वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र अहिरवार का धूमधाम से मनाया जन्मदिन 

Senior journalist Pushpendra Ahirwar’s birthday celebrated with great pomp भोपाल। हमेंशा दूसरों की आवाज बनने वाले पत्रकारिता में हर समय उपलब्ध रहने वाले पत्रकार साथियों का जब जन्मदिन या अन्य उत्सव मनेगा, तो कुछ अलग ही ख़ुशी देखने को मिलेगी। ऐसा ही कुछ नव वर्ष 2025 के दूसरे दिन 2 जनवरी को भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र अहिरवार के जन्मदिन के अवसर पर देखने को मिला। तुलसी नगर में राजधानी हलचल समाचार पत्र के ऑफिस में पत्रकार साथियों ने खूब खुशियाँ मनाई और अगले वर्ष के लिए शुभकामनायें और बधाई दी। सभी ने एक-दूसरे को केक खिलाकर हैप्पी बर्थडे गीत को अपना स्वर देकर उत्सव को सेलिब्रेट किया। सभी साथियों ने केक और स्वल्पाहार भी ग्रहण किया। बड़ी संख्या में प्रदेश भर के पत्रकार साथियों और अन्य समाजसेवियों, राजनेताओं समेत अन्य लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए जन्मदिन की बधाई और शुभकामनायें दीं। इस चंद समय और अवसर को खुशनुमा माहौल देने पर पुष्पेन्द्र अहिरवार ने सभी साथियों का आभार माना।  आपको बता दें पत्रकार पुष्पेन्द्र अहिरवार पिछले डेढ़ दशक से पत्रकार के जरिए समाजसेवा कर रहे हैं। वे मप्र के स्वदेश, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, राजक्सप्रेस, नवदुनिया और हरिभूमि आदि अनेक समाचार पत्रों में काम कर चुके हैं। पत्रकार साथियों ने कहा ऐसे शख्स का जन्मदिन मानना हमारे लिए गौरव की बात है। हम सभी साथी पत्रकार साथियों का कुछ इसी उत्साह के साथ जन्मदिन मनाते हैं।  इस मौके पर राजधानी समाचार पत्र के संपादक प्रवीण बौद्ध, पत्रकार सुशील दामले, पत्रकार हरीश यादव, पत्रकार एनके सिंह (कोबरा न्यूज़ चैनल), पत्रकार रत्नदीप, पत्रकार अफजल भाई, पत्रकार सरवर खान समेत बड़ी संख्या में पत्रकार साथी व अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे। recent visitors 268

22 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के पहले दल को 13 दिवसीय भ्रमण पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 22 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के पहले दल को 13 दिवसीय भ्रमण पर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों की वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाई और उन्हें इस टूअर के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को कानून बनाकर चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया है। उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना लागू की है, जिसके अन्तर्गत अनाथ बच्चों की देखभाल, उन्हें शिक्षा प्रदान करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रावधान किए गए हैं। इन 22 बच्चों को इसी योजना के अन्तर्गत चंडीगढ़, दिल्ली और गोवा के भ्रमण पर भेजा गया है। चंडीगढ़, दिल्ली और गोवा का भ्रमण करेंगे 22 बच्चे मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रमण पर निकले 22 बच्चों मेंं 16 लड़कियां और 6 लड़के शामिल हैं। ये बच्चे 2 से 4 जनवरी तक का चंडीगढ़ भ्रमण करेंगे और हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ठहरेंगे। उसके बाद 5 जनवरी को ये शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाएंगे और 8 जनवरी तक दिल्ली में ठहरेंगे। वहां विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को ये हवाई जहाज से गोवा के लिए रवाना होंगे और 13 जनवरी तक गोवा में एक थ्री स्टार होटल में ठहरेंगे और वहां के विभिन्न पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को ये सभी बच्चे गोवा से हवाई जहाज के माध्यम से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों का हिमाचल की सम्पदा पर अधिकार है। इन बच्चों की सरकार ही माता है और सरकार ही पिता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने परिवार के सदस्यों के साथ घूमने जाते हैं, उसी तरह से राज्य सरकार ने इन्हें भ्रमण पर भेजा है। राज्य सरकार की सराहनीय पहल : शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार की यह सराहनीय पहल है और अनाथ बच्चों की देखभाल राज्य सरकार कर रही है। पहले इन बच्चों की कोई सुनवाई नहीं होती थी, लेकिन अब वर्तमान राज्य सरकार उनकी हर जरूरत का परिवार की तरह ध्यान रख रही है। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य उपस्थित रहे। recent visitors 170

