगाने को लेकर खबरों में आई हैं। नवंबर 2021 में, चीन के प्रमुख इलेक्ट्रिकल अप्लायंस रिटेलर गोमी ने कर्मचारियों के इंटरनेट इस्तेमाल पर नज़र रखी और काम के दौरान गेम खेलने और ऑनलाइन चैट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसकी आलोचना हुई थी। इसके अलावा, 2022 में शेनझेन स्थित सैंगफोर टेक्नोलॉजीज ने अपने कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन नौकरी खोजने पर नज़र रखी और ऐसी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया, जो खबरों में रहा था। recent visitors 50

श्रीमती गांधी से मांग करते हैं कि वे अपने अमर्यादित शब्दों के लिए राष्ट्रपति मुर्मू से तुरंत माफी मांगें: मुख्यमंत्री

भोपाल कांग्रेस सांसद श्रीमती सोनिया गाँधी द्वारा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू पर की गई टिप्पणी को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये टिप्पणी अत्यंत अशोभनीय है और इसके लिए श्रीमती गांधी को देश से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कल देर रात अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के लिए कांग्रेस सांसद श्रीमती गाँधी द्वारा की गई अत्यंत अशोभनीय टिप्पणी सम्पूर्ण राष्ट्र का अपमान, विशेषकर महिलाओं के सम्मान पर आघात और जनजातीय समाज के स्वाभिमान का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे श्रीमती गांधी से मांग करते हैं कि वे अपने अमर्यादित शब्दों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू, संपूर्ण आदिवासी समाज और पूरे देश से तुरंत माफी मांगें।संसद में कल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर श्रीमती गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर देश भर में भाजपा नेताओं के बयान आए हैं।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही

भोपाल 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया। उनके इस अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू को "बेचारी" कहा। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया। वहीं, राष्ट्रपति भवन के प्रेस सेक्रेटरी ने भी सोनिया गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- विपक्षी सांसदों का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। सीएम बोले- सोनिया गांधी ने हल्की टिप्पणी की, माफी मांगें सीएम डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही है। सीएम ने अपने बयान में कहा- दुनिया के सबसे बडे़ लोकतंत्र में हमारे संविधान के मुखिया के नाते से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को लेकर बजट भाषण में विस्तार से अपनी बात कही। बडे़ गर्व का विषय था। देश के लिए उत्साह और उमंग का वातावरण था। सीएम ने आगे कहा- ऐसे में कांग्रेस के लोगों ने हमेशा की तरह और सोनिया गांधी ने जो हल्की टिप्पणी की है ये पूरे देश के लिए अपमानजनक है। खासकर आदिवासी बहन राष्ट्रपति के रूप में शोभायमान हैं। ऐसे में उनका अपमान करना ये सर्वथा निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं और सोनिया गांधी से मांग करता हूं कि वे अपने कथन के लिए माफी मांगें। कांग्रेस का चरित्र है वो कदम कदम पर इस प्रकार की हरकतें करती है जिससे पूरा लोकतंत्र लज्जित होता है। राष्ट्रपति जी ने जितने अच्छे ढंग से अपनी बात रखी है वो पूरा देश जानता है। सोनिया जी को माफी मांगना चाहिए। recent visitors 45

एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट को मिली रैंकिंग, त्रिची एयरपोर्ट पहले स्थान पर, इंदौर ने 4.96 अंक हासिल किए

