इजरायल ने यमन पर की एयरस्ट्राइक, बाल-बाल बचे WHO चीफ “ट्रेडोस एडनॉम”

तेल अवीव विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम,  यमन के सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इजरायल की एयरस्ट्राइक में बाल-बाल बच गए. इस हमले में करीब दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है. डॉ. टेड्रोस अपने संयुक्त राष्ट्र (US) और WHO सहयोगियों के साथ एक फ्लाइट में सवार होने वाले थे और इसी वक्त हमला हो गया. इस दौरान फ्लाइट क्रू मेंबर्स चालक का एक सदस्य घायल हो गया. WHO चीफ टेड्रोस एडनॉम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "UN स्टाफ बंदियों की रिहाई के लिए बातचीत करने, यमन में स्वास्थ्य और मानवीय स्थिति का आकलन करने का हमारा मिशन आज खत्म हो गया. हम बंदियों की तत्काल रिहाई के लिए कोशिश जारी रखेंगे. करीब दो घंटे पहले जब हम सना से अपनी फ्लाइट लेने वाले थे, तो एयरपोर्ट पर हवाई बमबारी हुई. हमारे प्लेन के क्रूब मेंबर्स के सदस्यों में से एक घायल हो गया." उन्होंने आगे कहा, "एयरपोर्ट पर करीब दो लोगों के मारे जाने की खबर मिली है. हमें रवाना होने से पहले एयरपोर्ट को हुए नुकसान की मरम्मत होने तक इंतजार करना होगा. मैं, मेरे UN और WHO के सहकर्मी सुरक्षित है. उन परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं, जिनके प्रियजनों ने हमले में अपनी जान गंवाई." 'वर्कर्स को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए…' संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आह्वान किया. इसके अलावा उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और मानवतावादी वर्कर्स को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. 'हमले खतरनाक…' संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यमन और इजरायल के बीच हाल ही में बढ़े तनाव पर दुख जताया. इसके साथ ही उन्होंने और यमन में सना एयरपोर्ट, लाल सागर बंदरगाहों और बिजलीघरों पर हवाई हमलों को 'खतरनाक' बताया. UN चीफ प्रमुख के मुताबिक, हवाई हमलों में कथित तौर पर कई लोग हताहत हुए हैं, जिनमें करीब तीन लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हुए. उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई बंद करने और संयम बरतने की बात कही है. इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, इजराइली वायु सेना ने पश्चिमी तट और यमन में हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हमले किए. ये हमले हूती सैन्य ढांचे पर किए गए, जिसका इस्तेमाल उसकी सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है. टार्गेट की गई जगहों में सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिज़्याज़, रास कनातिब पॉवर स्टेशन्स के अलावा पश्चिमी तट पर अल-हुदैदाह, सालिफ और रास कनातिब बंदरगाह शामिल थे. यमन में हूतियों के खिलाफ इजरायल ने उतार दी पूरी फौज, 100 से ज्यादा फाइटर जेट ने बोला हमला इजरायल की सेना ने अब लाल सागर में अपने सबसे बड़े दुश्मन हूती के खिलाफ हमला शुरू कर दिया है। इजरायली सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने यमन में हूती विद्रोहियों से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें सना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिमी तट पर तीन बंदरगाह शामिल हैं। इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वायुसेना ने यमन में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। यमन की मीडिया के मुताबिक एयरपोर्ट का कंट्रोल टावर इस कारण निष्क्रिय हो गया और हूती प्रशासन की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले नागरिक विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हमले में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। यह एयर स्ट्राइक युद्ध स्तर का हमला था, जिसमें इजरायल ने बड़ी संख्या में विमानों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में 100 से ज्यादा विमानों ने भाग लिया। यह ऑपरेशन अमेरिका के साथ समन्वय में किया गया था। वाईटी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक इजरायली सूत्र ने कहा, 'हमने कहा था कि हूती भारी कीमत चुकाएंगे और वे हमारी ताकत देखेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला आखिरी नहीं होगा। नेतन्याहू ने दी हूतियों को धमकी कतर के अल-अरबी नेटवर्क ने दावा किया कि हमलों के कारण देश भर में आंशिक बिजली कटौती हुई। हमलों के दौरान, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वायुसेना कमान केंद्र से कहा, 'हम ईरान के आतंक के हाथ को काटने के लिए दृढ़ हैं।' इससे पहले बुधवार को एक भाषण में उन्होंने कहा था कि हूती भी वही सबक सीखेंगे, जो हमास, हिजबुल्ला, असद सरकार और अन्य लोगों ने सीखा है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा, 'जो इजरायल को नुकसान पहुंचाएगा, उसका पीछा किया जाएगा। कोई भी हूती नेता इजरायल की पहुंच से नहीं बच पाएगा।' इजरायल ने अपनी सुरक्षा बढ़ाई हिजबुल्लाह से जुड़े लेबनानी आउटलेट अल मयादीन ने आरोप लगाया कि इजरायली हमलों के दौरान अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत भी शामिल थे। इजरायल ने इस हमले के बाद संभावित हूती प्रतिक्रिया को देखते हुए अपने एयर डिफेंस का स्तर बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दौरान WHO के महानिदेशक और सना में संयुक्त राष्ट्र के समन्वयक यमन में हवाई अड्डे पर मौजूद थे।   recent visitors 86

