रीवा में एक भाई ने बहन के साथ हुई छेड़छाड़ का बेहद खौफनाक बदला लिया, काट दिए प्राइवेट पार्ट्स

    रीवा रीवा में एक भाई ने बहन के साथ हुई छेड़छाड़ का ऐसा खौफनाक बदला लिया जिसका खुलासा करने में पुलिस को आठ महीने लग गए। आरोपी भाई छेड़छाड़ करने वाले शख्स का प्राइवेट पार्ट ही काट दिया। साथ ही चाकू से गला रेत कर बेरहमी से शख्स की हत्या कर दी। रीवा पुलिस ने 8 माह पहले हुए इस हत्याकांड की गुत्थी को अब सुलझाया है। पुलिस ने हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारा मृतक के साथ काम करने वाला प्लंबर ही निकला। उसने बहन से छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए शख्स की गला रेत कर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि रीवा शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र में 21 अप्रैल को खैरा बस्ती के हीरालाल कोल का शव सांची पार्लर के पास सड़क किनारे मिला था। हत्यारे ने बड़ी बेरहमी से हीरालाल कोल को मारा था। पोस्टमार्टम में पता चला कि हत्यारे ने हीरालाल कोल का ना केवल गला रेता वरन प्राइवेट पार्ट भी काट दिया था। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात हत्यारे पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। आठ माह बाद पुलिस को सफलता हाथ लगी। पुलिस ने 19 साल के कृष्णा उर्फ छोटू विश्वकर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सख्ती से की गई पूछताछ में कृष्णा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। कृष्णा ने पुलिस को बताया कि हीरालाल कोल उसके साथ प्लंबर का काम करता था। एक दिन उसकी बहन उससे मिलने आई तो हीरालाल कोल ने उससे छेड़छाड़ की। इसके बाद से उसने हीरालाल की हत्या करने की सोच ली। 20 अप्रैल को कृष्णा ने हीरालाल कोल को शराब पिलाई और जब वह नशे में डूब गया तो चाकू से उसकी हत्या कर दी। आरोपी कृष्णा को हीरालाल से इस कदर नफरत हो गई थी कि उसने गुस्से में उसके प्राइवेट पार्ट तक काट दिए थे। पुलिस ने बताया कि हीरालाल कोल के साथ काम करता था। दोनों बैठकर शराब पीते थे लेकिन बहन से छेड़छाड़ की घटना के बाद कृष्णा उससे बेहद नफरत करने लगा। कृष्णा ने रणनीति के तहत हीरालाल की हत्या की। हत्या के बाद से पुलिस हत्यारे का लगातार सुराग जुटा रही थी। मुखबिर से 8 महीने के बाद आरोपी का राज खुल गया। आरोपी पुलिस के चंगुल में फंस गया। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।                     recent visitors 71

एमपी गजब: शराब पीकर क्लासरूम में सो गए मास्टर साहब, खतरे में बच्चों का भविष्य

Sidhi News MP: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शिक्षा विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. वहां पर स्कूली शिक्षा के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीधी के एक सरकारी स्कूल के मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बदले शराब के नशे में टुल होकर क्लासरूम में ही सो गए. जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए. सीधी जिले के सरकारी स्कूलों में यह मामला सामने आने के बाद से शिक्षा विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना पर चिंता जता रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि छात्रों का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है. अगर इसी तरह शिक्षक और शिक्षा विभाग के अफसर लापरवाह बने रहे तो बच्चों का क्या होगा? ऐसे में तो बच्चों को स्कूल भेजना भी सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है. शराब के नशे में टीचर द्वारा बच्चों को पढ़ाना गंभीर मामला है. यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब मौके पर स्कूल पहुंचे किसी अभिभावक ने अपने मोबाइल में शिक्षक के करतूत को कैद कर लिया. फिर उसके बाद इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर की. उसके बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है. बता दें की एमपी के स्कूलों में शराब पीकर शिक्षकों के क्लासरूम में सोने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले रीवा के एक प्राइमरी स्कूल में भी हेडमास्टर साहब भी शराब के नशे में टुल होकर सोते नजर आए थे. सीधी जिले के ही बमुरहा में ​15 सिंतबर 2024 को स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में छात्रों के बैग को तकिया बनाकर सोते नजर आये थे. मामला सामने आने के बाद मास्टर साहब के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे. [/more] recent visitors 267

