दिल्ली सीएम आतिशी का शिवराज को जवाब , यह वैसे ही जैसे दाऊद इब्राहिम अहिंसा पर प्रवचन दे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की किसान-कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में विफल रही है, जिससे दिल्ली के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखा है. उन्होंने दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता जताई है. शिवराज ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों के प्रति बेहद उदासीन है. किसानों के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में कोई संवेदना नहीं. शिवराज सिंह की चिट्ठी पर सीएम आतिशी का जवाब आया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो. जितना बुरा हाल किसानों का बीजेपी के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ. आतिशी ने कहा कि पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं, मोदी जी से कहिए उनसे बात करें. किसानों से राजनीति करना बंद करिए. बीजेपी राज में किसानों पर गोलियां, लाठियां चलाई गईं. शिवराज ने क्या कहा था?चिट्ठी में शिवराज ने लिखा, दिल्ली में केजरीवाल और आतिशी ने कभी किसानों के हित में उचित निर्णय नहीं लिए. केजरीवाल ने हमेशा चुनावों से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएं कर राजनैतिक लाभ लिया है. केजरीवाल ने सरकार में आते ही जनहितैषी निर्णयों को लेने के स्थान पर अपना रोना रोया है. उन्होंने आगे लिखा, 10 वर्षो से दिल्ली में आप की सरकार है, लेकिन पूर्व सीएम केजरीवाल ने हमेशा किसानों के साथ केवल धोखा किया है. केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं किया. दिल्ली के किसान केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं. ‘किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया’केंद्रीय मंत्री चिट्ठी में आगे लिखते हैं, दिल्ली में आप सरकार का किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया है. एकीकृत बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज ग्राम कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं का लाभ किसान नहीं ले पा रहे हैं. दिल्ली में केंद्र की कृषि योजनाएं लागू नहीं होने से किसान भाई-बहन नर्सरी और टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल उपरांत प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, नए बाग़, पाली हाउस एवं कोल्ड चैन की सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं के लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने लिखा, कृषि विकास योजना को लागू नहीं होने से कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल डायवर्सिफिकेशन के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसान नहीं ले पा रहे हैं. बीज ग्राम कार्यक्रम के दिल्ली में क्रियान्वयन नहीं होने से बीजों के वितरण, बीज परीक्षण, प्रयोगशालाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, बीज प्रमाणीकरण एजेंसियों की सहायता, बीजों की पारंपरिक किस्म के लिए सहायता और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी जैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं. ‘किसानों की आजीविका पर संकट’शिवराज सिंह चौहान ने आगे लिखा, दिल्ली में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित किसान उपकरण का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक दाम देना पड़ रहा है. आप की सरकार फ्री बिजली की बात करती है, लेकिन दिल्ली में किसानों के लिए बिजली की उच्च दरें निर्धारित कर रखी है. यमुना से लगे गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिक़ली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है. कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा, राजनैतिक प्रतिस्पर्धा किसान कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए, किसान कल्याण सभी सरकारों का कर्तव्य हैं. दलगत राजनीति से उठकर आप की सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने चाहिए. आम आदमी पार्टी की सरकार को केंद्र की योजनाओं को लागू कर दिल्ली के किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए. recent visitors 426

थाने में गाड़ी की जमानत कराने पहुंची महिला, किया ऐसा किया काम, थाना प्रभारी ने जारी किया नोटिस

