भाजपा सांसदों की धक्का मुक्की में घुटने में लगी चोट, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाए

नई दिल्ली कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाए हैं कि भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की धक्का मुक्की में उनके घुटने में चोट लगी है। इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है। यह ऐसे समय पर हुआ, जब भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एमपी प्रताप सारंगी को धक्का देकर गिराने के आरोप लगाए। सामने आए वीडियो में नजर आ रहा है कि सारंगी के सिर से खून बह रहा है। खरगे का आरोप है कि मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने उन्हें धक्का दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा, 'आज सुबह INDIA पार्टी के सांसद प्रेरणा स्थल पर डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाल रहे थे। यह प्रदर्शन केंद्रीय गृहमंत्री की तरफ से 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में दिए भाषण के दौरान डॉक्टर आंबेडकर के अपमान के खिलाफ किया गया था।' उन्होंने लिखा, 'जब मैं INDIA दलों के सांसदों के साथ मकर द्वार पहुंचा, तो मुझे भाजपा सांसदों ने धक्का मारा। इसके चलते मेरा संतुलन बिगड़ गया और मकर द्वार के सामने जमीन पर बैठना पड़ा। इसके कारण मेरे घुटनों में चोट लग गई है, जिसकी पहले ही सर्जरी हो चुकी है। घटना के बाद कांग्रेस सांसद कुर्सी लेकर आए और मुझे उसपर बिठाया गया।' कांग्रेस चीफ ने लिखा, 'बड़ी मुश्किल और साथियों की मदद से मैं सुबह 11 बजे लड़खड़ाता हुआ सदन पहुंचा। मैं अपील करता हूं कि इस घटना की जांच कराए, जो कि न सिर्फ मुझपर बल्की राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला है।' भाजपा सांसद के सिर से बहा खून संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद प्रताप सारंगी घायल हो गए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के धक्के की वजह से चोट लगी है। एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सारंगी को घायल हालत में लेकर जा रहे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का मारा था, जो मेरे ऊपर गिर पड़े और इसके बाद मैं गिरा…। जब मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था और राहुल गांधी ने एक एमपी को धक्का लगाया, जो मेरे ऊपर गिर पड़ा।' recent visitors 76

सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी वापसी का कार्यक्रम एक बार फिर स्थगित, अब मार्च के बाद लौटेंगी