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विंध्यनगर सेवा केंद्र में कार्यक्रम आयोजित

Program organized at Prajapita Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya Vindhyanagar Service Center सुशील दामले विशेष संवाददाता सिंगरौली ! प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विंध्यनगर सेवाकेंद्र में कल 1 जनवरी नव वर्ष 2025 के उपलक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया साथ ही बी के अंजू बहन जी का अलौकिक समर्पण दिवस भी मनाया गया एवं भ्राता आशुतोष अरोड़ा जी डीजीएम एनटीपीसी विंध्यनगर से स्थानांतरण होने पर विदाई समारोह भी रहा lकार्यक्रम के मुख्य अतिथि के व्यवसाई श्री सुरेश अग्रहरि जी एवं अग्रहरि समाज के साथ उपस्थित हुए l इस अवसर पर दीप प्रज्वलन कर, केक काटकर एवं नव वर्ष के गीत पर कुमारी प्रियंका ने नृत्य प्रस्तुत किया, ब्रह्माकुमार अर्जुन भाई ने कृष्ण रास प्रस्तुति दी एवं अंत में कुमार नकुल में नृत्य प्रस्तुत किया l बीके शोभा बहन ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष बहुत बड़ी योजनाएं न बनाए क्योंकि ज्यादा बड़ी-बड़ी योजनाएं कुछ समय बाद बहुत कठिन योजनाएं अक्सर सफल हो जाती है इसलिए ऐसी योजनाएं ही बनाएं जिन्हें वास्तव में पूर्ण किया जा सके उसके साथ ही दीदी ने कहा कि जीवन की छोटी-छोटी खुशियों एवं प्राप्तियों का भी संपूर्ण आनंद उठाएं इसलिए आजकल कहा जाता है “एंजॉय लिटिल थिंग्स”समर्पण के २० वर्ष पूर्ण होने पर बीके अंजू दीदी ने अपना अनुभव साझा किया कि यह जीवन सिर्फ ईश्वरीय सेवाओं के लिए समर्पित किया है और अपने आप को ज्ञान, साधना एवं सेवाओं के बैलेंस द्वारा जीवन को सही दिशा दी है और साथ ही अनेक आत्माओं एवं उनके परिवारों को मार्गदर्शित किया एवं राजयोग की शिक्षाओं से उनको आध्यात्मिकता से जोड़ा lबी के हेमलता बहन ने सभी को राजयोग के विषय में बताया कि भारत का प्राचीन योग राजयोग है l राजयोग को सीखने के लिए आत्मा और परमात्मा का परिचय होना जरूरी है जो कि सात दिवसीय नि:शुल्क मेडिटेशन कोर्स सिखाया जाता है l इस ज्ञान से हर असंभव कार्य को भी संभव किया जा सकता है आत्मा के सात गुणों के विषय में भी बताया । शांति, शक्ति, प्रेम, सुख, पवित्रता, ज्ञान एवं आनंद l अंत में राजयोग मेडिटेशन भी सभी को कराया ।कार्यक्रम के अतिथि श्री सुदेश अग्रहरि जी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के मुख्यालय माउंट आबू का अनुभव सभी के साथ सांझा किया कि किस तरह बहुत ही अनुशासित एवं सुचारु रूप से संस्था की गतिविधियां चलती हैं वहां का वातावरण हमको यही अनुभव करता है कि यह जैसे कि स्वर्ग का मॉडल तैयार है और कहा कि वह अलौकिक एवं दिव्य अनुभव अविस्मरणीय है भ्राता आशुतोष अरोड़ा जी ने अपना अनुभव सभी के साथ साझा किया कि पिछले 10 वर्षों से वह एनटीपीसी विंध्यनगर में डीजीएम पद पर कार्य संभाल रहे हैं एवं ब्रह्माकुमारी से 25 वर्षों से जुड़े हुए हैं और यह उनका अपना ईश्वरीय परिवार है l अपने स्थानांतरण पर यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी बहनों का आभार व्यक्त किया lअंत में भोपाल से आये ब्रह्माकुमार आशीष भाई ने आपने दांतों से नशा मुक्ति वाहन को आपने दांतों से खींचकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने बताया यह राजयोग के द्वारा ऐसे हम कारनामा करपाते हैं। उन्होंने बताया कि आपने दांतों से डबल बस, एकसाथ तीन ट्रक, पानी का जहाज़, छोटी ट्रेन,रेल का इंजन आदि प्रोग्राम कर चुके हैं।दो वर्ल्ड रिकॉर्ड,एक स्टार इंडिया,एक अंतरराष्ट्रीय आइकन अवार्ड आदि प्राप्त हुयें है। उन्होंने बताया आज युवा दिशा हीन होता जा रहा है।व्यसन एक फैशन बनता जा रहा है। युवा आपनी शक्ति को पहचानें और सही दिशा दें। तभी उसका भविष्य उज्जवल बन सकता है। हमें नशामुक्त बनकर दूसरों को भी व्यसनों से मुक्त करना है।जो काम हम करेंगे हमें देख सब करेंगे। हमें हमेशा अच्छा कर्म करना चाहिए। recent visitors 304

