वाशिंग पाउडर और साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, लूटने के लिए दौड़ पड़े लोग

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज रोड पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. जानकारी के मुताबिक, हादसा पन्ना जिले के इटवा के पास हुआ. ट्रक में निरमा साबुन भरा हुआ था. ट्रक के पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर और हेल्पर ने अपनी जान बचाई. वहीं हादसे के बाद ट्रक में भरे निरमा की लूट करने के लिए लोग पहुंच गए. वहीं इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. पन्ना में हुए सड़क हादसे में लोगों ने आपदा में अवसर का मौका ढूंढते हुए निरमा और साबुन की लूट शुरू कर दी. दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का है. जहां पन्ना अमानगंज रोड अंतर्गत आने वाले इटवा के पास एक तेज रफ्तार निरमा साबुन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया. वहीं हादसे के बाद आसपास के लोग और राहगीर निरमा और साबुन की लूट करने लगे. लोगों द्वारा निरमा साबुन लूटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से लोग लूट करने में जुटे हैं. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लुट कर रहे लोगों को भगाया. पुलिस ने लोगों को भगाया किसी तरह चालक और हेल्पर ने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन सड़क पर पड़े निरमा और साबुन के पैकेट एवं बोरियों को देख राहगीरों एवं आसपास के लोग निरमा व साबुन की लूट करने के लिए पहुंच गए. वहीं देखते ही देखते वहां पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. हालांकि जानकारी मिलने के कुछ देर बाद मौके पर पुलिस पहुंची और लूट कर रहे लोगों को भगाया. पहले भी हो चुके हैं हादसे वहीं घटना में चालक वह हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं. फिलहाल घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है. वहीं घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. हालांकि घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, क्योंकि कई बार पहले भी इसी मार्ग में घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कुछ महीनो पूर्व एक तेल से भरा टैंकर भी इसी मार्ग में पलट गया था जिसके बाद वहां तेल लूटने की भी होड़ मच गई थी.   recent visitors 69

Indore से Prayagraj के लिए 11 जनवरी से उड़ान शुरू

 इंदौर इंदौर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट का संचालन 11 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस रूट पर फ्लाइट का संचालन एलायंस एयर कंपनी करेगी। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है। फ्लाइट संख्या 9I342 हर शनिवार को शाम 8:05 बजे इंदौर से उड़ान भरकर रात 10:05 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वहीं, वापसी की फ्लाइट 9I340 हर सोमवार को प्रयागराज से शाम 7:40 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे इंदौर लौटेगी। कुंभ मेले की विशेष तैयारी एलायंस एयर ने इस फ्लाइट की बुकिंग तीन कैटेगरी में शुरू कर दी है। सुपर सेवर कैटेगरी का किराया ₹4724 रखा गया है। वैल्यू कैटेगरी में किराया ₹12074 होगा, जबकि फ्लेक्सिबल कैटेगरी का किराया ₹20999 है। कंपनी इस सेवा के लिए ATR-72 विमान का उपयोग करेगी, जिसमें 48 से 78 सीटों तक की क्षमता होती है। यह रूट पहले भी संचालित हो चुका है, लेकिन विंटर शेड्यूल में इसे बंद कर दिया गया था। अब कुंभ मेले की विशेष तैयारियों के तहत इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।  ट्रेवल एजेंट्स और एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस रूट पर यात्रियों की भारी मांग थी। इंदौर से प्रयागराज के लिए यात्रियों की inquiries लगातार आ रही थीं, और कुंभ मेले के समय इस रूट की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। प्रयागराज कुंभ मेले में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस कारण एयरलाइंस कंपनियां अपनी सेवाओं में नए रूट जोड़कर यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख रही हैं। ट्रेवल एजेंट टीके जोश के अनुसार, इंदौर से प्रयागराज के लिए यह फ्लाइट काफी लाभकारी साबित होगी। इसके अतिरिक्त, सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो कंपनी भी इस रूट पर जल्द ही अपनी फ्लाइट शुरू कर सकती है।     recent visitors 154

घड़ियाल राज्य है मध्यप्रदेश, देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456