नए साल से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए एक खुशखबरी सामने आई, 70 से अधिक IPS अफसरों के प्रमोशन पर लगी मुहर, DPC की बैठक में हुआ तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक IPS अधिकारियों के प्रमोशन करने पर शासन ने अपनी मोहर लगा दी है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा 2000 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों को भी ADG के पद पर प्रमोशन मिला हैं. 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा के प्रमोशन करने की मंजूरी प्रदान की गई. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन करने की सहमति विभागीय पदोन्नति समिति में बनी. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में डीजी सीबीसीआईडी एसएन साबत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा को पदोन्नति करने की मंजूरी प्रदान की गई. इसी के साथ 2000 बैच के 3 IPS अधिकारियों को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. 3 IPS अधिकारियों का ADG पद पर हुआ प्रमोशन आईजी रेंज लखनऊ प्रशांत कुमार द्वितीय, आईजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी शामिल और नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का नाम शामिल हैं. इन सभी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इसी के साथ 2007 बैच के 10 IPS अधिकारियों को DIG से IG के पद पर प्रमोट करने पर बैठक में सहमति बनी हैं, जिसमें गीता सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, योगेश, जोगिंदर कुमार, विनोद कुमार सिंह, रवि शंकर छवि, राकेश प्रताप सिंह, अमित पाठक, भारती सिंह और बाबूराम का नाम शामिल हैं. SSP से DIG के पद पर किया प्रमोट कई IPS अधिकारियों को SSP से DIG के पद पर प्रमोट किया गया है, जिसमें 2010 और 11 बैच के शैलेश पांडे, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अजय पाल शर्मा, डॉ अरविंद चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मौर्य, स्वप्निल ममगैन, डी प्रदीप कुमार, राजेश कुमार सक्सेना, राजेश यश, कमला प्रसाद यादव, आलोक प्रियदर्शी, शालिनी, हेमंत कुटियाल, सुभाष सकेत, अजय कुमार, विकास वैध, अभिषेक सिंह, सुनीता सिंह, सुधा सिंह और दिनेश सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अधिकारियों को SP से SSP के पद पर और 20 अफसर को SP से SSP रैंक प्रमोशन पर सहमति बनी हैं. अलग-अलग बैच के अधिकारियों को मिलेंगे अलग-अलग प्रमोशन  इसके साथ ही 2010 और 2011 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी पद पर भी प्रमोट होंगे. डीआईजी बनने वालों में शैलेश पांडे, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, अजय पाल शर्मा, राजेश एस, आलोक प्रियदर्शी, सुधा सिंह, हेमंत कुटियाल, शालिनी, स्वप्निल ममगाईं, डॉ. प्रदीप कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी, सुनीता सिंह, दिनेश सिंह, कमला प्रसाद यादव, अरविंद कुमार मौर्य शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अफसर एसपी से एसएसपी बनाए जाएंगे. वहीं 20 आईपीएस अफसर को ASP से SP पद पर भी प्रमोट किया जाएगा. recent visitors 140

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।   recent visitors 149

पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई

लोक निर्माण मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल से की मुलाकात लोक निर्माण मंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात अध्ययन यात्रा पर पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई भोपाल मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से गांधीनगर में मुलाकात की। मंत्री सिंह के नेतृत्व में विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 26 और 27 दिसम्बर को गुजरात की दो दिवसीय अध्ययन यात्रा पर है। मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अपने व्यस्त कार्यक्रम से प्रतिनिधिमंडल को समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल के पास सड़क एवं भवन विभाग का प्रभार है, बैठक में सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने गुजरात में अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गुजरात के इन सफल प्रयासों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस योजना तैयार की जाएगी। मंत्री सिंह ने बताया कि अध्ययन यात्रा में गुजरात की निविदा शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, क्योंकि गुजरात इस क्षेत्र में आदर्श कार्य करने में अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निविदा शर्तों में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि गुजरात की यह अध्ययन यात्रा मध्यप्रदेश में सड़क और भवन निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इस यात्रा को राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गुजरात सड़क एवं भवन विभाग ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपनी योजनाओं, नीतियों, नवाचारों, नवीन निर्माण तकनीकों और बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, कोर रोड नेटवर्क, ग्रीन हाईवे पहल, मास्टर प्लान 2031, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), गुणवत्ता नियंत्रण, सड़क निर्माण में ग्लास ग्रिड, जियो ग्रिड और कॉपर स्लैग जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल था। प्रतिनिधिमंडल को आईटी आधारित प्रबंधन प्रणाली के तहत रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम और पॉट होल रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी तकनीकों के माध्यम से निर्माण परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रक्रिया का अवलोकन भी किया, जो निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में गुजरात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन दल में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज जैन, प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल, प्रमुख अभियंता (भवन विकास निगम) अनिल श्रीवास्तव, और अन्य इंजीनियर शामिल थे। मंत्री सिंह के कार्यालय से राहुल सिंह राजपूत, रितेश जैन और सुशिवानी राजपूत ने भी भाग लिया।   recent visitors 83