शिवपुरी  लोगों को ऑनलाइन दुनिया में फेमस होने का ऐसा चस्का लगा है कि वे किसी भी हद जाने को तैयार हैं। इसमें कुछ महिलाएं तो एक नया ही उदाहरण बनकर सामने आ रही हैं। उन्हे इस चीज का ध्यान ही नहीं है कि कहां खड़े हैं और क्या कर रहे हैं, एक पल का मौका मिला नहीं कि बस फोन चालू करके रील बनाने शुरू! ऐसा ही एक मामला शिवपुरी जिले के पिछोर से सामने आया है। यहां एक तेजस्वी महिला थाने में रील बनाने लगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने हाथों से उसे इंटरनेट पर वायरल भी किया। गजब की बात यो यह है कि वह यहां किसी जरूरी काम से आई थी। उसे छोड़ कर महिला ने रील बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण समझा। महिला की इस हरकत पर पुलिस ने भी एक्शन लिया है। गाड़ी की जमानत कराने पहुंची थी महिला महिला रील बनाने की आदी है। इससे पूर्व भी वह जेल व थानों पर रील बना चुकी है। दरअसल, नई बस्ती पिछोर निवासी रूचि लोधी की गाड़ी से कोई सड़क हादसा घटित हो गया था। बीते रोज महिला अपनी गाड़ी की जमानत कराने के लिए पिछोर थाने पर पहुंची। इसी दौरान उसने थाने से निकलते समय अमने सहयोगी की मदद से रील बना डाली। उसने रील को इंटरनेट मीडिया पर इसे वायरल कर दिया । पुलिस ने लिया ये एक्शन इस मामले में पुलिस ने उक्त महिला से जवाब मांगा है। यह मामला थाना प्रभारी जितेंद्र मावई के संज्ञान में आते ही उन्होंने महिला को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने महिला से पूछा है कि थाने में रील क्यों बनाई। इस पर उसके खिलाफ क्यों न कानूनी कार्रवाई की जाए। घटनाक्रम के बाद से मामला सुर्खियों में है। recent visitors 71

कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच में नए साल का पहला शतक जड़ा

