स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही बिलिंग तथा रीडिंग

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से शुरू कर दिया गया है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 76 हजार 277 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें से भोपाल शहर वृत्‍त में 66 हजार 943, भोपाल ग्रामीण में 6 हजार 745, ग्‍वालियर शहर वृत्‍त में 97, ग्‍वालियर ग्रामीण में 559, नर्मदापुरम ग्रामीण में 1 हजार 414, बैतूल ग्रामीण में 99, राजगढ ग्रामीण में 102, सीहोर ग्रामीण में 305, विदिशा ग्रामीण में 14 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए गए हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्‍त स्‍वीकृति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए आवश्‍यक सुधारात्‍मक कदम उठाए जा रहे हैं। जहां जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं।   recent visitors 60

मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी: योगी

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ मेला में मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी. प्रयागराज में महाकुंभ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेला लगभग आकार ले चुका है और 7,000 से अधिक संस्थाएं यहां आ चुकी हैं. डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है. देश-दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुंभ में आने के लिए उत्सुक हैं. 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं भाजपा सरकार द्वारा यहां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुंभ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने 2019 के कुंभ में प्रस्तुत किया, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा, “महाकुंभ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है. सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को चौबीस घंटे और सातों दिन सक्रिय रहना होगा. महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया. उन्होंने सभी रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो रिक्शा चालकों और ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये. फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के निर्देश उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं जिन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए. मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए और महाकुंभ के लिए चलाई जाने वाली करीब 550 शटल बसों को पांच जनवरी से चलाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज दौरे पर मां गंगा का अभिषेक और पूजन किया. उन्होंने बड़े हनुमान जी का भी दर्शन-पूजन किया. इससे पूर्व उन्होंने नैनी के अरैल में बायो सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन किया.   recent visitors 65

मंडी में प्याज की बंपर आवक के चलते प्याज के दामों में 50% गिरावट, किसान हो रहे निराश, आम आदमी के चेहरे पर मुस्कान

मंदसौर एक माह पहले प्याज के दाम किसानों को खुश कर रहे थे, लेकिन अब दामों में तेजी से रही गिरावट से किसान निराश हैं। दिसंबर माह के पहले सप्ताह में मंदसौर मंडी में किसानों को प्याज के दाम 3750-4000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे थे। अब प्याज के दाम किसानों को 2500 रुपये भी नहीं मिल रहे है। किसानों का कहना है कि इतने कम दामों से लागत भी नहीं निकल रही है। एक सप्ताह पहले प्याज के दाम 1500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। व्यापारियों का कहना है कि दाम आगे से ही तय होते हैं। मांग कमजोर होने से भी दामों में गिरावट हो रही है।   मंडी में प्याज की बंपर आवक दो माह से कृषि उपज मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है। अन्य जिलों से भी मंदसौर मंडी में प्याज की आवक हो रही है, लेकिन प्याज के दामों में लगातार हो रही कमी के कारण किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है। एक माह में प्याज के दामों में 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। कृषि उपज मंडी में प्याज और लहसुन की ही सबसे अधिक आवक हो रही है। सोमवार को मंडी में किसानों को प्याज के दाम 800 से 2650 रूपए प्रति क्विटंल तक ही मिले। 26 दिसंबर को 1956 और 27 दिसंबर को प्याज 2081 रुपए प्रति क्विंटल ही बिका था। इससे पहले 23 दिसंबर को किसानों को प्याज के उच्चतम भाव 1500 रुपए क्विंटल ही मिले थे। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान में मांग घटी मंदसौर से प्याज गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान व अन्य राज्यों में जाता है। व्यापारियों के अनुसार, इन राज्यों में अब मांग कम हो गई है, जिसके चलते दामों में गिरावट हो रही है। किसानों का कहना है कि एक माह में प्याज के दाम दो हजार से भी अधिक कम हो गई है। अब प्याज के दाम 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल भी नहीं मिल रहे है। इसके कारण कई किसान तो प्याज वापस भी ले रहे है। recent visitors 68

गणतंत्र दिवस समारोह- 2025- टिमरनी के ऋषिकेश बिल्लौरे दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कदम ताल करेगा

