भोपाल के 22 सेंटरों पर आज से आयोजित होगा कुकिंग कॉम्पीटिशन

Cooking competition will be organized at 22 centers in Bhopal from today भोपाल। सिंधी व्यंजन की परंपरा को बरकरार रखने के उद्देश्य से भोपाल की सिंधी मेला समिति द्वारा आज शनिवार 26 जुलाई एवं रविवार 27 अगस्त को राजधानी भोपाल के 21 से अधिक सेंटरो पर एक साथ इस कुकिंग कॉप्टिशन का आयोजन किया जा रहा है। समिती के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि बुधवार को यह प्रतियोगिता भोपाल के बाहर कुछ शहरों में आयोजित हुई जिसमे विदिशा, गंजबासोदा, नर्मदापुरम, हरदा, सुल्तानपुर रही, जिसमे सैकड़ो की संख्या में समाज की महिलाओं ने बढ़चड हिस्सा लिया व सिंधी व्यंजनों की इस परम्परा को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया इस आयोजन की इस कड़ी में आज शनिवार एवं रविवार को इस यह आयोजन भोपाल के 21 स्थानों आर आयोजित किया जा रहा है जिसमे भोपाल की हजारों महिलाए इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपने लजीज व्यंजनो के साथ अपने हुनर का जलवा दिखायेगी। इस कुकिंग कॉप्टिशन कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती माया पंजवानी, सह- संयोजिका श्रीमती भावना लालवानी एवं सह संयोजक हरीश विधानी को नियुक्त किया है। recent visitors 108

Jhalawar School Roof Collapse: सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम छात्रों की जान! आखिर जिम्मेदार कौन?

Jhalawar School Roof Collapse: सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम छात्रों की जान! आखिर जिम्मेदार कौन?

jhalawar school roof collapse negligence of the system took the lives of innocent students Jhalawar School Roof Collapse: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से भयावह हादसा हुआ। इस हादसे में 8 मासूम बच्चों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ के अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार स्कूल में हादसा उस वक्त हुआ जब प्रार्थना चल रही थी। हादसे के समय स्कूल के शिक्षक भवन के बाहर थे। जबकि छात्र स्कूल भवन के अंदर प्रार्थना कर रहे थे। यह हादसा सिर्फ एक निर्माण खामी नहीं था, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही की भयावह मिसाल है। हादसे के बाद स्कूल के 5 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक लापरवाही को उनकी जिम्मेदारी माना है लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ शिक्षकों पर कार्रवाई पर्याप्त है? क्या बड़ी जिम्मेदारी उस सिस्टम की नहीं, जो स्कूलों की हालत पर सही डाटा नहीं जुटा पा रहा? इस घटना के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है। लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि यह हादसा पूरे सिस्टम की चूक का परिणाम है। यदि स्कूल प्रशासन ग्रामीणों की चेतावनी को अनदेखा नहीं करता, शिक्षा विभाग ने स्कूल की स्थिति की सही जानकारी रखकर उस दिशा में काम करता तो शायद इन आठ मासूमों और उनके परिवारों को इतने बड़े दुख से दो-चार नहीं होना पड़ता। इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ गिरती हुई छत की नहीं, बल्कि उस लचर व्यवस्था की है जो बच्चों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकी। यह केवल एक इमारत की छत नहीं बल्कि उन माता-पिता का भरोसा गिरा है, जो उन्हें सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजते समय होता है। बहरहाल सरकार ने हादसे की जांच का आदेश दे दिया है लेकिन क्या इस बार भी दोषी केवल नीचे के कर्मचारी होंगे या सिस्टम की ऊपरी परतें भी जवाबदारी लेंगी? यह अनुत्तरित है। recent visitors 109

राज्यपाल पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज

राज्यपाल पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज

Governor Patel had lunch with differently abled girls भोपाल ! Governor Patel had lunch राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित Governor Patel had lunch राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया। राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुश्री दिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुश्री किरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुश्री गुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही। recent visitors 111

संसदीय क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मिले सीधी सांसद

संसदीय क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मिले सीधी सांसद

Sidhi MP met the Union Minister demanding various roads of the parliamentary constituency सीधी। लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ राजेश मिश्रा संसद भवन में केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर सीधी – सिंगरौली सड़क की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया तथा शीघ्र नया टेंडर कर कार्य प्रारंभ करने, सिंगरौली – प्रयागराज मार्ग की प्रक्रिया में तेजी लाने व सिंगरौली से जबलपुर वाया सरई, टिकरी, मझौली, ब्यौहारी, विजयसोता को राजमार्ग के रूप में स्वीकृति प्रदान करने हेतु आग्रह करते हुए मांग पत्र सौपा।केंद्रीय मंत्री गडकरी ने लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा द्वारा रखी गई बातों को गंभीरता से विचार करते हुए सीधी-सिंगरौली सड़क के संबंध में तत्काल अधिकारियों को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। इस हेतु लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा ने संसदीय क्षेत्र की जनता की ओर से केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 117

