पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता

गांवों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से की मुलाकात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत भवन विहीन 1153 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने जर्जर पंचायत भवनों के संबंध में निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी पंचायत चुनाव तक कोई भी ग्राम पंचायत भवन विहीन न रहे। मंत्री पटेल ने गुरुवार को प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से निवास पर मुलाकात की।    मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्राथमिकताओं को चिन्हित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट हो और साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जाए। मंत्री पटेल ने पौध-रोपण के दौरान सावधानी और सतर्कता बरतने और नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों में कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा। मंत्री पटेल ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष प्रयास करें, इससे पंचायतों को भूमि को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के कार्यक्षेत्र में रेत संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कपिलधारा और सामुदायिक पेयजल परियोजनाओं की लागत को बराबर करने की दिशा में विचार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुगमता से लाभ मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत सचिवों और जीआरएस के लिए एमआईएस पोर्टल को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कार्य अनुमोदन में पारदर्शिता लाने पर बल दिया। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतें मजबूत होंगी, तो प्रदेश सशक्त बनेगा। इस अवसर पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों को मंत्री पटेल के समक्ष रखा।   recent visitors 60

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में बड़ी संख्या में लगभग 30 हज़ार लोगों ने मेले में उत्सुकता से भाग लिया

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में भोपाल बल्कि आस पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लगभग 30 हज़ार लोगों ने मेले में उत्सुकता से भाग लिया और मेले का लुत्फ़ उठाया। आज तीसरे दिन तक लगभग 20 लाख रूपए के वनोपज हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बिक्री हो चुकी है। मेले में स्थापित ओपीडी में लगभग 200 से अधिक आगंतुको ने नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया। शिविर में सुबह 45 एवं शाम 45 आयुर्वेद चिकित्सकों तथा अनुभवी वैद्य ने अपनी सेवाएँ प्रदान की। ओ.पी.डी. में आयुर्वेदिक चिकित्सकों और अनुभवी वैद्य द्वारा नि:शुल्क परामर्श मेले के अंतिम दिन तक जारी रहेगा। लोग लेमन ग्रास, जंगली अदरक, एलोवेरा और आंवला, जंगली अदरक, एवं अन्य वनोपज से बने उत्पादों को जानने एवं खरीदने में काफी रूचि ले रहे है। इस बार मेले में आये आर्गेनिक उत्पाद लोगों का आकर्षण अपने और खींच रहे है इससे आर्गेनिक क्षेत्रों में शामिल हमारे वनांचलों में निवासरत समुदाय भी प्रोत्साहित हो रहे है। प्रधानमंत्री वन धन केन्द्रों के द्वारा माहुल एवं अन्य पत्तों से बनाए जा रहे दोना-पत्तल जो की सिंगल यूज़ प्लास्टिक का एक अचूक विकल्प है भी लोगों में अपनी विशेष छाप छोड़ रहे है। लोगों का दोना-पत्तल के प्रति उत्साह एवं लगाव को देखते हुए पर्यावरण के प्रति हो रहे दुष्प्रभाव को रोकने कि दिशा में अनूठा प्रयास है। मेले में उज़बेकिस्तान एवं ईथोयोपिया देश के प्रतिनिधियों द्वारा मेले का भ्रमण किया गया एवं इस आयोजन की प्रशंसा की गयी। "लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण" विषय पर 2 दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन अपरमुख्य सचिव, वन अशोक बर्णवाल ने किया। इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों भी उपस्थिति थे। कार्यशाला में ऑस्ट्रेलिया केविषय-विशेषज्ञ ने भी भाग लिया। मध्यप्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में उत्तराखण्ड, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ एवं कर्नाटक के विषय-विशेषज्ञ, एकेडेमिक एवं इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने कहा कि म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित यह मेला वनवासियों, ग्रामीणों एवं विशेष तौर पर महिलाओं के आर्थिक विकास का अद्भुत समायोजन है। प्रदेश में लघु वनोपज संग्रहण कार्य में लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। आज की कार्यशाला से प्राप्त होने वाले निष्कर्ष पर विशेष ज़ोर देते हुए कहा की मैदानी स्तर पर वन संरक्षण, आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण एवं उसमे महिलाओं के योगदान से उनके आर्थिक रूप से सशक्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि वन धन केन्द्रों में किये जा रहे मूल्य संवर्धन के कार्य एवं उनके उत्पादों की पैकेजिंग को आकर्षक रूप देकर विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वनोउपज संघ के एमडी बिभाष कुमार ठाकुर ने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला में लघु वनोपज के विनाश विहीन विदोहन के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण आंचलों में जनजातीय महिलाओं द्वारा उनके योगदान पर देश-विदेश में हुए विभिन्न अनुसंधानों की जानकारी मिलेगी एवं हम सभी निश्चित ही इससे लाभान्वित होंगे। कार्यशाला से इस क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं के सशक्तिकरण में सहयोग प्राप्त होगा। मेला प्रांगण में आज सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक रंगारंग कार्यक्रम चलते रहे। मेले में आयोजित इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक प्रतियोगिता में लगभग 7विद्यालयों से 25से भी अधिक छात्र छात्राओं ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया गया एवं उनकी विलक्षण प्रतिभा को सराहा गया। मेले में दिनेश कुमार धौलपुरे (कबीर भजन गायक) एवं आर्केस्ट्रा (तिरुपा इंडस्ट्रीज) की प्रस्तुति कालोगों नेभरपूर आनंद लिया। सायंकाल में मशहूर हास्य कलाकार एहसान कुरैशी ने प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। शुक्रवार 20 दिसम्बर के कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक सोलो और ग्रुप में गायन का कार्यक्रम आयोजित होगा इस आयोजन में कक्षा 1 से 4 तक, 5 से 8 एवं 9 से 12 तक तीन ग्रुप में आयोजित है। इसका पंजीयन प्रथम आवे प्रथम पावे के आधार पर होगा। सायं 5:00 बजे से असलम इब्राहीम शेख़ द्वारा आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति दी जाएगी। सायं 7:30 बजे से एल. एन. आयुर्वेद कॉलेज द्वारा प्रायोजित सूफ़ी बैंड (जेर्री एंड क्लेक्टिव्स) कार्यक्रम होगा।   recent visitors 59

