इसरो के नए अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव बने एलपीएससी निदेशक वी नारायणन

चेन्नई केंद्र सरकार ने प्रतिष्ठित अंतरिक्ष वैज्ञानिक और एलपीएससी के निदेशक वी नारायणन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अगला अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव नियुक्त किया है। यहां प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इसकी घोषणा की। श्री नारायणन 14 जनवरी से निवर्तमान प्रमुख एस सोमनाथ का स्थान लेंगे। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि श्री नारायणन की नियुक्ति दो वर्षों के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, किया गया है। आम तौर पर वीएसएससी के निदेशक को इसरो का अध्यक्ष बनाया जाता है और शायद पहली बार होगा जब एलपीएससी निदेशक को इस पद पर पदोन्नत किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री सोमनाथ, जिन्होंने वीएसएससी, तिरुवनंतपुरम निदेशक के पद से पदोन्नत करके जनवरी 2022 से इसरो का नेतृत्व किया, उनके नाम कई सफलताएं हैं, जिनमें ऐतिहासिक तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 जिसने चंद्रमा के अनछुए दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की, जिससे भारत यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला विश्व का पहला देश बन गया, सूर्य के लिए आदित्य-एल1 पहला मिशन और नवीनतम दो स्पैडएक्स उपग्रहों को लॉन्च करके पहला स्पाई डॉकिंग प्रयोग प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और पीएसएलवी-सी60 को 30 दिसंबर, 2024 को पूरा करने का लक्ष्य, जिससे भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया, शामिल है। इसरो ने एक्स पर कहा कि अंतरिक्ष डॉकिंग 09 जनवरी को सुबह आठ बजे के बाद शुरू होगी। इसने कहा कि "स्पाडेक्स डॉकिंग कार्यक्रम देखें। दिनांक: 9 जनवरी 2025। समय: सुबह 8:00 बजे से"।   recent visitors 78

‘मैं बॉम्बे, नागपुर और औरंगाबाद बेंच में जज रहा हूं, लेकिन मैंने कभी भी सुप्रीम कोर्ट जैसी अनुशासनहीनता कहीं नहीं देखी: CJI

नई दिल्ली जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के हालात पर एक बार फिर जमकर नाराजगी जाहिर की है। खबर है कि उन्होंने शीर्ष न्यायालय को सबसे अनुशासनहीन जगह बताया है और उच्च न्यायालयों से तुलना की है। बीते साल भी उन्होंने अनुशासन के ही मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाए थे। खास बात है कि जस्टिस गवई मई 2025 में CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं। जस्टिस गवई ने उच्च न्यायालयों की तारीफ की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में शोर की बात कही है। उन्होंने कहा, 'मैं बॉम्बे, नागपुर और औरंगाबाद बेंच में जज रहा हूं, लेकिन मैंने कभी भी सुप्रीम कोर्ट जैसी अनुशासनहीनता कहीं नहीं देखी। यहां हम देख सकते हैं कि 6 वकील एक तरफ बैठे हैं, 6 वकील दूसरी तरफ बैठे हैं और एक साथ चिल्ला रहे हैं। हाईकोर्ट में ऐसा कभी नहीं देखा।' बीते साल सितंबर में भी जस्टिस गवई ने इसी तरह की टिप्पणी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तब उन्होंने बहस में लगातार अवरोध डाल रहे वकीलों पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, 'हम जैसे लोग, जो उच्च न्यायालयों से आते हैं, उनके लिए यह (सुप्रीम कोर्ट) सबसे अनुशासनहीन अदालत है। कोई भी कहीं से भी बोल सकता है। बहुत अनुशासनहीनता है।' मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना 13 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने बीते साल नवंबर में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायर होने के बाद पद संभाला था। उनके बाद मई 2025 में जस्टिस गवई CJI बनने जा रहे हैं। खास बात है कि देश के दूसरे CJI हो सकते हैं, जो अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। सुप्रीम कोर्ट को पहला दलित CJI जस्टिस केजी बालकृष्ण के रूप में मिला था। वह 11 मई 2010 को रिटायर हो गए थे। recent visitors 81

मैंने प्रियंका गांधी जी से संसद में मुलाकात की और कहा- ‘आपको फिल्म इमरजेंसी देखनी चाहिए: कंगना रनौत