नई दिल्ली भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी वापसी का कार्यक्रम एक बार फिर स्थगित हो गया है। अब अगले वर्ष मार्च के बाद पृथ्वी पर लौटेंगी। नासा ने कहा है कि ISS में मौजूदा चालक दल स्वस्थ और सुरक्षित है। नासा ने घोषणा की कि स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान, जिसे सुनीता विलियम्स को वापस लाने का कार्य सौंपा गया था, अब मार्च के अंत तक पृथ्वी से लॉन्च नहीं होगा। आपको बता दें कि सुनीता ने जून में ISS में कदम रखा था। पहले यह तय हुआ कि उनकी वापसी फरवरी 2025 में होगी, लेकिन यह फिर एकबार टल गया है। बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में सुरक्षा संबंधी समस्याएं आने के कारण से वह अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं। अंतरिक्ष में रहने का शरीर पर कितना असर अंतरिक्ष में लंबी अवधि तक रहना मानव शरीर पर कई प्रभाव डालता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मानव शरीर पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण के तहत काम करने के लिए विकसित हुआ है। अंतरिक्ष में रहते हुए हड्डियों की घनत्व में कमी आती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा, शरीर के मांसपेशियां भी घट जाती हैं। वहां वजन का बोझ नहीं होता। दिल, जिगर और आंखों जैसे अन्य अंगों में भी परिवर्तन होते हैं। हालांकि, अधिकांश बदलाव पृथ्वी पर लौटने के बाद और गुरुत्वाकर्षण में पुनः प्रशिक्षण लेने के बाद होते हैं। सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव सुनीता विलियम्स एक अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं और यह उनका तीसरा अंतरिक्ष मिशन है। अब तक उन्होंने अपने मिशनों के दौरान कुल 517 दिन से अधिक समय अंतरिक्ष में बिताया है। एक समय था जब उन्होंने सबसे अधिक समय तक अंतरिक्ष वॉक करने का रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 51 घंटे से अधिक का समय अंतरिक्ष में बिताया था। जून से फंसी हैं सुनीता विलियम्स सुनीता विलियम्स जून में बोइंग स्टारलाइनर के माध्यम से ISS में पहुंचीं। यह मिशन पहले 7 से 10 दिन का निर्धारित किया गया था। लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में सुरक्षा संबंधित तकनीकी खराबियों के कारण, उनका मिशन फरवरी 2025 तक बढ़ा दिया गया था। अब नासा ने सुनीता की वापसी के लिए अगले साल मार्च या अप्रैल की तारीख तय की है। नासा और स्पेसएक्स ने आगामी क्रू हैंडओवर के प्रबंधन के लिए कई विकल्पों पर विचार किया, जिसमें दूसरे ड्रैगन अंतरिक्ष यान का उपयोग और मैनिफेस्ट समायोजन शामिल थे। इसके बाद टीम ने निर्णय लिया कि मार्च के अंत में क्रू-10 लॉन्च करना सबसे अच्छा विकल्प है, ताकि नासा की आवश्यकताएं और 2025 के लिए अंतरिक्ष स्टेशन के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके। अफवाहों का खंडन कुछ अफवाहें थीं कि सुनीता विलियम्स का वजन घट चुका है और वह अस्वस्थ हैं, लेकिन नासा ने इन अफवाहों का खंडन किया। सुनीता ने खुद बताया कि वह अंतरिक्ष स्टेशन पर विशेष उपकरणों का उपयोग करके वजन प्रशिक्षण कर रही हैं। इसके अलावा एक पूर्व मिशन के दौरान उन्होंने ISS पर अंतरिक्ष मैराथन भी दौड़ी थी। अंतरिक्ष स्टेशन पर क्रिसमस का जश्न अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर इस सप्ताह क्रिसमस का उत्सव मनाया गया, जिसमें नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बटच विलमोर ने एक अनोखा अंदाज अपनाया। क्रिसमस से पहले इन दोनों ने संता का रूप धारण किया और अंतरिक्ष में रहते हुए छुट्टियों के जश्न का आनंद लिया। क्रिसमस के मौके पर ISS पर उपहार भी पहुंचाए गए। सोमवार को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के माध्यम से अंतरिक्ष स्टेशन पर उपहार और अन्य आपूर्ति भेजी गईं। इनमें क्रिसमस के तोहफे और त्योहारों से जुड़ी अन्य सामग्री भी शामिल थी, जिससे ISS पर रह रहे अंतरिक्ष यात्री इस विशेष समय का जश्न मना सके। recent visitors 92

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नए साल की दर्शन व्यवस्था तय करने प्रबंध समिति की बैठक आयोजित