वन मेले में वैद्य संतोष आनंद बिल्व पंडाल में स्टॉल नंबर 10 और 11 पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं

भोपाल ! अंतरराष्ट्रीय वन मेले का आयोजन किया जा रहा है,वन मेले में विभिन्न राज्यों के वन औषधि उत्पादों के 300 से ज्यादा स्टाल लगाए गए है,मेले में भारत के अलावा पांच देशों नेपाल,भूटान,बर्मा,और श्रीलंका के आयुर्वेद विशेषज्ञ भी आये हैं,निशुल्क आयुर्वेदिक परामर्श के लिए 100 से ज्यादा वैद्रद्य अपनी जड़ी बूटियों के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वही हम आपको बता दें कि,वन मेले में बिल्व पंडाल में स्टॉल नंबर दस ओर ग्यारह पर वैद्य संतोष आनंद जैस्वाल अपनी सेवाएं दे रहे हैं,कैसी भी पुरानी बीमारी का इलाज वैद्य संतोष आनंद जैस्वाल के पास है,जो नाड़ी देखकर इलाज करते हैं,वैद्य संतोष आनंद का कहना है,कि में विगत 22 वर्षों से इलाज कर रहा हुं ,2007 से वन मेला में अपनी सेवाएं देता आ रहा हूं,हजारों मरीजों का इलाज कर चुके,कैसी भी पुरानी बीमारी जैसे लकवा,साइटिका,मिर्गी,दमा,टीवी,हार्ट ब्लॉकेज,जैसी बीमारियों का इलाज जड़ी बूटी द्वारा कर रहे हैं,आप भोपाल वासियों से निवेदन है,हमारे स्टॉल पर आकर अपनी बीमारी का इलाज करवाएं,नाड़ी देखना एवं परामर्श फ्री है recent visitors 243