ओवल श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को तीसरे और आखिरी टी20 मैच में 7 रन से हरा दिया. साल 2025 का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच बेहद रोमांचक रहा. इस हाई स्कोरिंग मुकाबले में मैच के परिणाम के लिए आखिरी ओवर तक इंतजार करना पड़ा. न्यूजीलैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए 22 रन चाहिए थे. लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो ने न्यूजीलैंड के अरमानों पर पानी फेर दिया. बिनुरा ने मैच के आखिरी 6 गेंदों पर 14 रन खर्च किए. इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 429 रन बनाए जिसमें 25 छक्के शामिल थे. आखिरी टी20 मुकाबला जीतने के बावजूद श्रीलंका की टीम 3 मैचों की सीरीज 1-2 से हार गई. श्रीलंका की इस जीत में बिनुरा ने जहां आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी की वहीं बल्लेबाजी में कुसल परेरा ने शतक जड़कर धमाल मचा दिया.परेरा साल 2025 में पहला इंटरनेशनल शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने.  कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में नए साल का पहला शतक जड़ते हुए धमाकेदार पारी खेली. 44 गेंदों में 101 रन की इस पारी में उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के जड़े. परेरा की इस आतिशी पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा. बता दें कि टी20 इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड एस्टोनिया के साहिल चौहान के नाम है. चौहान ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए 144 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 18 छक्के और 6 चौके शामिल थे. नेल्सन के सेक्सॉटन ओवल में खेले गए सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया. श्रीलंका ने कुसल परेरा (Kusal Perera) के टी20 इंटरनेशनल करियर के पहले शतक के दम पर 5 विकेट पर 218 रन बनाए. कप्तान चरित असलंका ने 24 गेंदों पर 46 रन बनाए वहीं विकेटकीपर कुसल मेंडिस 22 रन बनाकर आउट हुए. न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी, जैकब डफी, फॉल्कस, सैंटनर और डेरिल मिचेल ने एक एक विकेट लिया. परेरा ने 46 गेंदों पर 13 चौके और 4 छक्के जड़े. न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 211 रन ही बना सकी 219 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 211 रन ही बना सकी.उसकी ओर से रचिन रवींद्र ने सबसे ज्यादा 69 रन की पारी खेली. ओपनर टिम रॉबिन्सन 37 रन बनाकर आउट हुए. डेरिल मिचेल 35 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे. कप्तान मिचेल सैंटनर ने नाबाद 14 रन की पारी खेली वहीं जेकरी फॉक्स ने 13 गेंदों पर नाबाद 21 रन की पारी खेली. टिम रॉबिन्सन और रचिन रवींद्र की ओपनिंग जोड़ी ने 81 रन की साझेदारी की. 6 गेंद पर 22 रन नहीं बना सके मेजबान टीम के बल्लेबाज न्यूजीलैंड को जीत के लिए 6 गेंद पर 22 रन की जरूरत थी. मिचेल सैंटनर और जेकरी फॉक्स की जोड़ी क्रीज पर थी. बिनुरा फर्नांडो मैच का आखिरी ओवर लेकर आए. फर्नांडो के ओवर की पहली गेंद पर सैंटनर ने 2 रन लिए.दूसरी गेंद पर एक रन बने जबकि अगली गेंद वाइड रही. इसके बाद तीसरी लीगल गेंद पर 2 रन बने. चौथी गेंद पर फॉक्स ने छक्का जड़ दिया. इसके बाद कीवी टीम को 2 गेंद पर 10 रन की जरूरत थी. लेकिन आखिरी दो गेंदों पर दो रन ही बन सके. परेरा का पहला T20I शतक कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की. महज 44 गेंदों पर शतक पूरा करते हुए उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के जड़े. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 219.56 रहा. यह टी20 इंटरनेशनल में उनका पहला शतक है, जो श्रीलंका के लिए अब तक का सबसे तेज शतक भी है. तोड़ा दिलशान का रिकॉर्ड परेरा ने इस पारी के साथ 14 साल पुराना तिलकरत्ने दिलशान का रिकॉर्ड तोड़ दिया. दिलशान ने साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 55 गेंदों में शतक लगाया था. परेरा अब श्रीलंका की ओर से टी20 में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. T20I में सबसे तेज शतक एस्टोनिया के बल्लेबाज साहिल चौहान ने साइप्रस के खिलाफ केवल 27 गेंदों में शतक जड़ते हुए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे तेज शतक  लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. चौहान ने 41 गेंदों पर नाबाद 144 रनों की विस्फोटक पारी में 18 छक्के और 6 चौके लगाए थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड नामीबिया के जान निकोल लॉफ्टी-ईटन के नाम था, जिन्होंने 33 गेंदों में शतक लगाया था. T20 में कैसा है परेरा का प्रदर्शन इस पारी के बाद परेरा का बेस्ट स्कोर 101 रन हो गया है. परेरा ने अभी तक कुल 77 मैच खेले है, और 134.12 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 2056 रन बनाये है- recent visitors 77

,,,, में नहीं रहेगी केंद्र में मोदी सरकार… संजय राउत के बयान से मची खलबली

,,,, Modi government will not remain at the center… Sanjay Raut’s statement created panic उद्धव शिवसेना सांसद संजय राउत ने मोदी सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है, उन्होंने कहा कि मेरे मन में संदेह है कि साल 2026 के बाद केंद्र सरकार बचेगी या नहीं. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. केंद्र सरकार अस्थिर हो गई, तो इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. राज्यसभा सांसद और उद्धव शिवसेना के नेता संजय राउत अपने बयानों को लेकर खासे चर्चा में रहते हैं, आज यानी कि गुरुवार को उन्होंने एक बयान में दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार 2026 में नहीं बचेगी. संजय राउत ने कहा कि मुझे संदेह है कि केंद्र सरकार 2026 के बाद बचेगी या नहीं, मुझे लगता है कि मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. और केंद्र सरकार अस्थिर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. महाराष्ट्र में कैसे पड़ेगा असर? महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की है, तो वहीं शिवसेना ने 57 एनसीपी ने 41 पर जीत दर्ज की है. इन तीनों दलों ने मिलकरमहाराष्ट्र में सरकार बनाई है. संजय राउत का दावा अगर सही साबित होता है तो महाराष्ट्र में भी बीजेपी मुश्किल में पड़ सकती है. यही कारण है कि राउत ने दावा किया कि केंद्र के अस्थिर होने के बाद महाराष्ट्र पर भी असर पड़ेगा. सियासी बयानबाजी के बीच राउत का दावा बिहार में भी आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा कि नीतीश के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं, नीतीश को भी खोलकर रखना चाहिए. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार साथ में आएं, मिलकर काम करें. नीतीश कुमार ही हमेशा भाग जाते हैं, हम माफ कर देंगे. लालू के इस बयान के पहले भी नीतीश को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं. इन बयानों के बाद ऐसा कहा जा रहा है कि राजनीतिक गलियारों में कुछ तो पक रहा है. जिसके कारण ये बयान सामने आ रहे हैं. recent visitors 219