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नए साल की दर्शन व्यवस्था तय करने के लिए एक दो दिन में प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अन्य विषयों पर भी चर्चा होने के संकेत है। मंदिर प्रशासन ने बैठक में रखने के लिए विभागों से जानकारी मांगी है। नए साल में 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक देशभर से करीब 10 लाख भक्तों के महाकाल दर्शन करने आने का अनुमान है। मंदिर समिति भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुगम दर्शन व्यवस्था के इंतजाम करने की तैयारी कर रही है। टेंडर जारी करने को लेकर निर्णय देशभर से आने वाले भक्तों को किस प्रकार कम समय में सुविधा पूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएं, इसी को लेकर प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में दर्शन व्यवस्था के अलावा फैसिलिटी मैनेजमेंट सहित अन्य टेंडर जारी करने को लेकर भी निर्णय हो सकता है। बता दें मंदिर में काम कर रही कुछ निजी कंपनियों का कई साल पहले अनुबंध समाप्त हो चुका है। मंदिर समिति नए टेंडर जारी नहीं कर रही है। मंदिर में लड्डू बनाने का ठेका भी सालों से अनुबंध के आधार पर बढ़ाया जा रहा है। इस पर हो सकता है निर्णय     बैठक में सामान्य दर्शनार्थियों के लिए चार धाम मंदिर के सामने से शक्ति पाथ के रास्ते महाकाल महलोक होते हुए मंदिर में प्रवेश देने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वीआईपी का प्रवेश नीलकंठ द्वार से तथा वृद्ध व दिव्यांग दर्शनार्थियों को अवंतिका द्वार से प्रवेश देने की योजना है।     31 दिसंबर व 1 जनवरी को 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था को यथावत रखने को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है। मंदिर समिति अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में इस व्यवस्था को स्थगित करती आई है।     मंदिर समिति फैसिलिटी मैनेजमेंट व आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए नई कंपनी को ठेका दे सकती है। बैठक में टेंडर जारी करने को लेकर भी निर्णय हो सकता है।   recent visitors 72

पृथ्वी शॉ विजय हजारे ट्रॉफी टीम से बाहर किए जाने पर इस तरह निकाला गुस्सा

मुंबई पृथ्वी शॉ का खराब फार्म अब उनके लिए परेशानी बनता जा रहा है। दरअसल मुंबई ने अपने विजय हजारे ट्रॉफी स्कॉड से उन्हें बाहर कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही थी कि विजय हजारे ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ खेलते हुए दिखाई देंगे। लेकिन MCA ने स्क्वाड में उनका नाम नहीं दिया है। इसके बाद सवाल उठने लगे कि पृथ्वी शॉ का नाम विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल क्यों नहीं किया गया है। दरअसल पृथ्वी शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बावजूद इसके एमसीए की ओर से इस सीजन उनका नाम टीम में शामिल नहीं किया गया है। इस फैसले से नाराज पृथ्वी शॉ ने अपने सोशल मीडिया पर एक स्टोरी शेयर की थी, जिसमें उन्होंने भगवान की फोटो लगाकर सब कुछ भगवान पर छोड़ने की बात लिखी थी, इसके बाद पृथ्वी शॉ के फैंस ने उनका जमकर समर्थन किया। वहीं अब पृथ्वी शॉ को टीम में नहीं चुने जाने को लेकर MCA की ओर से सफाई जारी की गई है। दरअसल MCA ने जानकारी दी है कि पृथ्वी शॉ को फिटनेस के कारण टीम में शामिल नहीं किया गया है, इसके अलावा उन्होंने अपने प्रदर्शन से निराश किया है। जिसके चलते उन्हें टीम से बाहर किया गया है। बता दें कि पिछले कुछ समय से पृथ्वी शॉ अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में है। दरअसल खराब फिटनेस के चलते उन्हें कई बार प्लेइंग 11 से बाहर रखा गया है। एमसीए की ओर से पृथ्वी शॉ को अपनी फिटनेस पर ध्यान देने की बात कही गई है। बता दें कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन में खास नहीं रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फ्लॉप रहे पृथ्वी शॉ हालांकि इस फैसले से नाराज पृथ्वी शॉ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक स्टोरी लगाई, जिसमें उन्होंने अपने आंकड़े दर्शाए, इस आंकड़े में उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिलेक्शन ना होने पर नाराजगी जाहिर की और मैसेज दिया कि इतना करने के बाद भी यदि चांस नहीं दिया जा रहा है, तो सब कुछ भगवान पर छोड़ देना चाहिए। दरअसल पृथ्वी शॉ ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इतना खास प्रदर्शन नहीं दिखाया है। पृथ्वी शॉ ने 9 मैचों में कुल 21.88 की औसत से 197 रन बनाए हैं, जिसके चलते एमसीए ने पृथ्वी शॉ को विजय हजारे ट्रॉफी से बाहर कर दिया है। recent visitors 72

मध्य प्रदेश में कोदो का कहर : दो दिन में दो जिलों में 13 लोग बीमार, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, सैंपल जांच के लिए भेजे

मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है। अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. भूपेंद्र सिंह सेंगर मेडिसिन विशेषज्ञ ने बताया कि चने की भाजी में काफी मात्रा में खाद का उपयोग किया जाता है, जिससे लोग बीमार भी हो सकते हैं हालांकि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद चीजें स्पष्ट हो सकेंगी, अभी सभी मरीजों की हालत स्थिर है। recent visitors 129

भारत विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता वाला देश

भोपाल। राजधानी भेल एरिया के इन्सटीट्यूशन ऑफ इन्जीनियर के सभागार में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें चेयरमेन इंजी. अशोक शर्मा ने राष्ट्रहित में उर्जा संरक्षण की दिशा में विस्तार से अपनी बात रखी और लोगों को प्रेरित भी किया। इंजी शर्मा ने कहा कि भारत विद्युत क्षेत्र की कुल क्षमता 450 G.W. है। भारत विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। थर्मल, परमाणु और नवीकरणीय उर्जा प्रणालियां भारत की बिजली पैदा करने के प्रमुख स्त्रोत है। इसके अलावा विश्व में भारत का चौथा सबसे आकर्षक नवीकरण उर्जा बाजार है, जिसमें पवन उर्जा सौर उर्जा का क्षेत्र है। 2030 तक भारत गेर जीवश्म स्त्रोतों से 500 गेगा बाट बिजली क्षमता स्थापित कर लेगा। भारत इन्टरनेशनल इनर्जी एसोसिएशन का एक सहयोगी सदस्य भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ उर्जा नवाचार में तेजी लाने के लिए 24 देशों और यूरोपीय संघ की ओर से एक वैश्विक पहल है। पूर्व में एक पैरिस समझौता हुआ था। जिसके तहत जलवायु परिवर्तन पर कानूनी रूप से बाध्यकारी अन्तराष्ट्रीय संधि है, जिसमें ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से कम अधिमानतः 1.5 डिग्री तक सीमित करना है।वहीं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय की विद्युत संकाय की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर डॉ. तरूणा जैन ने उर्जा बचत कैसे करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सचिव इंजी. अवधेश चौबे ने व्यक्त किया। सभी अभियंताओं का गुलदस्ता, साल श्रीफल व मोमेंटो द्वारा स्वागत किया गया। recent visitors 252

कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़, 5 आतंकी ढेर; 2 सुरक्षाकर्मी घायल

 कुलगाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के बेहिबाग क्षेत्र स्थित कद्देर गांव में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। आज (गुरुवार) तड़के सुबह सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 5 आतंकियों को मार गिराया है, इलाके में फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। कई और आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इलाके में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों की ओर से ऑपरेशन चलाया गया। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम को इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। सेना के चिनार कॉर्प्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है। जिसके अनुसार आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर भारतीय सेना ने कुलगाम में एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। संदिग्ध गतिविधि देखी गई। आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। बता दें कि हाल ही के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कई मुठभेड़ हुई हैं, जिनमें कई आतंकवादी और उनके कमांडर मारे गए हैं। इस दौरान सुरक्षाबलों के जवान भी घायल हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर घाटी को जम्मू से विभाजित करने वाले पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकवाद में उछाल देखा गया है। आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद तेज कार्रवाई पिछले कुछ समय से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ने के बाद सुरक्षाबलों ने घाटी में अभियान तेज कर दिया है। इससे पहले 28 अक्टूबर को जम्मू के अखनूर इलाके में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को मार गिराया था। तब आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला किया था। सेना ने दी थी कड़ी प्रतिक्रिया अखनूर की घटना के दौरान आतंकियों ने एक एंबुलेंस पर फायरिंग की थी। इसके बाद सेना और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और घुसपैठ कर रहे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में 3 आतंकी मारे गए थे। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए थे।सुरक्षाबलों का कहना है कि घाटी में अमन-चैन बहाल करने के लिए आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। recent visitors 56