इथोपिया और उज्बेकिस्तान से आए डेलीगेट्स से किए लक्ष्य साझा

भोपाल प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक, म.प्र. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन गन्तव्य स्थल अपने आप में वेलनेस स्थल है। यहां प्राकृतिक सुंदरता और शांति के साथ आयुर्वेदीय जड़ी बूटियों और औषधीय वनोपज की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रमुख सचिव शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में स्वास्थ्य पर्यटन और वेलनेस से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समूह और राज्य के हेल्थ, मेडिकल और टूरिज्म के प्रमुख हितधारकों को संबोधित कर रहे थे। शुक्ला ने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के दृष्टिगत मध्यप्रदेश अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सेवाएं देने के लिए सक्षम है। विदेश और अन्य राज्यों की तुलना में चिकित्सा सुविधाएं काफी सस्ती हैं। प्रमुख सचिव शुक्ला ने चिकित्सा और पर्यटन के सभी हितधारकों को साझा प्रयास कर मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने शासन द्वारा हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ, ‘मेडिकल और वेलनेस’ के हित धारकों के बीच सहयोग के अवसरों को सृजित करना है। कार्यशाला में इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, वहाँ उपलब्ध सेवाओं तथा उपचार के सम्पूर्ण पैकेज की जानकारी वेबसाइट पर देने से बेहतर प्रचार प्रसार होगा। विदेशी प्रतिनिधियों ने उनके देश के साथ MoU करने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। इथोपिया और उज्बेकिस्तान से आए सभी डेलीगेट्स शुक्रवार को इंदौर में मेडिकल और वेलनेस की सुविधाओं और आवश्यक अधोसंरचनाओं पर अवसरों एवं संभावनाओं पर हितधारकों से चर्चा करेंगे। बैठक में उज्बेकिस्तान गणराज्य स्वास्थ्य मंत्रालय के उप प्रमुख शोखोबुद्दीन गुल्यामोव, अब्दुजामोल जुराऐव, एलूबाबोर बूनो और इथियोपिया के स्वास्थ्य मंत्रालय से डॉ. आइरुसलेम बेफेकाडु येरडॉ, डॉ. टेजिना रेगास्सा शामिल हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म और आवश्यक अधोसंरचना को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म की वर्तमान सुविधाओं एवं अवसरों पर प्रेजेन्टेशन भी दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट्स ने सुबह यूनेस्को विश्व धरोहर सांची की यात्रा की और शाम को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का अवलोकन भी किया।   एमपी के स्टेकहोल्डर्स में उप संचालक आयुष डॉ. राजीव मिश्रा, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन और सीईओ सीनियर प्रोफेसर कविता एन सिंह, अपोलो सेज हॉस्पिटल के मार्केटिंग प्रमुख अरुण मोदी, ताज होटल्स के डीओएसएम वरुण खंडेलवाल, सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर आदित्य अग्रवाल, मेडिकल डायरेक्टर सिद्धार्थ रेडक्रॉस सिद्धार्थ वार्ष्णेय, मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रुति वासुदेवन, पीपुल्स ग्रुप के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक, बंसल हॉस्पिटल के डॉ. अतुल समैया सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में सभी को किया आमंत्रित