6 जनवरी को पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना, नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश के साथ सर्द हवाएं चलेंगी

नई दिल्ली 2025 की शुरुआत उत्तर प्रदेश में ठंड और बदलते मौसम के साथ हुई है। नए साल का जश्न मना रहे लोगों को ठंड और बारिश की वजह से सतर्क रहने की जरूरत है। 1 जनवरी को नोएडा समेत पूरे प्रदेश में ठंड का प्रकोप देखा गया। इस दौरान अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक बना रहा। इसी बीच, मौसम विभाग ने आज और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जो ठंड को और बढ़ा सकती है। नोएडा और आसपास हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, आज नोएडा, मथुरा, अलीगढ़, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, और महोबा जैसे इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद ठंड का असर और तेज हो जाएगा। प्रदेश में शीत दिवस के हालात बन सकते हैं, जिसमें अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। स्कूलों की छुट्टियां और प्रदूषण में राहत ठंड बढ़ने की संभावना को देखते हुए यूपी सरकार ने बच्चों के स्कूलों में छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी हैं। हालांकि, बारिश से प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है। इन जिलों में अलर्ट? मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों में शीत दिवस और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, मेरठ, मथुरा, आगरा, बरेली, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी समेत अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और बारिश के चलते सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 6 जनवरी को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जनवरी को पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना है। नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश के साथ सर्द हवाएं चलेंगी। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट और ठंड में बढ़ोतरी हो सकती है। नए साल में ठंड से बचाव की तैयारी जरूरी बारिश और ठंड को देखते हुए प्रदेशवासियों को सलाह दी जाती है कि वे गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें, क्योंकि ठंड का सबसे ज्यादा असर इन्हीं पर पड़ सकता है। recent visitors 101

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है। recent visitors 188

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए। recent visitors 214

144 साल बाद पड़ रहा महाकुंभ देश के लिए मंगलकारी, ग्रह नक्षत्रों के विशिष्ट संयोग…..