भोपाल वन्य जीवन से समृद्ध मध्यप्रदेश बाघ प्रदेश, चीता प्रदेश, तेंदुआ प्रदेश के साथ अब घड़ियाल प्रदेश भी है। यहाँ गिद्धों का आदर्श रहवास है। देश में घड़ियालों की संख्या 3044 है और उसमें से मध्यप्रदेश में 2456 है। इस प्रकार देश में 80 प्रतिशत से अधिक घड़ियालों का घर है मध्यप्रदेश। यहाँ पर डॉल्फिन का भी रहवास है। मध्यप्रदेश में अथक प्रयासों से घड़ियालों के संरक्षण का कार्य किया गया। उनके प्राकृतिक रहवास को सुरक्षित बनाया गया और अवैध शिकार पर रोक लगायी गयी। साथ ही अवैज्ञानिक मछली पकड़ने के तौर-तरीकों को बंद किया गया। 435 किलोमीटर क्षेत्र को किया चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित चंबल नदी के 435 किलोमीटर क्षेत्र को चंबल घड़ियाल अभयारण्य घोषित किया गया है। चंबल नदी मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहती है। नदी में घड़ियालों की वृद्धि की वजह देवरी ईको सेंटर है। इस सेंटर में घड़ियाल के अण्डे लाये जाते हैं और उनसे बच्चे निकलने के बाद उनका पालन किया जाता है। बच्चों की आयु 3 साल होने पर उन्हें नदी में छोड़ दिया जाता है। प्रतिवर्ष 200 घड़ियाल को “ग्रो-एण्ड-रिलीज’’ कार्यक्रम के तहत नदी में छोड़ा जाता है। स्वच्छ नदियों में रहना और नदियों को स्वच्छ रखना घड़ियालों की विशेषता है। इसी वजह से कई राज्यों से इसकी माँग की जाती है। चंबल नदी के घड़ियाल प्रदेश एवं देश की नदियों की शान बढ़ा रहे हैं। जलीय जीव घड़ियाल नदियों का ईको सिस्टम मजबूत करते हैं। देश में वर्ष 1950 और 1960 के दशक के बीच घड़ियालों की आबादी में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी। भारत सरकार ने 1970 के दशक में इसे संरक्षण प्रदान किया। संरक्षण समूहों ने प्रजनन और पुन: प्रवेश कार्यक्रम शुरू किये। हालांकि, वर्ष 1997 और वर्ष 2006 के बीच घड़ियालों की आबादी में गिरावट आयी। घड़ियाल को गेवियलिस गैंगेटिकस, जिसे गेवियल या मछली खाने वाला मगरमच्छ भी कहा जाता है। वयस्क मादा घड़ियाल 2.6 से 4.5 मीटर (8 फीट 6 इंच से 14 फीट 6 इंच) लम्बी होती है और नर घड़ियाल 3 से 6 मीटर (9 फीट 10 इंच से 19 फीट 8 इंच) लम्बे होते हैं। वयस्क नर के थूथन के अंत में एक अलग सिरा होता है, जो घड़ा नामक मिट्टी के बर्तन जैसा दिखता है, इसलिये इसका नाम घड़ियाल पड़ा। घड़ियाल अपने लम्बी, संकरी थूथन और 110 आपस में जुड़े तीखे दाँतों की वजह से मछली पकड़ने में सहायक होते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की स्थापना के लिये 30 सितम्बर, 1978 में भारत सरकार की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। घड़ियालों का कुनबा बढ़ाने के लिये मुरैना में चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी के देवरी घड़ियाल सेंटर में हेचिंग सेंटर शुरू किये जायेंगे। इन नदियों के किनारे बसे 75 गाँव के लोगों को जागरूक किया गया है। गाँव के 1200 लोग घड़ियाल मित्र के रूप में वन विभाग के साथ काम कर रहे हैं। पंजाब में वर्ष 1960-70 के बाद से वहाँ की नदियों से घड़ियाल गायब हो गये थे। चंबल नदी के देवरी घड़ियाल सेंटर से वर्ष 2017 में घड़ियाल पंजाब भेजे गये थे। वर्ष 2018 में 25 घड़ियाल सतलुज नदी के लिये भेजे गये और वर्ष 2020 में व्यास नदी के लिये 25 घड़ियाल भेजे गये थे। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य चंबल नदी के पारिस्थतिकी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य बनाया गया था। तीन राज्यों में स्थित इस सेंचुरी का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी ‘स्कीमर’ है। यह गंगेटिक में पायी जाने वाली डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ और साफ पानी के कछुओं के लिये प्रसिद्ध है। वर्ष 1979 में इसे राष्ट्रीय अभयारण्य घोषित किया गया था। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में फैला हुआ है। अब तक प्रवासी एवं यहाँ रहने वाले पक्षियों की 290 से अधिक प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है। इस अभयारण्य का मुख्य आकर्षण घड़ियाल और दुर्लभ पक्षी “इण्डियन स्मीकर’’ है। यह दुर्लभ पक्षी गर्मियों के मौसम में यहाँ अपना घरोंदा बनाते हैं। देश में अपनी कुल आबादी के करीब 80 फीसदी स्मीकर चंबल सेंचुरी में प्रवास करते हैं।   recent visitors 65

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 77

विदाई / सम्मान समारोह के आयोजन से शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और परम्परा का समावेश अजाक्स

