उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत

उमरिया  कोलकाता से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने आए एक पर्यटक की मौत हो गई है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पर्यटक का नाम अरुण कुमार दास पिता आनंद मोहन दास उम्र 79 साल निवासी साल्ट लेक कोलकाता बताया गया है। पर्यटक के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। उनके बेटे ने सुबह तकलीफ होने के बाद अरुण कुमार दास को होटल के कर्मचारियों की मदद से जिला स्वास्थ्य अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सुबह आया हार्ट अटैक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में स्थित अरण्यक रिजॉर्ट के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह लगभग 4 बजे के बीच अरुण कुमार दास को तकलीफ होना शुरू हो गई थी। उन्हें सीने में दर्द हो रहा था। क्योंकि एके दास हार्ट पेशेंट थे और पहले भी बीमार हो चुके थे इसकी जानकारी उनके परिवार को थी। इसलिए उन्होंने तुरंत ही उन्हें अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई। इसके बाद रिसोर्ट के कर्मचारियों ने वहां की व्यवस्था करवाई जिस एके दास को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान अरुण कुमार दास ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में हुई मौत इस बारे में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ केसी सोनी ने बताया कि बांधवगढ़ से एक पर्यटक को अटैक आने के बाद उमरिया अस्पताल लाया गया था। जिला अस्पताल में पहुंचने तक उनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। फिर भी उनके यहां उपचार शुरू किया गया और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल जिला अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी। recent visitors 45

अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है, यह बात हुई वायरल

नई दिल्ली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा राजनीति में एंट्री के बाद से ही काफी चर्चा में हैं। पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह वायरल हो गया है। अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए भगवान राम का भी उदाहरण दिया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अवध ओझा से पूछा गया था भाजपा ने सीएम आवास का वीडियो शेयर किया है और याद दिलाया है कि केजरीवाल कहते थे कि ना गाड़ी लूंगा ना बंगला लूंगा, ना गाड़ी लूंगा, अब देखिए आवास कितना आलीशान बना लिया गया है। ओझा ने कहा, 'मैंने तो वह आवास देखा नहीं है। लेकिन प्रभु राम जंगल में रहे और जब जंगल से तपस्या करके लौटे तो राजा को महल में ही रहना पड़ता है। राजा का एक आवास होता है। प्रभु राम अगर जंगल में महल बनाते तो लोग कहते कि यह कौन सी तपस्या है जी। एक आधिकारिक प्रोटोकॉल होता है कि राजा को ऐसा रहना है। एक मुख्यमंत्री है उसको एक जगह से दूसरी जगह जाएगा तो उसका प्रोटोकॉल होगा। शब्द है एक तो उसमें कोई बात ही नहीं है।' ओझा ने कहा, 'मैं जहां तक अरविंद केजरीवाल को जानता हूं, अगर वो व्यक्तिगत जीवन में जाएंगे तो फिर झोपड़ी में ही रहेंगे। बहुत साधारण, सिंपल और सरल किस्म के इंसान है। लेकिन राजा के साथ कुछ चीजें जुड़ी हुई हैं तो मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। आप उसे महल कहो, पैलेस कहो वह एक अलग चीज है।' गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल बतौर सीएम जिस बंगले में रहते थे उसे भाजपा 'शीशमहल' कहते हुए आरोप लगाती है कि सुख-सुविधा के लिए ‘आप’ मुखिया ने गलत तरीके से करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा केजरीवाल के पुरानी बातें याद दिला रही है, जब उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को बड़े बंगले की आवश्यकता नहीं होती है। हाल ही में भाजपा ने कथित शीशमहल का वीडियो जारी करके केजरीवाल की घेराबंदी तेज कर दी है। इस बीच अवध ओझा की ओर आई यह दलील खूब चर्चा में है। अवध ओझा का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग अवध ओझा का एक और वीडियो साझा करके सवाल दाग रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नता नहीं जनता राजा है। recent visitors 218

राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा

नई दिल्ली शीत सत्र में कई दिनों तक लगातार हंगामे के बाद आज संविधान पर चर्चा शुरू हुई तो पहला भाषण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हुआ। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की अवहेलना करने और हमेशा उसके मुकाबले सत्ता को ही चुनने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी जेनेवा गए थे। उन्होंने तत्कालीन सरकार के कदमों की तारीफ की थी और भारत का पक्ष रखा। यही नहीं भारत लौटे तो यहां भी वही बात की। आज तो ऐसी स्थिति है कि विपक्ष के नेता विदेश जाकर भारत के ही खिलाफ बोलते हैं। राजनाथ सिंह ने इस दौरान शाहबानो केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने एक मुस्लिम महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार ने उसे ही पलट दिया। अब जाकर मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'कांग्रेस को जब भी सत्ता और संविधान को चुनना था तो उन्होंने सत्ता को ही चुना। मैंने आपातकाल में जेल काटी। 40 दिन तो मुझे तनहाई बैरक में रहना पड़ा। यही नहीं इस दौरान मेरी मां का निधन हो गया, लेकिन अंतिम विदाई के लिए भी छोड़ा नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान अंधेरे में प्रकाश स्तंभ है।' उन्होंने कहा कि यूपी में कई बार ऐसा हुआ कि हमारे पास बहुमत रहा, फिर भी सरकार बनाने से रोकने की कोशिश हुई। 6 दिसंबर, 1992 को कल्याण सिंह की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी जानबूझकर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था। रक्षा मंत्री ने आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि मैं खुद 6 महीने तक जेल में बंद रहा। हालात यह थे कि 40 दिन तो तनहाई बैरक में रखा गया। इस दौरान मेरी मां का निधन हुआ और वह लंबे समय तक अस्पताल में भी रहीं। मैं उन्हें अस्पताल में देखने नहीं गया और उनकी मौत के बाद अंतिम विदाई में शामिल होने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 356 का इस्तेमाल करके राज्य सरकारों को बर्खास्त करने कांग्रेस का इतिहास रहा है। 100 बातों की एक बात है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान और सत्ता में से सत्ता को ही चुना। उन्होंने इस दौरान बीते 75 सालों में समानता की ओर बढ़ने वाले कदमों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी लैंगिक समानता के लिए कदम उठाए हैं। 7 दशकों से अधिक समय से संविधान भारत को दिशा दिखा रहा है और वह मजबूत होता जा रहा है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भीमराव आंबेडकर की एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान यदि अच्छा भी है तो बुरे लोगों के हाथ में जाकर वह खराब हो जाता है। यदि खराब है, लेकिन अच्छे लोग चलाएं तो वह अच्छा हो जाता है। recent visitors 82

FARMER GOOD NEWS: फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। recent visitors 258

राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने खुद को बताया किसान का बेटा, खरगे बोले- मेरा संघर्ष आपसे भी ज्यादा, जमकर हंगामा

नई दिल्ली राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव और हंगामे को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष पर बुरी तरह भड़क गए। सदन में शोरशराबे के बीच जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस नेता प्रमोत तिवारी से कहा कि आप लोग तो 24 घंटे यही काम करते हैं। लेकिन मैं किसान का बेटा हूं और कमजोर नहीं हूं। मैं देश के लिए मर जाऊंगा लेकिन मैंने झुकना नहीं सीखा है। यहां एक किसान का बेटा क्यों बैठा है। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। आपको किसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप तो संविधान का ही अपमान कर रहे हैं। सभापति धनखड़ की इस बात पर राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह दूसरे दलों के नेताओं के खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं का उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा, मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे ज्यादा संघर्ष किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं। आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं बल्कि चर्चा करने आए हैं। धनखड़ ने कहा, मैं पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेहरबानी करके आप भी कुछ सोचिए। मैंने आपको इज्जत देने में कई कमी नहीं की है। मैंने बहुत दुख बर्दाश्त किया है। उन्होंने कहा, आज किसान खेत तक सीमित नहीं बल्कि हर जगह काम कर रहे हैं। वे उद्दोगों में हैं और नौकरियों में भी हैं। आप लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। आपका प्रस्ताव आ गया है और अब 14 दिन बाद इसपर फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर नाराजगी जताते हुए और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि आप अनुभवी नेता हैं फिर भी आपने हमें क्या-क्या नहीं कहा। आपने एक मुहिम चला रखी है। प्रमोद तिवारी जी, आपने तुम-तुम कर क्या बात की है। खरगे जी की इज्जत करता हूं। मैं अनुरोध करता हूं कि मान्यवर मुझपर कृपा करिए। जो समय ठीक लगे मुझसे मिलने का समय निकालिए। आप नहीं आ सकते तो मैं खुद आऊंगा। इसके बाद खरगे और धनखड़ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। धनखड़ ने कहा, सबकी सुनूंगा। किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। आपको कल समय दिया आप बोल नहीं पाए। खरगे ने कहा कि आपको अगर सदन को चलाना है तो आपको भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसके बाद धनखड़ ने होथ जोड़कर कहा, आपने समय का कैसे उपयोग किया। कुछ तो दिल पसीजा होगा। उन्होंने कहा, आप खुद सोचिए और सोने से पहले चिंतन कीजिए कि आपके लोग क्या करते हैं। खऱगे ने कहा, मैं तो किसान मजदूर का बेटा हूं। आप सबको बोलने दे रहे हैं और आप हमारी पार्टी के लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप ऐसे ही सदन चलाना चाहते हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है। खरगे ने कहा, यहां हम आपकी तारीफ करने नहीं आए हैं। इसपर धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, पूरा देश जानता है कि आपको किनकी तारीफ पसंद है। recent visitors 123