इंदौर  इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट साल की आखिरी तिमाही में यात्री सुविधाओं में सुधार कर देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बन गया। हाल ही में जारी हुई एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे की रिपोर्ट में इंदौर एयरपोर्ट को दूसरी रैंकिंग मिली। पहले स्थान पर त्रिची एयरपोर्ट रहा। इससे पहले तीसरी तिमाही में इंदौर चौथे स्थान पर था, जबकि पहली और दूसरी तिमाही में 12वें पायदान पर रहा था। एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया ने साल 2024 की आखिरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) की रैंकिंग रिपोर्ट जारी की है। कई सुविधाओं को बेहतर किया गया रैंकिंग सूची में इंदौर एयरपोर्ट 4.96 अंक हासिल कर दूसरे पायदान पर रहा। त्रिची एयरपोर्ट 4.97 अंक हासिल कर पहले पायदान पर है। साल के आखिरी में एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए कई सुविधाओं को बेहतर किया गया। वहीं बंद रेस्टोरेंट समेत शॉप भी दोबारा खोली गई। डीजी यात्रा से लेकर सफाई और चेकिंग की सुविधा को बेहतर बनाया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि 31 बिंदुओं के सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट ने 29 बिंदुओं पर अंकों में सुधार किया है। सिर्फ दो बिंदुओं में आखिरी तिमाही में उसके अंक कम रहे। 18 देशों के 98 एयरपोर्ट पर होता है सर्वे एयरपोर्ट पर सालाना यात्रियों की संख्या 18 लाख से अधिक होने पर एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे किया जाता है। इसे इंटरनेशनल रैंकिंग सर्वे भी कहा जाता है। एशिया पैसिफिक के 18 देशों के कुल 98 एयरपोर्ट पर यह सर्वे होता है। इसके अंतर्गत भारत में प्रमुख 15 एयरपोर्ट आते हैं। अब केवल त्रिची एयरपोर्ट ही हमसे आगे है। विश्व रैंकिंग में भी सुधार करते हुए अब इंदौर 66वें से 61वें स्थान पर आ गया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर वी. के. सेठ ने बताया कि शुक्रवार देर शाम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बीते साल की चौथी तिमाही (अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर) के सर्वे के परिणाम जारी किए हैं, जिसमें इंदौर को पांच में से 4.96 अंक मिले हैं। इससे पहले की जुलाई, अगस्त और सितंबर की तिमाही में हमारे एयरपोर्ट को 4.91 अंक मिले थे, जबकि उससे पहले की अप्रैल, मई और जून की तिमाही में इंदौर को पांच में से 4.66 अंक मिले थे। सेठ ने बताया कि हमारे एयरपोर्ट ने बीते छह माह में जबरदस्त सुधार किया है। अब केवल त्रिची एयरपोर्ट हमसे आगे है, जिसे इस अंतिम तिमाही में हमसे महज 0.01 अंक ज्यादा मिले हैं। उसे कुल 4.97 अंक मिले हैं और वह देश में पहले स्थान पर है। इस साल की दो तिमाहियों में 12वें नंबर पर था एयरपोर्ट इंदौर एयरपोर्ट, जो कभी देश में पहले स्थान पर था, इस साल की शुरुआती दो तिमाहियों में लगातार 12वें नंबर पर रहा था, जिससे प्रबंधन की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद तत्कालीन एयरपोर्ट डायरेक्टर सी. वी. रविंद्रन का तबादला कर दिया गया था और वी. के. सेठ को इंदौर एयरपोर्ट डायरेक्टर बनाया गया था। सर्वे में यात्रियों से लिया जाता फीडबैड जिस एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या सालाना 18 लाख से अधिक हो जाती है, वहां एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे किया जाता है। इसे इंटरनेशनल रैंकिंग सर्वे भी कहा जाता है। एशिया पैसिफिक के 18 देशों के कुल 98 एयरपोर्ट्स पर यह सर्वे होता है। इसके तहत भारत के प्रमुख 14 एयरपोर्ट आते हैं। इसमें टीम के सदस्य आकर एयरपोर्ट पर यात्रियों से फीडबैक ले लेते हैं। भारत के शेष घरेलू एयरपोर्ट्स पर कस्टमर सैटिस्फेक्शन सर्वे होता है। कुछ साल पहले इंदौर घरेलू एयरपोर्ट की लिस्ट में टॉप 10 में रहा था। केवल स्वच्छता और वातावरण में मामूली कमी सेठ ने बताया कि सर्वे के 31 बिंदुओं में से इंदौर में स्वच्छता और एंबियंस में केवल 0.01 प्रतिशत की कमी आई है। शेष अन्य बिंदुओं पर इंदौर एयरपोर्ट ने अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखा है। इस साल की पहली तिमाही में हम निश्चित रूप से देश में नंबर वन का दर्जा फिर से हासिल कर लेंगे recent visitors 64

राजस्थान में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 113 RAS, 53 IAS और 24 IPS के तबादले