Inclusion of rituals, culture and tradition in the administration by organizing farewell / felicitation ceremony Ajax सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल । मंत्रालय अजाक्स इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया ने बताया कि भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले की जयंती के शुभ अवसर दिनाक 03 जनवरी 2025 दिन शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे वल्लभ भवन के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में मंत्रालय सेवा से वर्ष 2024 में (31 जनवरी से 31 दिसम्बर, 2024 तक) सेवानिवृत्त हुए सभी वर्गों के अधिकारी एवं कर्मचारियों का विदाई समारोह का आयोजन किया गया। माता सावित्री बाई फुले और बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर देश भक्ती गीत और मध्यप्रदेश गायन से कार्यक्रम की सुआत की गई। इस अवसर पर माता सावित्री बाई फुल द्वारा भारत की महिलाओं के लिए किये गये सघर्ष  योगदान व समाजहित में समर्पित जीवन पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवडा थे। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को बधाई एवं शुभकानाए दी और दीर्घ आयु स्वास्थ्य जीवन की कामना की। साथ ही कहा आप  शासन की सेवा से सेवानिवृत्त हुए है। हमारे लिए आप सदा महत्वपूर्ण रहेंगे आपको जब भी कोई परेशानी हो बिना संकोच के मुझे बताये हर समय मदद आपकी की जावेगी। उन्होंने कहा मंत्रालय अजाक्स शाखा के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया एवं जे.एन कांसोटिया जी और उनकी टीम द्वारा जो सभी वर्गा का प्रत्येक वर्ष विदाई समरोह का आयोजन विगत 05 वर्षों से किया जा रहा है वह अत्यंत सराहनी कार्य है। सामाजिक दायित्व के निर्वहन के साथ समरसता व भाईचारा और वरिष्ठो के प्रति सम्मान की प्रतीक है। वर्ष 2024 में  कुल 84 शासकीय सेवक सेवानिवृत्त हुए है। सभी का  उपमुख्यमंत्री एवं कांसोटिया द्वारा साल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थित रहें । मध्यप्रदेश अजाक्स क प्रांतीय अध्यक्ष जेएन. कांसोटिया, वरिष्ठ (आईएएस) महानिदेश आर. सी. व्ही. पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल द्वारा  सभी शासकीय सेवको को शुभकामनाये दी अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और अपने अनुभव का उपयोग युवाओ के लिए करने का अग्रह किया।  अजाक्स की मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष भकोरिया ने कहा अजाक्स द्वारा वर्ष में एक बार सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को आमांत्रेत कर, एक साथ विदाई समारोह के आयोजन द्वारा उनका सम्मान किया जाना वरिष्ठों के प्रति सम्मान के साथ शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और एक नई परम्परा की पहल माध्यप्रदेश अजाक्स द्वारा की जा रही है, इससे वरिष्ठों के प्रति सम्मान और आपसी समन्वय की भावना जागृत होगी और शासकीय कार्य का सम्पादन सहजता सरलता होगी । सुभाष वर्मा ने मंत्रालय के शासकीय सेवकों की लंबित मांगें मान. उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी पदोन्नति, चौथा समयमान वेतनमान  आदि और अजाक्स मंत्रालयीन  शाखा द्वारा किये जा रहे कार्य की सराहना की। इस अवसर पर गौतम पाटिल, ए आर सिंह, एन पी प्रजापति, कमल मेहरा,  विमला हिरकने एस सी ओसले, विनोद बट्टी, संजय राठौर, आबिद खान, प्रहलाद नरवारे, हरिमोहन अहिरवार, घनश्याम  इनवाती, हरिशंकर अहिरवार, सच्चिदानंद धुर्वे, प्रतीक मेहरा, रामजीलाल कोली, बसंत मेश्राम, नरेश धौलपुरिया recent visitors 160

अब पेंशन और अवकाश नियम में होगा संशोधन, बदल जाएगा 1977 का ये रूल, रिटायर अधिकारी बनाएंगे नए नियम

भोपाल मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के अवकाश और पेंशन के नियम लंबे समय बाद संशोधित किए जाएंगे। इन्हें केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का समूह बनाया है, जो मार्च 2025 तक अनुशंसा देगा। पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन इसके आधार पर नियम वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले नियम को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है। वित्त विभाग ने पेंशन और अवकाश नियम में संशोधन के लिए गठित समूह में वित्त सेवा के आरके जैन, सामान्य प्रशासन विभाग के एमके बातव को शामिल किया गया है। इसके साथ ही वित्त सेवा के दो अन्य अधिकारी भी इस काम को देखेंगे। इन नियमों में परिवर्तन उल्लेखनीय है कि भारत सरकार पेंशन नियमों में कई परिवर्तन कर चुकी हैं। इसमें 25 वर्ष से अधिक अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्याक्ता को परिवार पेंशन देने का प्रविधान है। पेंशनरों की मांग को देखते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीपी सिंघल की अध्यक्षता वाले कर्मचारी आयोग ने पेंशन नियम का परीक्षण करके संशोधन संबंधी अपनी रिपोर्ट वित्त विभाग को तीन वर्ष पहले दी थीं। इस पर विभाग ने पेंशन संचालनालय से अभिमत भी मांगा था, जो दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी तरह अवकाश संबंधी 1977 के नियम भी वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए बदले जाएंगे। recent visitors 61

अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना, फरवरी में चुनाव होने की उम्मीद

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसके बीच ही चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान बहुत जल्द होने की संभावना है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, केंद्रीय चुनाव आयोग 7 या 8 जनवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। चुनावों की तिथि फरवरी के दूसरे हफ्ते में रखे जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद चुनाव परिणाम 15 या 16 फरवरी के आसपास घोषित होने की उम्मीद है। एक ही चरण में होंगे दिल्ली विधानसभा चुनाव केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे और मतदान 11 से लेकर 13 फरवरी के बीच हो सकते हैं। यदि यह तारीखें तय होती हैं, तो चुनाव परिणाम की घोषणा 15 या 16 फरवरी तक की जा सकती है। इसके साथ ही, 6 जनवरी तक चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट भी जारी करेगा, जिससे नए मतदाताओं के नाम और वोटरों की संख्या में होने वाले बदलाव का पता चलेगा। इस लिस्ट के आधार पर ही चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। नई वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दिल्ली के चुनावी क्षेत्र में एक नई उम्मीद और उत्साह का माहौल बनेगा। यह लिस्ट दिल्ली की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि नई वोटर लिस्ट में खासतौर पर युवा वोटरों और नए नागरिकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे पहले, 2015 और 2020 के चुनावों में भी युवा वोटर्स ने बड़ी भूमिका निभाई थी। फोकस  शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर दिल्ली विधानसभा चुनावों को लेकर तीन प्रमुख दलों के बीच राजनीति और रणनीति का घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी, जो पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में सत्तारूढ़ रही है, ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी का लक्ष्य 2020 की तरह एक बार फिर एकतरफा जीत हासिल करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। उनका फोकस मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास के मुद्दों पर है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली में पिछले 5 वर्षों में हुए विकास कार्यों के आधार पर जनता उनके साथ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP), जो दिल्ली में पिछले 27 साल से सत्ता से बाहर है, इस बार हर संभव कोशिश कर रही है ताकि वह दिल्ली में अपना खोया हुआ प्रभाव फिर से बना सके। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दिल्ली में विकास के नाम पर आम आदमी पार्टी ने केवल घोषणाएं की हैं और वास्तविक सुधारों की कमी है। बीजेपी इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से दिल्ली की जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी, जो कभी दिल्ली में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति थी, अब अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस का वोट बैंक लगातार घटता जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस दिल्ली के पुराने वफादारों और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां उनका प्रभाव था। पार्टी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे एक नई शुरुआत के साथ मैदान में हैं और आने वाले चुनावों में अपनी खोई हुई साख को पुनः हासिल करेंगे। जानिए दिल्ली के चुनावी का इतिहास दिल्ली विधानसभा चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो पिछले कुछ चुनावों में AAP ने अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। 2020 के चुनाव में, AAP ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को मात देते हुए 70 सीटों में से 62 पर विजय प्राप्त की थी। AAP के उम्मीदवारों ने कई सीटों पर कम अंतर से जीत हासिल की थी, जो दर्शाता है कि दिल्ली के मतदाता इस बार भी सटीक चुनावी रणनीतियों को प्राथमिकता देंगे।दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, और इनमें से अधिकतर सीटें ऐसी हैं, जहां जीत का अंतर काफी कम होता है। इसलिए इस चुनाव में उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव और क्षेत्रीय समीकरणों का भी अहम योगदान हो सकता है। दिल्ली की सियासत में एक नई जनधारा का आना और विभिन्न क्षेत्रों में बदलते हुए मतदाता स्वरूप के कारण चुनावी परिणामों का पूर्वानुमान करना कठिन हो गया है। चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो 6 जनवरी तक केंद्रीय चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट जारी करेगा, जिसमें नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और पुराने नामों में बदलाव किया जाएगा। दिल्ली में हर चुनाव से पहले इस लिस्ट का अपडेट किया जाता है ताकि चुनाव में किसी भी मतदाता को समस्या न हो। इस बार दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा मतदाता हैं, जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। इसके अलावा, कई प्रवासी नागरिक जो हाल ही में दिल्ली में आए हैं, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकते हैं। नई वोटर लिस्ट का प्रभाव यह भी हो सकता है कि दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की जीत-हार के अंतर में बदलाव आए। साथ ही, यह लिस्ट चुनावी प्रचार में एक नया मोड़ ला सकती है क्योंकि पार्टियों को अब नए वोटर्स तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीतियों को फिर से डिजाइन करना होगा।   recent visitors 94