उत्तर प्रदेश में 52 IPS का हुआ प्रमोशन, 9 बनाए गए आईजी, 2010-2011 बैच के 26 आईपीएस बने डीआईजी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश संवर्ग के 52 IPS अफसरों को योगी सरकार ने प्रमोशन दे दिया है. अफसरों को लेकर कहा जा रहा है कि सीएम योगी ने नए साल का गिफ्ट दे दिया है. इसमें 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपेश जुनेजा डीजी पद पर प्रमोट हुए हैं तो वर्ष-2000 बैच के 3 अधिकारी लक्ष्मी सिंह, प्रशान्त कुमार द्वितीय और नीलाब्जा चौधरी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इस आदेश सूची में वर्ष 2007 बैच के 9 आईपीएस अधिकारियों का डीआईजी से आईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है. नोएडा की कमिश्नर लक्ष्मी सिंह समेत तीन अफसरों को एडीजी पर नियुक्त किया है. विभागीय प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक में 2000, 2007, 2011, 2012 और 2021 बैच के IPS अफसरों के प्रमोशन को स्‍वीकृति दी गई थी. इस बैठक में मुख्‍य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार, एसीएस गृह दीपक कुमार और प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज शामिल थे. 2007 बैच के 9 अफसर अमित पाठक, जोगिंदर कुमार, रवि शंकर छवि, विनोद कुमार सिंह ,भारती सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, राकेश प्रकाश सिंह, योगेश सिंह, गीता सिंह आईजी पद पर प्रमोट हुए हैं. 2011 बैच के 25 आईपीएस अफसर शैलेश कुमार पांडे, अजय कुमार,अभिषेक सिंह ,देव रंजन वर्मा, राजेश एस ,हेमंत कुटियाल, शालिनी ,स्वप्निल ममगाई, डी प्रदीप कुमार,अरुण कुमार श्रीवास्तव, सूर्यकांत त्रिपाठी ,विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी ,आलोक प्रियदर्शी ,सुनीता सिंह, राजेश कुमार सिंह, सुधा सिंह ,दिनेश सिंह ,कमला प्रसाद यादव, रामबदन सिंह, अरविंद कुमार मौर्य ,तेज स्वरूप सिंह, सुभाष चंद्र शाक्य , हृदयेश कुमार डीआईजी बने हैं. recent visitors 197

प्रयागराज महाकुंभ 2025: आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम

Prayagraj Mahakumbh 2025 : Confluence of spirituality and culture Prayagraj Mahakumbh 2025 culture , भारतीय संस्कृति और धर्म का सबसे बड़ा उत्सव, 2025 में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और भारतीयता के अद्भुत दर्शन का प्रतीक भी है। महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर स्नान करने आते हैं। महाकुंभ का महत्व महाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्षों में प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में होता है। यह पर्व पवित्र नदियों के संगम पर होता है, जो मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। पुराणों के अनुसार, अमृत मंथन की कथा से जुड़े इस आयोजन में स्नान, दान और तप का विशेष महत्व है। मुख्य तिथियां महाकुंभ 2025 के स्नान पर्व निम्नलिखित होंगे:मकर संक्रांति (14 जनवरी)पौष पूर्णिमा (25 जनवरी)मौनी अमावस्या (10 फरवरी)बसंत पंचमी (15 फरवरी)माघी पूर्णिमा (24 फरवरी)महाशिवरात्रि (8 मार्च) विभिन्न राज्यों से प्रयागराज आने का मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत से: पश्चिम भारत से: दक्षिण भारत से: पूर्व और पूर्वोत्तर भारत से: यात्रा और सुविधाएंविशेष ट्रेन और बस सेवाएं: IRCTC और राज्य परिवहन विभाग विशेष कुंभ ट्रेन और बसें चलाएंगे।स्मार्ट कार्ड: कुंभ मेला क्षेत्र में डिजिटल पेमेंट और यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड उपलब्ध रहेगा।स्वास्थ्य और सुरक्षा: मेले में अस्थाई अस्पताल, एंबुलेंस और सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। समापनप्रयागराज महाकुंभ 2025 एक ऐसा अवसर है जो न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और एकता की झलक भी प्रस्तुत करता है। देश के किसी भी कोने से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु इस अवसर का लाभ उठाकर आत्मिक शांति और पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। Read More: https://mysecretnews.com/new-year-celebration-in-bhedaghatspectacular-amidst-marble-valleys-and-sparkling-waterfalls/ recent visitors 175

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया

रायपुर महतारी वंदन योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में आशा की एक नई किरण जगाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी और सीमित संसाधनों के कारण जीवन यापन करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। इस योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने में मदद की है। कोरबा जिले के बोड़ानाला गांव की निवासी सुखमत मंझवार का जीवन कभी अभाव और संघर्ष से भरा हुआ था। उनके गांव की खेती योग्य जमीन डुबान में चली गई थी, जिससे परिवार के पास आय का कोई स्थिर स्रोत नहीं था। उनके पति मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने सुखमत के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया। इस योजना से प्राप्त राशि ने न केवल उनके घरेलू खर्चों को आसान बनाया, बल्कि उनके परिवार को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद की। सुखमत ने साझा किया कि अब वह अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं और किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बोड़ानाला की ही रहने वाली राजकुमारी मंझवार ने भी इस योजना के लाभ से अपने जीवन को सशक्त बनाया है। उन्होंने बताया कि हर माह मिलने वाली 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता से वह अपने दैनिक खर्चों को आसानी से पूरा कर लेती हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, और अब उन्हें मुश्किल समय में किसी से मदद मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती। महतारी वंदन योजना ने न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी महिलाओं को मजबूत बनाया है। इस योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को अपनी और अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है। यह पहल उनके जीवन में एक नई दिशा और उजाला लेकर आई है, जिससे उनका भविष्य बेहतर और सशक्त हो रहा है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को वित्तीय सहारा देकर उनके जीवन स्तर को सुधारना और आत्मनिर्भर बनाना है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित हो रही है। recent visitors 61