भोपाल जनकल्याण-पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर दोनों ही बदलने वाली है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 25 दिसम्बर को मूर्तरूप देने के लिये आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात गुरूवार को छतरपुर जिले के सटई में आयोजित किसान सम्मेलन सह लोक कल्याण शिविर में कही। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास के लिये विभिन्न सौगातें प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये, स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 160 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिये सभी को निमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराज छत्रसाल और आल्हा-ऊदल के पराक्रम और बलिदान को स्थानीय कवि की पंक्तियों, ‘छत्ता तेरे राज में धक-धक धरती होय, जित-जित घोड़ा मुख करे, तित-तित फत्ते होय’ का उद्घोष करते हुए याद किया। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर के बाद वीरों की यह भूमि विकास के लिये भी जानी जायेगी। इस दिन प्रधानमंत्री मोदी बुन्देलखण्ड क्षेत्र के कायाकल्प की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद बुन्देलखण्ड क्षेत्र में "सूखा" अतीत की बात हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी सोच ने ही पहली बार देश भर की नदियों को जोड़कर बिखरी पड़ी जल-शक्ति के समुचित प्रबंधन का सपना देखा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. वाजपेई के सपने को साकार करने के लिये प्रधानमंत्री मोदी ने आधुनिक भगीरथ बनकर देश भर में रिवर लिंक परियोजनाओं की शुरूआत की है। डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इनमें से 2 परियोजनाओं की सौगात मध्यप्रदेश को मिली है। पहली पीकेसी परियोजना का एमओए और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में 17 दिसम्बर को जयपुर में हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के शिलान्यास पर खुशी जताते हुए कहा कि एक लाख करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना में 90 हजार करोड़ रुपए का व्यय केन्द्र सरकार वहन करेगी। डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश के 8.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जबकि पड़ोसी उत्तर प्रदेश के 2.5 लाख हेक्टेयर में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास दिलाया कि अब बुंदेलखंड जल-शक्ति से संपन्न हो जाएगा, इससे किसान समृद्ध होंगे क्षेत्र में खुशहाली आयेगी। स्थानीय युवा को नौकरी के लिए पलायन भी नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि प्रदेश में हमारी सरकार ने पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगों को छोटे शहरों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। खजुराहो के सांसद शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई के सपने को पूरा करने प्रधानमंत्री मोदी उनकी 100 वीं जयंती पर केन-बेतवा लिंक परियोजना के रूप में श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं। इस परियोजना से बुंदेलखंड में पानी की समस्या दूर होगी और बुन्देलखण्ड की गरीबी और सूखे की समस्या का केन-बेतवा परियोजना एक अच्छा समाधान होगा। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अहिरवार एवं विधायक राजेश शुक्ला ने अपने उद्बोधन में दी गई सौगातों एवं केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। सम्मेलन में विधायक छतरपुर श्रीमती ललिता यादव, विधायक राजनगर अरविंद पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, सुविद्या अग्निहोत्री, उ.प्र. के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, पूर्व विधायक उमेश शुक्ला, पूर्व विधायक पुष्पेंद्र नाथ पाठक, चंद्रभान सिंह गौतम, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 59

मुख्यमंत्री यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगर-मालवा के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इंदौर में 1000 करेाड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में 1000 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज इंदौर में होगा।   recent visitors 141

कानपुर सेंट्रल स्टेशन से लेकर ट्रेनों के प्लेटफॉर्म तक हर जगह महाकुंभ की झलक दिखेगी