अतुल सुभाष मामले में अब घर पहुंची पुलिस, लेकिन देर रात भागे थे ससुरालवाले, नोटिस भी चस्पा किया

नई दिल्ली इंजीनियर अतुल सुभाष की हत्या के मामले में पुलिस ऐक्शन तेज हो गया है। खबर है कि बेंगलुरु पुलिस ने जौनपुर स्थित अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया के आवास पर दस्तक दी है। हालांकि, परिवार बीती रात से ही फरार है। कर्नाटक पुलिस ने निकिता, उसकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और अंकल सुशील सिंघानिया के खिलाफ अतुल के भाई की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। कर्नाटक पुलिस ने जांच के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर निकिता के भाई अनुराग और मां निशा घर के बाहर मौजूद पत्रकारों को धमकी देते हुए नजर आ रहे थे। अतुल ने सुसाइड नोट में चारों सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। घर से भागे अतुल सुभाष के ससुरालवाले पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि रात करीब एक बजे निकिता की मां निशा सिंघानिया और उनका बेटा अनुराग उर्फ पीयूष सिंघानिया यहां खोवा मंडी इलाके में अपने घर से मोटरसाइकिल से निकले और तब से वापस नहीं लौटे। सोशल मीडिया पर कथित वीडियो क्लिप में भी उन्हें आधी रात के आसपास घर से निकलते हुए दिखा जा सकता है। घर के बाहर बढ़ाई सुरक्षा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोवा मंडी क्षेत्र में नियमित स्तर पर पुलिस की तैनाती की गई है। इस बीच, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस को निशा सिंघानिया और अन्य को गिरफ्तार करने, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने या उन्हें नजरबंद करने का कोई आदेश नहीं मिला है। परिवार चाहे सख्त ऐक्शन बुधवार को सुभाष के भाई विकास ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को न्याय मिले। मैं चाहता हूं कि इस देश में एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया हो जिसके जरिए पुरुषों को भी न्याय मिल सके। मैं उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता हूं जो विधिक पद पर बैठे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं, क्योंकि अगर यह जारी रहा तो लोग न्याय की उम्मीद कैसे कर पाएंगे।' सुभाष का शव सोमवार को मराठाहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के मंजूनाथ लेआउट इलाके में स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था। recent visitors 76

आप की सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा, मुख्यमंत्री के माता-पिता को घेरा

नई दिल्ली 2001 में संसद भवन पर हुए हमले की 23वीं बरसी पर उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने अपने प्राणों को न्योछावर करके आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम किया था। संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत सभी दलों के सांसदों ने श्रद्धांदलि दी। सोशल मीडिया पर भी कई शख्सियतों ने शहीदों के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी की घेराबंदी भी जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) से बगावत कर चुकीं सांसद स्वाति मालीवाल और भाजपा नेताओं ने आतिशी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के माता-पिता ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को बचाने की कोशिश की थी। आप की राज्यसभा सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने आतिशी को उनके माता-पिता को लेकर घेरा। उन्होंने कहा, 'दिल्ली की सीएम आतिशी मार्लेना जी के माता पिता ने इस आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को बचाने के लिए माफी याचिकाएं डाली, राष्ट्रपति को पत्र लिखे, कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। आज उन्हें माफी मांगनी चाहिए और खुलकर बोलना चाहिए की अफजल गुरु एक आतंकी था। ये हमला सिर्फ संसद पर नहीं, बल्कि इस देश के लोकतंत्र पर था।' गौरतलब है कि आतिशी के पिता पिता विजय सिंह और मां तृप्ता वाही दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। आतिशी को सीएम बनाए जाने के मौके पर भी मालीवाल ने यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि आतिशी के माता-पिता ने आतंकवादी अफजल गुरु को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने फांसी की सजा माफ कराने के लिए राष्ट्रपति के सामने याचिका दायर की थी। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली इस बात को भूल नहीं सकती है कि आतिशी के माता-पिता ने अफजल गुरु को बचाने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज के दिन संसद भवन पर आतंकवादियों ने हमला किया था। हमले का मास्टरमाइंड था अफजल गुरु। उस हत्यारे आतंकी अफजल गुरु को बचाने के लिए आतिशी मार्लेना के माता पिता ने अभियान चलाया था, अफजल को फांसी होने पर फूट-फूट कर रोए थे। दिल्ली भूलेगी नहीं।' recent visitors 67