न्यूयॉर्क में फिर ताबड़तोड़ गोलीबारी! क्वींस में 11 लोगों को मारी गोली, वीडियो आया सामने

 न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक नाइट क्लब में हुई गोलीबारी में कम से कम 11 लोग घायल हो गए हैं। न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में अमेजुरा नाइटक्लब में बुधवार देर रात गोलीबारी की ये वारदात हुई। पुलिस ने बताया है कि जमैका में अमेजुरा इवेंट हॉल के पास बड़ा नाइटक्लब है, जिसमें 4,000 लोगों की क्षमता है। यहां अक्सर डीजे और लाइव परफॉर्मेंस होते रहते हैं। यहां पर नए साल के मौके पर लोग जमा थे, इसी दौरान गोलीबारी होने की सूचना मिली। पुलिस और राहतकर्मियों ने सभी 11 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गोलीबारी की घटना के बाद न्यू यॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया गया। पुलिस को 91 एवेन्यू और 144 प्लेस पर कई खाली कारतूस मिले हैं, जिससे एक और क्राइम सीन बनाया गया है। पुलिस ने आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया। पुलिस ने अमेजुरा और सटफिन ब्लाव्ड पर स्पेशल यूनिट को तैनायत किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी सिटिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक सफेद कार की पहचान की है, जिसके गोलीबारी की घटना में शामिल थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।अभी पुलिस को कोई पुख्ता सुराग इस मामले में नहीं मिल सका है। क्वींस नाइट क्लब में गोलीबारी के शिकार लोगों को लॉन्ग आइलैंड ज्यूइश हॉस्पिटल और कोहेन्स चिल्ड्रन मेडिकल सेंटर समेत कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। NYPD ने पुष्टि की है कि किसी भी पीड़ित की हालत गंभीर नहीं है और सभी के बचने की उम्मीद है। पुलिस ने अब तक किसी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है की क्या यह घटना किसी गैंगवार से जुडी है या इसके पीछे कोई और वजह है। घटनास्थल से मिले सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है की अगर उनके पास इस घटना से जुडी कोई भी जानकारी है तो वे आगे आकर पुलिस की मदद करें। अमेरिका से नए साल पर कई शहरों से हिंसा, गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आई हैं। सबसे बड़ी घटना न्यू ओर्लियन्स में हुई है। यहां एक एक शख्स ने नए साल का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर एक कार चढ़ा दी। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हो गए। अमेरिका ने इसे आतंकी हमला कहा है। इस घटना में हमलावर को पुलिस ने मौके पर ही मार दिया है। मोंटनेग्रो में 2022 में भी हुई थी 12 लोगों की मौत मोंटनेग्रो में 2022 में भी गोलीबारी में 12 लोगों की मौत हो गई थी। सेटिनजे के एक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के बाद बच्चों सहित सड़क पर चलने वाले लोगों पर बेतरतीब ढंग से गोलियां चला दीं थीं। इससे 12 लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थी । हालांकि वह हमलावर शख्स बाद में पुलिस की गोली लगने से मारा गया था। recent visitors 144

मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, पिछले साल पकड़े 238 रिश्वतखोर