 कानपुर  महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन से लेकर ट्रेनों के प्लेटफॉर्म तक हर जगह महाकुंभ की झलक दिखेगी। जैकेट पहने कर्मचारी क्यूआर कोड स्कैन कराकर महाकुंभ-2025 का एप डाउनलोड कराएंगे। हर प्लेटफॉर्म पर ये कर्मचारी तैनात रहेंगे। महाकुंभ की महत्ता बताती व्यवस्थाओं सुविधाओं के स्लोगन भगवा होंगे। शिवा अवस्थी, कानपुर। केंद्र व प्रदेश सरकार महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य केवल स्लोगन तक ही नहीं, हकीकत में दिखाएगी। सेंट्रल स्टेशन, ट्रेनों से प्लेटफार्मों पर जैकेट पहने कर्मियों के माध्यम से दिव्य-भव्य महाकुंभ की झलक नजर आएगी। जैकेट पहने कर्मी क्यूआर कोड स्कैन करा महाकुंभ-2025 का एप डाउनलोड कराएंगे। इनकी जैकेट से ही क्यूआर कोड स्कैन करते ही एप डाउनलोड की सुविधा आपके मोबाइल फोन पर मिलेगी। हर प्लेटफार्म में ये कर्मचारी तैनात रहेंगे। महाकुंभ की महत्ता बताती व्यवस्थाओं, सुविधाओं के स्लोगन भगवा होंगे। कानपुर से बुंदेलखंड, आसपास जिलों तक प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय, वीआइपी लाउंज, टिकट वेंडिंग मशीनें, कियास्क सजेंगे। ट्रेनों की आवाजाही में उद्घोषणा भी महाकुंभ के रंग में रंगी होगी। महाकुंभ की शुरुआत जनवरी से होनी है, लेकिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अभी से सब कुछ महाकुंभ मय दिखने लगा है। आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) महाकुंभ-2025 का स्वागत करने लगे हैं। अब प्लेटफार्मों, उद्घोषणा, प्रतीक्षालय, वीआइपी लाउंज में इंतजाम शुरू हो गए हैं। कैंट छोर पर प्लेटफार्म संख्या एक और सिटी साइड में प्लेटफार्म संख्या 10 के प्रवेश द्वारों पर भी महाकुंभ आस्था की हिलोरे लेगा। हर आने-जाने वाले श्रद्धालु, विदेशी पर्यटकों की अगवानी होगी। रिंग रेल सेवा वाली ट्रेनों के साथ ही विशेष गाड़ियों में महाकुंभ-2025 से संबंधित चित्रकारी संगम तट का अहसास कराएगी। प्लेटफार्मों पर पहुंचते ही मोबाइल रिजर्व टिकट सिस्टम से तत्काल टिकट मिलेंगे। इसमें मल्टी एमयूटीएस भी महाकुंभ के रंग में दिखाई पड़ेंगे। बुकिंग आफिस से लेकर प्लेटफार्मों तक मिलने वाली ये सुविधा हर कदम आकर्षण का केंद्र रहेगी। अंगुली से छूते ही स्क्रीन बताएगी सब जानकारियां महाकुंभ के दौरान सेंट्रल स्टेशन समेत सभी स्टेशनों पर भगवा कियास्क लगाए जाएंगे। इनमें टच स्क्रीन होगी। इस स्क्रीन पर अंगुली से छूते ही ब्योरा आ जाएगा। इसमें ट्रेनों, प्लेटफार्म संख्या, आने व जाने के समय से लेकर रेलवे की महाकुंभ से संबंधित और जानकारियां मिल सकेंगी। यहां भी महाकुंभ की झलक     प्लेटफार्म संख्या एक पर यात्री सुविधा केंद्र में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी पर 24 घंटा कर्मी बैठेंगे। यहां महाकुंभ से जुड़े स्लोगन व बैनर होंगे।     स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से प्रयागराज के संगम तट की झलक मिलेगी।     सभी छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के स्वागत में महाकुंभ के बैनर लगेंगे।     हरे, लाल, पीले व नीले रंगों से महाकुंभ के क्षेत्रवार यात्री व आश्रय स्थल पता चलेंगे। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के निदेशक, आशुतोष सिंह ने बताया     महाकुंभ-2025 के लिए मुख्यालय से मिले निर्देश के आधार पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। प्लेटफार्मों से लेकर हर जगह महाकुंभ की झलक दिखेगी व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के इंतजाम किए जा रहे हैं। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कानपुर सेंट्रल, संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया     सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही पर प्लेटफार्म से लेकर कैंट व सिटी साइड के सर्कुलेटिंग एरिया तक महाकुंभ के मद्देनजर इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रियों की सहूलियत के लिए महाकुंभ-2025 के रंग में सब कुछ रंगा दिखेगा, जिससे उन्हें कोई सुविधा पाने के लिए भटकना न पड़े।   recent visitors 144