महाकुम्भनगर  ज्योतिषाचार्यों की गणना के अनुसार ग्रह नक्षत्रों के विशिष्ट संयोग से इस वर्ष प्रयागराज में 144 वर्ष बाद पड़ने वाले महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। महाकुम्भ 2025, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू हो कर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ पूरा होगा। मेले के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। महाकुम्भ का इंतजार न केवल साधु-संन्यासी, कल्पवासी, श्रद्धालु बल्कि प्रयागराजवासी भी बेसब्री से कर रहे हैं। महाकुम्भ में संगम, मेला क्षेत्र और प्रयागराज के दुकानदार पूजा सामग्री, पत्रा-पंचाग, धार्मिक पुस्तकें, रुद्राक्ष और तुलसी की मालाओं को नेपाल, बनारस, मथुरा-वृदांवन से मंगा रहे हैं। महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालु लौटते समय अपने साथ संगम क्षेत्र से धार्मिक पुस्तकें, पूजन सामग्री, रोली-चंदन और मालाएं जरूर ले जाते हैं। नेपाल, उत्तराखण्ड, बनारस, मथुरा-वृंदावन से आ रही रुद्राक्ष और तुलसी की मालाएं महाकुम्भ, सनातन आस्था का महापर्व है। इस अवसर पर सनातन धर्म में आस्था रखने वाले देश के कोने-कोने से प्रयागराज आते हैं और त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य के भागी बनते हैं। इस वर्ष महाकुम्भ के अवसर पर 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने, उनके स्नान और रहने की व्यवस्थाओं का प्रबंध सीएम योगी के दिशानिर्देश पर मेला प्राधिकरण पूरे जोश और उत्साह के साथ कर रहा है। साथ ही प्रयागराजवासी और यहां के दुकानदार,व्यापारी भी महाकुम्भ को लेकर उत्साहित हैं। महाकुम्भ उनके लिए पुण्य और सौभाग्य के साथ व्यापार और रोजगार के अवसर भी लेकर आया है। पूरे शहर में होटल, रेस्टोरेंट, खाने-पीने की दुकानों के साथ पूजा सामग्री, धार्मिक पुस्तकों, माला-फूल की दुकानें भी सजने लगी हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुमान के मुताबिक दूसरे शहरों से समान मंगाया जा रहा है। रुद्राक्ष की मालाएं उत्तराखण्ड और नेपाल से तो तुलसी की मालाएं मथुरा-वृंदावन से, रोली, चंदन और अन्य पूजन सामग्री बनारस और दिल्ली के पहाड़गंज से मंगाई जा रही हैं। गीता प्रेस में छपी धार्मिक पुस्तकों की सबसे ज्यादा मांग प्रयागराज के दारागंज में धार्मिक पुस्तकों के विक्रेता संजीव तिवारी का कहना है कि सबसे ज्यादा गीता प्रेस, गोरखपुर से छपी धार्मिक पुस्तकों की मांग होती है। अधिकांश श्रद्धालु राम चरित मानस, भागवत् गीता, शिव पुराण और भजन व आरती संग्रह की मांग करते हैं। इसके अलावा पूजा-पाठ का काम करने वाले पुजारी वाराणसी से छपे हुए पत्रा और पंचाग भी खरीद कर ले जाते हैं। इसके अलावा मुरादाबाद और बनारस में बनी पीतल और तांबें की घंटियां, दीपक, मूर्तियां भी मंगाई जा रही है। मेले में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु और साधु-संन्यासी पूजा-पाठ के लिए हवन सामग्री, आसन, गंगाजली, दोनें-पत्तल, कलश आदि की मांग करते हैं। जिसे भी बड़ी मात्रा में दुकानदार अपनी दुकानों में मंगा कर स्टोर कर रहे हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने नव वर्ष की मंगलकामना देने के साथ ही नए साल 2025 को महाकुंभ का वर्ष बताया है. उनका कहना है कि इस नए साल में मौके पर सदी का एक बहुत बड़ा आयोजन होने जा रहा है. 144 सालों के बाद ग्रहों का ऐसा नक्षत्र बन रहा है जिसमें त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और इसके साथ ही जाने अनजाने में हुए पापों से भी मुक्ति पाने का अद्भुत संयोग है. इस पुण्य काल मे सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति को गंगा यमुना सरस्वती की पावन त्रिवेणी तट पर आकर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहिए. 1 जनवरी से शुरू हुआ छावनी प्रवेश का सिलसिला : महाकुंभ मेला क्षेत्र में 1 जनवरी से छावनी प्रवेश शोभा यात्रा का सिलसिला शुरू होने जा रहा है. जो 12 जनवरी तक जारी रहेगा. एक जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से जुड़े हुए सभी 13 अखाड़ों की छावनी प्रवेश यात्राएं निकलकर कुंभ नगरी में प्रवेश करेंगी. इसके साथ ही जिन अखाड़ों की धर्म ध्वजा की स्थापना अभी नहीं हुई है उनकी धर्म ध्वजा की स्थापना भी महाकुम्भ मेला क्षेत्र में बने शिविरों में कर दी जाएगी. महंत रवींद्र पुरी ने यह भी कहाकि कुंम्भ मेला भले ही 13 जनवरी से शुरू होगा लेकिन 1 जनवरी में इस मेले की भव्यता लगातार बढ़ती जाएगी. क्योंकि जनवरी के इन्हीं शुरुआती 12 दिनों में मेला क्षेत्र में देश भर के साधु संतों का आगमन हो जाएगा. क्योंकि 14 जनवरी को होने वाले पहले शाही स्नान पर्व पर सभी साधु संत महामंडलेश्वर अपने अपने अखाड़े के साथ त्रिवेणी तट पर पहुँचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. प्रयागवासी करें अतिथियों का स्वागत : इसके साथ ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सनातन धर्म की अतिथि देवो भवः की संस्कृति रही है. इसलिए प्रयागराज में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का अतिथि के रूप में स्वागत करने का काम प्रयागराज में रहने वालों को करना चाहिए. कुंभ में आने वाले अतिथियों का स्वागत सत्कार एक मुस्कान के साथ करें. साथ ही शहर में रहने वाले लोगों से यथा संभव श्रद्धालुओं की सेवा और मदद करने की भी अपील उन्होंने प्रयागराज के रहने वाले लोगों से की है. recent visitors 82