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल ने सूबे में हड़कंप मचा दिया है। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की है। इसमें चर्चित आईएएस टीना डाबी की बहन रिया डाबी का तबादला भी शामिल है। रिया डाबी उदयपुर के गिर्वा में SDM पद पर थी। उन्हें अब उदयपुर माडा का CEO नियुक्त किया गया है। शुक्रवार 31 जनवरी की देर रात को जारी हुई इस ट्रांसफर लिस्ट में 53 आईएएस अफसरों के नाम हैं। उदयपुर के जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल की सीएमओ में एंट्री हुई है। पोसवाल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संयुक्त सचिव लगाया गया है। साथ ही इस ट्रांसफर लिस्ट में तीन जिलों भीलवाड़ा, उदयपुर और सलूंबर के जिला कलेक्टर बदले गए हैं। जयपुर, बीकानेर, उदयपुर और कोटा में नए संभागीय आयुक्त भी लगाए हैं। हाल ही में जयपुर की संभागीय आयुक्त रही आईएएस रश्मि गुप्ता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी। ऐसे में जयपुर संभागीय आयुक्त का पद रिक्त हो गया था। अब वर्ष 2005 बैच की आईएएस पूनम को जयपुर के संभागीय आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। इन तीन जिलों में नए कलेक्टर चार संभागों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जयपुर का संभागीय आयुक्त पूनम को लगाया गया है जबकि वर्ष 2004 बैच के आईएएस रवि कुमार सुरपुर को बीकानेर का संभागीय आयुक्त बनाया गया है। आईएएस राजेंद्र सिंह शेखावत को कोटा का नया संभागीय आयुक्त बनाया है। वे पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे थे। पिछले दिनों राज्य सरकार ने शाहपुरा (भीलवाड़ा) जिले को निरस्त कर दिया था। जिला निरस्त किए जाने के बाद से आईएएस राजेंद्र सिंह शेखावत को एपीओ कर दिया गया था। वर्ष 2010 बैच की प्रज्ञा केवलरमानी को उदयपुर की संभागीय आयुक्त बनाया गया है। तीन जिलों में कलेक्टर भी बदले हैं। आईएएस नमित मेहता को उदयपुर, जसमीत सिंह संधू को भीलवाड़ा और अवधेश मीणा को सलूंबर का कलेक्टर लगाया है। वर्ष 2021 बैच की आईएएस रीया डाबी का भी ट्रांसफर हो गया है। डाबी का ट्रांसफर उदयपुर से उदयपुर में ही किया गया है। अब तक वे गिर्वा की एसडीएम थी। अब उन्हें जिला परिषद की सीईओ के साथ अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक, ई.जी.एस. एवं पदेन मुख्य परियोजना अधिकारी (माडा), उदयपुर की जिम्मेदारी भी दी गई है। IPS की ट्रांसफर लिस्ट में पदोन्नत अफसरों को मिली पोस्टिंग भारतीय पुलिस सेवा के 24 अफसरों के भी ट्रांसफर किए हैं। इस तबादला सूची में उन 8 आईपीएस अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है जो हाल ही में राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) से पदोन्नत होकर भारतीय पुलिस सेवा (आईएएस) के अधिकारी बने हैं। इस ट्रांसफर लिस्ट में अगर जिला एसपी बदलने की बात करें तो केवल एक दौसा जिले का एसपी बदला गया है। दौसा में रंजीता शर्मा के स्थान पर सागर को नई जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस सागर अब तक जयपुर आयुक्तालय में ट्रैफिक डीसीपी का कार्यभार देख रहे थे। इस लिस्ट में पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी हैं जो वर्तमान में एपीओ चल रहे थे। उन्हें भी नई जिम्मेदारी दी गई है। दौसा पुलिस अधीक्षक का तबादला लिस्ट के अनुसार, दौसा पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा को पुलिस अधीक्षक मुख्यालय जयपुर भेजा गया है. जबकि उनकी जगह पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर सागर को तैनात किया गया है. वहीं एस परिमला को महानिरीक्षक पुलिस, कार्मिक जयपुर बनाया गया है. किशन सहाय मीणा को महानिरीक्षक पुलिस, मानवाधिकार जयपुर भेजा गया. सत्येंद्र सिंह को महानिरीक्षक सीआईडी, सीबी जयपुर बनाया गया. इन IFS अधिकरियों का ट्रांसफर आदेश के अनुसार ख्याति ठाकुर को मुख्य वन संरक्षक अजमेर बनाया गया. आशुतोष ओझा को वन संरक्षक जोधपुर बनाया गया. विजय शंकर पांडेय को उप वन संरक्षक नागौर बनाया गया. सुनील को वन संरक्षक उदयपुर बनाकर भेज गया. उपकार बोराना को वन संरक्षक जयपुर भेजा गया. मृदुला सिंह को उप वन संरक्षक सिरोही भेजा गया. राहुल झाझड़िया को उप वन संरक्षक चित्तौड़गढ़ भेजा गया. ट्रांसफर लिस्ट में इन RAS अफसरों का नाम शामिल वहीं नवनीत कुमार को राजस्व अपील अधिकारी बाड़मेर बनाया गया. वहीं हरफूल सिंह यादव को अतिरिक्त आयुक्त सीएडी कोटा बनाकर भेजा गया. जबकि कमला अलारिया को बीकानेर यूनिवर्सिटी को रजिस्टार बनाया गया. सोहन राम चौधरी को अलवर का भू प्रबंध अधिकारी बनाया गया. कैलाश चंद्र को राजस्व अपील अधिकारी श्रीगंगानगर बनाया गया.  पुनीत कुमार गेलरा को बांसवाड़ा का उपखंड अधिकारी बनाया गया. recent visitors 73