शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग, उद्घाटन से पहले ही रेस्टोरेंट पूरी तरह जलकर खाक

कटनी रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरगवां में मौजूद सिंध बैंक के ऊपरी हिस्से में नया रेस्टोरेंट खोलने के लिए तेजी से काम लगा हुआ था। 15 तारीख को रेस्टोरेंट का उद्घाटन होना था। इससे पहले की रेस्टोरेंट उद्घाटित हो पाता बीती रात आज की लपटों में पूरा रेस्टोरेंट जलकर खाक हो गया। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसी बिल्डिंग के निचले हिस्से पर सिंध बैंक मौजूद था। बताया जाता है कि एटीएम में देर रात शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग भड़क गई, जिससे पूरी बिल्डिंग कुछ देर में ही आग का गोला बन गई। आग इतनी भीषण थी कि आग की लपटे अगल-बगल वाली बिल्डिंग को भी अपनी चपेट में लेने लगी थी। धधकती बिल्डिंग के ठीक बगल वाली बिल्डिंग में मौजूद एक कर्मचारी आग की लपटों से घिर गया। आग के बीच कर्मचारी को अंदर फंसा देख पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जान हथेली पर रखकर उसे आग की लपटों के बीच से बाहर निकाला। शॉर्ट सर्किट बना वजह सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिंध बैंक के समीप मौजूद एटीएम में शुक्रवार देर रात लगभग साढ़े 12 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने पूरी बिल्डिंग को ही चपेट में ले लिया। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में नए रेस्टोरेंट का काम चल रहा था। रेस्टोरेंट का उद्घाटन 5 दिन बाद 15 जनवरी को होना था। रेस्टोरेंट का काम लगभग पूर्ण हो चुका था। बताया जाता है कि भीषण आग के कारण रेस्टोरेंट पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। निचले हिस्से में मौजूद सिंध बैंक की बाहरी दीवारों और शीशे आग से प्रभावित हुए हैं। यहां पर शीशे चटक गए आग की तपिश तो अंदर पहुंची, लेकिन बैंक के अंदर आग नहीं लगी, जिसके कारण सिंध बैंक में मामूली नुकसान बताया जा रहा है। फंसा था एक व्यक्ति देर रात लगभग 12:30 बजे हुई आगजनी पर बड़ी मशक्कत के बाद लगभग 3:30 बजे तड़के काबू पाया जा सका। आग लगभग 3 घंटे तक यहां तांडव मचाती रही। आग के शोले उगल रही बिल्डिंग के ठीक बगल वाली बिल्डिंग भी आग की चपेट में आ रही थी और उस बिल्डिंग के अंदर वहां काम करने वाला एक कर्मचारी फंस गया था। आग की लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों पर जैसे ही रंगनाथ नगर थाना प्रभारी नवीन नामदेव और उनके स्टाफ की नजर पड़ी उन्होंने बिना समय गंवाए कर्मचारी को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए। बीच बचाव में कर्मचारी चोटिल भी हुआ है उसे तुरंत शासकीय जिला अस्पताल पुलिस के द्वारा भिजवाया गया। आगजनिक की इस घटना में रेस्टोरेंट में भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 64

33% महिला आरक्षण कानून को चुनौती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को निरर्थक बताया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 33% महिला आरक्षण कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से शुक्रवार को इनकार कर दिया। अदालत ने उस याचिका को निरर्थक बताया जिसमें विधेयक को चुनौती दी गई थी, न कि अधिनियम को। दूसरी याचिका में इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने सहित अन्य उपाय तलाशने की मांग रखी गई, जिसे नकार दिया गया। एससी की बेंच ने कहा कि पहले भी संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का मुद्दा उठाया गया, मगर इसे कभी लागू नहीं किया जा सका। हालांकि, इस बार इसे परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने की शर्त पर लागू किया जा रहा है। महिला आरक्षण कानून क्या है? महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023) लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करता है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर भी यह नियम लागू होगा। इसका मतलब है कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाएंगी। हालांकि, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित नहीं होंगी। मालूम हो कि जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद यह आरक्षण लागू होगा। जनगणना के आधार पर महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी जिसके लिए परिसीमन किया जाएगा। यह आरक्षण 15 साल की अवधि के लिए मिलेगा। फिलहाल, लोकसभा की 131 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित की गई हैं। महिला आरक्षण कानून लागू होने के बाद इनमें से 43 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इन 43 सीटों को सदन में महिलाओं के लिए आरक्षित कुल सीटों का ही हिस्सा माना जाएगा। इसका मतलब है कि महिलाओं के लिए आरक्षित 181 सीटों में से 138 ऐसी होंगी, जिन पर किसी भी जाति की महिला उम्मीदवार होगी। साफ है कि इन सीटों पर उम्मीदवार पुरुष नहीं हो सकते हैं। मालूम हो कि यह गणना लोकसभा में सीटों की मौजूदा संख्या पर की गई है। परिसीमन के बाद इसमें बदलाव हो सकता है। recent visitors 89

bjp state president Post पर एसपी समुदाय का होगा कब्जा , ये नाम आगे

st community may get a chance in the list of bjp state president Post these names will come forward