भोपाल  मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी बड़ी समस्या बन चुक है। आए दिन घूसखोरी के प्रकरण सामने आते रहते हैं। ऐसे में लोकायुक्त की टीम भी भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के मामले में तेजी ला रही है। पिछले तीन माह में लोकायुक्त की टीम ने प्रदेश में पिछले तीन साल के मुकाबले सर्वाधिक कार्रवाई की है। साल 2024 में जहां कुल 238 कार्रवाई की गई है, तो सिर्फ तीन माह 25 सितंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 120 कार्रवाई की गई, जिसमें सिर्फ अकेले ट्रैप के 95 मामले दर्ज किए गए हैं। बड़ी संया में पहुंची शिकायतों पर जांच भी हो रही है। ट्रैप की कार्रवाई में इंदौर, जबलपुर अव्वल लोकायुक्त की ट्रैप की कार्रवाई के मामले में यदि संभागों की बात की जाए तो इंदौर संभाग अव्वल है। यहां साल 2024 में 53 कार्रवाई की गई है, जो प्रदेश के अन्य संभागों के अपेक्षाकृत सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरे नंबर पर जबलपुर है, जहां 42 कार्रवाइयां की गई हैं। भ्रष्टाचारियों की फाइलें नहीं रोक पाएंगे अफसर जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में अब जांच के बहाने अफसर भ्रष्टाचारियों की फाइलें लंबे समय नहीं रोक पाएंगे। हर फाइल सरकार तक नहीं भेजी जाएगी। नियुक्तिकर्ता अधिकारी को ही अभियोजन स्वीकृति के अधिकार सरकार ने दे दिए हैं। यहां तक कि अनुमति देने की टाइमलाइन भी तय कर दी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा है कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी परीक्षण में पाता है कि प्रकरण अभियोजन स्वीकृति के योग्य है तो उसे 45 दिन में स्वीकृति जारी करनी होगी। recent visitors 63

आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

ढाका बांग्लादेश में राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। दास की जमानत याचिता पर गुरुवार को चटगांव कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों ने चिन्मय का पक्ष चटगांव की अदालत में रखा लेकिन उनको जमानत नहीं मिल सकी। बांग्लादेश के द डेली स्टार ने बताया है कि चटगांव की अदालत ने कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई के दौरान चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 3 दिसंबर 2024 को दास के केस की तारीख थी। उस समय अभियोजन पक्ष के समय मांगने और चिन्मय की ओर से कोई वकील ना होने के चलते अदालत ने 2 जनवरी की तारीख जमानत पर सुनवाई के लिए दी थी। पूर्व में इस्कॉन से जुड़े रहे दास के खिलाफ बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उनको ढाका के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद जेल भेज दिया गया। दास की गिरफ्तारी के बाद चटगांव में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिंसा में चटगांव में एक वकील की मौत भी हो गई थी। ये मामला काफी ज्यादा चर्चा में रहा था। सुप्रीम कोर्ट के वकील करेंगे पैरवी चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी के लिए उनके वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की टीम चटगांव पहुंची थी। वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य ने द डेली स्टार को बताया, 'हम एंजीबी ओकया परिषद के बैनर तले चटगांव आए हैं और अदालत में चिन्मय की जमानत के लिए पक्ष रख रहे हैं। हालांकि उनको दास की जमानत की उम्मीद थी, जो नहीं हो सका। यह पूरा मामला 25 अक्टूबर को चटगांव में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने के आरोप से शुरू हुआ। मामला दर्ज होने के बाद चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद स्थिति तब बिगड़ी, जब 27 नवंबर को चटगांव कोर्ट से दास की जमानत खारिज होने के बाद उनके समर्थकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसमें एक वकील की मौत हो गई। चटगांव कोर्ट में हिंसा के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों और इस्कॉन के साधुओं के खिलाफ भी हिंसा देखने को मिली। हालांकि इस्कॉन की ओर से साफ कर दिया गया कि यौन शोषण के आरोपों के चलते दास को पहले ही निकाला जा चुका है। भारत ने भी बयान जारी करते हुए हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी। recent visitors 82