वकीलों पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला, प्रदर्शन, एसपी से मांगा इस्तीफा

वकीलों पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला, प्रदर्शन, एसपी से मांगा इस्तीफा

Human chain, demonstration against attacks on lawyers, resignation demanded from SP जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। अधिवक्ताओं पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला बनाई गई। जिला अदालत के गेट नंबर तीन से रैली के रूप में एकत्र होकर अधिवक्तागण कलेक्ट्रेट तक आंदोलन का शंखनाद किया।‌ मानव श्रृंखला बनाकर अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान जमकर प्रदर्शन किया, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।बार अध्यक्ष अधिवक्ता मनीष मिश्रा व सचिव ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जिला बार के सह सचिव मनोज शिवहरे व उनके पुत्र शिवांग उर्फ नयन शिवहरे पर प्राणघातक हमला हुआ है। इसी तरह अधिवक्ता के उवैश अंसारी व उनके पिता के साथ भी मारपीट की गई है। लगातार अधिवक्ताओं पर हमले बढ़ रहे, अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की। recent visitors 104

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Memorandum submitted to the collector to provide land for Congress office in Bhind भिण्ड। जिला कांग्रेस कमेटी भिण्ड द्वारा नगर निगम सीमा के अंतर्गत कांग्रेस कार्यालय भवन हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के नेतृत्व में सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक पुराना राजनीतिक संगठन है, लेकिन भिण्ड जिले में कार्यालय भवन के अभाव में संगठन के कार्यक्रमों का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यालय के लिए भूमि की अत्यंत आवश्यकता है जिससे भवन निर्माण कर कार्यक्रम संचालित हो सके।ज्ञापन में मांग की गई कि नगर निगम भिण्ड की सीमा के अंतर्गत उपयुक्त भूमि आवंटन की जावे । इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के अलावा शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव धर्मेंद्र पिंकी भदोरिया, प्रदेश सचिव प्रमोद चौधरी, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जय श्री राम बघेल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, सेवादल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा भदोरिया ,नगर अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी आदि नेता उपस्थित रहे। recent visitors 115

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

Which fruits should be eaten during monsoon and which ones should be avoided? Know the healthy choice Know the healthy choice मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और ठंडक तो लाता है, लेकिन साथ ही बीमारियों और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान हवा में नमी ज़्यादा होने के कारण डाइजेशन स्लो हो जाता है, जिससे इन्फेक्शन, पेट दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। ऐसे में आपकी डाइट का हेल्दी और बैलेंस होना बेहद जरूरी है—खासकर फलों के चयन को लेकर। हर फल सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन मानसून में कुछ फल विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, वहीं कुछ फल सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकते हैं। आइए जानते हैं इस मौसम में कौन से फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाएंगे और कौन से फल से दूरी बनाना बेहतर होगा। मानसून में फल चुनने की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?मानसून में फल का चयन करते वक्त सबसे पहले अपनी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखें। इस मौसम में केला और सेब जैसे आम फलों को लेकर सबसे अधिक भ्रम रहता है। केला – फायदेमंद या नुकसानदायक?केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है लेकिन मानसून में यह कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।जिन्हें गैस, कब्ज या अपच की समस्या है, उन्हें इस मौसम में केले का सेवन सीमित मात्रा में और दिन में ही करना चाहिए। सेब – मानसून का भरोसेमंद साथीसेब हल्का, पचने में आसान और फाइबर युक्त फल है जो पाचन को मजबूत बनाता है।इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर शरीर को डिटॉक्स करता है और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। इसे छिलके सहित खाना और भी फायदेमंद होता है। Know the healthy choice मानसून में फायदेमंद फल (Best Fruits in Rainy Season) Read more : क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव फल खाते समय इन बातों का ध्यान रखें Know the healthy choice Conclusion : मानसून में सेहत बनाए रखने के लिए फलों का सही चुनाव बहुत जरूरी है। ताजे, हल्के और जल्दी पचने वाले फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। वहीं गलत फल का सेवन आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए हर फल खाने से पहले उसके गुण और आपकी बॉडी की ज़रूरतों को समझें। recent visitors 270