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे। इस अवसर पर सुश्री भारती ने कहा कि बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदलने वाली विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना अभिनन्दनीय है। इस परियोजना की मंजूरी कई वर्ष से लंबित थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। सुश्री भारती ने कहा कि बाढ़ और सूखा दोनों अपनी तरह की समस्याएं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में यह समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इन दोनों समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण उपाय नदी जोड़ो परियोजना है। केन-बेतवा नदी जोड़ो सामान्य परियोजना न होकर अर्थव्यवस्था को बदलने वाली परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से साकार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत और सम्मान किया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री भारती ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास जाकर ही उन्हें केन- बेतवा परियोजना से भूमि-पूजन पर धन्यवाद देना चाहती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रहपूर्वक कहा कि वे स्वयं ही भेंट करने आ रहे है। उनके आगमन एवं बुंदेलखंड अंचल के साथ संपूर्ण प्रदेश की समृद्धि की दृष्टि से केन-बेतवा परियोजना की शुरुआत में डॉ. यादव की महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हुई है। वर्षों से लंबित परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक वर्ष के कार्यकाल में ही संभव बना दिया।   recent visitors 97

11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में होगा आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) और विज्ञान भारती द्वारा संयुक्त रूप से 11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। यह मेला विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। चार दिवसीय मेले में विभिन्न कार्यक्रमों, संवाद सत्रों, वर्कशॉप और विशेषज्ञ व्याख्यानों से विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ावा दिया जाएगा। मेले के शुभारंभ दिवस आज ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान’ और प्रतिभागियों ‘सीधा संवाद’ किया जाएगा। ‘सीखो-कमाओ योजना वर्कशॉप’ और ‘विज्ञान भारती परिचय एवं नवाचार मार्गदर्शन’ सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 28 दिसंबर को विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें उन्हें आधुनिक विज्ञान शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। 29 दिसम्बर को विद्यार्थी संवाद’ और ‘आईकेएस (भारतीय ज्ञान प्रणाली) पर विशेषज्ञ व्याख्यान’ प्रमुख आकर्षण होंगे। मेले का समापन 30 दिसम्बर को होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। बीवीएम-2024 का केंद्रीय विषय "विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार" है। बीवीएम एक ऐसा अद्वितीय मंच प्रदान करता है, जो संवाद के अवसर तो प्रदान करता ही है, साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों का दुर्लभ अनुभव भी देता है। बीवीएम के प्रमुख आकर्षणों में वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, ग्रामीण प्रौद्योगिकी, विद्यार्थियों-वैज्ञानिकों का संवाद, उद्घाटन सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित पेवेलियन्स जैसे क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी पेवेलियन, हस्तशिल्प पेवेलियन, औषधीय पौधों का पेवेलियन, कृषि-प्रौद्योगिकी पेवेलियन, प्रमुख वैज्ञानिकों की जीवनी पर पेवेलियन, विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पवेलियन आदि भी होंगे। विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन/संस्थाएँ जैसे डीएई, इसरो, डीआरडीओ, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीआईएल, सीएसआईआर प्रयोगशालाएँ और कृषि परिषदें अपने सफलतापूर्वक किए गए कार्यों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित की गई हैं।     recent visitors 259

महाकुंभ को सफल बनाने उप्र सरकार और भारत सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही : गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर  केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने  कहा कि इस बार का महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। इस दौरान भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वैदिक सभ्यता से लेकर के महाभारत काल में गुप्त शासन काल में चालुक्य वंश के समय में और उसके बाद पूरे मध्यकालीन भारत इतिहास में कुंभ का उल्लेख मिलता है। पिछले कुंभ में लगभग 20 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। इस बार लगभग 45 करोड़ लोग महाकुंभ का गवाह बनेंगे। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि वहां डेढ़ लाख से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं। कुंभ में आने वाले कल्पवासी जो पूरे समय में रहकर के वहां पर कल्प साधना करते हैं, उनकी संख्या 10 लाख की बजाय 20 लाख के आसपास रहने वाली है। जो पूरे समय में एक स्थान पर रहेंगे। उन सबके लिए कुंभ एक अच्छा अनुभव देने वाला ऐसा कुंभ बने, इसको लेकर के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय कम कर रहा है। वहीं 20 लाख विदेशी सैलानी महाकुंभ में आने वाले है। इस बार का कुंभ दुनिया के लिए ऐसा अवसर होगा, जहां भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी। हर 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 को प्रयागराज में समाप्त होने वाला है। महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और श्रद्धा का भी प्रतीक है। इस बार महाकुंभ मेला 2025 में प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले 2013 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था। महाकुंभ में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत भी जुटते हैं। इस दौरान वह हवन, पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। महाकुंभ में कुछ विशिष्ट दिनों को शाही स्नान के रूप में मनाया जाता है। इसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है।     recent visitors 103