टिमरनी एनसीसी के हर कैडेट्स का सपना होता है कि वह RDC ( रिपब्लिक डे कैंप ) के लिए चयनित हो। इस सपने को सच कर दिखाया है टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे ने। वे मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ एनसीसी एयर विंग के बेस्ट कैडेट के रूप में चुने गए हैं। अगले माह ( गणतंत्र दिवस समारोह- 2025 ) दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में शामिल होकर वे तिरंगे को सलामी देंगे। RDC के लिए चयन प्रक्रिया का क्रम अगस्त 2024 से ही शुरू हो गया था। पाँच कैंपों में ऋषिकेश ने परेड परीक्षण, फायरिंग में दक्षता, ऑफिसर्स को इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, लिखित परीक्षा की परिणाम सूची में लगातार अपना स्थान बनाए रखा। डायरेक्टेड के अंतर्गत आने वाले करीब 40 हजार कैडेट्स के बीच हुई प्रतियोगिता के बाद इन तीन बेस्ट कैडेस्ट्स को चुना गया है। इसी तरह अलग अलग विधा के दल का चयन किया गया। इन्हें फ्लैग ऑफ सेरेमनी के बाद गुरुवार को भोपाल एक्सप्रेस से RDC दिल्ली के लिए रवाना किया गया। परिवार में गौरव का दूसरा मौका इसके पूर्व परिवार में 2011में गौरव का क्षण आया था, तब RDC के लिए भानु बिल्लौरे का चयन हुआ था। वे इंदौर के खालसा कॉलेज के छात्र थे। एनसीसी का " सी " सर्टिफिकेट हासिल किया था। दिल्ली RDC से लौटने के बाद डिफेंस का उन पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि भानु ने वायुसेना को ज्वाइन किया। कैसे चढ़ा एयर विंग का जुनून भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान…। इस नाम से तो पूरी दुनिया की आर्मी परिचित है। उनके शौर्य ने दुनिया के युवाओं का कितना ध्यान खींचा, यह तो ठीक ठीक पता नहीं, लेकिन भारतीय युवाओं के लिए वे रोल माडल बन गए थे, और अभी भी हैं । स्मरण ही होगा विंग कमांडर अभिनंदन ने पाक के हवाई जहाज ( एफ- 16 ) को , मिग- 21 से मार गिराया था और ख़ुद पैराशूट से कूद गए थे। पाकिस्तान की जमीं पर लैंड करने के बाद उनके साथ क्या- क्या हुआ, इससे भी दुनिया परिचित है…..। आखिरकार विंग कमांडर अभिनंदन सकुशल भारत लौटे थे। इस घटना का टीवी और अखबारों में व्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार हुआ था। इसका भारतीय युवाओं के मन मस्तिष्क पर गहरा असर हुआ था। युवाओं ने अभिनंदन की तरह देश सेवा का संकल्प लिया था। वही जज़्बा, जुनून लेकर कुछ युवा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनमें से एक हैं टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे। संकल्प पब्लिक स्कूल, टिमरनी में अंग्रेजी माध्यम से केजी-1 से हायर सेकंडरी ( मैथ्स साइंस) तक की पढ़ाई करने वाले ऋषिकेश बिल्लौरे, इन दिनों होल्कर साइंस कॉलेज, इन्दौर तृतीय वर्ष के छात्र हैं। ऋषिकेश ने कॉलेज में एनसीसी ( एयर विंग ) भी ज्वाइन की हुई है। अपने जीवन की पहली उड़ान कैम्प के दौरान 1एमपी, एयर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के साथ aircraft sortie की। टैक ऑफ से लेकर लैंड होने तक 26 मिनट हवा में रहे थे ऋषि।   recent visitors 67

सांसद निधि योजना की राशि मौजूदा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने के अनुरोध पर चर्चा करेगी संसदीय समिति