अध्यक्ष के नाम पर कयासों का दौर तेज हो गया है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद 24 वर्षों में अब तक आदिवासी वर्ग के हाथ bjp state president Post की बागडोर नहीं मिल सकी। MP BJP President : bjp state president Post के नाम पर कयासों का दौर तेज हो गया है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद 24 वर्षों में अब तक आदिवासी वर्ग के हाथ प्रदेश की बागडोर नहीं मिल सकी। जबकि इस दौरान अनुसूचित जाति के सत्यनारायण जटिया नौ माह के लिए मनोनीत अध्यक्ष बने थे। वहीं साल 1980 से ब्राह्मण सबसे ज्यादा 6 और क्षत्रिय 5 बार प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस बीच बदलते पॉलिटिकल ट्रेंड में भाजपा जातिगत समीकरण साधने आदिवासी समुदाय की ओर भी जा सकती है। बता दें 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का चयन होना है। इसके लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जल्द ही भोपाल का दौरा कर सकते हैं। प्रदेश में मौजूदा स्थिति में सीएम डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम में से राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी से आते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सामान्य से हैं। ऐसे में सोशल इंजीनियरिंग बनाने एससी पर पार्टी दांव खेल सकती है। 1980 के बाद से ऐसा रहा फॉर्मूलाब्राह्मण- 06क्षत्रिय – 05जैन – 02ओबीसी – 02वैश्य – 01एसटी – 01एससी – 01 भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोटबैंक को साधने के लिए विशेष प्रयास किए थे। 230 सीटों में से 47 आदिवासी सीटों पर पार्टी ने 24 सीटें जीती थीं। हालांकि यह प्रदर्शन भाजपा के कुल 163 सीटों की तुलना में कमजोर था। लोकसभा चुनावों में पार्टी ने एसटी वर्ग की सुरक्षित सीटों पर 50% से अधिक वोट हासिल किए थे। बता दें प्रदेश में करीब 24 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। Read more:- जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड फग्गन सिंह कुलस्ते(Faggan Singh Kulaste): सात बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते इस दौड़ में सबसे आगे हैं। वे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से उनकी संभावना प्रबल है।सुमेरसिंह सोलंकी(Sumer Singh Solanki): राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी युवा और ऊर्जावान चेहरा हैं। मालवा के सोलंकी संघ के नजदीकी हैं। आदिवासी समाज में उनकी अच्छी पकड़ है।जातिगत समीकरण: प्रदेश में मौजूदा स्थिति में सीएम डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम में से राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी से आते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सामान्य से हैं। ऐसे में सोशल इंजीनियरिंग बनाने एससी पर पार्टी दांव खेल सकती है।ये भी संभावित नामगजेंद्र सिंह पटेल और महिला नेताओं में हिमाद्री सिंह का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि इनकी संभावनाएं प्राथमिक नामों की तुलना में थोड़ी कमजोर मानी जा रही हैं। recent visitors 335

अरविंद केजरीवाल का एक और वादा- अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बड़ा वादा कर दिया है। उन्होंने दिल्ली की कॉलोनियों और गली-मोहल्ले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आरडब्लूए को सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर पैसे दिए जाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी फिर सत्ता में आती है तो जितनी भी RWA हैं, उन्हें अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी। उन्होंने कहा, इसके लिए कुछ मापदंड तय किए जाएंगे कि किस RWA को कितने सिक्योरिटी गार्ड के लिए पैसे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, वैसे तो पुलिस की जगह कोई नहीं ले सकता लेकिन यह सिक्योरिटी गार्ड्स इलाकों में बेसिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। उससे अपराधी को पकड़ना आसान हो जाता है। ऐसे ही हम RWA को सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए पैसे मुहैया कराएंगे। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, बीजेपी की केंद्र सरकार ने दिल्ली को देश की क्राइम कैपिटल बना कर रख दिया है। लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं। बीजेपी और इनकी केंद्र सरकार को दिल्ली के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ये लोग दिल्ली के लोगों से नफरत करते हैं, इसीलिए बीजेपी 25-27 सालों से दिल्ली की सत्ता में नहीं आ पाई है। recent visitors 131

राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी। उदयपुर में 10 से 12 जनवरी के बीच इस चिंतन शिविर में सभी राज्यों की महिला एवं बाल विकास मंत्री मौजूद रहेंगी। मंत्री सुश्री भूरिया शिविर में झाबुआ जिले में किए गये नवाचार कुपोषण मुक्त अभियान के तहत 'मोरी आई' कान्सेज के संबंध में जानकारी साझा करेंगी। झाबुआ जिले में लागू इस नवाचार के सुखद और सकारात्मक परिणाम मिले है। केन्द्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने झाबुआ में शुरू किए गये नवाचार की सराहना की थी। राजस्थान के उदयपुर में हो रहे चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्रियों के साथ-साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण आहार तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर और राज्यों की जरूरत के अनुसार रोडमैप तैयार करेंगे।   recent visitors 199

भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका, अलर्ट जारी

जयपुर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली है। यहां कई क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले कुछ दिनों में कई जगह आने वाले दिनों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। छह जिलों में इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुधवार को फतेहपुर में 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को बढ़कर 3.3 डिग्री सेल्सियस हो गया, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में राज्य का सबसे अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर में सबसे कम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अब मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर में हल्कीअ बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही 11 जनवरी को सीकर, चूरू, झुंझुनू और अलवर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं मौसम में थोड़े बदलाव के बावजूद जयपुर, धौलपुर, बाड़मेर और जैसलमेर सहित कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। जयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे शहरों में आसमान साफ रहा और धूप खिली रही, जिससे ठंड से कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि, 12 जनवरी से घना कोहरा छाने की उम्मीद है, जिससे मौसम की स्थिति और जटिल हो जाएगी। राजस्थाौन में सुबह और शाम मौसम बेहद ठंडा रहता है। सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही के माउंट आबू में 1.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके साथ ही छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो जैसलमेर, बाड़मेर, जयपुर और अजमेर सहित कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई। बाड़मेर में दिन का सबसे अधिक तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद जैसलमेर में 27 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 25.6 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 25.2 डिग्री सेल्सियस, जालौर में 25.7 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 23.9 डिग्री सेल्सियस, उदयपुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 24.5 डिग्री सेल्सियस, गंगानगर में 23.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 जनवरी तक बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में बारिश और आंधी-तूफान आएगा, जिससे ठंड बढ़ जाएगी।   recent visitors 117

शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे, बाजार में बिक रही 15 से अधिक प्रकार की गजक

जबलपुर शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे हैं। गजक, लड्डू, काजू पट्टी, काजू रोल, तिल की वर्फी के साथ विभिन्न प्रकार की गजक रोजाना तैयार की जा रही है। एक दुकान पर पचास से साठ किलो माल रोज तैयार हो रहा है। सर्दी के चलते बाजारों में गजक व तिल के मिष्ठानों की दुकानें सज चुकी हैं, जिनसे लोग जमकर खरीद कर रहे हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों के दौरान तिल, गुड़ की मिठाईयां, गजक महंगी हुई है। इसके बावजूद गजक और तिल-गुड़ के लड्डुओं की महक लोगों को पूर्ववत दुकानों की ओर आकर्षित कर रही है। इस मकर संक्रांति पर बाजार में 15 से अधिक तरह की गजक लोगों के लिए उपलब्ध हैं। सादा गजक, तिल के लड्डू की डिमांड-मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बनी मिठाई का विशेष महत्व होता है।   सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड सबसे ज्यादा यही वजह है कि बाजारों में बड़ी तादाद में गुड़ और तिल से बनी मिठाई लोगों के लिए उपलब्ध है। मकर संक्रांति पर पूजा में इस्तेमाल के अलावा लोग इसका उपयोग दान-पुण्य में भी करते हैं। इस बार सबसे ज्यादा सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड है। गजक व्यवसायी बताते हैं कि सर्दी ज्यादा पड़ने के कारण इस साल बाजार में रौनक अच्छी है। इस मकर संक्रांति पर अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। शुक्ला नगर निवासी वृद्धा चंद्रकला देवी कहती हैं, ‘एक समय था जब पौष शुरू होते ही बाजार से सफेद व काला तिल खरीदकर ले आते थे। तिल को धोकर उसे सुखाया जाता था फिर उसे चुना जाता था।’ ‘इसके बाद कड़ाही में सेंककर उसमें गुड़ की चाशनी मिलाकर लड्डू बनाए जाते थे। भगवान को भोग लगाकर पूरे माह लड्डू खाते थे, खासकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से डिब्बा भरकर लड्डू बनते थे।’ ‘अब इतनी मेहनत करने की हमारी उम्र नहीं रही और वर्तमान पीढ़ी की बहूओं को लड्डू बनाने में कोई रुचि नहीं रह गई है। इसलिए बाजार से लड्डू खरीदकर लाते हैं और पूजन की परंपरा निभाते हैं।’ मकर संक्रांति पर तिल का है विशेष महत्व मकर संक्रांति पर तिल खाने और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोग स्नान इत्यादि करने के बाद काले और सफेद तिल से बनीं वस्तुओं का दान करते हैं। recent visitors 89