मुंबई फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से अपनी अगली फिल्म 'इमरजेंसी' देखने का अनुरोध किया है। इस फिल्म में कंगना भूतपूर्व प्रधानमंत्री और प्रियंका गांधी की दादी इंदिरा गांधी का रोल निभा रही हैं। यह फिल्म रिलीज होने से पहले विवादों में घिर चुकी हैं। इसका मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा था। अब 16 जनवरी को इसे रिलीज किया जाना है। कंगना रनौत ने संसद में प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान इस फिल्म के बारे में बात की और बताया कि उन्होंने प्रियंका को फिल्म देखने के लिए कहा है। कंगना ने इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने प्रियंका गांधी जी से संसद में मुलाकात की और सबसे पहली बात जो मैंने उनसे कही वह यह थी कि 'आपको इमरजेंसी देखनी चाहिए।' प्रियंका जी बहुत विनम्र थीं और उन्होंने कहा, 'हां, शायद।' मैंने कहा, 'आपको यह जरूर पसंद आएगी।'" कंगना रनौत ने यह भी कहा कि उन्होंने इंदिरा गांधी के किरदार को बहुत ही संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही संवेदनशील और समझदारी से किया गया चित्रण है, जिसमें एक व्यक्तित्व और एक ऐतिहासिक घटना को पूरी इज्जत के साथ दर्शाया गया है।” कंगना ने कहा, "मेरे शोध के दौरान, मैंने देखा कि बहुत सारा ध्यान उनके व्यक्तिगत जीवन पर दिया गया था। उनके पति, दोस्तों और विवादास्पद रिश्तों पर। मैंने खुद से सोचा कि एक व्यक्ति में इससे कहीं अधिक होता है। मैंने विशेष ध्यान रखा कि मैं इन पहलुओं में न जाऊं। जब बात महिलाओं की होती है तो उन्हें हमेशा पुरुषों के साथ उनके रिश्तों या सनसनीखेज घटनाओं तक ही सीमित कर दिया जाता है।" आपको बता दें कि इमरजेंसी फिल्म 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा भारत में घोषित आपातकाल की स्थिति पर आधारित है। कंगना रनौत ने इस फिल्म का निर्देशन किया है और वह मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म में अनुपम खेर और श्रेया तलपड़े भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इमरजेंसी फिल्म 17 जनवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। recent visitors 87

एआईएमआईएम पार्टी दिल्ली में करीब 10 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही, मनीष सिसोदिया की भी टेंशन बढ़ाएंगे ओवैसी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में भले ही मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच हो, लेकिन कई छोटे दल और निर्दलीय भी जंग को और दिलचस्प बनाने में जुटे हैं। देशभर में मुसलमानों की प्रमुख पार्टी बनने की कोशिश कर रही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) दिल्ली में करीब 10 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। ओखला से जंगपुरा तक पार्टी उन सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है जहां मुस्लिम वोटर्स की आबादी अच्छी है और हार-जीत में उनकी भूमिक अहम है। एआईएमआईएम मुस्तफाबाद और ओखला में दो उम्मीदवारों को उतार चुकी है। पार्टी ने मुस्तफाबाद से दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को टिकट दिया है तो ओखला में आप नेता अमानतुल्लाह खान के खिलाफ शफाउर रहमान खान को उतारा है। पार्टी दिल्ली दंगों के एक और आरोपी शाहरुख पठान को भी टिकट दे सकती है। इन 10 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है AIMIM एआईएमआईएम जहां मुस्तफाबाद और ओखला में उम्मीदवार का ऐलान कर चुकी है। इसके अलावा पार्टी बाबरपुर, बल्लिमारान, चांदनी चौक, जंगपुरा, सदर बाजार, मटिया महल, करावल नगर और सीलमपुर में अपने प्रत्याशी लड़ा सकती है। सिसोदिया से अमानतुल्लाह खान तक की बढ़ सकती है चुनौती ओवैसी के ऐसे उम्मीदवारों से ध्रुवीकरण बढ़ने और 'आप' को नुकसान पहुंचने की आशंका जाहिर की जा रही है, क्योंकि 2013 से अधिकतर मुस्लिम वोटर्स अरविंद केजरीवाल की पार्टी का साथ देते रहे हैं। खास तौर पर तीन सीटों पर एआईआईएमआईएम ने 'आप' की चिंता बढ़ा सकती है जहां पार्टी के तीन प्रमुख चेहरे चुनाव लड़ रहे हैं। जंगपुरा से पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, बाबरपुर से मंत्री गोपाल राय और ओखला से सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरे अमानतुल्लाह खान चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के दमखम लगाने से पहले ही 'आप' को नुकसान की आशंका है। ऐसे में यदि ओवैसी मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब होते हैं तो अरविंद केजरीवाल की चिंता बढ़ सकती है। recent visitors 68

सपा के अखिलेश यादव के बाद अब ममता और उद्धव ने भी दिया आप पार्टी को समर्थन, लड़ाई तो भाजपा से है, कांग्रेस को दिया ज्ञान