नई दिल्ली सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित संसदीय समिति की पहली बैठक सात जनवरी 2025 को होगी जिसमें इस मद की निधि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के अनुरोध पर चर्चा की जाएगी। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश इस समिति के अध्यक्ष हैं। एमपीएलएडीएस पर समिति के निर्धारित एजेंडे के अनुसार, ‘संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित समिति की पहली बैठक 7 जनवरी 2025 को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित की जाएगी जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार किया जाएगा और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के विचार सुने जायेंगे।’ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने 29 अक्टूबर 2023 को इस मद की राशि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए एमपीएलएडी फंड के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उनके इस सुझाव पर भी समिति द्वारा विचार विमर्श किया जाएगा। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास प्रभाग को संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जिला कलेक्टर को सुझाव देने का प्रावधान है। योजना के तहत राज्य सभा सदस्य उस राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं जहां से वे निर्वाचित हुए हैं। कोविड महामारी के मद्देनजर एमपीलैड्स को 6 अप्रैल, 2020 से 9 नवंबर, 2021 तक निलंबित कर दिया गया था और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इस योजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई थी। वित्त वर्ष 2021-22 की शेष अवधि, यानी 10 नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक, प्रत्येक संसद सदस्य के लिए योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। 1993-94 में जब यह योजना शुरू की गई थी, तब प्रत्येक संसद सदस्य को 5 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई थी जिसे 1994-95 में बढ़ाकर एक करोड़ रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया। इसके बाद, इसे 1998-99 में बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2011-12 से 5 करोड़ रुपए किया गया।   recent visitors 56

रोहित, विराट और बुमराह लेंगे छुट्टी, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले नहीं खेलेंगे ये बड़ी सीरीज

मुंबई टीम इंडिया इस वक्त ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में व्यस्त है. मेलबर्न टेस्ट में मिली हार के साथ ही टीम इंडिया इस सीरीज में पिछड़ गई है. इस सीरीज में अभी तक टीम के दो सबसे बड़े नाम, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. दोनों को ही टीम से ड्रॉप किए जाने की मांग हो रही है. ऐसी खराब फॉर्म के बीच अब एक बड़ी खबर आ रही है कि दोनों स्टार खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद छुट्टी पर चले जाएंगे और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे. इन दोनों के अलावा स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लेंगे ब्रेक मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया की करारी हार के एक दिन बाद 31 दिसंबर को एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ फरवरी में होने वाली वनडे सीरीज में कप्तान रोहित, विराट और बुमराह नहीं खेलेंगे. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए तीनों खिलाड़ी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. इस तरह ये तीनों ही खिलाड़ी 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे टेस्ट मैच के बाद अगले एक महीने तक छुट्टी पर रहेंगे और सीधे 19 फरवरी से शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी से वापसी करेंगे. इंग्लैंड की टीम जनवरी में भारत दौरे पर आ रही है और इस दौरान दोनों टीमों के बीच पहले 5 टी20 मैच की सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी से होगी. इसके बाद 6 फरवरी से 3 वनडे मैच की सीरीज शुरू होगी. विराट और रोहित पहले ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में वो वैसे भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं होते. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि रोहित और विराट के खेलने को लेकर सेलेक्शन कमेटी अंतिम फैसला लेगी लेकिन अभी की स्थिति में दोनों इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले आखिरी सीरीज जहां तक जसप्रीत बुमराह की बात है तो वो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय हैं लेकिन पिछले 3 महीने से लगातार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं. ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट के लिए उनको पूरी तरह से फ्रेश और फिट रखने के लिए इस पूरे दौरे से आराम दिया जाना तय है. भारत और इंग्लैंड के बीच 3 वनडे मैच खेले जाने हैं, जो कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया की आखिरी सीरीज होगी. बुमराह जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उनको आराम देना कोई हैरानी की बात नहीं है लेकिन रोहित और विराट के हालिया प्रदर्शन के बाद उनके चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रेस्ट लेने पर सवाल उठने तय हैं.   recent visitors 57

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की ….