राजनांदगांव जिले में 9.72 करोड़ से 324 केज इकाइयां स्थापित

रायपुर राजनांदगांव जिले के बंद पड़ी खदानों को आजीविका के लिए उपयोगी बनाते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केज कल्चर तकनीक से मछली पालन का कार्य तेजी से लोकप्रिय और फायदेमंद साबित हो रहा है। यह नवाचार न केवल मत्स्य पालकों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हुआ है, बल्कि 150 से अधिक स्थानीय बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का नया जरिया भी बन गया है। जिले के ग्राम जोरातराई में बंद पड़ी खदानों को जलस्रोत के रूप में उपयोग करते हुए 9.72 करोड़ रुपए की लागत से 18 इकाइयों में कुल 324 केज लगाए गए हैं। प्रत्येक केज इकाई की लागत 3 लाख रुपए है, जिसमें से 60 प्रतिशत अनुदान के रूप में 5.83 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। केज कल्चर, जिसे नेट पेन कल्चर भी कहा जाता है, जलाशय में फ्लोटिंग केज यूनिट स्थापित करने की एक आधुनिक तकनीक है। इसमें एक केज यूनिट में चार बाड़े होते हैं, जहां उंगली के आकार की मछलियों को पाला जाता है, जो  पांच माह में लगभग एक से सवा किलो वजन की हो जाती है। इस तकनीक में तिलापिया और पंगेसियस जैसी मछलियों का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक केज से 2.5 से 3 टन तक मछली उत्पादन होता है, जिससे 6 से 8 हजार रुपए की मासिक आमदनी होती है। ग्राम मुढ़ीपार स्टेशन पारा की श्रीमती पूर्णिमा साहू ने बताया कि जय मां संतोष महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से केज कल्चर तकनीक से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है। जोरातराई की खदानों में 8 लाख से अधिक मछलियां पाली जा रही हैं। यह तकनीक न केवल मछलियों की तेज वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। मत्स्यपालक अपनी जरूरत के अनुसार केज से मछलियां निकाल सकते हैं। राज्य सरकार की इस पहल ने बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराए हैं। मत्स्य पालन की इस नवीन तकनीक से अब ताजी और स्थानीय मछलियां बाजार में उपलब्ध हो रही हैं। केज कल्चर तकनीक ने जिले में मछली उत्पादन के नए आयाम स्थापित किए हैं। जलाशयों और बंद खदानों के जलस्रोतों का यह उपयोग स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। recent visitors 59

ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।       स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेशानुसार राज्य के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 06 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 12 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 05 चिकित्सा अधिकारियों, बस्तर संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. अमिताभ लालजी साहू, जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ. क्षमा चोपड़ा, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ. निकिता खेस, जिला अस्पताल जांजगीर, डॉ. अनु आनी जॉन, जिला अस्पताल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ. शोएब खान जिला अस्पताल पंडरी रायपुर, डॉ. नील माधव गवेल, जिला अस्पताल रायगढ़ व डॉ. महिमा निधि जॉर्ज शास. चिकित्सा महाविद्यालय जिला रायगढ़ में पदस्थापना की गई है। रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. भारती ठाकुर, डॉ. हरिश चौधरी, डॉ. अजीत कुमार पटेल, डॉ. ओजस्वी गौतम, डॉ. अनूप कुमार मेहर, डॉ. शिवेन्द्र सिंह मरई शामिल हैं।  बिलासपुर संभाग हेतु जारी आदेश में  डॉ. ऋषा जोगी, डॉ अरशद आलम, डॉ जीनत शेख, डॉ. प्रतीक्षा सिंह, डॉ. लता गुप्ता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. तेजस्विनी सोनी, डॉ. राजेश्वर प्रसाद कश्यप, डॉ. विरेन्द्र कुमार सार्वा, डॉ. राजेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सुयश आंचल, डॉ. अनुराग यादव, सरगुजा संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ. अभिषेक जायसवाल, डॉ. निहारिका कुशवाहा, डॉ. अंकिता बड़ा, डॉ. आकांक्षा मिंज, डॉ. अनुराग सिंह यादव का नाम है। दुर्ग संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रखर जंघेल, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ. नेहा रामटेके, डॉ. अस्मिन निशा, डॉ. शेमोन सिंह ठाकुर, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ठाकुर हैं। बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रीति भवानी, डॉ. कविता नाग, डॉ. वैशाली साहू, डॉ. मेहुल पटेल, डॉ. गिरधर गोपाल यादव व डॉ. अतुल राज खटीक को पदस्थ किया गया है। recent visitors 144