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संदीप दीक्षित और अजय माकन जैसे नेता आम आदमी पार्टी के खिलाफ आक्रामक हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही संदीप दीक्षित उतरे हैं और ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस ने मजबूत कैंडिडेट दिए हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनाव में कोई गठबंधन नहीं है और खुलकर हमले संदीप दीक्षित की ओर से जारी हैं। लेकिन कांग्रेस को INDIA अलायंस के साथी ही पीछे हटने का 'ज्ञान' दे रहे हैं। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहले ही आप के साथ मंच साझा कर चुके हैं। यही नहीं उन्होंने एक बार फिर से दोहराया है कि वह AAP की चुनावी रैली में मंच साझा करेंगे। यही नहीं उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली में भाजपा को आम आदमी पार्टी ही हरा सकती है। कांग्रेस इस स्थिति में नहीं है। इसलिए हम उसकी बजाय आम आदमी पार्टी का ही समर्थन करेंगे। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी के नेता कुणाल घोष ने भी साफ कह दिया कि वे चाहते हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ही सरकार बने। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए जरूरी है कि आम आदमी पार्टी मजबूत रहे और हम चाहते हैं कि वे लोग फिर से सत्ता में वापसी करें। इससे पहले बंगाल में भी ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो पाया था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टॉप नेता अधीर रंजन चौधरी टीएमसी के ही यूसुफ पठान के हाथों हार गए थे। अब दिल्ली में भी टीएमसी ने कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का फैसला लिया है। यह कांग्रेस के लिए करारा झटका है। इसके अलावा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ उतर चुके उद्धव ठाकरे गुट ने भी आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर लड़ने की सलाह दी है। उद्धव सेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में AAP और कांग्रेस को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। इस तरह आपस में लड़ने की बजाय भाजपा से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई तो भाजपा से है। फिर आपस में दोनों दल क्यों लड़ रहे हैं। recent visitors 77

चुनाव आयोग में ही गड़बड़ी… EVM का बचाव करने पर राजीव कुमार पर भड़के संजय राउत

महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया कहती है कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग कहता है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है कि आयोग में ही सारी गड़बड़ी है. मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए संजय राउत ने कहा कि राजीव कुमार रिटायर होंगे, इसके बाद भी उनके पास बढ़िया काम रहेगा. रिटायरमेंट के बाद मोदी-शाह उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना देंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. चुनाव आयोग को गांवों में जाकर बैठना चाहिए, तभी उन्हें ईवीएम और बैलेट पेपर की सच्चाई उन्हें वाकई में समझ आएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है. हजारों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. चुनाव आयोग अब बीजेपी के ‘ताट के नीचे बैठा बिल्ली’ बन गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तिथियों के ऐलान के समय उन सभी सवालों का जवाब दिया, जिसके लेकर इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाए जा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में वोट देने वाले किसी वोटर का नाम किसी भी तरीके से हटाया ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म साथ में न हो. यहां तक कि अगर किसी की मौत हो गई हो तो उसका रिकॉर्ड भी इलेक्शन कमीशन की तरफ से रखा जाता है. इसके लिए सभी मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट को रिकॉर्ड में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी किसी का नाम गलती से हट जाता है तो हमारी तरफ से उसे नोटिस भेजा जाता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक शायरी के जरिए कहा कि आरोपों और इल्जामातों का दौर चले कोई गिला नहीं…हर परिणाम में प्रमाण देते है…शक का इलाज तो हकिम लुकमान के पास भी नहीं है. recent visitors 348

दिल्ली में सीएम आवास पर संग्राम, पुलिस ने रोका तो संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज धरने पर बैठे

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली का विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच बीजेपी के सीएम आवास को शीशमहल करार दिए जाने पर आम आदमी पार्टी बीजेपी पर हमलावर है. आप के दो वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज बुधवार (8 जनवरी) को सीएम आवास दिखाने के लिए 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पहुंच गए. आप नेता को 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पर स्थित सीएम आवास पर जाने से रोक दिया गया. यहां भारी संख्या में पुलिस का जाप्ता तैनात रहा. साथ ही दोनों नेताओं को रोकने के लिए बेरीकेडिंग की गई. इसके बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने सीएम आवास के बाहर ही धरना दिया. उन्होंने कहा कि हमें सीएम आवास जाने से क्यों रोका जा रहा है. भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने हमें बताया कि ऊपर से आदेश है. इस बीच पीडब्ल्यूडी ने मुख्यमंत्री आवास को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं धरना खत्म होने के बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज सेंट्रल विस्टा में बन रहे पीएम आवास के लिए निकल गए. आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब हम सीएम आवास जनता को दिखाने के लिए आए हैं तो हमें क्यों रोका जा रहा है. हम ये दिखाना चाहते हैं बीजेपी झूठे आरोप लगाती है. साथ ही उन्होंने कहा कि जनता को पीएम आवास भी दिखाना चाहिए जो कि इससे कहीं ज्यादा कीमत का है. recent visitors 248