भोपाल  मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी इकाई को अगले साल 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष के मिलने की संभावना है. रविवार को दिल्ली में हुई एक संगठनात्मक बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय संगठनात्मक महासचिव बीएल संतोष ने की. बैठक में शामिल होने वालों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश पार्टी के संगठन महासचिव हितानंद शर्मा और मध्य प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव प्रमुख विवेक शेजवलकर शामिल थे. एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं वीडी शर्मा? वीडी शर्मा ने फरवरी 2020 में राज्य इकाई की कमान संभाली और फरवरी 2023 में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया. लेकिन विधानसभा चुनाव नौ महीने दूर होने के कारण, पार्टी ने उन्हें विस्तार दिया, और वह इस पद पर चार साल पूरे करने के करीब हैं. हालांकि वीडी शर्मा अभी भी प्रदेश अध्यक्ष के पद की दौड़ में हैं, लेकिन यह संभावना नहीं है कि उन्हें राज्य भाजपा प्रमुख के रूप में एक और कार्यकाल मिल सकता है. क्योंकि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है. वीडी शर्मा पर भी लागू होगा पार्टी का नियम पार्टी के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि जिन जिला अध्यक्षों ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है, उन्हें दोहराया नहीं जाना चाहिए. यही फॉर्मूला वीडी शर्मा पर भी लागू हो सकता है और इसकी बहुत कम संभावना है कि आरएसएस के पसंदीदा होने और प्रभावशाली संगठनात्मक रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा. आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में तीन पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, बृजेंद्र प्रताप सिंह और अरविंद सिंह भदोरिया बताए जा रहे हैं. इसके अलावा भोपाल से पार्टी सांसद आलोक शर्मा भी दौड़ में हैं, जिनके नाम की सिफारिश केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बैतूल विधानसभा सीट से विधायक हेमंत खंडेलवाल ने की है, जिन्हें तीन विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी में 15 जिलों के समन्वय का प्रभार दिया गया था. बृजेंद्र प्रताप सिंह की भी एंट्री कहा जा रहा है कि भोपाल की हुजूर सीट से स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा भी इस पद पर नजर गड़ाए हुए हैं और उनके समर्थक उनकी उम्मीदवारी के लिए जोर लगा रहे हैं. प्रस्तावित राज्य भाजपा अध्यक्षों की सूची में सबसे हालिया प्रविष्टि बृजेंद्र प्रताप सिंह की है, जिनका नाम रविवार को दिल्ली में बैठक के दौरान सामने आया था. राज्य पार्टी के पदाधिकारियों का दावा है कि दौड़ में अंतिम नाम के रूप में एक छुपा रुस्तम उभर सकता है. कब होगी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन ने सदस्यता अभियान के लिए बहुत अच्छा काम किया है. हमारे पास 1.5 करोड़ से अधिक सदस्य और एक लाख सक्रिय सदस्य हैं. बूथ से लेकर मंडल स्तर तक चुनाव हुए हैं. अगला जिला अध्यक्षों का चुनाव है, जो अगले सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा और फिर नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी. भाजपा के लिए संगठन ही लोगों की सेवा का मार्ग है, जिसे भी राज्य इकाई का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाएगी वह पार्टी के आदर्शों के लिए काम करेगा.” मप्र में बूथ और मंडल स्तर पर चुनाव हुए और सदस्यों की नियुक्ति की गई. पार्टी का संगठन के चुनाव पर जोर 5 जनवरी तक 60 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी जायेगी. रविवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई बैठक में उनकी सूची को अंतिम रूप भी दे दिया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और हितानंद शर्मा के साथ जिला अध्यक्षों की अंतिम सूची पर निर्णय लेने के लिए अन्य सभी बैठकें रद्द कर दीं. पार्टी के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां 5 जनवरी तक पूरी हो जाएं. हालांकि, अगर नामों की पसंद पर मतभेद हुआ तो सूची में 10 जनवरी तक की देरी हो सकती है. 431 सदस्य चुनेंगे पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पार्टी कार्यालय के सूत्रों ने कहा, “लेकिन राज्य पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति 15 जनवरी तक कर दी जाएगी. नए राज्य अध्यक्ष के चुनाव के लिए 60 जिला अध्यक्षों, 230 प्रतिनिधियों (प्रत्येक विधानसभा सीट से एक) और 141 अन्य प्रतिनिधियों सहित 431 सदस्यों का एक निर्वाचक मंडल मतदाता है. इन 431 सदस्यों को बुलाया जाएगा और एक उपयुक्त राज्य पार्टी प्रमुख के नाम की सिफारिश करने के लिए कहा जाएगा.” recent visitors 71